# झारखंड में मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर, रांची में स्कूल बंद और कई उड़ानें रद्द

> ओडिशा और छत्तीसगढ़ के पास बने गहरे दबाव के कारण झारखंड में भारी बारिश जारी है, जिससे रांची में स्कूल बंद कर दिए गए हैं और विमान सेवाएं प्रभावित हुई हैं।

**Type:** article · **Category:** झारखंड · **Published:** 2026-09-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jharkhand/jharkhand-men-musaladhara-barisha-se-nadiyan-uphana-para-ranchi-men-skula-bnda-aura-kai-uranen-radda-38791 · **Language:** Hindi
**Tags:** झारखंड मौसम, रांची बारिश, मौसम विभाग, स्कूल बंद, उड़ानें रद्द, बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, बाढ़ का खतरा

झारखंड के बड़े हिस्से में बीते तीन दिनों से जारी जोरदार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा के चलते राज्य भर की प्रमुख नदियां और जलस्रोत उफान पर पहुंच चुके हैं, जिससे कई स्थानों पर पानी खतरे के निशान को पार कर गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार, 26 सितंबर के लिए राज्य के कोल्हान प्रभाग के पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। इन इलाकों में जलभराव के साथ-साथ बाढ़ का गंभीर खतरा पैदा हो गया है, जिससे स्थानीय प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

## कई जिलों में येलो अलर्ट और राजधानी का हाल
मौसम विभाग ने राज्य के उत्तर-पश्चिमी और दक्षिणी भागों के लिए भी चेतावनी दी है। पलामू, गढ़वा, लातेहार और सिमडेगा जिलों में भारी बारिश को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी रांची में दोपहर तक दो से तीन बार तेज वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान शहर में चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है, जिसके चलते नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

## बारहवीं तक के स्कूलों में अवकाश की घोषणा
मौसम के बिगड़ते मिजाज और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रांची जिला प्रशासन ने शनिवार, 26 सितंबर को कड़ा कदम उठाया है। प्रशासन की ओर से जारी आदेश के तहत जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी निजी स्कूलों में कक्षा बारहवीं तक की कक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। जिन विद्यालयों में पूर्व निर्धारित परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं, वहां के प्रबंधन को अपने विवेक के आधार पर निर्णय लेने की छूट दी गई है। हालांकि, विद्यालयों के सभी शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को तय समय पर संस्थान पहुंचकर प्रशासनिक और कार्यालयी कार्यों का निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं।

## तेज आंधी से गिरे दर्जनों पेड़, बड़ा हादसा टला
ओडिशा और उससे लगे दक्षिणी छत्तीसगढ़ के ऊपर बने गहरे दबाव के कारण झारखंड के विभिन्न जिलों में यह व्यापक मौसमी बदलाव देखा जा रहा है। शुक्रवार को सरायकेला, भुरकुंडा, गांडेय, पोटका, चाईबासा, रामगढ़ और रांची में भारी बारिश दर्ज की गई। इस दौरान लगभग पचास किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं के झोंकों ने रांची में पच्चीस से अधिक विशाल पेड़ों को जड़ से उखाड़ दिया। पेड़ों के गिरने और तारों के टूटने से दिनभर शहर के विभिन्न मुहल्लों में बिजली की आवाजाही बनी रही। डोरंडा के एजी मोड़ के समीप एक बड़ा पेड़ अचानक चलती हुई स्कूल बस पर गिर पड़ा। बस के भीतर करीब पचास स्कूली बच्चे सवार थे, जिन्हें स्थानीय लोगों और राहत दल की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस दुर्घटना में बस चालक और खलासी को हल्की चोटें आईं, लेकिन सभी बच्चे सुरक्षित बच गए।

## बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर तेरह उड़ानें रद्द
खराब मौसम और घने बादलों की वजह से दृश्यता घटने का सीधा प्रभाव विमान सेवाओं पर पड़ा है। रांची स्थित बिरसा मुंडा हवाई अड्डे से संचालित होने वाली कुल चौबीस उड़ानों में से तेरह उड़ानों को पूरी तरह रद्द करना पड़ा। इसके अतिरिक्त चार विमानों को रांची में लैंडिंग की अनुमति न मिलने के कारण दूसरे हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट किया गया। पुणे और दिल्ली से रांची आ रही इंडिगो की उड़ानों को वाराणसी भेजा गया, जबकि कोलकाता और मुंबई से आ रहे विमानों को वापस कोलकाता डायवर्ट कर दिया गया। शनिवार की सुबह भी इंडिगो की कोलकाता, बेंगलुरु और दिल्ली जाने वाली उड़ानों का संचालन पूरी तरह बंद रखा गया।

