# झारखंड के कोडरमा में दिव्यांगों को बांटे जाएंगे निःशुल्क कृत्रिम अंग, तीन दिवसीय शिविर की तैयारियां तेज

> रोटरी क्लब कोडरमा की उम्मीद की किरण पहल के तहत 25 से 27 सितंबर तक कटे हाथ, पैर और उंगलियों वाले जरूरतमंद दिव्यांगों को निःशुल्क कृत्रिम अंग मुहैया कराए जाएंगे।

**Type:** article · **Category:** झारखंड · **Published:** 2026-09-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jharkhand/jharkhand-ke-koderma-men-divyangon-ko-bante-jaenge-nihshulka-kritrima-anga-tina-divasiya-shivira-ki-taiyariyan-teja-35294 · **Language:** Hindi
**Tags:** कोडरमा, रोटरी क्लब, कृत्रिम अंग, दिव्यांगजन, झारखंड, निःशुल्क शिविर

शारीरिक रूप से अक्षम और आर्थिक तंगी से जूझ रहे व्यक्तियों को सामान्य जीवन की मुख्यधारा में लौटाने के उद्देश्य से झारखंड के कोडरमा में एक व्यापक सेवा अभियान शुरू किया जा रहा है। रोटरी क्लब कोडरमा अपने सेवा प्रकल्प उम्मीद की किरण के अंतर्गत तीन दिवसीय निःशुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर आयोजित करने जा रहा है। यह आयोजन 25, 26 और 27 सितंबर को रोटरी क्लब कोडरमा के सभागार में संपन्न होगा। शिविर के दौरान तीनों दिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक पात्र व्यक्तियों का पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच और कृत्रिम अंगों का निर्माण कार्य समानांतर रूप से चलेगा।

## हाथ, पैर या उंगलियां गंवाने वाले जरूरतमंदों को मिलेगी प्राथमिकता
प्रोजेक्ट डायरेक्टर रोटेरियन नवीन जैन के अनुसार इस शिविर की रूपरेखा विशेष रूप से ऐसे दिव्यांगजनों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जिन्होंने किसी दुर्घटना अथवा बीमारी के चलते अपने हाथ, पैर या उंगलियां खो दी हैं। खुले बाजार में ऐसे उन्नत कृत्रिम अंगों की सामान्य दरें 20 से 25 हजार रुपये या उससे भी अधिक तक पहुंच जाती हैं, जिसके कारण कमजोर आय वर्ग के परिवारों के लिए इन्हें खरीद पाना संभव नहीं हो पाता। इस आर्थिक बाधा को समाप्त करने के लिए ही इस शिविर में सभी चयनित लाभार्थियों को पूरी तरह मुफ्त कृत्रिम अंग प्रदान किए जाएंगे। प्रक्रिया में शामिल होने के लिए लाभार्थियों का आधार कार्ड के जरिए पंजीकरण किया जाएगा और उन्हें एक औपचारिक रजिस्ट्रेशन कार्ड जारी होगा।

## गोरखपुर से पहुंचेगी डॉक्टरों की टीम, सभागार में ही बनेंगे कृत्रिम अंग
शिविर की तकनीकी प्रक्रिया की जानकारी देते हुए नवीन जैन ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम के पहले दिन उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से डॉक्टरों और तकनीकी विशेषज्ञों का एक विशेष दल कोडरमा पहुंचेगा। यह टीम प्रत्येक लाभार्थी की शारीरिक बनावट और व्यक्तिगत जरूरत के मुताबिक नाप लेगी। इसके तुरंत बाद आधुनिक उपकरणों और मशीनों की सहायता से रोटरी क्लब कोडरमा के सभागार में ही इन कृत्रिम अंगों को तैयार किया जाएगा। आवश्यक मशीनरी और कच्चा माल भी गोरखपुर की तकनीकी टीम अपने साथ ला रही है। कृत्रिम अंग लग जाने के बाद दिव्यांगजनों को चलने-फिरने तथा दैनिक कार्यों को स्वयं करने में सहूलियत मिलेगी, जिससे उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

## अन्य जिलों से पहुंचने वाले लोगों के लिए मुफ्त आवास और भोजन
शिविर के रजिस्ट्रेशन चेयर सिमरनजीत सिंह ने जानकारी दी कि इस कल्याणकारी पहल का लाभ उठाने के लिए केवल कोडरमा ही नहीं, बल्कि झारखंड के अन्य हिस्सों और पड़ोसी राज्य बिहार के विभिन्न जिलों से भी जरूरतमंद लोग अपना नामांकन करा रहे हैं। दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए रोटरी क्लब कोडरमा परिसर में उनके ठहरने और निःशुल्क भोजन का समुचित प्रबंध किया गया है। संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि इस पूरे अभियान का केंद्रीय ध्येय निर्धन दिव्यांगजनों को आर्थिक दबाव से मुक्त कर उन्हें समाज में स्वाभिमान और गरिमा के साथ जीने का अवसर प्रदान करना है।

