पलामू के सरकारी स्कूल में डिजिटल शिक्षा की नई लहर, आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास से संवर रहा छात्राओं का भविष्य पलामू जिला मुख्यालय के केजी स्कूल में 500 से अधिक छात्राएं स्मार्ट क्लास, स्मार्ट बोर्ड और आईसीटी लैब की मदद से आधुनिक तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक के इस आधुनिक दौर में स्कूली शिक्षा का दायरा तेजी से विस्तृत हो रहा है। पलामू जिले के सरकारी विद्यालयों में अब पढ़ाई सिर्फ पन्नों और किताबों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर के जरिए विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जा रहा है। इस बदलाव की अग्रदूत बनकर सरकारी स्कूलों की छात्राएं भी शिक्षा के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान गढ़ रही हैं और नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। पलामू जिला मुख्यालय के मेदिनीनगर स्थित केजी स्कूल में छात्राओं के लिए स्मार्ट क्लास, स्मार्ट बोर्ड और आईसीटी लैब जैसी आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन सुविधाओं के माध्यम से यहां पढ़ने वाली छात्राएं कंप्यूटर की बुनियादी तालीम हासिल करने के साथ-साथ आईसीटी प्रतियोगिताओं में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। इन पहलों के जरिए छात्राओं को तकनीकी बारीकियां समझने और आने वाले समय में डिजिटल सेक्टर के भीतर अपना करियर संवारने के अनगिनत अवसर मिल रहे हैं। पाँच सौ से ज्यादा छात्राओं को मिल रही आधुनिक शिक्षा केजी स्कूल की मैनेजर अनूप कौर के अनुसार विद्यालय में पाँच सौ से अधिक छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। इस संस्थान में कक्षा छह से लेकर 12वीं तक की शिक्षा दी जाती है, जबकि 11वीं और 12वीं कक्षाओं के लिए कला, वाणिज्य और बायोलॉजी विषयों की पढ़ाई की सुविधा मौजूद है। स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनने के पश्चात इस विद्यालय के शैक्षणिक ढांचे और सुविधाओं में व्यापक विस्तार देखने को मिला है। यहां केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड पाठ्यक्रम के पैटर्न पर तालीम दी जा रही है और आधुनिक संसाधनों के प्रयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विद्यालय परिसर के भीतर स्मार्ट क्लास के साथ-साथ आईसीटी लैब, भौतिकी लैब और रसायन शास्त्र लैब जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं सुलभ हैं, जिनकी मदद से छात्राएं अपने विषयों को गहराई से समझ पा रही हैं। स्मार्ट बोर्ड के जरिए पठन-पाठन बना बेहद आसान अनूप कौर ने आगे जानकारी दी कि स्मार्ट क्लास की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें विद्यार्थियों को सिर्फ सैद्धांतिक रूप से या किताबों के सहारे नहीं पढ़ाया जाता, बल्कि डिजिटल उपकरणों के माध्यम से विषयों के दृश्य दिखाकर उन्हें समझाया जाता है। स्मार्ट बोर्ड पर पाठ्यक्रम से जुड़ी अध्ययन सामग्री प्रदर्शित की जाती है, जिसके जरिए छात्राएं आसानी से शिक्षा ग्रहण करती हैं। इस आधुनिक शिक्षण पद्धति से कठिन अध्यायों को समझने और उन्हें लंबे समय तक स्मरण रखने में काफी मदद मिलती है। स्मार्ट बोर्ड की सुविधा मिलने के बाद से छात्राओं के भीतर अध्ययन के प्रति भारी उत्साह देखा जा रहा है। डिजिटल माध्यमों से सीखने की इस प्रक्रिया के कारण छात्राएं कक्षाओं में कहीं अधिक उत्सुकता दिखा रही हैं और आधुनिक तकनीक के उपयोग से पढ़ाई अब एक रोचक अनुभव बन चुकी है। आईसीटी लैब में सीख रही हैं कंप्यूटर की तकनीकी बारीकियां आईसीटी लैब के इंस्ट्रक्टर गौरव कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में कंप्यूटर का ज्ञान होना हर विद्यार्थी के लिए अनिवार्य हो गया है। आज के दौर में ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने से लेकर रेल या बस के टिकट बुक करने और तमाम डिजिटल सेवाओं का लाभ उठाने तक हर जगह कंप्यूटर की उपयोगिता बढ़ गई है। विद्यालय की आईसीटी लैब में छात्राओं को माइक्रोसॉफ्ट वर्ड, माइक्रोसॉफ्ट पावरपॉइंट, माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल, इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही वे वेब डिजाइनिंग जैसी तकनीकी विधाओं से भी रूबरू हो रही हैं। पहले पर्याप्त कंप्यूटर सुविधाएं न होने के कारण विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल ज्ञान प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब इस उन्नत लैब के जरिए उन्हें