# पलामू में मायापुर इस्कॉन मंदिर की तर्ज पर सजेगा दुर्गा पूजा पंडाल, 15 फीट ऊंची प्रतिमा और कृत्रिम झरना बनेंगे मुख्य आकर्षण

> पलामू में जीएलए कॉलेज के पास जय मां जगदंबे क्लब 17 लाख रुपये के बजट से मायापुर इस्कॉन मंदिर की तर्ज पर 80 फीट लंबा पंडाल तैयार कर रहा है, जहां बंगाल के कारीगर 15 फीट की मां दुर्गा की प्रतिमा बना रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** झारखंड · **Published:** 2026-10-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jharkhand/palamu-men-mayapur-iskcon-mndira-ki-tarja-para-sajega-durga-puja-pndala-15-phita-unchi-pratima-aura-kritrima-jharana-banenge-mukhy-45363 · **Language:** Hindi
**Tags:** पलामू दुर्गा पूजा, इस्कॉन मंदिर पंडाल, जय मां जगदंबे क्लब, दुर्गा पूजा 2026, पलामू समाचार, झारखंड पूजा पंडाल

पलामू जिले में दुर्गा पूजा महोत्सव के स्वागत के लिए व्यापक तैयारियां तेज हो चुकी हैं, जहां विभिन्न पूजा समितियां श्रद्धालुओं को लुभाने के लिए अनूठे और भव्य संरचनाओं का निर्माण कर रही हैं। इसी कड़ी में जीएलए कॉलेज परिसर के समीप स्थित जय मां जगदंबे क्लब ने इस वर्ष पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में स्थित विश्वप्रसिद्ध मायापुर इस्कॉन मंदिर के स्थापत्य पर आधारित एक विशेष पूजा पंडाल खड़ा करने की योजना बनाई है। यह अनूठा निर्माण स्थानीय भक्तों के बीच प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है, ताकि क्षेत्र के निवासियों को अपने ही शहर में मायापुर के प्रसिद्ध मंदिर दर्शन का प्रत्यक्ष एहसास मिल सके।

## वर्ष 2008 से निरंतर जारी है पूजा का सिलसिला
जय मां जगदंबे क्लब द्वारा जीएलए कॉलेज के समीप यह धार्मिक आयोजन वर्ष 2008 से लगातार किया जा रहा है। समिति के शैलेंद्र कुमार ने बताया कि क्लब की यह परंपरा रही है कि प्रत्येक वर्ष धार्मिक आस्था के साथ-साथ पंडाल की वास्तुकला को भी कोई नया और मनोहारी रूप प्रदान किया जाए। इस बार मायापुर यात्रा के दौरान वहां के इस्कॉन मंदिर के भव्य स्वरूप को देखने के बाद यह विचार मन में आया कि पलामू के श्रद्धालुओं के लिए उसी प्रतिरूप को यहां धरातल पर उतारा जाए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यही है कि जो स्थानीय लोग मायापुर नहीं जा सके हैं, वे भी उस मंदिर के सौंदर्य और दिव्यता को करीब से महसूस कर सकें।

## विशालकाय ढांचा, कृत्रिम झरना और 17 लाख रुपये का कुल बजट
इस बार निर्माणधीन पंडाल का आकार बेहद विस्तृत रखा गया है, जिसकी लंबाई लगभग 80 फीट और चौड़ाई करीब 120 फीट निर्धारित की गई है। आयोजकों ने पूरे पंडाल निर्माण, साज-सज्जा और संबंधित सुविधाओं पर लगभग 17 लाख रुपये की धनराशि खर्च होने का अनुमान लगाया है। केवल पंडाल ही नहीं, बल्कि उसके आसपास के परिसर को भी मनोरम बनाने के लिए खास व्यवस्थाएं की जा रही हैं। परिसर में एक कृत्रिम झरना स्थापित किया जा रहा है, जो यहां आने वाले भक्तों को एक शांत और प्राकृतिक दृश्य का अनुभव कराएगा।

## पारिवारिक माहौल, बच्चों के लिए झूले और रात्रि जागरण
पूजा पंडाल में आने वाले परिवारों और बच्चों की सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। परिसर में बच्चों के मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के झूले लगाए जा रहे हैं, जिससे पूजा दर्शन के साथ-साथ परिवार एक सुखद माहौल में समय बिता सकें। आयोजकों का उद्देश्य है कि श्रद्धालु यहां केवल मत्था टेककर ही न लौटें, बल्कि परिसर की शांति और व्यवस्था के बीच कुछ पल रुकें। शारदीय नवरात्रि के दौरान कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला चलेगा। अष्टमी तिथि के अवसर पर एक विशेष भक्ति जागरण का आयोजन किया जाएगा, जिसमें गायक विनय तिवारी, जिन्हें छोटे पवन सिंह के नाम से भी जाना जाता है, अपनी भक्तिमय प्रस्तुतियां देंगे। यह जागरण कार्यक्रम रात्रि करीब आठ बजे तक संचालित किया जाएगा।

