झारखंड में मानसून की फिर से वापसी, रांची और देवघर समेत कई जिलों में वज्रपात और बारिश की चेतावनी झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी जारी की है। झारखंड में आज मंगलवार को मानसून पूरी तरह से एक बार फिर सक्रिय स्थिति में नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के विभिन्न हिस्सों में आज हल्की से लेकर मध्यम दर्जे तक की बारिश होने के पूरे आसार हैं। इसके साथ ही मौसम विभाग ने कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने पंद्रह से बीस सितंबर के दौरान पूरे झारखंड में आंधी और वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है। आज रांची, जमशेदपुर, धनबाद और देवघर समेत कई प्रमुख इलाकों में आसमान में घने बादल छाए रहने की संभावना है, जिससे इन क्षेत्रों में वर्षा हो सकती है। किन जिलों में जारी किया गया है बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आज झारखंड के किसी भी जिले में अत्यधिक भारी बारिश का कोई विशेष अलर्ट तो जारी नहीं किया गया है, लेकिन राज्य के कई जिलों में मानसूनी गतिविधियां छिटपुट रूप से सक्रिय रहेंगी। आज रांची, जमशेदपुर, धनबाद और देवघर के अलावा आसपास के कई इलाकों में बादलों की आवाजाही के साथ बारिश की पूरी संभावना बनी हुई है। राजधानी रांची की बात करें तो यहां आज एक से दो दौर की बारिश या फिर गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है। मौसम के इस मिजाज से उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। वज्रपात और तेज हवाओं से बचने की सलाह आज झारखंड के विभिन्न हिस्सों में बिजली चमकने और आकाशीय बिजली गिरने का गंभीर खतरा बना हुआ है, जिसके लिए विभाग ने अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार आज पंद्रह सितंबर को राज्य में तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ गरज और चमक की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम की यह गतिविधि केवल आज तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि सोलह से अठारह सितंबर के दौरान भी इसके जारी रहने की पूरी आशंका है। इसे देखते हुए खुले खेतों, मैदानों, बड़े पेड़ों के नीचे या फिर बिजली के खंभों के आसपास काम करने वाले किसानों और आम नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। कैसा रहेगा आज का तापमान और मौसम का मिजाज झारखंड के विभिन्न जिलों में आज अधिकतम तापमान लगभग तीस से चौंतीस डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना जताई गई है। वहीं दूसरी ओर न्यूनतम तापमान के बाबत अनुमान है कि यह बयालीस से छब्बीस डिग्री सेल्सियस के दायरे में दर्ज किया जाएगा। अगर राजधानी रांची की बात करें तो यहां अधिकतम तापमान करीब इकतीस डिग्री और न्यूनतम तापमान तेईस डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। जमशेदपुर में तापमान अपेक्षाकृत थोड़ा अधिक रिकॉर्ड किया जा सकता है, जबकि लातेहार, लोहरदगा, रामगढ़ और रांची जैसे ऊंचे और पहाड़ी इलाकों में मौसम काफी सुहावना महसूस हो सकता है। पंद्रह से बीस सितंबर तक कैसा रहेगा मौसम आने वाले दिनों यानी पंद्रह से बीस सितंबर के बीच झारखंड में मौसम पूरी तरह से साफ या शुष्क रहने की कोई संभावना नहीं है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक इस पूरे अंतराल के दौरान राज्यभर में छिटपुट से लेकर अलग-अलग स्थानों पर रुक-रुक कर बारिश होने का सिलसिला जारी रहेगा। पंद्रह से अठारह सितंबर के बीच आंधी, बिजली और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। इसके अलावा सत्रह और अठारह सितंबर के आसपास कुछ विशेष जिलों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियों में और अधिक तेजी आने की संभावना है। बीते चौबीस घंटों के दौरान यानी चौदह सितंबर के आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो झारखंड के कुल छह जिलों में बारिश दर्ज की गई थी। इनमें दुमका में अट्ठाईस