# झारखंड में थमा भारी बारिश का सिलसिला, देवघर और हजारीबाग सहित 9 जिलों में हल्की फुहारों की संभावना

> झारखंड में मूसलाधार बारिश का दौर थम गया है और 1 अक्टूबर को 9 जिलों में केवल हल्की बूंदाबांदी का अनुमान है, जबकि 5 अक्टूबर से मानसून की विदाई शुरू हो सकती है।

**Type:** article · **Category:** झारखंड · **Published:** 2026-10-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jharkhand/jharkhand-men-thama-bhari-barisha-ka-silasila-deoghar-aura-hazaribagh-sahita-9-jilon-men-halki-phuharon-ki-snbhavana-40885 · **Language:** Hindi
**Tags:** झारखंड मौसम, रांची बारिश, मानसून वापसी, मौसम विभाग, देवघर मौसम, हजारीबाग मौसम

झारखंड के विभिन्न हिस्सों में बीते कई दिनों से जारी मूसलाधार बारिश का सिलसिला अब पूरी तरह थमने लगा है। मौसम के बदलते रुख के बीच राज्य भर में वर्षा की तीव्रता में भारी गिरावट दर्ज की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार, 1 अक्टूबर को राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा, जबकि कुछ सीमित इलाकों में केवल छिटपुट बौछारें दर्ज की जा सकती हैं। राहत की बात यह है कि समूचे राज्य में कहीं भी अत्यधिक या भारी वर्षा को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

## उत्तरी और पूर्वी इलाकों के 9 जिलों में छिटपुट बौछारें
मौसम केंद्र के विश्लेषण के अनुसार, राज्य के उत्तरी और संथाल परगना प्रमंडल से जुड़े नौ विशिष्ट जिलों में स्थानीय स्तर पर बादलों की आवाजाही देखी जा सकती है। इन जिलों में चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज शामिल हैं। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन क्षेत्रों में केवल अलग-थलग स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज होगी। इन नौ जिलों को छोड़कर झारखंड के शेष भूभाग में वर्षा की संभावना न के बराबर है, जिससे लगातार हो रही वर्षा से परेशान नागरिकों को सामान्य दिनचर्या में लौटने में मदद मिलेगी।

## 4 अक्टूबर तक नहीं होगी मूसलाधार बारिश
राज्य स्तर पर किसी भी जिले के लिए 1 अक्टूबर को भारी बारिश का कोई अलर्ट प्रभावी नहीं है। हालांकि, वायुमंडलीय बदलावों के चलते कुछ क्षेत्रों में हल्के बादल घिरे रह सकते हैं और कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की घटनाएं सामने आ सकती हैं। मौसम विज्ञानियों ने रेखांकित किया है कि 1 अक्टूबर से लेकर 4 अक्टूबर तक राज्य भर में मौसमी हलचल बेहद सीमित स्तर पर बनी रहेगी। इसका अर्थ यह है कि वर्षा पूरी तरह बंद तो नहीं होगी, लेकिन उसकी गति इतनी मंद रहेगी कि जलभराव, नदियों के उफान या बाढ़ जैसी किसी भी विकट स्थिति की कोई गुंजाइश नहीं बनेगी।

## 5 अक्टूबर से विदा हो सकता है मानसून
दक्षिण-पश्चिम मानसून अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। मौसम विज्ञान विभाग के आकलन के अनुसार, झारखंड से मानसून की आधिकारिक वापसी 5 अक्टूबर से शुरू होने के आसार हैं। पारंपरिक तौर पर राज्य में जून से लेकर सितंबर तक के चार महीनों में मानसूनी हवाओं से सबसे अधिक जलवृष्टि होती है। हालांकि, मानसून बीत जाने के बाद भी अक्टूबर से फरवरी के शीतकालीन महीनों के दौरान पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी उतार-चढ़ाव के चलते यदा-कदा बूंदाबांदी देखने को मिलती रहती है।

## राजधानी रांची में कैसा बना रहेगा वातावरण
राजधानी रांची और इसके आसपास के उपनगरीय क्षेत्रों में आने वाले कुछ दिनों तक सुहावना और आंशिक बादलों वाला मौसम बने रहने की उम्मीद है। 1 अक्टूबर को रांची के लिए भी भारी वर्षा की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। दिन के समय धूप-छांव के बीच आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और कुछ चुनिंदा स्थानों पर बेहद हल्की बूंदाबांदी दर्ज की जा सकती है, जिससे तापमान में बहुत अधिक फेरबदल नहीं देखा जाएगा।