## बंगाल के हुनरमंद कारीगर तराश रहे 15 फीट की भव्य प्रतिमा
पंडाल के साथ-साथ मां दुर्गा की दिव्य प्रतिमा को भी अद्वितीय रूप देने के लिए पश्चिम बंगाल से कुशल मूर्तिकारों को आमंत्रित किया गया है। बंगाल के ये सिद्धहस्त कलाकार लगभग 15 फीट ऊंची मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा का निर्माण कर रहे हैं। समिति के अनुसार, पंडाल की बनावट, विशाल प्रतिमा और परिसर की सजावट का समन्वय इस वर्ष के उत्सव को पहले से कहीं अधिक भव्य बनाएगा। इस संपूर्ण आयोजन को सफल बनाने के लिए आयोजक शैलेश कुमार पांडे, संरक्षक सह संस्थापक गौरव कुमार सिंह, अध्यक्ष मनोरंजन शुक्ला, सचिव और उपाध्यक्ष चंदन पांडे सहित समिति के तमाम सदस्य पूरी निष्ठा और तत्परता के साथ जुटे हुए हैं।

## इसका आप पर असर
पलामू के जीएलए कॉलेज क्षेत्र में स्थापित हो रहा यह भव्य पंडाल श्रद्धालुओं और स्थानीय परिवारों के लिए पूजा दर्शन और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रमुख केंद्र बनेगा।

- **पलामू में:** शहरवासियों और आस-पास के ग्रामीणों को बिना बंगाल गए मायापुर इस्कॉन मंदिर की वास्तुकला और 15 फीट की प्रतिमा देखने का अवसर मिलेगा। परिवार बच्चों के लिए लगाए गए झूलों और कृत्रिम झरने के साथ सहज माहौल में समय बिता सकेंगे।
- **पूरे झारखंड में:** बड़े बजट और सांस्कृतिक आयोजनों के चलते स्थानीय कारीगरों, लोक कलाकारों और छोटे मेला विक्रेताओं के लिए कारोबार के बेहतर अवसर बनेंगे। विभिन्न जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं को अष्टमी की रात विशेष भक्ति जागरण में शामिल होने की सुविधा मिलेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
पलामू में मायापुर इस्कॉन मंदिर के प्रारूप पर पंडाल बनाने का निर्णय समिति के सदस्यों के व्यक्तिगत भ्रमण और स्थानीय श्रद्धालुओं को अनूठा अनुभव देने की इच्छा से उपजा है।

- **मायापुर यात्रा की प्रेरणा:** समिति के सदस्य शैलेंद्र कुमार ने मायापुर में इस्कॉन मंदिर के भव्य दर्शन के बाद उसी प्रारूप को अपने गृह जिले में साकार करने का प्रस्ताव रखा। इसके जरिए उन स्थानीय भक्तों तक इस प्रसिद्ध मंदिर की झलक पहुंचाने का प्रयास किया गया जो वहां व्यक्तिगत रूप से नहीं जा सके हैं।
- **वार्षिक नवीनता की परंपरा:** जय मां जगदंबे क्लब वर्ष 2008 से लगातार हर साल कुछ नया और आकर्षक पंडाल तैयार करने की परिपाटी निभाता आ रहा है। इसी निरंतरता को बनाए रखने के लिए इस बार 17 लाख रुपये का बजट तय कर बंगाल के विशेष कारीगरों को आमंत्रित किया गया।

## सवाल-जवाब

### 1. पलामू में इस्कॉन मंदिर की तर्ज पर पंडाल कहां बनाया जा रहा है?
यह पंडाल पलामू के जीएलए कॉलेज के समीप जय मां जगदंबे क्लब द्वारा बनाया जा रहा है।

### 2. इस पंडाल का निर्माण कितने बजट में और किस आकार में हो रहा है?
पंडाल का निर्माण लगभग 17 लाख रुपये के अनुमानित खर्च से हो रहा है और इसका आकार करीब 80 फीट लंबा तथा 120 फीट चौड़ा होगा।

### 3. मां दुर्गा की प्रतिमा की ऊंचाई कितनी है और इसे कौन बना रहा है?
मां दुर्गा की प्रतिमा करीब 15 फीट ऊंची होगी, जिसे पश्चिम बंगाल से आए विशेष कारीगर तैयार कर रहे हैं।

### 4. अष्टमी के दिन कौन सा विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा?
अष्टमी के दिन रात करीब आठ बजे तक एक भक्ति जागरण आयोजित होगा, जिसमें गायक विनय तिवारी (छोटे पवन सिंह) प्रस्तुति देंगे।

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