झारखंड में चक्रवात अर्नब का जोर घटा, रांची और आसपास के इलाकों में 5 नवंबर तक बारिश व कोहरे का अनुमान चक्रवाती तूफान अर्नब के कमजोर पड़ने के बावजूद झारखंड में अगले कुछ दिनों तक बादल, हल्की बारिश और सुबह के कुहासे का दौर जारी रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र ने तापमान में संभावित बदलाव और 5 नवंबर तक का विस्तृत पूर्वानुमान साझा किया है। झारखंड के वायुमंडल में बने चक्रवाती तूफान अर्नब का असर अब धीरे-धीरे धीमा पड़ने लगा है, लेकिन इसके चलते राज्य भर में मौसम का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। 31 अक्टूबर और शनिवार से इस चक्रवाती गतिविधि के प्रभाव में कमी दर्ज की जा रही है, फिर भी राजधानी रांची सहित कई जिलों में बादलों का डेरा और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है। बेमौसम हुई इस बरसात और लगातार छाई धुंध के चलते पूरे इलाके में समय से पहले ही अच्छी-खासी ठंड महसूस की जाने लगी है। राजधानी में सुबह की शुरुआत घने कुहासे के साथ हुई, जिसके बाद दिन चढ़ने पर वातावरण में आंशिक सुधार देखा गया। बीते चौबीस घंटों में जिलों का हाल और बारिश के आंकड़े राज्य के कई हिस्सों में पिछले चौबीस घंटों के दौरान जोरदार वर्षा दर्ज की गई है। प्राप्त मौसम आंकड़ों के अनुसार, डालटनगंज में सबसे ज्यादा 75 मिलीमीटर पानी बरसा है। वहीं जमशेदपुर में 20.6 मिलीमीटर और बोकारो में 17.4 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। चाईबासा में 2.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि राजधानी रांची में 8.5 मिलीमीटर वर्षा मापी गई। इस व्यापक बारिश के कारण न केवल जलजमाव की स्थिति बनी, बल्कि वातावरण में नमी की मात्रा भी काफी बढ़ गई है, जिससे दिन भर सर्द हवाओं का असर बना रहा। रांची में पारे की स्थिति और ठंड का अहसास राजधानी रांची में शुक्रवार का दिन बादलों की ओट में ही बीता। सुबह घना कुहासा छाया रहा, जबकि दोपहर के वक्त कुछ देर के लिए धूप जरूर निकली, पर वह ठंड के असर को बेअसर नहीं कर सकी। तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो शुक्रवार को रांची का अधिकतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो सामान्य स्तर से लगभग छह डिग्री सेल्सियस कम रहा। इसके विपरीत, बादलों की चादर के कारण रात का न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.9 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। अधिकतम तापमान में आई भारी गिरावट ने दिन के समय भी लोगों को गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया। 5 नवंबर तक कैसा रहेगा मौसम का मिजाज मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी किए गए पूर्वानुमान के मुताबिक, 5 नवंबर तक राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। 1 और 2 नवंबर को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ-साथ कुछ स्थानों पर मेघ गर्जन और हल्की फुहारें पड़ने के आसार हैं। यही स्थिति 3 नवंबर को भी बनी रह सकती है। इसके बाद, 4 नवंबर को मौसम में थोड़ी और हलचल देखने को मिल सकती है। इस दिन राज्य के उत्तर-पूर्वी, मध्य और दक्षिणी हिस्सों में कुछ स्थानों पर गर्जन के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। वहीं 5 नवंबर की सुबह हल्के कुहासे या धुंध के साथ शुरू होगी, लेकिन दिन बढ़ने के साथ आसमान मुख्य रूप से साफ होने का अनुमान है। आगामी दिनों में तापमान का संभावित रुख तापमान के रुझान को लेकर जानकारी दी गई है कि अगले तीन दिनों में राज्य के अधिकतम पारे में धीरे-धीरे 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। इसके बाद के दो दिनों में दिन के तापमान में किसी खास