# झारखंड के बेतला नेशनल पार्क में प्लास्टिक पर लगा कड़ा प्रतिबंध, जंगल सफारी में नियम तोड़ा तो कटेगा ऑन-स्पॉट चालान

> लातेहार स्थित बेतला नेशनल पार्क में जंगल सफारी के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके तहत पूरे परिसर को नो प्लास्टिक जोन घोषित कर बोतल वापसी पर रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट अनिवार्य कर दिया गया है।

**Type:** article · **Category:** झारखंड · **Published:** 2026-10-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jharkhand/jharkhand-ke-betla-national-park-men-plastika-para-laga-kara-pratibndha-jngala-saphari-men-niyama-tora-to-katega-na-spota-chalana-41770 · **Language:** Hindi
**Tags:** बेतला नेशनल पार्क, पलामू टाइगर रिजर्व, लातेहार, जंगल सफारी, झारखंड पर्यटन, वन्यजीव संरक्षण, नो प्लास्टिक जोन

झारखंड के लातेहार जिले में मौजूद मशहूर बेतला नेशनल पार्क में वन्यजीव प्रेमियों के लिए जंगल सफारी को नए और कड़े सुरक्षा नियमों के साथ फिर से शुरू कर दिया गया है। प्राकृतिक आवास और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पार्क प्रशासन ने इस मर्तबा नियमों में काफी सख्ती बरती है। जंगल के संवेदनशील वातावरण को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए पूरे सफारी क्षेत्र और पार्क परिसर को पूर्ण रूप से नो प्लास्टिक जोन घोषित किया गया है। यहां आने वाले सैलानियों को परिसर के भीतर किसी भी प्रकार की प्लास्टिक सामग्री का उपयोग न करने का साफ निर्देश दिया गया है, और दिशा-निर्देशों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आर्थिक दंड की पुख्ता व्यवस्था भी लागू की गई है।

## प्लास्टिक की बोतलों पर लगेगा रिफंडेबल सुरक्षा शुल्क
पार्क के अंदर पेयजल की प्लास्टिक बोतलें ले जाने वाले सैलानियों की निगरानी के लिए प्रशासन ने एक अनूठी व्यवस्था तैयार की है। डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जैना के अनुसार, जो भी पर्यटक अपने साथ पानी की प्लास्टिक बोतल अंदर ले जाना चाहेंगे, उन्हें प्रवेश द्वार पर बने निर्धारित काउंटर पर एक तय शुल्क जमा कराना होगा। जब पर्यटक अपनी सफारी पूरी करके पार्क से बाहर निकलेंगे और वह खाली बोतल काउंटर पर वापस दिखाएंगे, तब उनकी जमा राशि पूरी तरह लौटा दी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति बोतल अंदर ही छोड़ आता है या उसे वापस जमा करने में विफल रहता है, तो उसकी जमा की गई राशि जब्त कर ली जाएगी। इस सुरक्षा शुल्क प्रणाली का मुख्य मकसद जंगल के भीतरी हिस्सों में प्लास्टिक कचरा जमा होने से रोकना है।

## कचरा फेंकने पर तुरंत काटा जाएगा ऑन-स्पॉट चालान
सफारी मार्ग अथवा मुख्य पार्क परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए गश्ती दलों को विशेष अधिकार दिए गए हैं। जंगल सफारी के दौरान या परिसर में कहीं भी प्लास्टिक रैपर, पन्नी या बोतल खुले में फेंकते पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मौके पर ही दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। नियम तोड़ने वाले सैलानियों का ऑन-द-स्पॉट चालान काटकर जुर्माना वसूला जाएगा। प्रशासन ने सभी आगंतुकों से गुजारिश की है कि वे वन क्षेत्र की पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय सहयोग दें तथा किसी भी तरह की अपशिष्ट सामग्री को खुले में फेंकने से पूरी तरह परहेज करें।

## पलामू टाइगर रिजर्व में वेस्ट मैनेजमेंट पर कड़ा रुख
पलामू टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले इस संवेदनशील भूभाग में इस बार ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पार्क प्रबंधन का मुख्य लक्ष्य पर्यटकों की आवाजाही से पैदा होने वाले कचरे का सुनियोजित और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करना है। अधिकारियों का स्पष्ट मानना है कि अगर समय रहते कचरे पर लगाम नहीं लगाई गई, तो यह वन्यजीवों के प्राकृतिक पर्यावास, उनके भोजन और पेयजल स्रोतों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसी खतरे को भांपते हुए इस सीजन में वेस्ट मैनेजमेंट प्रणाली को पहले से कहीं ज्यादा सुदृढ़ बनाया गया है।

