'पवन राजा' की शूटिंग के लिए बोकारो के इसी पार्क में उतरे थे पवन सिंह, फव्वारों में दिखा साउथ इंडिया जैसा नजारा बोकारो के सेक्टर-1 स्थित सिटी पार्क में साल 2017 में पवन सिंह की फिल्म 'पवन राजा' की शूटिंग हुई थी, और फव्वारों व नारियल के पेड़ों की वजह से यह जगह आज भी दक्षिण भारत जैसा नजारा पेश करती है। झारखंड के बोकारो शहर में सेक्टर-1 इलाके में बना सिटी पार्क अब सिर्फ घूमने-फिरने की जगह नहीं रहा, बल्कि यह भोजपुरी सिनेमा के कैमरे में भी कैद हो चुका है। हरे-भरे पेड़ों, फव्वारों और खूबसूरत नजारों से सजा यह पार्क शहर के सबसे मशहूर पर्यटन स्थलों में गिना जाता है और त्योहारों व छुट्टियों में यहां भीड़ उमड़ पड़ती है। 2017 में यहां बनी थी पवन सिंह की फिल्म साल 2017 में भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार पवन सिंह की चर्चित फिल्म 'पवन राजा' के कई दृश्य इसी सिटी पार्क में फिल्माए गए थे। पार्क के मनोरम माहौल का फायदा उठाकर कहानी के कुछ अहम हिस्सों को यहीं शूट करवाया गया, जबकि फिल्म के एक्शन से जुड़े कुछ सीन बोकारो के अन्य इलाकों में कैद किए गए। पार्क की प्राकृतिक बनावट, हरियाली और खुला वातावरण इसे फिल्म निर्माताओं के लिए एक आसान और आकर्षक विकल्प बना देता है। फव्वारे और नारियल के पेड़ देते हैं साउथ इंडिया जैसा फील इस पार्क की सबसे बड़ी खासियत इसमें लगे ऊंचे ताड़ और नारियल के पेड़ हैं, जिनके बीच बना फाउंटेन इसे एक अलग ही रूप देता है। कई विजिटर इस हिस्से में खड़े होकर तस्वीर खिंचवाने पर मंजर किसी दक्षिणी शहर जैसा महसूस करते हैं। यही वजह है कि कैमरे में इसकी खूबसूरती कहीं ज्यादा उभरकर सामने आती है और फिल्म से जुड़े लोग बार-बार इसी लोकेशन को चुनते रहे हैं। टापू जैसा हिस्सा बना सेल्फी प्वाइंट पार्क के अंदर पानी से घिरा एक टापूनुमा हिस्सा भी है, जो घूमने आने वालों के बीच खासा लोकप्रिय है। चारों तरफ पानी, हरियाली और पेड़ों से घिरी इस जगह पर लोग घंटों तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आते हैं। शूटिंग के दौरान भी यह कोना बार-बार इस्तेमाल हुआ, और आज भी सैलानी यहां पहुंचकर सेल्फी लेना नहीं भूलते। फिल्म के बाद बढ़ी पार्क की पहचान 'पवन राजा' की शूटिंग के बाद यह पार्क पवन सिंह के फैंस के लिए भी खास बन गया, और बोकारो के लोग अब इसे एक अलग नजरिए से देखते हैं। सुबह टहलने वालों से लेकर परिवार के साथ पिकनिक मनाने वालों और दोस्तों के साथ वक्त बिताने वालों तक, हर दिन बड़ी तादाद में लोग यहां पहुंचते हैं। शहर के लिए यह पार्क अब सिर्फ हरियाली का टुकड़ा नहीं, बल्कि एक पहचान बन चुका है। इसका आप पर असर यह खबर सीधे तौर पर पर्यटन और स्थानीय पहचान से जुड़ी है, खासकर बोकारो जैसे शहरों के लिए जिनकी पहचान फिल्मों के जरिए और मजबूत होती है। • भारत में: यह दिखाता है कि छोटे शहरों के पार्क और लोकेशन भी बड़ी फिल्मों की शूटिंग के लिए चुने जा सकते हैं। इससे फिल्म निर्माताओं का ध्यान बड़े शहरों से हटकर छोटे शहरों की तरफ भी जा सकता है, जिससे वहां रोजगार और पहचान दोनों बढ़ने की संभावना बनती है। • झारखंड और बोकारो में: सिटी पार्क अब बोकारो की पहचान से जुड़ चुका है, जिससे स्थानीय पर्यटकों और घूमने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। जो लोग बोकारो घूमने की योजना बना रहे हैं, वे सेक्टर-1 स्थित इस पार्क को अपनी सूची में शामिल कर सकते हैं। • फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए: पार्क का टापूनुमा हिस्सा और फव्वारे फोटो-वीडियो के लिए एक तैयार लोकेशन देते हैं। सुबह या शाम के समय यहां जाना बेहतर रहेगा जब भीड़ कम और रोशनी अच्छी होती है। • परिवार और दोस्तों के लिए: पिकनिक और आउटिंग की योजना बनाने वाले इस पार्क को एक दिन की सैर के लिए चुन सकते हैं। हरियाली और खुली जगह इसे बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए सुविधाजनक बनाती है। सवाल-जवाब 1. सिटी पार्क कहां स्थित है? यह बोकारो शहर के सेक्टर-1 इलाके में स्थित है। 2. यहां किस फिल्म की शूटिंग हुई थी? साल 2017 में पवन सिंह की फिल्म 'पवन राजा' की शूटिंग यहां हुई थी। 3. पार्क को दक्षिण भारत जैसा क्यों कहा जाता है? यहां लगे ऊंचे ताड़ और नारियल के पेड़ों और फाउंटेन की वजह से यह नजारा दक्षिणी शहरों जैसा लगता है। 4. पार्क में सबसे लोकप्रिय हिस्सा कौन सा है? पानी से घिरा एक टापूनुमा हिस्सा, जो फोटो और वीडियो बनाने के लिए मशहूर है। 5. क्या फिल्म के एक्शन सीन भी यहीं शूट हुए थे? नहीं, एक्शन से जुड़े सीन बोकारो के अन्य हिस्सों में शूट किए गए थे, जबकि कुछ हिस्से पार्क में फिल्माए गए। 6. शूटिंग के बाद पार्क को लेकर क्या बदला? यह पार्क पवन सिंह के फैंस और स्थानीय लोगों के बीच खास पहचान बना चुका है और आज भी पसंदीदा घूमने की जगह है। https://trendkia.com/jharkhand/pawan-raja-ki-shutinga-ke-lie-bokaro-ke-isi-parka-men-utare-the-pawan-singh-phavvaron-men-dikha-south-india-jaisa-najara-28847 TrendKia — Har trend, sabse pehle.