## मौसम में सुधार के संकेत और तापमान का अनुमान
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ के ऊपर सक्रिय गहरा दबाव अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है। शनिवार की दोपहर बाद कुछ संवेदनशील जिलों को छोड़कर शेष राज्य में हालात धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगेंगे और तेज हवाओं का दौर भी धीमा पड़ जाएगा। विभाग के अनुसार, 26 सितंबर को पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में छिटपुट जगहों पर भारी वर्षा हो सकती है। 27 सितंबर से राजधानी रांची में बादल छंटने और मौसम साफ होने का अनुमान है। हालांकि, अन्य जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना बनी रहेगी। 27 सितंबर के बाद पूरे राज्य में धूप निकलने से दिन के तापमान में वृद्धि देखने को मिलेगी।

## इसका आप पर असर
इस भारी बारिश और आंधी के कारण आम नागरिकों की दैनिक गतिविधियों, बच्चों की पढ़ाई और हवाई यात्रा पर सीधा असर पड़ा है।

- **झारखंड में:** जलभराव और तेज हवाओं के चलते कई इलाकों में बिजली गुल है और सड़कों पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित हुआ है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सतर्क रहने और उफनते जलस्रोतों के पास न जाने की सलाह दी गई है।
- **रांची में:** 26 सितंबर को बारहवीं कक्षा तक के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित रहने से बच्चों को घर पर ही रहना होगा। बिरसा मुंडा हवाई अड्डे से तेरह उड़ानों के रद्द होने और कई के डायवर्ट होने से यात्रियों को अपनी उड़ानों की स्थिति देखकर ही घर से निकलना चाहिए।
- **कोल्हान क्षेत्र में:** पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम तथा सरायकेला में बाढ़ की आशंका के चलते स्थानीय निवासियों को आवश्यक वस्तुओं का भंडारण करने की आवश्यकता है। निचले इलाकों में रहने वाले लोग आपातकालीन निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
- **मौसम सुधार:** 27 सितंबर से धूप निकलने पर जलभराव से राहत मिलेगी लेकिन दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। किसान और आम नागरिक मौसम साफ होने के बाद ही बाहरी निर्माण और कृषि गतिविधियों को आगे बढ़ाएं।

## ऐसा क्यों हुआ
झारखंड में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाओं का मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी से उठा एक मौसमी तंत्र है।

- **डीप डिप्रेशन का प्रभाव:** ओडिशा और उससे सटे दक्षिणी छत्तीसगढ़ के ऊपर बने गहरे दबाव के क्षेत्र के कारण भारी मात्रा में नमी झारखंड के वायुमंडल में पहुंची है। इसी तंत्र के चलते राज्यभर में तेज हवाओं के साथ लगातार वर्षा की स्थिति बनी हुई है।
- **तेज हवाएं और बिजली:** इस मौसमी तंत्र के सक्रिय होने से हवा की गति चालीस से पचास किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिससे रांची में कई पेड़ गिर गए। वायुमंडलीय अस्थिरता बढ़ने के कारण ही कई जिलों में तेज गरज और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं देखी गईं।
- **तंत्र का कमजोर पड़ना:** मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, यह गहरा दबाव अब धीरे-धीरे अपनी तीव्रता खो रहा है और कमजोर पड़ रहा है। इस बदलाव के चलते शनिवार दोपहर के बाद से अधिकांश जिलों में वर्षा की तीव्रता में कमी आनी शुरू होगी और 27 सितंबर से मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा।

## सवाल-जवाब

### 1. झारखंड में किन जिलों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है?
पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले में भारी बारिश के कारण बाढ़ की आशंका जताई गई है।

### 2. रांची में स्कूलों की छुट्टी किस तारीख को घोषित की गई है?
रांची जिला प्रशासन ने खराब मौसम को देखते हुए शनिवार, 26 सितंबर को कक्षा बारहवीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है।

### 3. बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर कितनी उड़ानें रद्द की गईं?
हवाई अड्डे से संचालित होने वाली चौबीस उड़ानों में से तेरह उड़ानों को रद्द किया गया, जबकि चार विमानों को दूसरे शहरों में डायवर्ट किया गया।

### 4. झारखंड में मौसम कब से साफ होने की उम्मीद है?
मौसम विभाग के अनुसार, 27 सितंबर से राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में मौसम साफ हो जाएगा और तापमान में वृद्धि होगी।

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