मानसून में बाहर निकलते सांपों का प्रजनन विज्ञान, पलामू के विशेषज्ञ डॉ. डीएस श्रीवास्तव ने समझाया वाइपर प्रजाति का अनोखा रहस्य बरसात के मौसम में बाहर आने वाले सांपों के अंडे देने और सीधे बच्चे पैदा करने की प्रक्रिया पर पलामू के सर्प विशेषज्ञ डॉ. डीएस श्रीवास्तव ने वैज्ञानिक तथ्य साझा किए हैं। बरसात के दिनों में जब भारी बारिश के कारण जमीन के अंदर बने बिल पानी से भर जाते हैं, तो सांप अपने सुरक्षित स्थानों से बाहर निकलने लगते हैं। मानसून का यह समय कई सांपों के लिए प्रजनन और संभोग का मुख्य दौर होता है, जिसके कारण अक्सर लोगों को सांपों के जोड़े एक साथ दिखाई देते हैं। इस दौरान आम लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या सभी प्रजाति के सांप अंडे ही देते हैं या कुछ सांप सीधे बच्चों को जन्म देने की क्षमता भी रखते हैं। पलामू के प्रसिद्ध सर्प विशेषज्ञ डॉ. डीएस श्रीवास्तव ने सांपों की विभिन्न प्रजातियों में प्रजनन चक्र और भ्रूण विकास की वैज्ञानिक बारीकियों पर महत्वपूर्ण जानकारी दी है। वाइपर समूह का अनोखा जैविक तंत्र और भ्रूण विकास सांपों की दुनिया में प्रजनन प्रक्रिया पूरी तरह से उनकी प्रजाति और शारीरिक बनावट पर निर्भर करती है। अधिकांश सांप अंडे देने वाली श्रेणी में आते हैं, लेकिन वाइपर समूह के सांपों में यह प्रक्रिया बिल्कुल अलग होती है। डॉ. डीएस श्रीवास्तव के अनुसार, वाइपर समूह की मादा सांप अपने अंडे बाहर जमीन पर नहीं देती हैं। इनके शरीर के भीतर एक विशेष स्थान होता है जहाँ अंडों का विकास सुरक्षित माहौल में पूरा होता है। जब अंडा पूरी तरह विकसित होकर बच्चे का रूप ले लेता है, तब बच्चा मादा के शरीर से बाहर निकलता है। बाहरी तौर पर देखने पर ऐसा महसूस होता है कि सांप सीधे बच्चे को जन्म दे रहा है, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह प्रक्रिया अन्य जीवों से भिन्न होती है। स्तनधारी जीवों और सांपों के प्रजनन में मुख्य अंतर अक्सर लोगों में यह भ्रम फैल जाता है कि सीधे बच्चे पैदा करने वाले सांप स्तनधारी जीवों की तरह ही अपने बच्चों को जन्म देते हैं। विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि स्तनधारी जीवों में गर्भाशय के अंदर पल रहे भ्रूण को मां के शरीर से रक्त वाहिकाओं और नाल के माध्यम से सीधा पोषण मिलता है। इसके विपरीत, वाइपर समूह के सांपों में भ्रूण को पोषण मां के रक्त से नहीं बल्कि अंडे के अंदर मौजूद पोषक तत्वों से ही प्राप्त होता है। मादा सांप का शरीर केवल अंडों को बाहरी खतरों और तापमान के उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए एक सुरक्षित आवरण का कार्य करता है। अंडे देने वाली प्रजातियां और घोंसला बनाने की आदतें वाइपर समूह को छोड़कर दुनिया भर में पाई जाने वाली अधिकांश सांप प्रजातियां अंडे देने का काम करती हैं। मादा सांप अंडे देने के लिए ऐसे छिपे और सुरक्षित स्थानों का चुनाव करती है जहाँ तापमान और नमी अनुकूल हो। एक निश्चित समय अवधि पूरी होने के बाद इन अंडों से बच्चे बाहर निकलते हैं। हालांकि, सभी अंडे देने वाले सांपों में अंडों की देखभाल करने का व्यवहार एक जैसा नहीं होता। उदाहरण के रूप में, किंग कोबरा एक ऐसी विशेष प्रजाति है जो अंडे देने के बाद पत्तियों और घास से घोंसला