## मानसून आंकड़ों का लेखा-जोखा: पूरे राज्य में 2 प्रतिशत कमी
झारखंड में समूचे मानसून चक्र के दौरान सामान्य तौर पर 1,025 से लेकर 1,100 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की जाती है। इस वर्ष 1 जून से लेकर 30 सितंबर के बीच पूरे राज्य में कुल 1,005 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो कि सामान्य औसत की तुलना में लगभग 2 प्रतिशत कम मानी गई है।

## रांची में सामान्य से 18 प्रतिशत अधिक बरसे बदरा
पूरे राज्य के समग्र आंकड़े में मामूली कमी के विपरीत, राजधानी रांची में इस मानसून सीजन में जोरदार बादल बरसे। मौसम विभाग के संकलित आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 30 सितंबर के दौरान रांची में कुल 1,215 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। राजधानी का सामान्य मानसूनी औसत 1,027 मिलीमीटर रहता है, जिसका अर्थ है कि इस वर्ष रांची में सामान्य से करीब 18 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज हुई है।

## इसका आप पर असर
झारखंड में भारी बारिश का दौर थमने से आम जनजीवन सामान्य पटरी पर लौट रहा है और जलभराव का खतरा टल गया है।

- **भारत में:** पूर्वी भारत के मौसम में आ रहे बदलाव से त्योहारी सीजन की तैयारियों और अंतरराज्यीय माल ढुलाई को बड़ी गति मिलेगी। इससे ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और लंबी दूरी की यात्राओं में होने वाली देरी पर विराम लगेगा।
- **झारखंड में:** चतरा, हजारीबाग और देवघर सहित नौ जिलों में केवल छिटपुट बूंदाबांदी होगी, जिससे जलजमाव की आशंका खत्म हो गई है। लोग बिना किसी मौसम चेतावनी के अपने नियमित कामकाज, व्यापार और बाहरी यात्राओं की योजना बना सकते हैं।
- **किसानों के लिए:** बारिश की तीव्रता घटने से खेतों में पानी भरने का डर खत्म हो गया है और खरीफ फसलों की कटाई तथा देखरेख में आसानी होगी। किसान 4 अक्टूबर तक बने इस शुष्क मौसम का लाभ उठाकर अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित कर सकते हैं।
- **दैनिक यात्रियों के लिए:** रांची समेत सभी प्रमुख शहरों में सड़कों पर जलभराव समाप्त हो रहा है, जिससे दैनिक आवागमन में राहत मिलेगी। वाहन चालकों को जाम से जूझना नहीं पड़ेगा और आवाजाही सुचारू रहेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
झारखंड में बारिश की तीव्रता कम होने का मुख्य कारण दक्षिण-पश्चिम मानसूनी तंत्र का कमजोर पड़ना और उसके विदाई के दौर की ओर बढ़ना है।

- **मानसूनी प्रणाली का कमजोर होना:** राज्य पर बने चक्रवाती परिसंचरण और नमी युक्त मानसूनी हवाओं का असर अब धीमा पड़ गया है। नमी की आपूर्ति घटने के कारण बादलों का घनत्व घट गया है और भारी वर्षा की स्थितियां समाप्त हो गई हैं।
- **मानसून की वापसी का समय:** कैलेंडर के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून सितंबर के अंत तक विदा होने लगता है और झारखंड में 5 अक्टूबर तक वापसी की रेखा बनने की संभावना है। मानसूनी हवाओं के पीछे हटने से मौसमी अस्थिरता धीरे-धीरे खत्म हो जाती है।
- **स्थानीय दबाव में बदलाव:** बंगाल की खाड़ी से आने वाली आर्द्र हवाओं का प्रवाह रुकने और स्थानीय शुष्क हवाओं के असर से मौसम में स्थिरता आ गई है। आगामी दिनों में केवल स्थानीय संवहनी बादलों के कारण ही छिटपुट बूंदाबांदी संभव होगी।

## सवाल-जवाब

### 1. झारखंड में 1 अक्टूबर को किन जिलों में बारिश का अनुमान है?
चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में कहीं-कहीं हल्की छिटपुट बारिश हो सकती है।

### 2. क्या राज्य में भारी बारिश का कोई अलर्ट जारी किया गया है?
नहीं, मौसम विभाग ने 1 अक्टूबर के लिए झारखंड में भारी बारिश को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

### 3. झारखंड से मानसून की विदाई कब तक होने की संभावना है?
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार झारखंड से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की संभावित तारीख 5 अक्टूबर है।

### 4. इस साल मानसून सीजन में पूरे झारखंड में कितनी बारिश दर्ज की गई?
1 जून से 30 सितंबर के दौरान पूरे राज्य में 1,005 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से लगभग 2 प्रतिशत कम है।

### 5. राजधानी रांची में मानसून के दौरान कितनी बारिश हुई?
रांची में इस मानसून सीजन में 1,215 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य औसत 1,027 मिमी से करीब 18 प्रतिशत अधिक है।

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