राधिका प्रजापति ने बताया कच्चे केले के मसालेदार कोफ्ते बनाने का आसान तरीका कोडरमा की गृहणी राधिका प्रजापति ने सादे कच्चे केले को लजीज और चटपटे कोफ्ते में बदलने की पूरी विधि साझा की है। कच्चे केले की साधारण सब्जी अक्सर अपने बेस्वाद या फीकेपन के कारण रसोई में नजरअंदाज कर दी जाती है। बहुत से लोग रोजाना की थाली में इसे खाना पसंद नहीं करते, मगर थोड़ी सी तरकीब और सही मसालों के साथ इसी साधारण सब्जी को एक शानदार दावत में बदला जा सकता है। कोडरमा की रहने वाली गृहणी राधिका प्रजापति ने घर पर ही रेस्तरां जैसे जायके वाले कच्चे केले के कोफ्ते बनाने की बेहद सरल विधि बताई है। इस तरीके से तैयार की गई सब्जी का स्वाद इतना अनोखा और लाजवाब होता है कि खाने वाले उंगलियां चाटते रह जाएंगे। कोफ्ते के लिए बुनियादी मिश्रण ऐसे करें तैयार राधिका प्रजापति के अनुसार, इस व्यंजन की शुरुआत कच्चे केलों को अच्छी तरह उबालने से होती है। सबसे पहले केलों को टुकड़ों में काटकर पानी में तब तक उबालें जब तक कि वे पूरी तरह से मुलायम न हो जाएं। जब केले अच्छी तरह पक जाएं, तो उन्हें आंच से उतारकर सामान्य तापमान पर ठंडा होने दें। ठंडा होने पर उनके छिलके आसानी से उतर जाते हैं। छिलका हटाने के बाद उबले हुए गूदे को एक बड़े बर्तन में रखें और कांटे या मैशर की सहायता से बिल्कुल बारीक मैश कर लें। इसके बाद मिश्रण को सही बनावट और बाइंडिंग देने के लिए इसमें दो से तीन चम्मच बेसन मिलाया जाता है। बेसन के साथ ही स्वाद के अनुसार नमक, चुटकी भर हल्दी पाउडर, भुना जीरा पाउडर, गोलकी पाउडर यानी काली मिर्च पाउडर और बेहद हल्का सा बेकिंग सोडा मिलाएं। बेकिंग सोडा कोफ्तों को अंदर से स्पंजी और नरम बनाने में मदद करता है। सभी सूखी और गीली सामग्रियों को हाथों से एकसार मिला लें, जिससे कोफ्ता बनाने का मुख्य मिश्रण तैयार हो जाता है। कोफ्तों को सुनहरा तलना और ग्रेवी की तैयारी मिश्रण तैयार होने के बाद हाथों पर हल्का सा तेल लगाकर छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और उन्हें गोल या अंडाकार कोफ्तों की शक्ल दें। एक कड़ाही में पर्याप्त तेल गर्म करें और मध्यम आंच पर इन कोफ्तों को तलने के लिए डालें। इन्हें तब तक पलटते हुए पकाएं जब तक कि इनकी बाहरी परत सुनहरी और कुरकुरी न हो जाए। जब कोफ्ते अच्छी तरह सिक जाएं, तो उन्हें तेल से छानकर अलग थाली में निकाल लें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए। अब इस स्वादिष्ट व्यंजन की मसालेदार ग्रेवी तैयार करने की बारी आती है। इसके लिए पहले से बारीक कटे हुए प्याज और टमाटर व्यवस्थित रखें। साथ ही अदरक, लहसुन, हरी मिर्च और प्याज को सिलबट्टे या मिक्सी में पीसकर एक चिकना पेस्ट बना लें। गैस पर कड़ाही चढ़ाकर थोड़ा तेल गर्म करें और उसमें साबुत जीरा डालें। जैसे ही जीरा चटकने लगे, तेज पत्ता और कटे हुए प्याज डालकर धीमी आंच पर सुनहरा भूरा होने तक भूनें। प्याज के भुन जाने के बाद तैयार अदरक, लहसुन और हरी मिर्च का पेस्ट कड़ाही में डालें। मसालों की भुनाई और धीमी आंच पर पकाना राधिका प्रजापति बताती हैं कि किसी भी ग्रेवी का असली स्वाद मसालों की सटीक भुनाई पर निर्भर करता है। पेस्ट को हल्का भूनने के बाद कड़ाही में स्वादानुसार नमक, हल्दी पाउडर, तीखापन देने के लिए लाल मिर्च पाउडर, जीरा पाउडर और गोलकी पाउडर डालें। इन सभी मसालों को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए करीब पांच मिनट तक अच्छी तरह पकाएं। जब मसाला कड़ाही के किनारों से तेल छोड़ने लगे, तब समझें कि ग्रेवी का बेस पूरी तरह पक चुका है। इसके बाद कड़ाही