झुमरी तिलैया से जुड़ा था झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार का बचपन, विधायक बनने के बाद रसोइया चाचा को लगाया था गले झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का हार्ट अटैक से निधन हो गया है। उनका कोडरमा और झुमरी तिलैया से गहरा नाता था, जहां उन्होंने अपने शुरुआती साल बिताए थे और पढ़ाई की थी। झारखंड के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के अचानक हुए निधन से पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। रविवार को दिल का दौरा पड़ने की वजह से उनका देहांत हो गया। गिरिडीह के रहने वाले सुदिव्य कुमार सोनू का कोडरमा जिले और विशेष तौर पर झुमरी तिलैया शहर से बेहद गहरा और आत्मीय नाता रहा है। उनके जीवन के शुरुआती और बचपन के कई वर्ष इसी इलाके में गुजरे थे। उनके जाने के बाद अब कोडरमा की गलियों में उनके बचपन के दिन और उनसे जुड़े कई संस्मरण लोगों की चर्चाओं में फिर से लौट आए हैं। सीएच स्कूल से पूरी की थी मैट्रिक की पढ़ाई झुमरी तिलैया शहर के पानी टंकी रोड इलाके में स्थित पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सरकारी आवास परिसर में सुदिव्य कुमार सोनू ने अपने बचपन का दौर बिताया था। उस समय उनके पिता शंभूनाथ इसी जगह पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। विभाग के स्टेनो विजय कुमार ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि शंभूनाथ 5 जनवरी 1980 से लेकर 6 मार्च 1983 तक संयुक्त बिहार के समय इस क्षेत्र में कार्यपालक अभियंता के पद पर तैनात थे। इसी समयावधि में सुदिव्य कुमार सोनू की शुरुआती तालीम झुमरी तिलैया में ही पूरी हुई। उन्होंने शहर के स्थानीय सीएच स्कूल से शिक्षा हासिल की और साल 1983 में इसी शिक्षण संस्थान से अपनी मैट्रिक की परीक्षा पास की थी। स्कूल के उन दिनों में उन्होंने कई पक्के दोस्त बनाए थे, जिनकी यादें लंबे समय तक उनके साथ जुड़ी रहीं। विधायक बनने के बाद पुराने परिसर में पहुंचे थे मंत्री विजय कुमार ने सुदिव्य कुमार सोनू के जीवन से जुड़ा एक बेहद भावुक वाकया भी याद किया। उनके बताए अनुसार, जब वे चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा पहुंचे और किसी कार्यक्रम के सिलसिले में कोडरमा आए, तो वे खास तौर पर उस पुराने आवासीय परिसर में भी गए। यह वही जगह थी जहां उनके पिता की तैनाती थी और उनका बचपन बीता था। वहां पहुंचते ही उनकी नजर परिसर में मौजूद पुराने रसोइया पंचम राम पर पड़ी। इतने वर्षों बाद अचानक हुई इस मुलाकात में सुदिव्य कुमार सोनू ने बिना किसी औपचारिकता के उन्हें अपने गले से लगा लिया। उन्होंने रसोइया से पूछा कि क्या उन्होंने उन्हें पहचाना। विधायक को इस तरह अचानक गले मिलते और अपना परिचय पूछते देख पंचम राम कुछ पल के लिए अवाक रह गए। इसके बाद सुदिव्य कुमार सोनू ने खुद को सोनू बताते हुए कहा कि उन्हें याद है कि बचपन में पंचम राम ने उन्हें अपनी गोद में खिलाया था। इस बात को सुनते ही पुराना वक्त ताजा हो गया और वहां का पूरा माहौल भावुक हो गया। स्कूल के दिनों के साथियों के साथ खेलते थे सुदिव्य कुमार सोनू साल 1982 और 1983 के दौरान सुदिव्य कुमार सोनू के साथ पढ़ने वाले सहपाठी और वरिष्ठ पत्रकार विनोद कुमार विश्वकर्मा ने भी उनके बचपन के दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि दोनों एक ही इलाके में रहा करते