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  "type": "article",
  "title": "झारखंड से लौटने लगा दक्षिण-पश्चिम मानसून, जानिए रांची और पलामू समेत प्रमुख जिलों में पारे का हाल",
  "summary": "झारखंड के कई उत्तर-पश्चिमी जिलों से मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है, हालांकि पूरे राज्य से इसके पूरी तरह विदा होने में करीब एक हफ्ते का वक्त लग सकता है।",
  "content": "झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का सिलसिला शुरू हो चुका है, जिससे राज्य भर के मौसम मिजाज में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की जानकारी के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित गढ़वा, पलामू, चतरा और लातेहार जिलों के अलावा राजधानी रांची से भी मानसूनी हवाएं लगभग विदा हो चुकी हैं। हालांकि, पूरे राज्य से मानसून के पूरी तरह चले जाने में अभी करीब एक सप्ताह का अतिरिक्त समय लग सकता है। इस विदाई अवधि के दौरान कुछ सीमित इलाकों में रुक-रुक कर मौसमी बौछारें और हल्की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं। राजधानी रांची में दिन के समय आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान जताया गया है, लेकिन किसी तरह की तेज बारिश की गुंजाइश नहीं है।\n\nमौसम की मौजूदा स्थिति और आगामी दिनों का पूर्वानुमान\nआज 5 अक्टूबर के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग ने झारखंड के किसी भी हिस्से के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है। राज्य के किसी जिले में आंधी, तूफान या भारी बारिश का आधिकारिक अलर्ट सक्रिय नहीं है। इसके बावजूद, स्थानीय वायुमंडलीय कारकों के कारण अचानक बादलों के बनने, हल्की फुहारें पड़ने या गरज-चमक की छिटपुट घटनाओं से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। मौजूदा पूर्वानुमान के मुताबिक 5 और 6 अक्टूबर को मौसम आम तौर पर शांत और बिना किसी चेतावनी के रहेगा। इसके विपरीत, 7 और 8 अक्टूबर को मौसमी तंत्र में फिर से सक्रियता दिखने की संभावना है, जिसके चलते गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।\n\nराजधानी रांची के दैनिक मौसम की बात करें तो यहां दिन के समय आंशिक रूप से बादलों का डेरा रहेगा। शहर का अधिकतम तापमान लगभग 29 से 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस तक रहने की उम्मीद है। दिन ढलने के बाद कुछ हिस्सों में गरज-चमक के आसार जरूर बन सकते हैं, पर वर्षा की संभावना न के बराबर आंकी गई है।\n\nविभिन्न जिलों में तापमान और उमस का रुझान\nविगत आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते दिन रांची में पारा करीब 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं जमशेदपुर में तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस और डाल्टनगंज (पलामू) में लगभग 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। आज के अनुमान के तहत रांची का तापमान 20 से 30 डिग्री सेल्सियस के दायरे में रहने वाला है। राज्य के मैदानी और अपेक्षाकृत गर्म हिस्सों में दिन का पारा 30 से 33 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ सकता है। बोकारो, धनबाद और जमशेदपुर जैसे औद्योगिक तथा आसपास के मैदानी इलाकों में लोगों को उमस भरी तपिश का सामना करना पड़ सकता है।\n\nआंधी-वज्रपात का आकलन और हालिया सूखे दिन\nफिलहाल राज्य के किसी भी जिले में आंधी, वज्रपात या मूसलाधार बारिश का कोई अलर्ट प्रभावी नहीं है। किसी बड़े मौसमी विक्षोभ या तूफान की आशंका नहीं देखी जा रही है। फिर भी मौसम में तेजी से आने वाले स्थानीय उतार-चढ़ाव की वजह से छिटपुट मेघ गर्जन की घटनाएं सामने आ सकती हैं। इसे देखते हुए खुले स्थानों में रहने वाले लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। वहीं 7 और 8 अक्टूबर को आंधी और गरज-चमक की गतिविधियों में पुनः तेजी दर्ज हो सकती है।\n\nइससे पहले 4 अक्टूबर यानी रविवार को पूरे झारखंड का मौसम व्यापक तौर पर सूखा बना रहा। शनिवार सुबह से लेकर रविवार सुबह तक राज्य के किसी भी कोने में वर्षा दर्ज नहीं की गई। तापमान के संदर्भ में 3 अक्टूबर को झारखंड का उच्चतम तापमान पाकुड़ में 35.6 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान लातेहार में 17.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। रविवार के अनुमानित आंकड़ों में हजारीबाग के पादमा क्षेत्र में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 21.7 डिग्री सेल्सियस के पास देखा गया, जबकि रांची का पारा 29 डिग्री सेल्सियस के करीब बना रहा।