पार्लर जाए बिना चेहरे पर चाहिए शादी जैसा निखार, तो अपनी त्वचा की पहचान कर घर पर यूं करें फेशियल पलामू की मेकअप आर्टिस्ट रिद्धिमा के अनुसार सही स्किन टाइप समझकर और उचित किट चुनकर घर पर ही पार्लर जैसा ग्लो पाया जा सकता है। धूल, धूप, प्रदूषण और भागदौड़ भरी दिनचर्या का सबसे गहरा असर सीधे हमारे चेहरे पर झलकता है। इसके चलते त्वचा में बेरुखी, चिपचिपापन, मुंहासे और दाग-धब्बों जैसी कई दिक्कतें जन्म लेने लगती हैं। चेहरे की गहराई से सफाई करने और खोई चमक वापस लाने के लिए लोग फेशियल का सहारा लेते हैं। विशेष रूप से विवाह के अवसरों पर दुल्हनें हफ्तों पहले से अपनी ब्यूटी केयर शुरू कर देती हैं ताकि मुख्य समारोह में चेहरा चमकदार और खिला-खिला दिखे। हालांकि, कई बार व्यस्त दिनचर्या के कारण सैलून जाने का समय निकाल पाना संभव नहीं हो पाता। किसी छोटे-मोटे पारिवारिक समारोह या नियमित देखभाल के लिए हर बार पार्लर जाना जरूरी नहीं है, थोड़ी सी समझदारी से घर पर ही शानदार क्लीनअप और फेशियल किया जा सकता है। स्किन के प्रकार को परखने का सही तरीका पलामू जिले की मेकअप आर्टिस्ट रिद्धिमा बताती हैं कि घरेलू फेशियल की शुरुआत करने से पहले अपनी त्वचा की प्रकृति को पहचानना सबसे बुनियादी कदम है। आमतौर पर चेहरे की त्वचा ऑयली, ड्राई या कॉम्बिनेशन श्रेणियों में बंटी होती है। यदि आप साधारण फेशवॉश से मुंह धोने के बाद कोई मॉइश्चराइजर न लगाएं और एक घंटे के भीतर पूरे चेहरे पर तेल की चमक दिखने लगे, तो आपकी त्वचा ऑयली मानी जाएगी। ऐसी स्किन में किसी तरह का खिंचाव महसूस नहीं होता। दूसरी ओर, कॉम्बिनेशन स्किन की पहचान टी-ज़ोन से की जाती है। यदि मुंह धोने के एक घंटे बाद माथे, नाक और ठोड़ी के आसपास तेल नजर आए लेकिन दोनों गाल बिल्कुल सूखे और सामान्य रहें, तो यह कॉम्बिनेशन स्किन का स्पष्ट लक्षण है। इसके विपरीत, ड्राई स्किन को समझना बेहद सरल है। साल के किसी भी मौसम में यह त्वचा खिंची-खिंची और सूखी रहती है। गर्मियों के दिनों में भी इस त्वचा वाले लोग मॉइश्चराइजर के बिना कुछ मिनट भी सहज नहीं रह पाते, जबकि सर्दियों में रूखापन कई गुना बढ़ जाता है। ड्राई स्किन के लिए बार-बार मॉइश्चराइजर री-अप्लाई करने की जरूरत पड़ती है। बाजार में उपलब्ध फेशियल किट और उनका चयन बाजार में घरेलू इस्तेमाल के लिए शहनाज, ओ3 और अरोमा जैसी कई प्रतिष्ठित कंपनियों के फेशियल पैक आसानी से मिल जाते हैं। इनमें सामान्य उपयोग से लेकर ब्राइडल जरूरतों तक के अलग-अलग विकल्प मौजूद हैं। निर्माताओं द्वारा ड्राई, ऑयली और कॉम्बिनेशन त्वचा की विशिष्ट जरूरतों को ध्यान में रखकर अलग-अलग सामग्री तैयार की जाती है। इसलिए कोई भी उत्पाद खरीदने से पहले बॉक्स पर लिखे घटकों और निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ना बेहद जरूरी है। आमतौर पर घरेलू उपयोग वाली अच्छी फेशियल किट बाजार में 800 से 1000 रुपये के मूल्य वर्ग में उपलब्ध हो जाती हैं। घरेलू फेशियल के दौरान जरूरी सावधानियां मेकअप आर्टिस्ट के मुताबिक, अगर आपको अपनी स्किन टाइप को लेकर कोई संशय हो, तो बहुत भारी उत्पादों के बजाय सामान्य और सौम्य सामग्री का चुनाव करना चाहिए। फेशियल के विभिन्न चरणों में स्क्रबिंग और मसाज करते समय हाथों का दबाव बेहद हल्का रखना चाहिए। चेहरे की नाजुक त्वचा पर जोर से रगड़ना नुकसानदेह साबित हो सकता है। किसी भी नए उत्पाद को चेहरे पर पूरी तरह लगाने से पहले पैच टेस्ट करना समझदारी भरा कदम है। यदि त्वचा पर लालिमा, जलन या खुजली महसूस हो, तो तुरंत प्रयोग बंद कर त्वचा रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। फेशियल पूरा होने