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  "title": "जेएसएससी-सीजीएल पेपर लीक जांच: देवघर से पूर्व क्लर्क गिरफ्तार, हजारीबाग में 1,200 अभ्यर्थियों को उत्तर रटाने का खुलासा",
  "summary": "झारखंड में JSSC-CGL पेपर लीक मामले में CID ने देवघर से रांची सचिवालय के एक पूर्व क्लर्क को गिरफ्तार कर अभ्यर्थियों के चेक और मूल दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच में हजारीबाग में 1,200 अभ्यर्थियों को उत्तर रटाने और दो दर्जन अभ्यर्थियों को नौकरी दिलाने के गिरोह का पता चला है।",
  "content": "झारखंड कर्मचारी चयन आयोग संयुक्त स्नातक स्तरीय (JSSC-CGL) परीक्षा के पेपर लीक और कथित अनियमितताओं की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की टीम को एक बड़ी सफलता मिली है। जांच एजेंसी ने देवघर के बैजनाथपुर बांधा इलाके में छापेमारी करके एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो पूर्व में रांची सचिवालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत रह चुका है। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र, हस्ताक्षरित बैंक चेक और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। शुरुआती पड़ताल से संकेत मिले हैं कि यह आरोपी करीब दो दर्जन अभ्यर्थियों को अवैध तरीके से नौकरी दिलाने के लिए एक बड़े सिंडिकेट के साथ मिलकर काम कर रहा था।\n\nदेवघर में छापेमारी और गुप्त दस्तावेजों की बरामदगी\nCID की विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर देवघर जिले के बैजनाथपुर बांधा क्षेत्र में बने एक ठिकाने पर दबिश दी थी। वहां से गिरफ्तार किए गए व्यक्ति का संपर्क पूर्व में रांची स्थित राज्य सचिवालय से था, जहां उसने क्लर्क के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। उसके ठिकाने से कई परीक्षार्थियों के अंकपत्र, डिग्री सर्टिफिकेट और ब्लैंक चेक मिले हैं। जांच एजेंसियां अब इस बात की विस्तृत पड़ताल कर रही हैं कि ये दस्तावेज किन-किन अभ्यर्थियों के हैं और उन्हें सुरक्षा के तौर पर या लेन-देन के लिए क्यों जमा कराया गया था। इसके साथ ही आरोपी के बैंक खातों और वित्तीय संपर्कों को भी खंगाला जा रहा है ताकि इस नेटवर्क में शामिल अन्य बिचौलियों के नामों का पता लगाया जा सके।\n\nदो दर्जन अभ्यर्थियों को पास कराने का कथित लेन-देन\nजांच अधिकारियों के अनुसार आरोपी के पास से मिले दस्तावेजों के आधार पर करीब दो दर्जन अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने और नियुक्ति दिलाने का सौदा किए जाने की आशंका जताई गई है। CID अब हिरासत में लिए गए पूर्व क्लर्क से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि उसकी भूमिका केवल अभ्यर्थियों से कागजात और पैसे जुटाने वाले बिचौलिए तक सीमित थी या वह प्रश्नपत्र हासिल करने और उत्तर तैयार कराने वाली मुख्य टीम से भी सीधा जुड़ा हुआ था। जांच अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि प्रति अभ्यर्थी कितने रुपये का सौदा तय किया गया था और अब तक कितना धन हस्तांतरित हो चुका है।\n\nहजारीबाग में 1,200 अभ्यर्थियों का उत्तर रटंत शिविर\nJSSC-CGL परीक्षा में हुई गड़बड़ी के तारों को जोड़ते हुए CID को हजारीबाग जिले से भी एक सनसनीखेज सुराग मिला है। जांच में सामने आया है कि परीक्षा आयोजित होने से ठीक पहले हजारीबाग में एक स्थान पर लगभग 1,200 अभ्यर्थियों को एक साथ एकत्र किया गया था। वहां मौजूद प्रशिक्षकों और बिचौलियों द्वारा इन सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा में आने वाले संभावित प्रश्नों और उनके उत्तरों को पूरी तरह से रटवाया गया था। CID अब इस बिंदु पर ध्यान केंद्रित कर रही है कि इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को हजारीबाग लाने और उनके रहने का प्रबंध किसने किया था तथा लीक प्रश्नपत्रों के सटीक उत्तर किस माध्यम से वहां तक पहुंचाए गए थे।