बनाती है और अंडों से बच्चे निकलने तक उनकी सुरक्षा में तैनात रहती है। अंधविश्वास दूर करने और वैज्ञानिक जागरूकता की आवश्यकता सांपों के प्रजनन और उनके व्यवहार को लेकर समाज में कई तरह की पौराणिक मान्यताएं और भ्रम फैले हुए हैं। पलामू में सर्प संरक्षण और जागरूकता के क्षेत्र में कार्यरत विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को भ्रामक बातों पर ध्यान देने के बजाय सांपों की वैज्ञानिक कार्यप्रणाली को समझना चाहिए। सांपों की अलग-अलग प्रजातियों में भ्रूण के पोषण और जन्म देने के तरीके प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। मानसून के मौसम में जब इन जीवों की हलचल बढ़ जाती है, तो उनके जैविक महत्व को समझते हुए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। इसका आप पर असर मानसून के मौसम में सांपों की आवाजाही और उनके प्रजनन चक्र को समझने से आम लोगों को सर्पदंश से बचाव और सुरक्षात्मक उपाय करने में मदद मिलती है। • भारत में: बारिश के दिनों में जलभराव के कारण ग्रामीण और शहरी इलाकों में सांपों के बाहर निकलने का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को झाड़ियों, पत्थरों और गीली जगहों के पास जाते समय रोशनी और सुरक्षात्मक जूते का इस्तेमाल करना चाहिए। • पलामू में: पलामू और आसपास के जंगलों से सटे क्षेत्रों में मानसून के समय वाइपर और अन्य सांपों की सक्रियता अधिक देखी जाती है। स्थानीय निवासियों को सांप दिखने पर उन्हें मारने के बजाय वन्यजीव टीम या सर्प विशेषज्ञों को तुरंत सूचित करना चाहिए। • सुरक्षा उपाय: सांपों के अंडों या घोंसलों से दूर रहना चाहिए क्योंकि किंग कोबरा जैसी प्रजातियां अंडों की सुरक्षा के लिए आक्रामक हो सकती हैं। घर के आसपास सफाई रखने से सांपों के छिपने की जगह खत्म हो जाती है। • अंधविश्वास से बचाव: सांपों के बच्चे देने से जुड़ी भ्रांतियों से दूर रहकर वैज्ञानिक जानकारी अपनाना जीवन रक्षा में सहायक होता है। सांप काटने की स्थिति में झाड़-फूंक की जगह तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुँचना अनिवार्य है। सवाल-जवाब 1. क्या सभी सांप अंडे देने के बजाय सीधे बच्चों को जन्म देते हैं? नहीं, अधिकांश सांप अंडे देते हैं। केवल वाइपर समूह जैसी कुछ विशेष प्रजातियों में बच्चे शरीर के अंदर विकसित होकर सीधे बाहर निकलते हैं। 2. वाइपर सांपों में भ्रूण का विकास कैसे होता है? वाइपर मादा के शरीर के भीतर एक विशेष स्थान पर अंडे सुरक्षित रहते हैं। भ्रूण अंडे के पोषक तत्वों से विकसित होता है और पूरा विकास होने पर बच्चा बाहर आता है। 3. सांपों के बच्चे देने की प्रक्रिया स्तनधारियों से अलग कैसे है? स्तनधारियों में बच्चे को मां के रक्त से पोषण मिलता है, जबकि वाइपर सांपों में भ्रूण का पोषण अंडे में मौजूद पोषक तत्वों से होता है। 4. किंग कोबरा अपने अंडों की सुरक्षा कैसे करता है? किंग कोबरा अंडे देने के बाद पत्तियों से घोंसला बनाता है और अंडों से बच्चे निकलने तक उनकी सुरक्षा में तैनात रहता है। https://trendkia.com/jharkhand/manasuna-men-bahara-nikalate-sanpon-ka-prajanana-vijnana-palamu-ke-visheshajna-dr-ds-srivastava-ne-samajhaya-vaipara-prajati-ka-an-23571 TrendKia — Har trend, sabse pehle.