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  "type": "article",
  "title": "झारखंड राज्य स्केटिंग में पलामू के बच्चों ने 14 पदक जीतकर बेंगलुरु नेशनल का टिकट पक्का किया",
  "summary": "रांची के खेलगांव में आयोजित 16वीं राज्य स्तरीय स्केटिंग प्रतियोगिता में पलामू के खिलाड़ियों ने 5 स्वर्ण सहित कुल 14 पदक जीतकर पूरे झारखंड में चौथा स्थान हासिल किया।",
  "content": "रांची के खेलगांव स्थित स्केटिंग ट्रैक पर आयोजित 16वीं झारखंड राज्य स्तरीय स्केटिंग प्रतियोगिता में पलामू के युवा स्केटर्स ने शानदार कौशल दिखाते हुए 14 पदकों पर कब्जा जमाया है। रोलर स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ झारखंड की देखरेख में संपन्न हुई इस प्रांतीय चैंपियनशिप में पलामू के दल ने 5 गोल्ड, 4 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज मेडल जीतकर पूरे राज्य की अंक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा में विशेष रूप से पलामू की बेटियों का दबदबा देखने को मिला, जिनकी बदौलत जिले की झोली में कई स्वर्ण पदक आए। राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के बाद अब इन होनहार स्केटर्स ने बेंगलुरु में होने वाली आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए अभ्यास तेज कर दिया है।\n\nखेलगांव के ट्रैक पर 300 से अधिक स्केटर्स के बीच मुकाबला\nराज्य स्तरीय स्केटिंग चैंपियनशिप में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए 300 से ज्यादा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। पलामू जिले का प्रतिनिधित्व डाल्टनगंज स्केटिंग ट्रेनिंग सेंटर के 25 खिलाड़ियों के दल ने किया। अलग-अलग आयु वर्गों और विभिन्न तकनीकी स्पर्धाओं में पलामू के इन बाल खिलाड़ियों ने अपनी गति और संतुलन का परिचय देते हुए 14 बार पोडियम फिनिश हासिल की। इतने कड़े मुकाबले के बीच 25 खिलाड़ियों के छोटे दल द्वारा 14 मेडल जीतना जिले में रोलर स्केटिंग के बढ़ते स्तर को दर्शाता है।\n\nछठी कक्षा की अवनूर कौर ने झटके तीन गोल्ड मेडल\nइस पूरे टूर्नामेंट में पलामू की सबसे सफल एथलीट कक्षा 6 की छात्रा अवनूर कौर रहीं, जिन्होंने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अकेले 3 स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाले। अवनूर ने बताया कि उनका लक्ष्य केवल गोल्ड मेडल जीतना था और कड़े अभ्यास से यह मुकाम मिला। उन्होंने साझा किया कि यूट्यूब पर स्केटिंग के वीडियो देखकर इस खेल के प्रति उनका आकर्षण जगा था, जिसके बाद उन्होंने इसे औपचारिक रूप से सीखना और नियमित अभ्यास करना शुरू किया। लगातार तीन स्वर्ण पदक जीतने से उनके परिवार में खुशी का माहौल है और अब अवनूर का अगला सपना राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीतना है।\n\nस्मिता, आस्था, अपूर्वी समेत अन्य स्केटर्स की चमक\nअवनूर के अलावा अन्य आयु वर्गों में भी पलामू की बच्चियों ने उत्कृष्ट खेल दिखाया। 6 से 8 वर्ष आयु वर्ग के मुकाबलों में स्मिता गुप्ता ने शानदार गति का परिचय देते हुए 2 स्वर्ण पदक अपने नाम किए। वहीं आस्था गोस्वामी ने उम्दा खेल जारी रखते हुए 1 रजत और 1 कांस्य पदक के साथ कुल 3 पदक हासिल किए। अपूर्वी सिंह ने भी अपनी श्रेणी में 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। इसके अतिरिक्त बाल वर्ग में आराध्या अग्रवाल ने रजत पदक जीता, जबकि वेद पांडे, आदित्य गुप्ता और रिधिमा सिन्हा ने कांस्य पदक जीतकर जिले की पदक तालिका को मजबूती दी।