\n\nJPSC और JSSC-CGL मामलों में अब तक 31 गिरफ्तारियां\nझारखंड में राज्यस्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं JPSC और JSSC-CGL में हुई अनियमितताओं के खिलाफ CID का अभियान लगातार जारी है। दोनों मामलों को मिलाकर जांच एजेंसी अब तक कुल 31 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इस कार्रवाई की जद में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, प्रशासनिक कर्मी, परीक्षा आयोजित कराने वाली निजी एजेंसियों के कर्मचारी, दलाल और वे अभ्यर्थी भी आए हैं जिन्होंने अनुचित साधनों से परीक्षा उत्तीर्ण की थी। विशेष रूप से JSSC-CGL मामले की दूसरे चरण की जांच के दौरान अब तक 11 अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि JPSC परीक्षा धांधली मामले में 20 आरोपियों को दबोचा गया है।\n\nजांच का बढ़ता दायरा और मुख्य सरगना की तलाश\nदेवघर से हुई इस ताजा गिरफ्तारी के बाद JSSC-CGL घोटाले की जांच का दायरा केवल प्रश्नपत्र के भौतिक रूप से लीक होने तक सीमित नहीं रहा है। अब CID अभ्यर्थियों के चयन, हजारीबाग जैसे केंद्रों पर बड़े पैमाने पर उत्तर रटाने, मूल कागजात जब्त कर सौदेबाजी करने और हवाला या बैंकिंग चैनलों से हुए वित्तीय लेन-देन की पूरी श्रृंखला को खंगाल रही है। जब्त किए गए चेक और सर्टिफिकेट्स को इस पूरे मामले में ठोस अदालती साक्ष्य माना जा रहा है। जांच एजेंसी का मुख्य उद्देश्य अब इस संगठित गिरोह के वास्तविक मास्टरमाइंड तक पहुंचना और उन सभी अभ्यर्थियों की पहचान करना है जिन्होंने इस अवैध तरीके का सहारा लिया।\n\nइसका आप पर असर\nयह कार्रवाई राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़े के खिलाफ जारी जांच को गति देती है और वास्तविक अभ्यर्थियों के अधिकारों की रक्षा करती है।\n\n• भारत में: पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्यों में परीक्षा सुरक्षा और एजेंसी जांच के कड़े नियम लागू किए जा रहे हैं। इससे योग्य परीक्षार्थियों को निष्पक्ष अवसर मिलना संभव होता है।\n• झारखंड में: JSSC-CGL और JPSC मामलों में CID की सख्त जांच से फर्जीवाड़े में शामिल लोगों पर गाज गिरेगी। इससे आगामी राज्य परीक्षाओं के पारदर्शी आयोजन और भर्ती प्रक्रियाओं में अभ्यर्थियों का विश्वास बहाल करने में मदद मिलेगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nसरकारी नौकरी भर्ती परीक्षा में पेपर लीक और प्रश्नपत्र हल कराने वाले सिंडिकेट के सक्रिय होने के कारण CID को यह व्यापक कार्रवाई करनी पड़ी है।\n\n• दस्तावेजों की जब्ती और गिरोह की कार्यशैली: बिचौलिए अभ्यर्थियों से ब्लैंक चेक और असली प्रमाण पत्र इसलिए रखवा लेते थे ताकि परीक्षा में सफलता मिलने के बाद तय राशि की वसूली सुनिश्चित की जा सके।\n• हजारीबाग में अभ्यर्थियों का एकत्रीकरण: लीक हुए प्रश्नपत्रों के उत्तर तेजी से याद कराने के लिए 1,200 अभ्यर्थियों को एक गुप्त ठिकाने पर जुटाकर संगठित तरीके से रटंत अभ्यास कराया गया था।\n• जांच का लगातार विस्तार: सरकारी अधिकारियों, निजी परीक्षा एजेंसियों और बिचौलियों की मिलीभगत सामने आने के बाद CID ने अब तक 31 आरोपियों को गिरफ्तार कर वित्तीय लेन-देन के स्रोतों पर शिकंजा कसा है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. JSSC-CGL मामला क्या है?\nयह झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा में पेपर लीक और अनुचित साधनों के जरिए अभ्यर्थियों को पास कराने से जुड़ा घोटाला है।\n\n2. देवघर में किस व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई है?\nदेवघर के बैजनाथपुर बांधा क्षेत्र से रांची सचिवालय के एक पूर्व क्लर्क को गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से अभ्यर्थियों के मूल कागजात और चेक बरामद हुए हैं।\n\n3. हजारीबाग में कितने अभ्यर्थियों को जुटाने की जानकारी मिली है?\nहजारीबाग में लगभग 1,200 अभ्यर्थियों को एक स्थान पर एकत्र कर लीक प्रश्नों के उत्तर रटाने का सुराग CID को मिला है।\n\n4. JPSC और JSSC-CGL जांच में अब तक कुल कितनी गिरफ्तारियां हुई हैं?\nCID ने दोनों मामलों में मिलाकर अब तक कुल 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें अधिकारी, कर्मचारी, दलाल और अभ्यर्थी शामिल हैं।",
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  "category": "झारखंड",
  "publishedAt": "2026-09-14",
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