दशमलव एक मिलीमीटर, साहिबगंज में नौ दशमलव एक मिलीमीटर, गढ़वा में पांच दशमलव सात मिलीमीटर, सिमडेगा में चार दशमलव सात मिलीमीटर, देवघर में एक दशमलव तीन मिलीमीटर और धनबाद में शून्य दशमलव नौ मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई थी। इस अवधि के दौरान राज्य के बाकी अन्य जिलों में किसी प्रकार की वर्षा दर्ज नहीं की गई थी। वायु गुणवत्ता और ऊंचाई वाले इलाकों का हाल झारखंड में बीते कल रांची का वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI करीब बांबे दर्ज किया गया था, जबकि धनबाद में यह लगभग एक सौ छप्पन यानी मध्यम प्रदूषण श्रेणी के अंतर्गत रिकॉर्ड किया गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश और बादलों की मौजूदगी के कारण रांची, रामगढ़, पतरातू, लातेहार, नेतरहाट, लोहरदगा और सिमडेगा जैसे अपेक्षाकृत ऊंचे इलाकों में मौसम काफी सुहाना बना हुआ है। हालांकि, वज्रपात के समय खुले पर्यटन स्थलों और पहाड़ी क्षेत्रों की सैर करते समय लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। कुल मिलाकर आगामी छह दिनों तक झारखंड के आसमान में बादलों का डेरा, उमस भरी स्थिति, छिटपुट बारिश और गरज-चमक वाला मौसम बने रहने के पूरे आसार हैं। इसका आप पर असर झारखंड में मानसूनी गतिविधियों के फिर से सक्रिय होने और वज्रपात की चेतावनी का सीधा असर आम जनजीवन, कृषि कार्यों और दैनिक आवागमन पर पड़ेगा। • भारत में: देश के इस हिस्से में सक्रिय मानसून और बारिश की गतिविधियों से कृषि कार्यों को नमी तो मिलेगी, लेकिन साथ ही अचानक मौसम बदलने से दैनिक सफर में बाधा आ सकती है। • झारखंड में: रांची, देवघर, धनबाद और जमशेदपुर समेत विभिन्न जिलों के नागरिकों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचना चाहिए। किसानों को सलाह दी गई है कि वे आंधी-तूफान और वज्रपात के समय खेतों में काम करने से परहेज करें ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके। ऐसा क्यों हुआ झारखंड में मानसूनी बारिश और वज्रपात की यह गतिविधियां वायुमंडलीय दबाव और कम दबाव के क्षेत्रों के फिर से सक्रिय होने के कारण उत्पन्न हुई हैं। • बंगाल की खाड़ी का प्रभाव: मौसम प्रणाली में आए बदलाव और नमी से भरी हवाओं के लगातार प्रवाह के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में बादलों का निर्माण तेजी से हो रहा है। • तापमान में अंतर: स्थानीय स्तर पर तापमान में उतार-चढ़ाव और उमसभरे वातावरण के मिलने से बादलों का गर्जन और आकाशीय बिजली चमकने की अनुकूल स्थितियां बन रही हैं। • मौसमी चक्र: सितंबर महीने के मध्य में मानसूनी टर्फ रेखा की स्थिति में बदलाव होने के कारण झारखंड के ऊपर बादलों की आवाजाही और छिटपुट वर्षा का दौर बना हुआ है। सवाल-जवाब 1. झारखंड में मानसून की स्थिति कैसी है? झारखंड में मानसून आज मंगलवार को पूरी तरह से एक बार फिर सक्रिय हो गया है और राज्यभर में बारिश के आसार हैं। 2. किन जिलों में बारिश और वज्रपात का अनुमान है? रांची, जमशेदपुर, धनबाद और देवघर समेत कई इलाकों में बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना जताई गई है। 3. मौसम विभाग ने क्या विशेष चेतावनी जारी की है? विभाग ने पंद्रह से बीस सितंबर के दौरान आंधी, वज्रपात और तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है। 4. तापमान का अनुमान क्या है? राज्य के जिलों में अधिकतम तापमान तीस से चौंतीस डिग्री और न्यूनतम तापमान बाईस से छब्बीस डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। 5. बीते चौबीस घंटों में सबसे अधिक बारिश कहां दर्ज हुई? चौदह सितंबर के आंकड़ों के अनुसार दुमका में अट्ठाईस दशमलव एक मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। https://trendkia.com/jharkhand/jharkhand-men-manasuna-ki-phira-se-vapasi-ranchi-aura-deoghar-sameta-kai-jilon-men-vajrapata-aura-barisha-ki-chetavani-32330 TrendKia — Har trend, sabse pehle.