\n\nदिसंबर में बेंगलुरु में सजेगा नेशनल का मंच\nपलामू दल के कोच चंदन कुमार ने प्रतियोगिता के परिणामों पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि डाल्टनगंज स्केटिंग ट्रेनिंग सेंटर के 25 खिलाड़ियों ने जिले का मान बढ़ाया है और पलामू पूरे झारखंड में चौथे स्थान पर रहा। कोच ने बताया कि इस बार के परिणाम में बालिकाओं की भागीदारी और प्रदर्शन असाधारण रहा है। अब इन पदक विजेताओं का पूरा ध्यान आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिता पर है, जिसका आयोजन 5 दिसंबर से 15 दिसंबर तक बेंगलुरु में किया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों ने ट्रैक पर नियमित पसीना बहाना शुरू कर दिया है, ताकि वे बेंगलुरु में भी झारखंड और पलामू का परचम लहरा सकें।\n\nकम उम्र में बड़ा मुकाम और खेल का नया माहौल\nपहली से छठी कक्षा में पढ़ने वाले इन छोटे बच्चों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों की प्रतिभाएं भी बड़ा मुकाम हासिल कर सकती हैं। आधुनिक प्रशिक्षण और परिवार के सहयोग से पलामू में स्केटिंग जैसे गैर-पारंपरिक खेलों में भी बच्चे रुचि ले रहे हैं। जिले के खेल जगत और अभिभावकों की निगाहें अब 5 दिसंबर से शुरू होने वाले बेंगलुरु नेशनल मुकाबले पर टिकी हैं, जहां ये नन्हे स्केटर्स एक बार फिर अपनी रफ्तार का जादू दिखाने उतरेंगे।\n\nइसका आप पर असर\nपलामू के युवा स्केटर्स की इस जीत से जिले में गैर-पारंपरिक खेलों के प्रशिक्षण और बुनियादी सुविधाओं में विस्तार की नई उम्मीद जगी है।\n\n• भारत में: राष्ट्रीय स्तर की रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप 5 से 15 दिसंबर तक बेंगलुरु में आयोजित होगी। देश भर के स्केटर्स को राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर मिलेगा।\n• झारखंड में: रांची के खेलगांव में 300 से अधिक स्केटर्स का जुटना राज्य में रोलर स्केटिंग के बढ़ते क्रेज को दर्शाता है। इससे अन्य जिलों में भी स्केटिंग ट्रैक और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं की मांग तेज होगी।\n• पलामू में: डाल्टनगंज स्केटिंग ट्रेनिंग सेंटर के 25 में से 14 बच्चों का मेडल जीतना स्थानीय अभिभावकों को बच्चों को खेलों से जोड़ने के लिए प्रेरित करेगा। छोटी उम्र में बेटियों की यह सफलता ग्रामीण व कस्बाई खेलों में लैंगिक भागीदारी को बढ़ावा देगी।\n• अभिभावकों और युवाओं के लिए: कक्षा 1 से 6 तक के बच्चों द्वारा राज्य स्तरीय सफलता पाने से यह स्पष्ट है कि शुरुआती उम्र में खेल प्रशिक्षण शुरू करना लाभदायक है। यूट्यूब और डिजिटल माध्यमों के सकारात्मक उपयोग से बच्चे नए खेलों के प्रति जागरूक हो रहे हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nपलामू के खिलाड़ियों की इस सफलता के पीछे नियमित स्थानीय प्रशिक्षण, बच्चों का व्यक्तिगत समर्पण और परिवार का प्रोत्साहन मुख्य कारण रहा है।\n\n• स्थानीय स्तर पर व्यवस्थित कोचिंग: डाल्टनगंज स्केटिंग ट्रेनिंग सेंटर में कोच चंदन कुमार के मार्गदर्शन में बच्चों को नियमित तकनीकी अभ्यास कराया गया। इसी सतत तैयारी के कारण 25 खिलाड़ियों का दल 14 पदक जीतने में सफल रहा।\n• डिजिटल माध्यमों से खेल के प्रति रुझान: तीन स्वर्ण पदक जीतने वाली अवनूर कौर ने यूट्यूब पर स्केटिंग के वीडियो देखकर इस खेल में रुचि ली और बाद में पेशेवर प्रशिक्षण अपनाया। आधुनिक दौर में ऑनलाइन मंच बच्चों को नए खेलों की ओर आकर्षित करने का बड़ा जरिया बन रहे हैं।