के बाद त्वचा की देखभाल का सिलसिला रुकना नहीं चाहिए। नियमित रूप से सीटीएम रूटीन यानी क्लेंज़िंग, टोनिंग और मॉइश्चराइजिंग का पालन करने से फेशियल की चमक लंबे समय तक बरकरार रहती है। इसके अलावा, दिन के समय धूप में निकलते वक्त एसपीएफ युक्त सनस्क्रीन लगाना कभी न भूलें, क्योंकि सनस्क्रीन के अभाव में धूप फेशियल के सारे निखार को बेअसर कर सकती है। इसका आप पर असर घर पर सही तरीके से फेशियल करने की तकनीक सीखकर आप पार्लर के भारी खर्च और समय की बर्बादी से बच सकते हैं। • पैसे की बचत: सैलून में हजारों रुपये खर्च करने के बजाय 800 से 1000 रुपये की किट से घर पर ही फेशियल किया जा सकता है। इससे घरेलू बजट पर फालतू बोझ नहीं पड़ता और नियमित सफाई संभव हो पाती है। • त्वचा की सुरक्षा: अपनी सही स्किन टाइप के अनुसार उत्पाद चुनने से मुंहासों और जलन जैसी समस्याओं का खतरा खत्म हो जाता है। गलत प्रोडक्ट के दुष्प्रभाव से बचकर त्वचा लंबे समय तक स्वस्थ बनी रहती है। • समय की बचत: शादी या त्योहारों के व्यस्त समय में पार्लर के चक्कर लगाने और घंटों इंतजार करने से मुक्ति मिलती है। घर पर अपनी सुविधानुसार किसी भी समय क्लीनअप या फेशियल पूरा किया जा सकता है। • दीर्घकालिक निखार: फेशियल के बाद नियमित सीटीएम रूटीन और एसपीएफ लगाने से त्वचा प्रदूषण से सुरक्षित रहती है। यह आदत चेहरे पर असमय झुर्रियां और रूखापन आने से रोकती है। ऐसा क्यों हुआ बढ़ते प्रदूषण, व्यस्त दिनचर्या और शादी-विवाह के मौकों पर पार्लर में लगने वाली लंबी कतारों के कारण घरेलू फेशियल की जरूरत महसूस की जा रही है। त्वचा की सही पहचान न होने से अक्सर लोग गलत उत्पाद चुनकर नुकसान उठा लेते हैं। • प्रदूषण और दिनचर्या का प्रभाव: धूप, धूल-मिट्टी और तनाव के लगातार संपर्क से चेहरे पर अतिरिक्त तेल और रूखापन जमने लगता है। इसके चलते रोमछिद्र बंद हो जाते हैं और त्वचा की स्वाभाविक चमक खो जाती है। • समय और संसाधनों का अभाव: छोटे-मोटे अवसरों या व्यस्तता के कारण हर बार महिलाओं के लिए ब्यूटी पार्लर जाना संभव नहीं हो पाता। इसी समस्या के समाधान के रूप में घरेलू फेशियल किट का विकल्प तेजी से लोकप्रिय हुआ है। • स्किन टाइप की गलत समझ: कई लोग बिना अपनी त्वचा की प्रकृति जाने मनमाने उत्पाद इस्तेमाल कर लेते हैं, जिससे दाने और एलर्जी हो जाती है। विशेषज्ञ इसलिए फेशवॉश टेस्ट के जरिए पहले स्किन टाइप जांचने की सलाह देते हैं। सवाल-जवाब 1. ऑयली स्किन की पहचान कैसे की जा सकती है? फेशवॉश से चेहरा धोने के एक घंटे बाद यदि बिना मॉइश्चराइजर के भी पूरे चेहरे पर तेल दिखने लगे और खिंचाव न हो, तो वह ऑयली स्किन है। 2. कॉम्बिनेशन स्किन के मुख्य लक्षण क्या हैं? इस त्वचा में माथे, नाक और ठोड़ी वाले टी-ज़ोन में तेल दिखाई देता है, जबकि दोनों गाल सूखे और सामान्य रहते हैं। 3. घरेलू फेशियल किट बाजार में किस कीमत पर मिलती हैं? घरेलू उपयोग के लिए अच्छी क्वालिटी की फेशियल किट बाजार में लगभग 800 से 1000 रुपये में उपलब्ध हो जाती हैं। 4. फेशियल के बाद सीटीएम रूटीन क्यों जरूरी है? क्लेंज़िंग, टोनिंग और मॉइश्चराइजिंग का नियमित पालन करने से फेशियल का ग्लो लंबे समय तक बना रहता है। 5. फेशियल के दौरान स्क्रब करते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए? स्क्रब या मसाज करते समय चेहरे पर तेज दबाव नहीं डालना चाहिए और हमेशा हल्के हाथों से मसाज करनी चाहिए। https://trendkia.com/jharkhand/parlara-jae-bina-chehare-para-chahie-shadi-jaisa-nikhara-to-apani-tvacha-ki-pahachana-kara-ghara-para-yun-karen-pheshiyala-35474 TrendKia — Har trend, sabse pehle.