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  "title": "रांची के ईशान ओम का भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम में चयन, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में दिखाएंगे दम",
  "summary": "झारखंड के रांची निवासी ईशान ओम का चयन ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ होने वाली मल्टी-डे सीरीज के लिए भारतीय अंडर-19 टीम में हुआ है। रक्षाबंधन से ठीक पहले मिली इस सफलता से पूरे परिवार में जश्न का माहौल है।",
  "content": "झारखंड की राजधानी रांची की धरती ने भारतीय क्रिकेट को कई महान खिलाड़ी दिए हैं और अब इसी क्रम में एक और नया नाम जुड़ गया है। रांची के रातू रोड इलाके के रहने वाले युवा क्रिकेटर ईशान ओम को भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम में शामिल किया गया है। उन्हें ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीम के विरुद्ध आयोजित होने वाली बहुदिवसीय (मल्टी-डे) क्रिकेट श्रृंखला के लिए राष्ट्रीय टीम में स्थान दिया गया है। ईशान के चयन की आधिकारिक घोषणा होते ही रातू रोड स्थित उनके आवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। माता-पिता, बहनें और पूरा पड़ोस इस अविश्वसनीय उपलब्धि पर जश्न मना रहा है। यह पल न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे रांची और झारखंड के खेल जगत के लिए अत्यंत गर्व और सम्मान का विषय है।\n\nबाएं हाथ की फिरकी और बल्लेबाजी बना आधार\nईशान ओम मैदान पर एक कुशल ऑलराउंडर की भूमिका निभाते हैं। वे बाएं हाथ के उपयोगी बल्लेबाज हैं और साथ ही अपनी बाएं हाथ की सटीक स्पिन गेंदबाजी से विरोधी बल्लेबाजों को संकट में डालने में माहिर हैं। अपनी इसी प्रतिभा के दम पर वे पहले ही झारखंड की सीनियर रणजी टीम में अपनी जगह पक्की कर चुके हैं। रणजी स्तर पर खेलने के बाद अब भारतीय अंडर-19 टीम में जगह बनाना ईशान के खेल करियर का एक बहुत बड़ा और निर्णायक मोड़ माना जा रहा है। घरेलू क्रिकेट में उनके लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन और बहुमुखी प्रतिभा ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा, जिसके फलस्वरूप उन्हें ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ राष्ट्रीय जर्सी पहनने का यह महत्वपूर्ण अवसर मिला है।\n\nरक्षाबंधन का सबसे यादगार और अनमोल उपहार\nयह खबर ईशान के परिवार के लिए रक्षाबंधन के त्योहार से ठीक एक दिन पहले आई, जिसने इस पावन अवसर को बेहद यादगार बना दिया। ईशान की बहन श्रेष्ठ प्रिया झा के लिए यह खुशखबरी किसी भी भौतिक उपहार से कहीं बढ़कर है। श्रेष्ठ प्रिया ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि उनके भाई ईशान का एकमात्र सपना भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम का हिस्सा बनना था। दिन-रात की मेहनत के बाद जब उसका यह सपना पूरा हुआ, तो रक्षाबंधन से ठीक पहले मिला यह तोहफा पूरे परिवार को भावुक कर गया। दो बहनों के इकलौते क्रिकेटर भाई ईशान ने इस शानदार उपलब्धि से अपनी बहनों और माता-पिता को गर्व से भर दिया है। बहन ने कहा कि उनके भाई ने अपने समर्पण से यह साबित कर दिखाया कि लगन हो तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं होता।