झारखंड में मानसून की जोरदार वापसी, सभी जिलों में भारी बौछारों और वज्रपात की चेतावनी झारखंड भर में मानसून फिर रफ्तार पकड़ चुका है, जिसके चलते मौसम विभाग ने तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में बारिश का दायरा बढ़ने के साथ ही तापमान में भी बड़ी गिरावट आने का अनुमान है। राज्य भर में मौसमी गतिविधियों में अचानक आए बदलाव के चलते बादलों का डेरा जम चुका है। मौसम केंद्र ने समूचे झारखंड में वायुमंडलीय हलचल तेज होने की पुष्टि की है। आसमान में घने बादलों की आवाजाही के बीच बिजली कड़कने और झमाझम बौछारें पड़ने का सिलसिला शुरू हो रहा है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक वायुमंडल में मौजूद नमी और हवा के दबाव की वजह से यह स्थिति बनी है, जिसके चलते आने वाले दिनों में वर्षा की तीव्रता और अधिक बढ़ सकती है। राज्य के सभी चौबीस प्रशासनिक क्षेत्रों में अलग-अलग तीव्रता के साथ पानी बरसने की संभावना जताई गई है। राज्य के सभी चौबीस क्षेत्रों में मौसम का कड़ा रुख मौसम विभाग के ताजा आकलन के अनुसार राज्य का कोई भी कोना इस मौसमी बदलाव से अछूता नहीं रहेगा। 20 सितंबर को लेकर जारी किए गए आधिकारिक बुलेटिन में बताया गया है कि कुछ हिस्सों में सामान्य दर्जे की फुहारें पड़ेंगी, जबकि कई इलाके जोरदार बारिश से तरबतर हो सकते हैं। राजधानी क्षेत्र के अलावा खूंटी, गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा में बौछारों का दौर देखने को मिलेगा। इसके साथ ही लातेहार, पलामू, गढ़वा और चतरा में भी बादलों का जमावड़ा बना हुआ है। हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़, बोकारो, गिरिडीह तथा धनबाद के इलाकों में भी सतर्कता बरतने को कहा गया है। कोल्हान और संथाल परगना प्रमंडल के क्षेत्रों में भी ऐसी ही मौसमी हलचल दर्ज की जा रही है। सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में तेज हवाओं के साथ पानी गिरने का अनुमान है। वहीं देवघर, दुमका, जामताड़ा, साहिबगंज, पाकुड़ और गोड्डा जैसे उत्तरी-पूर्वी जिलों में भी गरज-चमक के साथ फुहारें पड़ने के पूरे आसार हैं। प्रशासन ने इन सभी इलाकों में क्षेत्रीय परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा संबंधी एहतियात बरतने की अपील की है। तापमान का मिजाज और प्रमुख शहरों का हाल दिन के समय अधिकांश क्षेत्रों में आसमान में घटाएं छाई रहेंगी और वातावरण में उमस का असर बना रहेगा। हालांकि बीच-बीच में फुहारें पड़ने से उमस से कुछ राहत भी मिल सकती है। राजधानी के संदर्भ में मौसम केंद्र का कहना है कि 20 सितंबर को न्यूनतम पारा लगभग 22°C के करीब दर्ज किया जा सकता है, जबकि अधिकतम तापमान 32°C के आसपास पहुंचने का अनुमान है। यहां गरज-चमक के साथ वर्षा होने और झोंके वाली हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अंदेशा जताया गया है। राज्य के अन्य प्रमुख औद्योगिक और शहरी केंद्रों में भी मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही बना रहेगा। बोकारो के भीतर दिन का पारा 24°C से 33°C के दायरे में रहने की संभावना व्यक्त की गई है। वहीं जमशेदपुर में तापमान 24°C से 35°C के बीच झूल सकता है। इन दोनों प्रमुख औद्योगिक नगरों में दिनभर बादलों की आवाजाही रहने, रुक-रुक कर फुहारें गिरने और बादलों की तेज गड़गड़ाहट सुनने को मिल सकती है। वज्रपात का खतरा और सुरक्षात्मक दिशा-निर्देश मौसम के इस बदलाव के बीच सबसे बड़ी चिंता आसमानी बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर जताई गई है। 