फेरबदल की उम्मीद नहीं जताई गई है। दूसरी तरफ, न्यूनतम तापमान में अगले पाँच दिनों तक कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं आएगा और यह लगभग स्थिर बना रहेगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि दिन में हल्की धूप की राहत मिलने के बावजूद सुबह और शाम के समय ठंड का असर लगातार बना रहेगा। इसका आप पर असर बेमौसम बारिश, नमी और गिरते तापमान से आम लोगों को सुबह-शाम ठंड और सड़कों पर कोहरे का सामना करना पड़ेगा। • झारखंड में: सुबह के समय घना कुहासा छाए रहने से राजमार्गों और शहर की सड़कों पर दृश्यता कम रहेगी। वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी और धीमी गति से गाड़ी चलानी होगी। • तापमान और स्वास्थ्य पर असर: दिन का पारा सामान्य से काफी नीचे रहने और रात में नमी के कारण मौसमी सर्दी-जुकाम का खतरा बढ़ गया है। बुजुर्गों और बच्चों को सुबह-शाम हल्के गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है। • कृषि और दैनिक कार्य: लगातार हुई वर्षा से खेतों में नमी की अधिकता हो गई है, जिससे कटाई और सुखाने के काम प्रभावित हो सकते हैं। किसानों को आगामी 5 नवंबर तक मौसम साफ होने का इंतजार करना चाहिए। • आगामी दिनों की तैयारी: 4 नवंबर को उत्तर-पूर्वी, मध्य और दक्षिणी जिलों में फिर से गरज के साथ बारिश की संभावना है। बाहर निकलने से पहले स्थानीय मौसम की स्थिति जांचना समझदारी होगी। ऐसा क्यों हुआ बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से झारखंड के वायुमंडल में प्रचुर नमी और बादलों का जमावड़ा बना हुआ है। • चक्रवाती दबाव का असर: चक्रवात अर्नब के प्रभाव से पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों में तेज नमी वाली हवाएं पहुंचीं, जिससे व्यापक बादल बने और वर्षा हुई। इसके चलते कई जिलों में भारी से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई। • तापमान में असंतुलन: लगातार छाए घने बादलों ने दिन में सौर विकिरण को रोक दिया, जिससे अधिकतम पारा सामान्य से छह डिग्री तक लुढ़क गया। वहीं, बादलों की ओट के कारण रात का तापमान सामान्य से करीब तीन डिग्री ऊपर दर्ज हुआ। • कमजोर पड़ता चक्रवाती तंत्र: 31 अक्टूबर से इस चक्रवाती गतिविधि की तीव्रता घटने लगी है, जिससे बारिश का दायरा धीरे-धीरे सीमित हो रहा है। इसके बावजूद अवशिष्ट नमी की मौजूदगी 5 नवंबर तक छिटपुट बारिश और सुबह के कुहासे का कारण बनेगी। सवाल-जवाब 1. झारखंड में चक्रवात अर्नब का असर कब से कम होना शुरू हुआ है? मौसम विभाग के अनुसार 31 अक्टूबर और शनिवार के दिन से चक्रवात अर्नब का प्रभाव कम होना शुरू हो गया है। 2. पिछले 24 घंटों में झारखंड के किस जिले में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई? पिछले 24 घंटों में डालटनगंज में सबसे अधिक 75 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। 3. शुक्रवार को राजधानी रांची का तापमान कितना दर्ज किया गया? रांची में अधिकतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 6 डिग्री कम) और न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 2.9 डिग्री अधिक) दर्ज किया गया। 4. आने वाले दिनों में झारखंड का मौसम कब तक साफ होने की उम्मीद है? 5 नवंबर की सुबह हल्की धुंध के बाद आसमान मुख्य रूप से साफ होने की संभावना जताई गई है। 5. क्या अगले कुछ दिनों में राज्य में तापमान बढ़ेगा? आगामी तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि न्यूनतम तापमान स्थिर रहेगा। https://trendkia.com/jharkhand/jharkhand-men-chakravata-arnab-ka-jora-ghata-ranchi-aura-asapasa-ke-ilakon-men-5-navnbara-taka-barisha-va-kohare-ka-anumana-53640 TrendKia — Har trend, sabse pehle.