थे। जैसे ही शाम ढलती थी, आसपास के सभी बच्चे एक जगह इकट्ठा होकर खेलकूद में जुट जाते थे। सुदिव्य कुमार सोनू भी अपने दोस्तों के साथ इन सभी गतिविधियों में पूरी सक्रियता से हिस्सा लेते थे। इसके अलावा, विनोद कुमार विश्वकर्मा ने इस बात का भी जिक्र किया कि कोडरमा में आज भी सुदिव्य कुमार सोनू के कई स्कूली मित्र मौजूद हैं। जैसे ही उनके आकस्मिक निधन की दुखद सूचना मिली, उनके कई पुराने दोस्त और परिचित आखिरी बार उनके दर्शन करने के लिए गिरिडीह पहुंच गए। हालांकि सुदिव्य कुमार सोनू की मुख्य राजनीतिक जमीन हमेशा से गिरिडीह ही रही, लेकिन उनके जीवन की पहली यादों में झुमरी तिलैया और कोडरमा का कोना हमेशा अहम रहा। उनके जाने से कोडरमा ने भी अपने उस पुराने साथी को खो दिया है, जिसकी बचपन की खट्टी-मीठी यादें आज भी स्थानीय लोगों और उनके स्कूल के साथियों के दिलों में जिंदा हैं। इसका आप पर असर यह एक राजनीतिक और व्यक्तिगत क्षति की खबर है, जिसका सीधा असर आम नागरिकों की दैनिक नीतियों या वित्त पर नहीं पड़ता है। • झारखंड में: एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री और शिक्षा विभाग के प्रमुख के आकस्मिक निधन से राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और राजनीतिक हलकों में शोक का माहौल है। इससे आगामी विभागीय कार्यों और योजनाओं की गति कुछ समय के लिए प्रभावित हो सकती है। • कोडरमा में: स्थानीय निवासियों और उनके पुराने परिचितों तथा स्कूल के साथियों के बीच पुरानी यादें ताजा हो गई हैं, क्योंकि मंत्री का इस शहर से गहरा भावनात्मक जुड़ाव रहा था। ऐसा क्यों हुआ सुदिव्य कुमार सोनू का निधन अचानक दिल का दौरा पड़ने के कारण हुआ। उनके स्वास्थ्य से जुड़ी इस अचानक आई समस्या ने उनके राजनीतिक और व्यक्तिगत जीवन का अंत कर दिया, जिसके बाद उनके पुराने दिनों के संपर्कों और कोडरमा से जुड़े उनके जुड़ाव की चर्चा सामने आई। • स्वास्थ्य कारण: मंत्री का निधन रविवार को अचानक आए हार्ट अटैक की वजह से हुआ, जिसकी पुष्टि राज्य भर के शोक संदेशों में की गई। • पारिस्थितिक पृष्ठभूमि: उनके पिता के सरकारी कार्यकाल के दौरान उनका परिवार कोडरमा में रहा था, जिसके कारण उनके शुरुआती शिक्षण वर्ष और सामाजिक संबंध इसी क्षेत्र में स्थापित हुए थे। सवाल-जवाब 1. सुदिव्य कुमार सोनू किस पद पर थे? सुदिव्य कुमार सोनू झारखंड सरकार में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री के पद पर कार्यरत थे। 2. उनका निधन कैसे और कब हुआ? उनका निधन रविवार को दिल का दौरा यानी हार्ट अटैक आने से हुआ। 3. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा कहां से पूरी की थी? उन्होंने झुमरी तिलैया के स्थानीय सीएच स्कूल से पढ़ाई की थी और वर्ष 1983 में मैट्रिक की परीक्षा पास की थी। 4. कोडरमा से उनका क्या संबंध था? उनके पिता वहां पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल में कार्यपालक अभियंता थे, जिसके कारण उनका बचपन झुमरी तिलैया में बीता था। 5. विधायक बनने के बाद उन्होंने कोडरमा में किससे मुलाकात की थी? विधायक बनने के बाद उन्होंने अपने पुराने आवासीय परिसर में पहुंचकर रसोइया पंचम राम से मुलाकात की थी और उन्हें गले लगाया था। https://trendkia.com/jharkhand/jhumri-telaiya-se-judaa-tha-jharkhand-ke-mantri-sudivya-kumar-ka-bachpan-29345 TrendKia — Har trend, sabse pehle.