20 सितंबर को झोंके वाली हवाओं के साथ आंधी और तड़ित का विशेष अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि 21 और 22 सितंबर को भी वातावरण में यह अस्थिरता बनी रहेगी। विशेष रूप से 22 सितंबर को हवा की चाल बढ़कर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इस खतरनाक मौसमी रुख को देखते हुए नागरिकों के लिए आवश्यक परामर्श भी जारी किया गया है। जब भी आसमान में बिजली चमकती दिखे या मेघ गर्जन हो, तो उस दौरान खुले मैदानों में रुकने से पूरी तरह बचना चाहिए। किसी भी बड़े पेड़ की शरण लेना अथवा बिजली के खंभों, तारों या धातु की संरचनाओं के इर्द-गिर्द खड़ा होना बेहद जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे समय में सुरक्षित पक्के निर्माण की छत के नीचे ही आश्रय लेने का सुझाव दिया गया है। आगामी दिनों में पारे में आएगी उल्लेखनीय गिरावट वर्तमान समय में राज्य के अनेक हिस्सों में अधिकतम तापमान 30°C से 35°C के स्तर पर बना हुआ है, जिससे दोपहर के वक्त चिपचिपी गर्मी महसूस हो रही है। हालांकि जैसे-जैसे बारिश का दायरा विस्तृत होगा, तापमान के ग्राफ में स्पष्ट गिरावट दर्ज की जाएगी। आंकड़ों के अनुसार राजधानी में 23 सितंबर तक अधिकतम पारा फिसलकर 28°C के करीब आ जाएगा। इसके उपरांत 24 और 25 सितंबर को यह और घटकर लगभग 27°C तक सिमट सकता है। यही रुख जमशेदपुर में भी देखने को मिलेगा। वर्तमान में 35°C पर चल रहा वहां का उच्चतम पारा 23 से 25 सितंबर के कालखंड में धीरे-धीरे गिरकर 31°C से 29°C के स्तर पर आ जाने की संभावना है। लगातार पानी बरसने और ठंडी नम हवाओं के प्रवाह से वातावरण की तपन काफी हद तक शांत हो जाएगी। पठारी क्षेत्रों में खुशनुमा माहौल के साथ सतर्कता की जरूरत लगातार छाए रहने वाले बादलों और नमी भरी हवाओं के चलते राज्य के पठारी भूभागों में लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलने वाली है। रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा तथा सिमडेगा जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान अपेक्षाकृत नीचे रहने से मौसम काफी सुहावना और खुशनुमा बन जाएगा। हरियाली के बीच ठंडी हवाएं लोगों को ताजगी का अहसास कराएंगी। यद्यपि मौसम के इस मनमोहक स्वरूप के साथ ही प्राकृतिक आपदा का जोखिम भी जुड़ा हुआ है। मौसम विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि जिन इलाकों में मौसम सुहाना दिख रहा है, वहीं अचानक घने काले बादल घिरने और बिजली गिरने की घटनाएं घट सकती हैं। लिहाजा खुशनुमा फिजा के बहकावे में आकर असुरक्षित खुले स्थानों पर घूमना जोखिम भरा साबित हो सकता है। 20 से 25 सितंबर तक के मौसम का दैनिक ब्योरा मौसम विभाग के विस्तृत कैलेंडर के मुताबिक 25 सितंबर तक मानसून की यह सक्रियता निरंतर कायम रहने वाली है। शुरुआत के तीन दिनों यानी 20 से 22 सितंबर के दौरान बादलों की गर्जना, वज्रपात और झंझावाती हवाओं का दबाव सबसे अधिक रहेगा। वहीं 23 से 25 सितंबर के मध्य वर्षा की मात्रा और क्षेत्रफल दोनों में भारी विस्तार होने की संभावना है। • 20 सितंबर: बादलों के छाए रहने के साथ बौछारें पड़ने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। • 21 सितंबर: गरज-चमक की तीव्रता बढ़ने, पानी बरसने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी। • 22 सितंबर: वर्षा के दायरे में फैलाव आएगा और हवा की गति बढ़कर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। • 23 सितंबर: मध्यम दर्जे की निरंतर बारिश होगी और साथ ही दिन के तापमान में साफ गिरावट देखी जाएगी। • 24 सितंबर: कई जनपदों में रुक-रुक कर बौछारें जारी रहेंगी, जिससे वातावरण में ठंडक बनी रहेगी। • 25 सितंबर: राज्य के विस्तृत भूभाग पर घने बादलों की उपस्थिति और वर्षा का दौर बरकरार रहने का अनुमान है। इस पूरे सप्ताह राज्य के लोगों को मौसम के मिजाज पर पैनी नजर रखने और आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की आवश्यकता होगी। इसका आप पर असर झारखंड में सक्रिय हुए मानसून के कारण अगले पांच दिनों तक मौसम में भारी बदलाव होगा, जिससे दैनिक यात्रा और कृषि कार्यों पर सीधा असर पड़ेगा। • दैनिक यात्रियों के लिए: सड़कों पर जलभराव और 50 