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  "type": "article",
  "title": "पलामू में विशेषज्ञ डॉ. डी एस श्रीवास्तव की सलाह, कटिंग और सही मिट्टी से एक पौधे से उगाएं दर्जनों गमले",
  "summary": "घर के इंडोर पौधों को बार-बार नर्सरी से खरीदने के बजाय उन्हें कटिंग और रनर्स के जरिए आसानी से नए गमलों में उगाया जा सकता है। पलामू के विशेषज्ञ डॉ. डी एस श्रीवास्तव ने क्रूटन, स्नेक प्लांट और स्पाइडर प्लांट जैसे पौधों की प्रोपेगेशन तकनीक और देखभाल के आसान नियम साझा किए हैं।",
  "content": "पलामू जिले में गार्डनिंग के बढ़ते रुझान के बीच कृषि और बागवानी विशेषज्ञ डॉ. डी एस श्रीवास्तव ने घरेलू पौधों से नए पौधे तैयार करने के प्रभावी तरीके बताए हैं। आजकल शहरों में घरों की खूबसूरती और हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए बालकनी और इंडोर गार्डनिंग का चलन काफी तेजी से बढ़ा है। हालांकि, नर्सरी से लगातार नए गमले और पौधे खरीदना हर किसी के बजट पर भारी पड़ सकता है। ऐसे में बिना अतिरिक्त पैसे खर्च किए अपने मौजूदा पौधों की संख्या बढ़ाने का सबसे बेहतरीन और वैज्ञानिक तरीका प्रोपेगेशन यानी कटिंग तकनीक है। सही देखभाल और उपयुक्त वातावरण मिलने पर एक ही गमले से कई नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं।\n\nरंग-बिरंगे क्रूटन को तने की कटिंग से उगाने का तरीका\nबागवानी विशेषज्ञ डॉ. डी एस श्रीवास्तव के अनुसार, क्रूटन अपने आकर्षक और रंग-बिरंगे पत्तों की वजह से सजावटी इंडोर पौधों की श्रेणी में काफी लोकप्रिय माना जाता है। इसे नए गमले में उगाने के लिए किसी महंगी सामग्री की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि केवल तने की एक स्वस्थ शाखा का चुनाव करना होता है। किसी परिपक्व पौधे से सही कटिंग लेकर जब उसे पोषक तत्वों से भरपूर और उपयुक्त मिट्टी में लगाया जाता है, तो कुछ ही दिनों में उसमें नई जड़ें विकसित होने लगती हैं।\n\nक्रूटन की कटिंग लगाते समय जल निकासी का ध्यान रखना सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। मिट्टी ऐसी होनी चाहिए जो नमी तो बनाए रखे लेकिन पानी को रोककर न रखे। इसके अलावा, नए लगाए गए तने को सीधे तेज धूप में रखने के बजाय ऐसी जगह रखना चाहिए जहाँ पर्याप्त और हल्की रोशनी मिलती रहे। सही नमी और संतुलित रोशनी मिलने से कटिंग के सफलतापूर्वक विकसित होने और जड़ पकड़ने की संभावना काफी बढ़ जाती है।\n\nसफेद रस छोड़ने वाले पौधों की कटिंग में बरतें ये सावधानियां\nडॉ. डी एस श्रीवास्तव बताते हैं कि कुछ सजावटी पौधों की शाखाओं या तनों को काटते समय उनसे गाढ़ा सफेद दूधिया रस निकलता है। इस श्रेणी के पौधों को भी कटिंग के जरिए बहुत आसानी से नया जीवन दिया जा सकता है। हालांकि, इनकी रोपाई की प्रक्रिया सामान्य पौधों से थोड़ी अलग होती है। तने को काटने के तुरंत बाद मिट्टी में दबाने से बचना चाहिए। पहले कटिंग के कटे हुए हिस्से से सफेद रस को पूरी तरह बह जाने दें और उस जगह को कुछ देर हवा में सूखने दें। जब कटा हुआ सिरा हल्का सूख जाए, तभी उसे तैयार मिट्टी में रोपना चाहिए।\n\nइस प्रकार के दूधिया रस वाले पौधों की छंटाई और कटिंग करते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। तने से निकलने वाला यह रस त्वचा पर जलन पैदा कर सकता है और आँखों के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। इसीलिए कटिंग का काम करते समय हाथों में दस्ताने पहनना और अपनी आँखों को सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है।\n\nकटिंग के लिए सही मिट्टी और जल निकासी का सही फॉर्मूला\nनए पौधों के विकास में मिट्टी का संयोजन सबसे मुख्य भूमिका निभाता है। डॉ. डी एस श्रीवास्तव का सुझाव है कि कटिंग लगाने के लिए साधारण चिकनी मिट्टी के बजाय बालू, बलुई मिट्टी और जैविक खाद का एक संतुलित मिश्रण तैयार करना चाहिए। यह मिश्रण हल्का होता है और इसमें पानी जमा नहीं होता, जिससे नई कोमल जड़ों को फैलने के लिए पर्याप्त हवा और जगह मिलती है।\n\nगमले का चुनाव करते समय यह सुनिश्चित करें कि उसके निचले हिस्से में पानी निकलने के लिए स्पष्ट छेद मौजूद हो। यदि गमले में जल निकासी का अच्छा प्रबंध नहीं होगा तो अतिरिक्त पानी मिट्टी में रुका रहेगा। कटिंग की शुरुआती अवस्था में जरूरत से ज्यादा पानी देने से तना सड़ सकता है और पौधा विकसित होने से पहले ही खराब हो जाएगा। इसीलिए केवल उतनी ही सिंचाई करें जिससे मिट्टी में हल्की नमी बनी रहे।