# झारखंड के गुमला में 12 साल की स्कूली छात्रा से दरिंदगी, गर्भवती होने पर तीन आरोपी गिरफ्तार

> गुमला जिले में पांचवीं कक्षा की छात्रा के साथ कई महीनों तक दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। बच्ची के तीन माह की गर्भवती होने पर परिजनों को मामले का पता चला, जिसके बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को जेल भेज दिया है।

**Type:** article · **Category:** झारखंड · **Published:** 2026-10-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jharkhand/jharkhand-ke-gumla-men-12-sala-ki-skuli-chhatra-se-darindagi-garbhavati-hone-para-tina-aropi-giraphtara-41744 · **Language:** Hindi
**Tags:** गुमला अपराध, झारखंड पुलिस, सामूहिक दुष्कर्म, कामडारा थाना, रिम्स रांची, गुमला समाचार

झारखंड के गुमला जिले में मानवता को झकझोर देने वाला एक गंभीर अपराध सामने आया है, जहां 12 वर्ष की एक नाबालिग बच्ची को कई महीनों तक लगातार दरिंदगी का शिकार बनाया गया। कक्षा पांच में पढ़ने वाली इस पीड़िता की जब अचानक तबीयत बिगड़ी, तब परिजन उसे लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। डॉक्टरों द्वारा चिकित्सीय जांच किए जाने के बाद यह चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई कि मासूम तीन माह की गर्भवती हो चुकी है। इसके बाद बच्ची ने अपने परिजनों के सामने आपबीती सुनाई कि किस तरह चार लोगों ने मिलकर अलग-अलग जगहों पर उसके साथ बार-बार घिनौना कृत्य किया था।

## स्वास्थ्य केंद्र से रिम्स तक पहुंचा इलाज का सिलसिला
यह पूरा मामला गुमला जिले के अंतर्गत आने वाले कामडारा थाना क्षेत्र के एक ग्रामीण इलाके का है। पीड़िता के साथ बीते तीन महीनों के दौरान विभिन्न स्थानों पर ले जाकर बार-बार सामूहिक दुष्कर्म किया गया, जिससे वह तीन माह की गर्भवती हो गई। शारीरिक स्थिति बिगड़ने पर परिजनों ने उसे सबसे पहले स्थानीय कामडारा अस्पताल में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक स्थिति देखने के बाद उसे तुरंत गुमला सदर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। सदर अस्पताल में भी बच्ची की नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुलिस अभिरक्षा के बीच उसे रांची स्थित रिम्स भेज दिया गया।

## सहेलियों से साझा किया था दर्द, मां की शिकायत पर प्राथमिकी
इस घिनौने अपराध की जानकारी सबसे पहले 30 सितंबर को सामने आई, जब पांचवीं कक्षा की इस छात्रा ने अपनी हमउम्र सहेलियों को अपने साथ हुई दरिंदगी के बारे में बताया। सहेलियों के माध्यम से जब यह बात परिजनों तक पहुंची, तब उन्होंने बच्ची से गंभीरता से पूछताछ की। इसके बाद पीड़िता ने विस्तार से बताया कि करीब तीन महीने से उसके साथ अलग-अलग जगहों पर यह अत्याचार किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता की मां ने स्थानीय थाने में लिखित आवेदन सौंपा, जिसके आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।

## आरोपियों में 51 साल का व्यक्ति भी शामिल, एक फरार
दर्ज कराई गई शिकायत में लक्ष्मण लोहरा उर्फ जमू लोहरा (18 वर्ष), कृष्णा लोहरा (18 वर्ष), मंगरु लोहरा उर्फ राजन लोहरा (23 वर्ष) और गहनु मुंडा (51 वर्ष) को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। मामले में शामिल एक अन्य आरोपी फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता के बयान और मेडिकल जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले की गहन तफ्तीश आगे बढ़ाई जा रही है।

## इसका आप पर असर
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में बाल सुरक्षा और नाबालिगों के संरक्षण तंत्र को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करती है।

