# झारखंड के लोध फॉल में मानसून का रौद्र रूप, प्रशासन ने जारी की नई एडवाइजरी

> झारखंड के लातेहार जिले में स्थित लोध फॉल में भारी बारिश के कारण पानी का बहाव बेहद तेज हो गया है। इसे देखते हुए वन विभाग ने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए हाई अलर्ट जारी किया है और विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

**Type:** article · **Category:** झारखंड · **Published:** 2026-08-31 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jharkhand/jharkhand-ke-lodh-falls-men-manasuna-ka-raudra-rupa-prashasana-ne-jari-ki-nai-edavaijari-24933 · **Language:** Hindi
**Tags:** लोध फॉल, झारखंड पर्यटन, मानसून एडवाइजरी, लातेहार न्यूज, वन विभाग

बरसात के इस मौसम में जब प्रकृति अपनी सुदंरता बिखेरती है, तो पहाड़, घने जंगल और कलकल करते झरने सैलानियों को अपनी ओर खींचते हैं। हालांकि, यही मनमोहक नजारे मानसून के दिनों में कई बार जानलेवा और खतरनाक भी साबित होते हैं। झारखंड के चुनिंदा प्रसिद्ध पर्यटन केंद्रों में शुमार लोध फॉल इन दिनों अपने बिल्कुल रौद्र और विकराल रूप में दिखाई दे रहा है। क्षेत्र में लगातार हुई भारी बारिश के बाद से इस झरने में पानी का बहाव अत्यधिक तीव्र हो गया है, जिसके चलते इसके आसपास का पूरा इलाका काफी जोखिम भरा बन चुका है। अगस्त के महीने में झारखंड राज्य में रिकॉर्ड तोड़ वर्षा दर्ज की गई है, जिसकी वजह से यहां की तमाम नदियों, झीलों और झरनों में जलस्तर और बहाव की गति काफी बढ़ गई है।

## लातेहार के महुआडांड़ में स्थित है यह प्रसिद्ध झरना
यह लोकप्रिय झरना झारखंड के लातेहार जिले के महुआडांड़ क्षेत्र की गोद में स्थित है, जो अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और अत्यधिक ऊंचाई के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। सामान्य दिनों में यहां देश के कोने-कोने से सैलानी प्रकृति के शांत और सुंदर स्वरूप का आनंद उठाने के लिए आते हैं। लेकिन मानसून के मौसम में यहां का जलस्तर बढ़ने के बाद हालात पूरी तरह बदल जाते हैं। पानी के इस तेज बहाव और उफनते रूप को देखकर हालांकि पर्यटकों में रोमांच जरूर पैदा हो रहा है, लेकिन छोटी सी भी असावधानी किसी बड़े और भीषण हादसे की वजह बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग की तरफ से हाई अलर्ट घोषित किया गया है और आने वाले सभी पर्यटकों को पूरी सतर्कता बरतने की हिदायत दी जा रही है।

## लकड़ी के पुल पर आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित
स्थानीय जानकारों के मुताबिक, पिछले एक हफ्ते से पर्यटकों के लिए लोध फॉल के द्वार दोबारा खोले गए हैं। हालांकि सुरक्षा कारणों से लकड़ी के पुल की तरफ जाना पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। इससे पहले मूसलाधार बारिश के चलते यहां पर्यटकों के प्रवेश पर कई दिनों तक रोक लगा दी गई थी, जिसे अब सामान्य स्थिति को देखते हुए बहाल कर दिया गया है। फॉल के आसपास बहने वाली नदियों और जलधाराओं का स्तर बढ़ने के कारण प्रशासनिक अमले और स्थानीय प्रबंधन द्वारा लगातार यह अपील की जा रही है कि लोग किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। विशेष तौर पर लकड़ी के उस पुल की दिशा में जाने से सख्त मनाही है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

## सेल्फी और वीडियो के चक्कर में न जाएं झरने के करीब
यहाँ घूमने आ रहे सैलानी लोध फॉल के इस भयानक और रौद्र रूप को देखकर भले ही रोमांचित हो रहे हैं, लेकिन साथ ही उनके मन में संभावित खतरे का डर भी बना हुआ है। पहाड़ी इलाकों में बरसात के दौरान पानी का बहाव कब और कितनी तेजी से बढ़ जाए, इसका अनुमान लगाना मुश्किल होता है। ऐसी स्थिति में केवल एक बेहतरीन सेल्फी या वीडियो रिकॉर्ड करने के लालच में झरने और उफनती नदी के बहुत करीब चले जाना जानलेवा साबित हो सकता है। इसे रोकने के लिए वन विभाग के सुरक्षा कर्मचारियों को मौके पर तैनात किया गया है, जो लगातार सैलानियों को सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने और प्रतिबंधित सीमाओं के भीतर रहने की सलाह दे रहे हैं।

## सुरक्षा को प्राथमिकता देकर ही लें प्रकृति के इस नजारे का आनंद
लोध फॉल का यह उग्र और रौद्र रूप निसंदेह प्रकृति की असीम और अद्भुत शक्ति की गवाही देता है। बादलों की गड़गड़ाहट के बीच गूंजती पानी की आवाज और चारों तरफ फैली मानसून की हरियाली पर्यटकों को सम्मोहित कर लेती है। लेकिन इस प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ अपनी सुरक्षा का ख्याल रखना भी उतना ही अनिवार्य है। यदि आप भी इन दिनों लोध फॉल की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो प्रकृति के इस मनमोहक और भव्य दृश्य का लुत्फ अवश्य उठाइए, लेकिन अपनी सुरक्षा को हमेशा सबसे ऊपर रखिए। एक सफल और सुखद पर्यटन वही माना जाता है, जिसमें रोमांच के साथ-साथ सुरक्षित घर वापसी की पूरी गारंटी हो।

## इसका आप पर असर
लोध फॉल घूमने की योजना बना रहे पर्यटकों को अब प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा, जिससे किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके।

- **भारत में:** पहाड़ी क्षेत्रों या झरनों की यात्रा करने वाले सभी सैलानियों को मानसून के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। मौसम खराब होने या जलस्तर बढ़ने पर स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन अनिवार्य रूप से करें।
- **लातेहार में:** लातेहार और आसपास के जिलों में घूमने जाने वाले स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को लकड़ी के पुल और प्रतिबंधित क्षेत्रों से दूर रहना होगा। सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई या पाबंदियों का सामना करना पड़ सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. लोध फॉल किस जिले में स्थित है?
लोध फॉल झारखंड के लातेहार जिले के महुआडांड़ क्षेत्र में स्थित है।

### 2. लोध फॉल में पानी का बहाव क्यों तेज हुआ है?
अगस्त महीने में हुई भारी बारिश के कारण लोध फॉल में पानी का बहाव काफी तेज हो गया है।

### 3. वन विभाग ने पर्यटकों के लिए क्या कदम उठाया है?
वन विभाग ने हाई अलर्ट जारी किया है और पर्यटकों को सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

### 4. क्या लोध फॉल में लकड़ी के पुल पर जानाallowed है?
नहीं, सुरक्षा कारणों से लकड़ी के पुल की ओर जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है।

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