## वन्यजीवों को छेड़ने और हथियार ले जाने पर कानूनी रोक
सफारी के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। पर्यटकों को जानवरों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और उनके शांतिपूर्ण वातावरण में किसी भी प्रकार का दखल न देने की सख्त हिदायत दी गई है। यदि कोई पर्यटक जानवरों को चिढ़ाने, आवाजें निकालने या उनके प्राकृतिक व्यवहार में बाधा पहुंचाने की कोशिश करता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके अतिरिक्त, जंगल सफारी के दौरान किसी भी प्रकार के घातक हथियार या असलहा ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पार्क प्रबंधन का मुख्य ध्येय प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र और वन्यजीवों को सुरक्षित रखते हुए जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देना है।

## इसका आप पर असर
बेतला नेशनल पार्क जाने वाले पर्यटकों को अब अपनी यात्रा की तैयारी नए पर्यावरण नियमों के अनुसार करनी होगी।

- **भारत में:** देश भर से आने वाले सैलानियों को अब अपनी प्लास्टिक बोतलों के लिए काउंटर पर सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी। यदि वे अपनी खाली बोतलें बाहर नहीं लाते हैं, तो उनकी जमा राशि जब्त कर ली जाएगी।
- **लातेहार और पलामू क्षेत्र में:** स्थानीय जंगल और सफारी कॉरिडोर में प्लास्टिक कचरे पर रोक लगने से स्थानीय वन्यजीवों का पर्यावास सुरक्षित रहेगा। सफारी के दौरान प्लास्टिक फेंकने या कचरा फैलाने पर तत्काल ऑन-स्पॉट जुर्माना भरना पड़ेगा।
- **सैलानियों की सुरक्षा व आचरण:** सफारी के दौरान जानवरों से छेड़छाड़ या हथियार ले जाने पर पर्यटकों के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई होगी। इससे सफारी के दौरान सभी आगंतुकों को सख्त दूरी और शांति बनाए रखने के नियमों का पालन करना होगा।
- **यात्रा योजना:** बेतला घूमने की योजना बना रहे लोगों को अपने साथ दोबारा इस्तेमाल होने वाले गैर-प्लास्टिक डिब्बे या बोतलें लाने की सलाह दी जाती है। इससे उन्हें काउंटर पर लगने वाले समय और अतिरिक्त औपचारिकताओं से राहत मिलेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
पार्क प्रशासन ने पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही के बीच जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र को प्लास्टिक कचरे और मानवीय दखल से बचाने के लिए यह सख्त कदम उठाया है।

- **कचरे की रोकथाम:** पहले पर्यटकों द्वारा छोड़ी जाने वाली प्लास्टिक बोतलों और पन्नियों से जंगल में प्रदूषण बढ़ रहा था। इसी समस्या के स्थाई समाधान के लिए रिफंडेबल डिपॉजिट और ऑन-द-स्पॉट फाइन का नियम लागू किया गया है।
- **वन्यजीव पर्यावास की रक्षा:** पलामू टाइगर रिजर्व के तहत आने वाले इस पार्क में गैर-अपघटनकारी कचरा जंगली जानवरों के भोजन और पानी के स्रोतों को दूषित कर रहा था। बेहतर वेस्ट मैनेजमेंट लागू कर जानवरों को जहरीले पदार्थों के जोखिम से बचाना मुख्य लक्ष्य है।
- **पर्यटक अनुशासन सुनिश्चित करना:** सफारी के दौरान कुछ पर्यटकों द्वारा जानवरों को परेशान करने और नियमों की अवहेलना करने की घटनाओं को रोकने के लिए कानूनी सख्ती जरूरी मानी गई। इससे सफारी के दौरान शांतिपूर्ण वातावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सकेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. बेतला नेशनल पार्क में प्लास्टिक की बोतल ले जाने का क्या नया नियम है?
पर्यटकों को प्रवेश काउंटर पर पानी की प्लास्टिक बोतल के लिए निर्धारित शुल्क जमा करना होगा, जो बोतल बाहर लाकर वापस करने पर लौटा दिया जाएगा।

### 2. यदि कोई पर्यटक प्लास्टिक बोतल अंदर ही छोड़ आता है तो क्या होगा?
यदि पर्यटक बाहर निकलते समय बोतल वापस जमा नहीं करते हैं, तो उनकी जमा की गई राशि जब्त कर ली जाएगी और वापस नहीं मिलेगी।

### 3. सफारी के दौरान प्लास्टिक कचरा फेंकने पर क्या सजा होगी?
सफारी या पार्क परिसर में प्लास्टिक फेंकने पर अधिकारियों द्वारा मौके पर ही ऑन-द-स्पॉट चालान काटकर जुर्माना वसूला जाएगा।

### 4. क्या जंगल सफारी में हथियार ले जाने की अनुमति है?
नहीं, जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों के लिए किसी भी तरह का हथियार ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

### 5. वन्यजीवों को परेशान करने वाले पर्यटकों पर क्या कार्रवाई की जाएगी?
जानवरों को चिढ़ाने, परेशान करने या उनके प्राकृतिक व्यवहार में हस्तक्षेप करने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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