\n\nरांची में वायु गुणवत्ता की स्थिति\nमौसम में बदलाव के बीच रांची की वायु गुणवत्ता मध्यम से खराब श्रेणी की सीमा पर दर्ज की जा रही है। आज शहर का AQI करीब 155 मापा गया है, जिसे अन्य आकलनों में मध्यम श्रेणी में भी वर्गीकृत किया गया है। हवा में धूल कणों और ट्रैफिक प्रदूषण के प्रभाव को देखते हुए बच्चों, बुजुर्गों तथा सांस की बीमारियों से जूझ रहे लोगों को अधिक व्यस्त सड़कों और धूल भरे क्षेत्रों में लंबे समय तक रहने से बचने की आवश्यकता है। झारखंड में मानसून वापसी के अंतिम चरण में कदम रख चुका है, लेकिन मौसम को पूरी तरह शुष्क होने में कुछ दिन लगेंगे, जिसके बीच 7-8 अक्टूबर के दौरान छिटपुट मौसमी हलचल बनी रह सकती है।\n\nइसका आप पर असर\nझारखंड में मानसून की विदाई और मौसम के साफ होने से दैनिक जनजीवन और कृषि गतिविधियों पर सीधा असर पड़ेगा।\n\n• झारखंड में: फसलों की कटाई और सुखाने के काम में लगे किसानों को बारिश न होने से राहत मिलेगी। खेतों में जलभराव खत्म होने के साथ ही रबी फसल की बुवाई की तैयारियां समय पर शुरू की जा सकेंगी।\n• रांची में: शहर का AQI 155 दर्ज होने के कारण सांस और दमा के मरीजों को सावधानी बरतनी होगी। संवेदनशील नागरिक अत्यधिक व्यस्त चौराहों और धूल भरे निर्माण क्षेत्रों में जाने से बचें।\n• मैदानी इलाकों में: जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो में दोपहर के समय उमस भरी गर्मी बढ़ सकती है। धूप में निकलने वाले लोग पानी का पर्याप्त सेवन करें ताकि डिहाइड्रेशन से बचा जा सके।\n• सप्ताहांत योजना: 7 और 8 अक्टूबर को तेज हवा और गरज-चमक की संभावना के कारण बाहर निकलने से पहले मौसम पर नजर रखें। खुले ग्रामीण इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें।\n\nऐसा क्यों हुआ\nझारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई हवाओं की दिशा बदलने और मानसूनी ट्रफ के कमजोर पड़ने के कारण हो रही है। उत्तर-पश्चिमी जिलों से मानसूनी नमी घटने से वातावरण धीरे-धीरे शुष्क हो रहा है।\n\n• मानसून ट्रफ का हटना: मौसमी दबाव तंत्र के पीछे हटने से उत्तर-पश्चिमी जिलों जैसे पलामू और गढ़वा से बारिश कराने वाली मानसूनी नमी छंट चुकी है। इससे आसमान साफ हो रहा है और राज्य में शुष्क हवाओं का प्रवेश शुरू हो गया है।\n• स्थानीय मौसमी हलचल: वातावरण में बची हुई नमी और दिन के तापमान में वृद्धि के कारण स्थानीय स्तर पर हल्के गरज-चमक वाले बादल बन सकते हैं। यही वजह है कि मानसून पूरी तरह विदा होने से पहले 7 और 8 अक्टूबर को संक्षिप्त मौसमी गतिविधियां देखने को मिलेंगी।\n• हवाओं की दिशा में बदलाव: बंगाल की खाड़ी से आने वाली आर्द्र हवाओं का प्रभाव घटने के कारण बारिश रुक गई है। आने वाले एक सप्ताह के भीतर उत्तर-पश्चिमी हवाओं के पूरी तरह स्थापित होने पर राज्य में मौसम पूरी तरह शुष्क हो जाएगा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. झारखंड के किन जिलों से मानसून विदा हो चुका है?\nमौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिमी जिलों गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार और राजधानी रांची से मानसून लगभग जा चुका है।\n\n2. झारखंड से मानसून की पूरी तरह विदाई में कितना समय लगेगा?\nराज्य के सभी हिस्सों से मानसून के पूरी तरह विदा होने में अभी करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है।\n\n3. क्या 5 अक्टूबर को राज्य में आंधी या बारिश का कोई अलर्ट है?\nनहीं, 5 अक्टूबर के लिए मौसम विभाग ने राज्य में आंधी-तूफान या भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की है।\n\n4. झारखंड में मौसम दोबारा कब सक्रिय हो सकता है?\nपूर्वानुमान के अनुसार 7 और 8 अक्टूबर को राज्य के कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है।\n\n5. रांची में 5 अक्टूबर को तापमान और वायु गुणवत्ता कैसी रहने वाली है?\nरांची में तापमान 20 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा और एक्यूआई करीब 155 दर्ज होने से वायु गुणवत्ता मध्यम स्तर पर रहेगी।",
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  "category": "झारखंड",
  "publishedAt": "2026-10-05",
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    "झारखंड मौसम",
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