पलामू में करमा पूजा विसर्जन के दौरान कोयल नदी में डूबे बच्चे, 5 की मौत और एक लापता झारखंड के पलामू जिले में चैनपुर थाना क्षेत्र के तहत कोयल नदी में करमा पूजा विसर्जन के समय गहरे पानी में चले जाने से पांच बच्चों की जान चली गई, जबकि एक अन्य बच्चे की तलाश के लिए एनडीआरएफ को बुलाया गया है। झारखंड के पलामू जिले में करमा पूजा के समापन का उल्लास उस समय बेहद दर्दनाक शोक में बदल गया, जब पूजा सामग्री विसर्जित करने गए बच्चे नदी के गहरे बहाव में समा गए। चैनपुर पुलिस थाना इलाके में पड़ने वाले बोकेया-पटरिया गांव के समीप यह दुखद घटना घटी। बच्चे पारंपरिक अनुष्ठान के तहत करमा विसर्जन के सिलसिले में कोयल नदी के तट पर इकट्ठा हुए थे। इसी दौरान कुछ बच्चे अनजाने में नदी के गहरे पानी वाले हिस्से में चले गए और तेज धार व गहराई के कारण संभल नहीं पाए। देखते ही देखते वे डूबने लगे, जिससे नदी घाट पर अफरा-तफरी मच गई। इस भीषण हादसे में पांच बच्चों की डूबने से जान चली गई, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम छा गया है। कोयल नदी तट पर विसर्जन के दौरान हुआ हादसा प्राप्त विवरण के अनुसार, बच्चे सोमवार की सुबह करमा पूजा से जुड़ी पूजन सामग्रियों को विसर्जित करने के लिए कोयल नदी पहुंचे थे। अनुष्ठान की प्रक्रिया पूरी करते समय बच्चे जलधारा के उस भाग की तरफ बढ़ गए जहां पानी काफी गहरा था। गहराई का सही अंदाजा न होने के चलते बच्चे डूबने लगे और पानी के भीतर चले गए। घाट पर मौजूद लोगों और आसपास के ग्रामीणों को जैसे ही इस अनहोनी का आभास हुआ, वे तुरंत बचाव के लिए पानी में कूद पड़े। स्थानीय ग्रामीणों ने नदी की गहराई से बच्चों को निकालने के लिए कड़ा संघर्ष किया और काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला। हालांकि, तब तक बच्चों की सांसें थम चुकी थीं और उन्हें बचाया नहीं जा सका। प्रशासनिक अमला पहुंचा और जांच शुरू की घटना की खबर मिलते ही चैनपुर थाना पुलिस दल-बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंची। एसडीपीओ राजेश कुमार यादव और स्थानीय थाना प्रभारी लालजी ने घटनास्थल का मुआयना किया और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए पांचों बच्चों के शवों को अपने संरक्षण में लिया और उन्हें पोस्टमार्टम परीक्षण के लिए भिजवाया। हादसे की जानकारी फैलते ही स्थानीय विधायक आलोक चौरसिया भी पीड़ित गांव और घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने हालात की समीक्षा की और शोकाकुल परिजनों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर अपनी गहरी संवेदना प्रकट की। अस्पताल पहुंचे वित्त मंत्री और दिए निर्देश इस हृदयविदारक घटना की गंभीरता को देखते हुए झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर भी सीधे एमएमसीएच पहुंचे। अस्पताल परिसर में उन्होंने पूरे मामले की विस्तृत जानकारी अधिकारियों से ली और शोक में डूबे पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। वित्त मंत्री ने इस अनहोनी को अत्यंत दुखद करार दिया और मौके पर ही जिला प्रशासन के पदाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए कि पीड़ित परिवारों को सरकार व प्रशासन की ओर से हर संभव जरूरी सहायता और राहत बिना किसी विलंब के मुहैया कराई जाए। गांव से एक साथ निकलीं पांच अर्थियां बोकेया-पटरिया गांव में एक साथ पांच मासूमों के शव पहुंचते ही समूचे माहौल में भारी रुदन और चीख-पुकार मच गई। गांव से जब एक साथ पांच बच्चों की अंतिम शवयात्रा निकाली गई, तो वहां मौजूद हर ग्रामीण और प्रत्यक्षदर्शी की आंखें छलक पड़ीं। अंतिम संस्कार के लिए सभी शवों को उसी कोयल नदी के घाट पर ले जाया गया, जहां यह मनहूस हादसा पेश आया था। इस गमगीन घड़ी में पलामू के एसपी कपिल चौधरी, एसडीओ संजय पांडेय और एसडीपीओ राजेश यादव भी शोकाकुल परिजनों से भेंट करने पहुंचे और अंतिम यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान एसपी की तरफ से प्रभावित परिवारों को तत्कालिक आर्थिक सहायता भी सौंपी गई। लापता बच्चे की खोज में उतरी एनडीआरएफ स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के बाद से एक अन्य बच्चा अभी भी लापता है जिसकी खोजबीन लगातार जारी है। नदी के विशाल पाट और बहाव को देखते हुए राहत व बचाव अभियान को और तेज करने के लिए एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम को तलब किया गया है। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव दल के सदस्य नदी में डूबे उस बच्चे का सुराग लगाने के लिए व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। करमा पूजा के धार्मिक उत्सव के बीच हुए इस वज्रपात ने पूरे पलामू क्षेत्र को गहरे शोक और सन्नाटे में डुबो दिया है। इसका आप पर असर धार्मिक त्योहारों और विसर्जन के दौरान जलस्रोतों पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर यह हादसा गंभीर चेतावनी प्रस्तुत करता है। • झारखंड में: पलामू और आसपास के जिलों में त्योहारों के विसर्जन अनुष्ठानों के दौरान नदी तटों पर सुरक्षा घेरा और प्रशासनिक निगरानी की मांग तेज होगी। स्थानीय पंचायतों और परिजनों को पानी के पास बच्चों की आवाजाही को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। • पूरे भारत में: नदी तटों और घाटों पर बिना सुरक्षा इंतजामों या गोताखोरों के विसर्जन में बच्चों की मौजूदगी से जुड़े खतरे फिर उजागर हुए हैं। धार्मिक उत्सवों में सामूहिक विसर्जन के लिए प्रशासन द्वारा तय सुरक्षित घाटों और लाइफगार्ड की तैनाती अनिवार्य करने पर जोर दिया जाएगा। • पीड़ित परिजनों के लिए: जिला प्रशासन की ओर से घोषित सहायता और पुलिस अधीक्षक द्वारा दी गई तात्कालिक वित्तीय मदद परिवारों तक पहुंचाई जा रही है। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आपदा राहत मानकों के अनुरूप आगे की सरकारी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। • स्थानीय आबादी के लिए: नदी के इस विशेष गहरे हिस्से को लेकर स्थानीय स्तर पर चेतावनी संकेत और बैरिकेडिंग लगाने की जरूरत महसूस की जा रही है। आगामी दिनों में पानी से जुड़े किसी भी अनुष्ठान से पहले ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों की पहचान करनी होगी। ऐसा क्यों हुआ यह दुखद हादसा करमा पूजा विसर्जन के दौरान नदी की गहराई और जलप्रवाह का सही आकलन न हो पाने के कारण हुआ। पूजा अनुष्ठान में शामिल बच्चे अनजाने में नदी के गहरे हिस्से में उतर गए और संभल नहीं पाए। • गहरे पानी में जाना: सोमवार सुबह विसर्जन सामग्री बहाते समय बच्चे कोयल नदी के किनारे से आगे बढ़ते हुए अत्यधिक गहरे गड्ढे वाले हिस्से में चले गए। अचानक पैर फिसलने और पानी की अगाध गहराई के चलते वे डूबने लगे। • सुरक्षा व निगरानी का अभाव: सुबह के वक्त विसर्जन स्थल पर कोई प्रशिक्षित गोताखोर, बैरिकेडिंग या निगरानी तंत्र मौजूद नहीं था। बच्चों के पानी में समाते ही ग्रामीणों ने अपनी ओर से प्रयास किए, लेकिन बचाव दल की कमी से समय पर मदद नहीं मिल सकी। • लापता बच्चे की अनसुलझी स्थिति: एक बच्चे का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है, जिसके लिए नदी में जलधारा की गति और फैलाव को देखते हुए एनडीआरएफ की खोज टीम बुलाई गई है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन अभी भी खोज अभियान चला रहे हैं। सवाल-जवाब 1. यह हादसा पलामू में किस जगह और किस नदी पर हुआ? यह दुर्घटना पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बोकेया-पटरिया गांव के पास कोयल नदी में घटी। 2. बच्चे किस काम से कोयल नदी के तट पर गए थे? बच्चे सोमवार सुबह करमा पूजा के धार्मिक अनुष्ठान के तहत पूजन सामग्री का विसर्जन करने नदी गए थे। 3. इस घटना में कितने बच्चों की मृत्यु हुई और कितने लापता हैं? हादसे में पांच बच्चों की डूबने से मौत हो गई है, जबकि एक अन्य बच्चे की तलाश अभी जारी है। 4. लापता बच्चे को ढूंढने के लिए प्रशासन ने क्या कदम उठाया है? प्रशासन ने लापता बच्चे की तलाश के लिए एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम को बुलाया है जो नदी में तलाशी अभियान चला रही है। 5. हादसे के बाद कौन-कौन से प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे? घटनास्थल और गांव में विधायक आलोक चौरसिया, एसपी कपिल चौधरी, एसडीओ संजय पांडेय, एसडीपीओ राजेश यादव तथा अस्पताल में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर पहुंचे। https://trendkia.com/jharkhand/palamu-men-karama-puja-visarjana-ke-daurana-koel-nadi-men-dube-bachche-5-ki-mauta-aura-eka-lapata-37250 TrendKia — Har trend, sabse pehle.