में जरूरत के अनुसार पानी डालें और ग्रेवी को उबलने दें। जब पानी में दो से तीन अच्छे उबाल आ जाएं और तरी गाढ़ी दिखने लगे, तब इसमें पहले से तलकर रखे गए केले के कोफ्ते आहिस्ता से डाल दें। कोफ्तों को ग्रेवी के साथ करीब 5 से 7 मिनट तक हल्की आंच पर पकने दें। इतनी देर पकाने से ग्रेवी का तीखा और चटपटा स्वाद कोफ्तों के भीतर तक समा जाता है और वे बेहद रसीले बन जाते हैं। समय पूरा होने पर गैस बंद कर दें। यह गरमा-गरम कोफ्ता रोटी, फूली हुई पूड़ी, पराठे या उबले चावल के साथ परोसने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसका आप पर असर कच्चे केले के कोफ्ते की यह विधि घर के दैनिक भोजन को कम खर्च में स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाने का आसान विकल्प देती है। • दैनिक रसोई में: सादे कच्चे केले को एक नए अंदाज में पकाकर घर के उन सदस्यों को भी खिलाया जा सकता है जो सामान्य सब्जी से बचते हैं। इससे खाने की बर्बादी घटती है और बजट में शाही दावत जैसा अनुभव मिलता है। • सामग्री की बचत: बेसन, उबले केले और घर में मौजूद बुनियादी मसालों का उपयोग करके इसे बिना किसी महंगे काजू या क्रीम के तैयार किया जा सकता है। यह सीमित बजट में मेहमानों के लिए एक बेहतरीन मुख्य व्यंजन साबित होता है। • पोषण का लाभ: कच्चा केला फाइबर और पोटैशियम का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसे इस तरह तैयार करने से परिवार के आहार में हरी और पौष्टिक सब्जियों की मौजूदगी आसानी से बढ़ जाती है। • पकाने का समय: कोफ्ते और ग्रेवी दोनों को मिलाकर यह पूरी डिश 20 से 30 मिनट के भीतर बनकर तैयार हो जाती है। व्यस्त दिनों में झटपट कुछ खास बनाने के लिए यह एक व्यावहारिक नुस्खा है। ऐसा क्यों हुआ कच्चे केले को अक्सर लोग इसके रूखेपन और फीके स्वाद के कारण साधारण भुजिया या रसेदार सब्जी के रूप में पसंद नहीं करते हैं। इसी समस्या को हल करने के लिए पारंपरिक भारतीय पाक कला में कोफ्ता तकनीक का उपयोग किया जाता है। • स्वाद और बनावट का तालमेल: कच्चे केले का प्राकृतिक स्वाद हल्का और तटस्थ होता है, जो तीखे और चटपटे मसालों को आसानी से सोख लेता है। उबले गूदे में बेसन और मसाले मिलाने से एक संतुलित मिश्रण बनता है जो तलने पर बाहर से क्रिस्पी और अंदर से मुलायम रहता है। • बेकिंग सोडा का असर: उबले केले का गूदा ठंडा होने पर अक्सर सख्त हो सकता है। मिश्रण में चुटकी भर बेकिंग सोडा मिलाने से कोफ्तों के अंदरूनी रेशों में हवा बनती है, जिससे ग्रेवी भीतर तक तेजी से समा जाती है। • मसालों की धीमी भुनाई: प्याज, अदरक, लहसुन और सूखे मसालों को तेल अलग होने तक भूनने से कच्चेपन की महक खत्म होती है। यह प्रक्रिया ग्रेवी को गहरा रंग और संतुलित सुगंध प्रदान करती है। सवाल-जवाब 1. कच्चे केले के कोफ्ते बनाने की रेसिपी किसने साझा की है? यह आसान रेसिपी कोडरमा की रहने वाली गृहणी राधिका प्रजापति ने साझा की है। 2. कोफ्ते के मिश्रण में बेसन की कितनी मात्रा डाली जाती है? उबले और मैश किए हुए केले के मिश्रण में लगभग दो से तीन चम्मच बेसन डाला जाता है। 3. कोफ्तों को ग्रेवी में कितनी देर तक पकाना चाहिए? कोफ्तों को ग्रेवी के अंदर करीब 5 से 7 मिनट तक धीमी आंच पर पकने देना चाहिए। 4. ग्रेवी के लिए कौन सा पेस्ट तैयार किया जाता है? ग्रेवी के लिए अदरक, लहसुन, हरी मिर्च और प्याज को मिलाकर एक महीन पेस्ट तैयार किया जाता है। https://trendkia.com/jharkhand/radhika-prajapati-ne-bataya-kachche-kele-ke-masaledara-kophte-banane-ka-asana-tarika-35414 TrendKia — Har trend, sabse pehle.