\n• लड़कियों को समान अवसर और पारिवारिक समर्थन: कक्षा 1 से 6 तक की छात्राओं को परिवारों द्वारा समय पर अभ्यास और टूर्नामेंट में भेजने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा। इस प्रतियोगिता में स्मिता, आस्था, अपूर्वी और अवनूर जैसी बालिकाओं ने अधिकांश पदक जीते।\n• राज्य संघ द्वारा स्तरीय मंच उपलब्ध कराना: रोलर स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ झारखंड ने रांची के खेलगांव में आधुनिक ट्रैक पर 16वीं राज्य प्रतियोगिता आयोजित की। ऐसे पेशेवर ट्रैक पर खेलने से छोटे शहरों के बच्चों को अपनी तकनीक निखारने का वास्तविक अनुभव मिला।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. झारखंड राज्य स्तरीय स्केटिंग प्रतियोगिता का आयोजन कहां किया गया था?\nप्रतियोगिता का आयोजन रोलर स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ झारखंड द्वारा रांची के खेलगांव स्थित स्केटिंग ट्रैक पर किया गया था।\n\n2. पलामू के खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में कुल कितने पदक जीते?\nपलामू के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 14 पदक जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 4 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।\n\n3. प्रतियोगिता में पलामू की ओर से सबसे ज्यादा गोल्ड मेडल किसने जीते?\nकक्षा 6 की छात्रा अवनूर कौर ने शानदार खेल दिखाते हुए व्यक्तिगत स्पर्धाओं में 3 गोल्ड मेडल हासिल किए।\n\n4. 6 से 8 वर्ष आयु वर्ग में दो गोल्ड मेडल किस खिलाड़ी ने जीते?\nपलामू की स्मिता गुप्ता ने 6 से 8 वर्ष आयु वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन कर 2 गोल्ड मेडल अपने नाम किए।\n\n5. पदक तालिका में पलामू पूरे झारखंड में किस स्थान पर रहा?\nकुल 14 पदक जीतकर पलामू पूरे झारखंड राज्य में चौथे स्थान पर रहा।\n\n6. पलामू से इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में कितने खिलाड़ियों ने भाग लिया था?\nडाल्टनगंज स्केटिंग ट्रेनिंग सेंटर, पलामू की ओर से कुल 25 खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था।\n\n7. आगामी राष्ट्रीय स्केटिंग प्रतियोगिता कब और कहां आयोजित होगी?\nराष्ट्रीय स्केटिंग प्रतियोगिता का आयोजन 5 दिसंबर से 15 दिसंबर तक बेंगलुरु में किया जाएगा।\n\nप्रेरणा और सबक\nपलामू की नन्हीं बेटियों ने सीमित सुविधाओं के बावजूद अपनी लगन से साबित किया है कि उम्र और संसाधन प्रतिभा के आड़े नहीं आते।\n\n• उम्र कभी सीखने में बाधा नहीं बनती: कक्षा 1 से 6 तक की बच्चियों ने राज्य स्तर के कड़े मुकाबले में 14 मेडल जीतकर यह साबित किया कि अनुशासन से छोटी उम्र में भी बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।\n• रुचि को हुनर में बदलने का जज्बा: सोशल मीडिया और यूट्यूब पर स्केटिंग देखकर सीखने की ललक जगाना और फिर उसे नियमित ट्रेनिंग में बदलना यह सिखाता है कि प्रेरणा कहीं से भी ली जा सकती है।\n• बेटियों का खेल के मैदान में नेतृत्व: पलामू दल के अधिकांश स्वर्ण पदक बालिकाओं ने जीते, जो यह संदेश देता है कि लड़कियों को अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे हर क्षेत्र में अग्रणी बन सकती हैं।\n• लक्ष्य तय कर की गई निरंतर मेहनत: अवनूर कौर का केवल गोल्ड मेडल जीतने का दृढ़ संकल्प यह याद दिलाता है कि स्पष्ट लक्ष्य और रोज का अभ्यास ही सफलता की कुंजी है।",
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  "publishedAt": "2026-11-04",
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