किमी प्रति घंटे तक चलने वाली हवाओं के चलते आवागमन धीमा हो सकता है। ऑफिस या गंतव्य पर जाने वाले लोग बारिश से बचाव के इंतजाम रखें और अतिरिक्त समय लेकर निकलें। • किसानों और ग्रामीणों के लिए: खेतों में आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम 22 सितंबर तक काफी ज्यादा रहेगा। किसान मेघ गर्जन के समय खुले खेतों में जाने से बचें और अपने मवेशियों को खुले मैदानों या पेड़ों से दूर सुरक्षित स्थान पर बांधें। • घरेलू उपभोक्ताओं के लिए: तेज हवाओं और बिजली चमकने की वजह से कई उपनगरीय इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो सकती है। लोग जरूरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बिजली के सॉकेट से निकाल कर रखें और बैकअप की तैयारी रखें। • मौसम और स्वास्थ्य: दिन के पारे में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की तेज गिरावट आने से उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी। अचानक तापमान घटने से मौसमी बीमारियों का अंदेशा बढ़ सकता है, इसलिए स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। ऐसा क्यों हुआ झारखंड में वायुमंडलीय दबाव में आए बदलाव और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण मानसून की शाखा पुनः सक्रिय हो उठी है। स्थानीय स्तर पर अत्यधिक उमस और गर्मी ने गरज-चमक वाले संवहनी बादलों को तेजी से विकसित होने में मदद की है। • मौसमी कारकों की सक्रियता: बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही आर्द्र पूर्वी हवाओं ने राज्य के ऊपर नमी की मात्रा बढ़ा दी है। जब यह नम हवा स्थानीय जमीनी गर्मी से टकराई, तो इसने भारी वज्रपात वाले बादलों का निर्माण शुरू कर दिया। • तापमान और उमस का दबाव: पिछले कुछ दिनों से 30°C से 35°C तक पहुंचा तापमान और अधिक आर्द्रता मिलकर तेज संवहन पैदा कर रहे हैं। यही कारण है कि बारिश के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटा की तेज हवाएं और बिजली कड़कने की घटनाएं बढ़ रही हैं। • आगे की मौसमी दिशा: मौसम विज्ञानियों के मुताबिक 22 सितंबर तक बिजली चमकने और आंधी का जोर रहेगा। इसके बाद 23 से 25 सितंबर के बीच विस्तृत वर्षा प्रणाली के प्रभाव से तापमान में तेज गिरावट आएगी और बारिश का फैलाव व्यापक हो जाएगा। सवाल-जवाब 1. झारखंड के किन-किन जिलों के लिए बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है? मौसम केंद्र ने रांची, देवघर, धनबाद, जमशेदपुर और बोकारो सहित राज्य के सभी 24 जिलों के लिए बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट घोषित किया है। 2. राज्य में हवा की गति अधिकतम कितने किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है? 20 सितंबर को हवा की गति 30 से 40 किमी प्रति घंटा रहने का अनुमान है, जो 22 सितंबर को बढ़कर 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। 3. बारिश के बाद रांची और जमशेदपुर के तापमान में कितनी गिरावट आने की संभावना है? रांची का अधिकतम तापमान घटकर 27°C और जमशेदपुर का तापमान 35°C से गिरकर 29°C तक पहुंचने का अनुमान है। 4. वज्रपात के समय आम नागरिकों को किन सावधानियों का पालन करने की सलाह दी गई है? बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों में न जाएं, पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के खंभों व तारों से सुरक्षित दूरी बनाकर पक्के मकानों में रहें। 5. झारखंड में मानसून की यह सक्रियता कब तक जारी रहने का अनुमान है? मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक 20 सितंबर से लेकर 25 सितंबर तक राज्य भर में मानसून सक्रिय रहेगा और लगातार बारिश होगी। https://trendkia.com/jharkhand/jharkhand-men-manasuna-ki-joradara-vapasi-sabhi-jilon-men-bhari-bauchharon-aura-vajrapata-ki-chetavani-35014 TrendKia — Har trend, sabse pehle.