सीधे कंप्यूटर पर काम करने का व्यावहारिक अनुभव मिल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में खुल रहे करियर के द्वार गौरव कुमार का कहना है कि कंप्यूटर की यह बुनियादी शिक्षा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद मददगार साबित हो रही है। इस तकनीकी शिक्षा के आधार पर वे भविष्य में सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, वेब डिजाइनिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उन्नत क्षेत्रों में अपने करियर की मजबूत नींव रख सकती हैं। विद्यालय की छात्राएं विभिन्न आईसीटी प्रतियोगिताओं में भी सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं, जिससे उन्हें अपनी तकनीकी दक्षता और प्रतिभा का प्रदर्शन करने का बेहतरीन मंच मिल रहा है। इस प्रकार डिजिटल शिक्षा के जरिए छात्राओं को कल की आधुनिक आवश्यकताओं के मुताबिक पूरी तरह तैयार करने का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। इसका आप पर असर पलामू के सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा के विस्तार से स्थानीय स्तर पर विद्यार्थियों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है। • पलामू में: केजी स्कूल की 500 से अधिक छात्राओं को बिना किसी अतिरिक्त खर्च के अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब और स्मार्ट बोर्ड की सुविधा मिल रही है। इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी पृष्ठभूमि की बेटियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनने का अवसर मिल रहा है। • कौशल विकास: छात्राओं को एमएस वर्ड, एक्सेल और वेब डिजाइनिंग जैसी डिजिटल स्किल्स सीखने का मौका मिल रहा है। इससे भविष्य में उनके लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। • प्रतियोगी तैयारी: आईसीटी चैंपियनशिप जैसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने से छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ रहा है। वे आधुनिक तकनीक की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हो रही हैं। • शिक्षा की गुणवत्ता: स्मार्ट क्लास के जरिए कठिन विषयों को आसानी से समझा जा रहा है। इससे पढ़ाई के प्रति बच्चों की रुचि और उपस्थिति में सुधार हो रहा है। ऐसा क्यों हुआ सरकारी विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के पीछे सरकार और शिक्षण संस्थानों की पलामू क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को सुधारने की दूरदर्शी सोच है। • तकनीकी अंतराल पाटना: आधुनिक युग में कंप्यूटर और डिजिटल साक्षरता की बढ़ती अनिवार्यता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। पहले संसाधनों की कमी के कारण ग्रामीण इलाकों के बच्चों को व्यावहारिक कंप्यूटर ज्ञान नहीं मिल पाता था। • स्कूल ऑफ एक्सीलेंस योजना: केजी स्कूल को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किए जाने के बाद से यहाँ आधारभूत संरचनाओं का आधुनिकीकरण किया गया है। इसी प्रक्रिया के तहत स्मार्ट बोर्ड और आईसीटी लैब स्थापित की गई हैं। • करियर की मांग: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सॉफ्टवेयर विकास के बढ़ते क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को शुरुआती दौर से ही तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है। सवाल-जवाब 1. पलामू के किस स्कूल में डिजिटल शिक्षा की सुविधा दी जा रही है? पलामू जिला मुख्यालय के मेदिनीनगर स्थित केजी स्कूल में यह सुविधा मिल रही है। 2. केजी स्कूल में कुल कितनी छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं? इस विद्यालय में 500 से अधिक छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। 3. विद्यालय में किन कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई होती है? यहाँ कक्षा छह से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई की व्यवस्था है। 4. आईसीटी लैब में छात्राओं को क्या सिखाया जा रहा है? छात्राओं को एमएस वर्ड, पावरपॉइंट, एक्सेल, इंटरनेट, सोशल मीडिया और वेब डिजाइनिंग की जानकारी दी जा रही है। 5. स्मार्ट क्लास की क्या विशेषता है? इसमें डिजिटल माध्यमों और स्मार्ट बोर्ड पर विषयों के दृश्य दिखाकर पढ़ाई कराई जाती है। https://trendkia.com/jharkhand/palamu-ke-sarakari-skula-men-dijitala-shiksha-ki-nai-lahara-aisiti-laiba-aura-smarta-klasa-se-snvara-raha-chhatraon-ka-bhavishya-48608 TrendKia — Har trend, sabse pehle.