## इसका आप पर असर
इस निःशुल्क शिविर से आर्थिक रूप से कमजोर दिव्यांगजनों को बिना किसी खर्च के आत्मनिर्भर बनने और दैनिक कार्यों को सुगमता से करने का सीधा अवसर मिलेगा।

- **झारखंड और कोडरमा में:** स्थानीय दिव्यांगजनों को महंगे कृत्रिम अंग लगवाने के लिए बड़े शहरों के महंगे चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। आधार कार्ड के जरिए 25 से 27 सितंबर के बीच रोटरी क्लब सभागार पहुंचकर वे तुरंत पंजीकरण और नाप करवा सकते हैं।
- **पड़ोसी राज्यों और अन्य जिलों में:** बिहार और झारखंड के अन्य जिलों से आने वाले मरीजों को इलाज के दौरान रहने और खाने का खर्च नहीं उठाना होगा। आयोजक संस्था ने बाहर से आने वाले जरूरतमंदों के लिए निःशुल्क भोजन और आवास की पूरी व्यवस्था की है।
- **घरेलू बजट पर राहत:** बाजार में 20 से 25 हजार रुपये या उससे अधिक में मिलने वाले कृत्रिम अंग पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध होंगे। इससे गरीब परिवारों को बड़े कर्ज या चिकित्सा खर्च के बोझ से सीधी राहत मिलेगी।
- **रोजमर्रा की जिंदगी में सुधार:** कटे हुए हाथ, पैर या उंगलियों की जगह कृत्रिम अंग मिलने से लाभार्थी अपने दैनिक कार्य खुद कर सकेंगे। इससे उनकी दूसरों पर निर्भरता घटेगी और रोजगार के नए अवसर तलाशने में मदद मिलेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
यह शिविर आर्थिक तंगी के कारण जरूरी कृत्रिम अंग न खरीद पाने वाले दिव्यांगजनों की मदद और पुनर्वास के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

- **महंगे कृत्रिम अंगों की समस्या:** खुले बाजार में आधुनिक कृत्रिम अंगों का मूल्य 20 से 25 हजार रुपये या उससे अधिक होता है। विपन्न परिवारों के दिव्यांगजन इस भारी खर्च को उठाने में असमर्थ रहते हैं, जिससे वे जीवनभर दूसरों पर आश्रित रहने को मजबूर हो जाते हैं।
- **संस्था का सेवा संकल्प:** रोटरी क्लब कोडरमा ने उम्मीद की किरण परियोजना के तहत इस वर्ग को सशक्त बनाने की पहल की है। संस्था का उद्देश्य केवल अंग देना ही नहीं, बल्कि दिव्यांगों को आत्मनिर्भरता की दिशा में सहयोग प्रदान करना है।
- **स्थानीय स्तर पर निर्माण की सुविधा:** दूरदराज के क्षेत्रों में प्रोस्थेटिक्स विशेषज्ञों की कमी को दूर करने के लिए गोरखपुर से विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक मशीनों की टीम बुलाई गई है। इससे कोडरमा सभागार में ही व्यक्तिगत नाप लेकर तत्काल कृत्रिम अंग तैयार किए जा सकेंगे।

## सवाल-जवाब

### 1. कोडरमा में निःशुल्क कृत्रिम अंग शिविर कब और कहां आयोजित होगा?
यह शिविर 25, 26 और 27 सितंबर को रोटरी क्लब कोडरमा के सभागार में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित किया जाएगा।

### 2. इस शिविर में किन लोगों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जाएंगे?
ऐसे जरूरतमंद दिव्यांगजन जिनके हाथ, पैर या उंगलियां कट चुकी हैं और जो आर्थिक तंगी के कारण इन्हें बाजार से नहीं खरीद पाते, वे इसके पात्र हैं।

### 3. पंजीकरण के लिए कौन सा दस्तावेज आवश्यक है?
शिविर में पंजीकरण कराने और रजिस्ट्रेशन कार्ड बनवाने के लिए लाभुकों को अपना आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य है।

### 4. कृत्रिम अंगों का निर्माण कहां और किसके द्वारा किया जाएगा?
गोरखपुर से आने वाली विशेषज्ञ चिकित्सकों और तकनीशियनों की टीम आधुनिक मशीनों से रोटरी क्लब सभागार में ही अंग तैयार करेगी।

### 5. बाहर से आने वाले मरीजों के लिए क्या सुविधाएं हैं?
झारखंड के अन्य जिलों और बिहार से आने वाले लाभुकों के लिए रोटरी क्लब कोडरमा की ओर से निःशुल्क भोजन और ठहरने की व्यवस्था की गई है।

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