\n\nस्पाइडर प्लांट, स्नेक प्लांट और बेल वाले पौधों का आसान प्रोपेगेशन\nसजावटी पौधों में स्पाइडर प्लांट और स्नेक प्लांट दो ऐसे विकल्प हैं जिन्हें अलग करके नए पौधे बनाना बेहद आसान है। स्पाइडर प्लांट की विशेषता यह है कि यह अपने लंबे तनों पर छोटे-छोटे नए पौधे (रनर्स) उत्पन्न करता है। जब ये छोटे पौधे थोड़े बड़े हो जाएं, तो इन्हें सावधानीपूर्वक मुख्य तने से अलग करके सीधे नए गमले में रोपा जा सकता है।\n\nवहीं दूसरी ओर, स्नेक प्लांट की जड़ों के पास से छोटे-छोटे नए पौधे (पप्स) निकलते हैं। गमले को बदलते समय या जड़ों की सफाई करते समय इन छोटे पौधों को मुख्य पौधे से अलग करके आसानी से नए गमलों में लगाया जा सकता है। स्नेक और स्पाइडर प्लांट दोनों ही बहुत कम देखभाल मांगते हैं और कम पानी में भी आसानी से पनपते हैं। इसके अलावा, मनी प्लांट जैसी बेल वाली प्रजातियों को भी तने के नोड वाले हिस्से से काटकर पानी या मिट्टी में लगाकर एक से अनेक पौधे बनाए जा सकते हैं। सही रोशनी, सीमित पानी और बलुई मिट्टी का ध्यान रखकर कोई भी अपने घर में हरा-भरा बगीचा तैयार कर सकता है।\n\nइसका आप पर असर\nघर में मौजूद पौधों से नए गमले तैयार करने की यह प्रोपेगेशन तकनीक पौधों के शौकीनों को बिना बजट बढ़ाए अपने घर को हरा-भरा बनाने का मौका देती है।\n\n• भारत भर में: शहरी बागवानों को हर बार नए पौधों के लिए नर्सरी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे गार्डनिंग का खर्च 50 से 70 प्रतिशत तक कम हो सकता है।\n• पलामू में: पलामू जिले के स्थानीय निवासियों के लिए कृषि विशेषज्ञ की यह सलाह कम लागत में बालकनी और इंडोर गार्डन विकसित करने का व्यावहारिक तरीका देती है। इससे स्थानीय स्तर पर पौधे उगाने की कला को बढ़ावा मिलेगा।\n• पर्यावरण और हवा: घर के अंदर पौधों की संख्या बढ़ने से इनडोर एयर क्वालिटी में सुधार होगा। यह हवा से विषाक्त पदार्थों को कम करने में मदद करता है।\n• शुरुआती बागवानों के लिए: कटिंग और रनर्स से नए पौधे उगाने की तकनीक से नए पौधे प्रेमियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। वे कम जोखिम में गार्डनिंग सीख सकेंगे।\n\nऐसा क्यों हुआ\nशहरी क्षेत्रों में घरों की सजावट और शुद्ध हवा के लिए इंडोर गार्डनिंग का चलन तेजी से बढ़ा है, जिससे नर्सरी से पौधे खरीदने पर खर्च भी काफी बढ़ गया है। इसी समस्या के समाधान के रूप में विशेषज्ञ ने एक पौधे से कई पौधे बनाने के वैज्ञानिक तरीके साझा किए हैं।\n\n• बढ़ता गार्डनिंग ट्रेंड: कंक्रीट के शहरों में प्रकृति से जुड़ने और घर के अंदर का वातावरण बेहतर बनाने के लिए लोग बड़े पैमाने पर गमले लगा रहे हैं।\n• नर्सरी का बढ़ता खर्च: सजावटी और एयर-प्यूरिफाइंग पौधे नर्सरी में महंगे मिलते हैं, जिससे नए पौधे खरीदना कई लोगों के लिए खर्चीला साबित होता है।\n• प्रोपेगेशन की आसान तकनीक: क्रूटन, स्नेक प्लांट और स्पाइडर प्लांट जैसे पौधे कुदरती तौर पर कटिंग और रनर्स से बहुत तेजी से पनपते हैं, जिनकी जानकारी लोगों तक पहुंचाना जरूरी था।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. क्या क्रूटन पौधे को तने की कटिंग से उगाया जा सकता है?\nहाँ, क्रूटन के स्वस्थ तने को काटकर बालू और जैविक मिट्टी के सही मिश्रण में लगाने से नई जड़ें विकसित हो जाती हैं।\n\n2. दूधिया रस वाले पौधों की कटिंग लगाते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए?\nकटे हुए हिस्से को रोपने से पहले थोड़ा सूखने दें और रस को त्वचा या आँखों के संपर्क में आने से बचाने के लिए दस्ताने पहनें।\n\n3. स्पाइडर प्लांट से नए पौधे कैसे तैयार किए जाते हैं?\nस्पाइडर प्लांट के लंबे तनों पर छोटे पौधे (रनर्स) बनते हैं, जिन्हें अलग करके सीधे नए गमले में रोपा जा सकता है।\n\n4. कटिंग के लिए मिट्टी का कैसा मिश्रण सबसे अच्छा माना जाता है?\nकटिंग के लिए बालू, बलुई मिट्टी और जैविक खाद का हल्का मिश्रण सबसे अच्छा होता है जिसमें पानी जमा न हो।",
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  "category": "झारखंड",
  "publishedAt": "2026-09-14",
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