- **भारत में:** देश भर में बाल शोषण और यौन अपराधों के मामलों में बच्चों की काउंसलिंग और त्वरित कानूनी सुरक्षा प्रणाली को और सशक्त करने की आवश्यकता उजागर होती है। अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों के व्यवहार में आने वाले बदलावों के प्रति अधिक संवेदनशील रहने की जरूरत है।
- **झारखंड में:** गुमला और आसपास के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं व बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस गश्त और सामुदायिक जागरूकता अभियानों को गति दी जा सकती है। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में संवेदनशील मामलों की त्वरित रिपोर्टिंग और कानूनी सहायता के तंत्र पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- **अभिभावकों के लिए:** छोटे बच्चों से नियमित संवाद बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है ताकि किसी भी असहज स्थिति या उत्पीड़न की जानकारी समय रहते सामने आ सके। किसी भी अप्रिय घटना का संदेह होने पर बिना झिझक तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र और पुलिस से संपर्क करना चाहिए।
- **कानूनी प्रक्रिया:** मामले के तीन आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है और चौथे की तलाश में दबिश दी जा रही है। जांच एजेंसियां पीड़िता के बयानों और मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई पूरी करेंगी।

## ऐसा क्यों हुआ
यह शर्मनाक अपराध एक मासूम बच्ची को डरा-धमकाकर लगातार अपनी हवस का शिकार बनाने की आपराधिक मानसिकता का परिणाम है।

- **प्रत्यक्ष कारण:** चार आरोपियों ने नाबालिग स्कूली छात्रा को निशाना बनाकर अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर तीन महीने तक बार-बार दुष्कर्म किया। लंबे समय तक चले इस यौन शोषण के कारण पीड़िता गर्भवती हो गई और उसकी तबीयत बिगड़ने पर पूरा मामला खुला।
- **छिपे रहने की परिस्थितियां:** नाबालिग बच्ची डर और सहम जाने के कारण महीनों तक अपने परिवार को कुछ नहीं बता सकी। अंततः 30 सितंबर को उसने अपनी सहपाठियों से दर्द साझा किया, जिसके बाद परिजनों तक यह जानकारी पहुंची।
- **आधिकारिक कार्रवाई:** पीड़िता की मां द्वारा कामडारा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर तीन आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया। चौथे फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी की जा रही है जबकि पीड़िता को रिम्स में चिकित्सीय देखरेख में रखा गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना किस जिले और थाना क्षेत्र की है?
यह मामला झारखंड के गुमला जिले के कामडारा थाना क्षेत्र के एक गांव का है।

### 2. पीड़िता की उम्र क्या है और वह किस कक्षा में पढ़ती है?
पीड़िता की उम्र 12 वर्ष है और वह पांचवीं कक्षा की छात्रा है।

### 3. इस मामले का खुलासा परिजनों के सामने कैसे हुआ?
बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर जब उसे अस्पताल ले जाया गया, तब मेडिकल जांच में उसके तीन महीने की गर्भवती होने की पुष्टि हुई और मामले का खुलासा हुआ।

### 4. पीड़िता ने सबसे पहले अपने साथ हुई घटना की जानकारी किसे दी थी?
पीड़िता ने 30 सितंबर को सबसे पहले अपनी सहेलियों को इस घटना के बारे में बताया था, जिसके बाद परिजनों को जानकारी मिली।

### 5. प्राथमिकी में किन-किन आरोपियों के नाम शामिल हैं?
शिकायत में लक्ष्मण लोहरा (18 वर्ष), कृष्णा लोहरा (18 वर्ष), मंगरु लोहरा (23 वर्ष) और गहनु मुंडा (51 वर्ष) के नाम दर्ज हैं।

### 6. पुलिस ने अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने नामजद चार आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक फरार आरोपी की तलाश जारी है।

### 7. पीड़िता को बेहतर इलाज के लिए कहां रेफर किया गया है?
गुमला सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए पीड़िता को पुलिस अभिरक्षा में रांची के रिम्स भेजा गया है।

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