# झारखंड में मानसून की फिर से वापसी, अठारह जिलों में ऑरेंज तो छह जिलों में येलो अलर्ट जारी

> झारखंड के सभी चौबीस जिलों में बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है। मौसम विभाग ने आगामी बीस सितंबर तक के लिए आंधी, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है।

**Type:** article · **Category:** झारखंड · **Published:** 2026-09-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jharkhand/monsoon-resurgence-in-jharkhand-orange-alert-issued-for-eighteen-districts-and-yellow-alert-for-six-32818 · **Language:** Hindi
**Tags:** झारखंड मौसम, रांची मौसम विभाग, ऑरेंज अलर्ट, झारखंड बारिश, वज्रपात चेतावनी, मानसून अपडेट

झारखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर से बदलने जा रहा है और मानसून की गतिविधियां तेजी से सक्रिय होने वाली हैं। रांची मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, आज सत्रह सितंबर से लेकर बीस सितंबर तक राज्यभर में मौसम का प्रभाव देखने को मिलेगा। इस दौरान कई इलाकों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की जा सकती है, साथ ही बादलों की गरज और वज्रपात की आशंका भी जताई गई है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हवाएं चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक चल सकती हैं, जिससे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग की तरफ से राज्य के अठारह जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि शेष छह जिलों को येलो अलर्ट पर रखा गया है।

## अठारह जिलों में ऑरेंज अलर्ट का असर
मौसम विभाग ने जिन अठारह जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, उनमें राजधानी रांची के साथ-साथ खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, लातेहार, पलामू, गढ़वा और चतरा शामिल हैं। इसके अलावा हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम यानी जमशेदपुर, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के इलाके भी इसी श्रेणी में आते हैं। दूसरी तरफ, उत्तर-पूर्वी झारखंड के छह जिलों में येलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है, जिनमें देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज के नाम शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन सभी चौबीस जिलों में बारिश होने की पूरी संभावना है, लेकिन चेतावनी के स्तर को क्षेत्र की स्थिति के मुताबिक अलग-अलग बांटा गया है।

## वज्रपात और तेज हवाओं का खतरा
राज्य के सभी चौबीस जिलों में अलग-अलग स्थानों पर तेज आंधी और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। खासतौर पर दक्षिणी, मध्य और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में बादलों की गरज के साथ तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का खतरा अधिक बताया गया है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की हिदायत दी गई है, क्योंकि बिजली गिरने की घटनाओं से नुकसान की आशंका बनी रहती है। किसानों और बाहर निकलने वाले राहगीरों को भी मौसम के मिजाज को देखते हुए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

## किन इलाकों में रहेगा सुहावना मौसम
लगातार हो रही बारिश और आसमान में छाए बादलों की वजह से रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा और लातेहार जैसे दक्षिण-मध्य जिलों में तापमान में राहत मिलने की उम्मीद है। इन क्षेत्रों में तापमान नियंत्रित रहने से लोगों को सुहावना अहसास हो सकता है। हालांकि, मौसम विभाग का यह भी साफ कहना है कि इन जगहों पर अचानक से गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है, इसलिए इसे पूरी तरह साफ या शांत मौसम नहीं कहा जा सकता है।

## तापमान और आगामी दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले पांच दिनों तक झारखंड के अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की कोई संभावना नहीं है। बादलों और बारिश की स्थिति के बावजूद तापमान में अचानक से भारी गिरावट या बढ़ोतरी दर्ज नहीं की जाएगी। उदाहरण के तौर पर, जमशेदपुर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान करीब बत्तीस और पच्चीस डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जबकि बोकारो में यह आंकड़ा तैंतीस और सत्ताईस डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

## सत्रह से इक्कीस सितंबर तक ऐसा रहेगा हाल
सत्रह सितंबर को पूरे राज्य में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात की मुख्य संभावना है। इसके बाद अठारह सितंबर को भी बारिश और बादलों की आवाजाही का सिलसिला लगातार जारी रहने की उम्मीद जताई गई है। उन्नीस सितंबर को कई हिस्सों में वर्षा होगी और स्थानीय स्तर पर गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। बीस सितंबर को भी कुछ चुनिंदा स्थानों पर पानी गिरने के आसार बने हुए हैं। अंत में, इक्कीस सितंबर तक मौसम में कुछ सुधार आने के संकेत मिल रहे हैं, हालांकि इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर बादलों का डेरा या हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। कुल मिलाकर, आगामी बीस सितंबर तक झारखंड के लोगों को खराब मौसम और सतर्कता के दौर से गुजरना होगा।

## इसका आप पर असर
झारखंड में जारी इस मौसमी चेतावनी का सीधा असर आम नागरिकों, किसानों और दैनिक यात्रियों की दिनचर्या पर पड़ेगा।

- **भारत में:** देश के अन्य हिस्सों की तरह झारखंड में भी मानसून के इस दौर से कृषि गतिविधियों और स्थानीय यातायात पर असर पड़ सकता है।
- **झारखंड में:** राज्य के सभी चौबीस जिलों में विशेषकर अठारह ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में बाहरी गतिविधियों को सीमित रखना समझदारी होगी।
- **किसानों के लिए:** अचानक तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी के बीच खेतों में काम करते समय किसानों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी चाहिए।
- **यात्रियों के लिए:** चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं और बारिश के कारण सड़क यात्रा के दौरान दृश्यता कम हो सकती है।
- **दैनिक जीवन:** लोगों को बिजली चमकने के दौरान खुले में जाने से बचना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।

## ऐसा क्यों हुआ
झारखंड में मानसून की इस सक्रियता के पीछे वायुमंडलीय दबाव और बादलों की चाल मुख्य कारण हैं, जिसके चलते मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है।

- **मौसम प्रणाली:** बंगाल की खाड़ी से उठने वाले नमीयुक्त हवाओं के प्रभाव से राज्य के ऊपर बादलों का घना दायरा बन रहा है।
- **दबाव का क्षेत्र:** वायुमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण राज्यभर में बारिश और गरज-चमक की स्थिति उत्पन्न हुई है।
- **विगत पैटर्न:** इस तरह के मानसूनी चरण अमूमन सितंबर महीने के मध्य में पूर्वी और मध्य भारत में सक्रिय होते रहे हैं।
- **अगला चरण:** हवा के दबाव में बदलाव आने के बाद इक्कीस सितंबर के बाद मौसम में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. झारखंड में मौसम विभाग ने कितने जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है?
मौसम विभाग ने झारखंड के अठारह जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

### 2. येलो अलर्ट के तहत कितने जिलों को रखा गया है?
उत्तर-पूर्वी झारखंड के छह जिलों को येलो अलर्ट के अंतर्गत रखा गया है।

### 3. हवा की अधिकतम रफ्तार कितनी हो सकती है?
कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार चालीस किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

### 4. यह मौसमी चेतावनी कब तक प्रभावी रहने की संभावना है?
यह चेतावनी सत्रह सितंबर से बीस सितंबर तक प्रभावी रहने की संभावना है।

### 5. किन जिलों में तापमान नियंत्रित रहने का अनुमान है?
रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा और लातेहार में तापमान नियंत्रित रहने की उम्मीद है।

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