\n\nसैन्य पृष्ठभूमि और माता-पिता का अटूट विश्वास\nईशान की माता गनीता झा अपने बेटे के सपने को साकार होते देख बेहद भावुक नजर आईं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने बेटे के लिए जो सपना देखा था, वह अब हकीकत में बदलता हुआ दिखाई दे रहा है। गनीता झा का परिवार भारतीय सेना से गहराई से जुड़ा रहा है, इसलिए उनके घर में देश के प्रति सेवा और समर्पण का भाव हमेशा से सर्वोपरि रहा है। उनकी इच्छा थी कि उनके बच्चे जिस भी क्षेत्र में जाएं, वहां देश का मस्तक ऊंचा करें। उनके परिवार में दो बेटियां हैं, जो दोनों पेशे से वकील के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। ईशान घर में सबसे छोटा बेटा है और उसने बचपन में ही बैट और बॉल थामकर क्रिकेट को अपना करियर बनाने का फैसला किया था। मां गनीता झा के अनुसार, भारतीय क्रिकेट टीम की नीली जर्सी पहनना हर भारतीय खिलाड़ी की सर्वोच्च आकांक्षा होती है और ईशान ने इस दिशा में अपना पहला बड़ा कदम सफलतापूर्वक बढ़ा दिया है।\n\nकोच आशीष का मार्गदर्शन और आगे का रास्ता\nईशान के क्रिकेट सफर में उनके पिता और कोच का योगदान भी बेहद खास रहा है। ईशान के पिता थानेश्वर झा कोल इंडिया में माइनिंग इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि परिवार ने ईशान को हमेशा अनुशासित रहने और देश का नाम रोशन करने के संस्कार दिए हैं। उन्होंने इस सफलता का बहुत बड़ा श्रेय ईशान के व्यक्तिगत कोच आशीष को दिया। पिता के अनुसार, कोच आशीष ने दिन-रात ईशान के साथ पसीना बहाया और उसकी प्रतिभा को तराशा है। कोच आशीष ने भी ईशान के चयन पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि ईशान की सबसे बड़ी ताकत उसकी सटीक गेंदबाजी है। उन्होंने शुरुआती दिनों से ही ईशान की गेंदबाजी की बारीकियों और विविधताओं पर काफी काम किया है। कोच ने ईशान को सलाह दी है कि भारतीय अंडर-19 टीम के रूप में उन्हें एक बहुत बड़ा राष्ट्रीय मंच मिला है, लेकिन यह केवल उनके लंबे करियर की शुरुआत है। आगे भी अपनी गेंदबाजी और खेल में निरंतर सुधार के लिए उन्हें कठिन परिश्रम जारी रखना होगा।\n\nइसका आप पर असर\nईशान ओम का भारतीय अंडर-19 टीम में चयन होना देश और स्थानीय खेल परिदृश्य दोनों के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव रखता है।\n\n• भारत भर में: घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाले युवाओं के लिए राष्ट्रीय चयन के दरवाजे खुलते हैं। इससे उभरते खिलाड़ियों को मल्टी-डे फॉर्मेट में अपनी प्रतिभा साबित करने का बेहतरीन मंच मिलेगा।\n• झारखंड और रांची में: रांची और पूरे राज्य के युवा क्रिकेटरों के लिए यह चयन एक बड़ी प्रेरणा का काम करेगा। स्थानीय अकादमियों में प्रशिक्षण ले रहे बच्चों को आगे बढ़ने का नया आत्मविश्वास और सही दिशा मिलेगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. ईशान ओम किस शहर और राज्य के रहने वाले हैं?\nईशान ओम झारखंड की राजधानी रांची के रातू रोड इलाके के रहने वाले हैं।\n\n2. ईशान ओम का चयन किस टीम में हुआ है?\nउनका चयन ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ होने वाली मल्टी-डे सीरीज के लिए भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम में हुआ है।\n\n3. ईशान ओम मैदान में क्या भूमिका निभाते हैं?\nवे बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने के साथ-साथ बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज भी हैं और झारखंड रणजी टीम का हिस्सा हैं।\n\n4. ईशान ओम के परिवार में कौन-कौन हैं?\nउनके परिवार में उनके पिता थानेश्वर झा (कोल इंडिया में माइनिंग इंजीनियर), माता गनीता झा और दो बहनें (श्रेष्ठ प्रिया झा समेत दोनों वकील) हैं।\n\nप्रेरणा और सबक\nईशान ओम का चयन युवाओं को मेहनत और अनुशासन की सीख देता है।\n\n• अपनी मुख्य ताकत पर ध्यान दें: ईशान और उनके कोच ने शुरुआत से ही उनकी गेंदबाजी को ताकत बनाकर उस पर लगातार काम किया।\n• परिवार का समर्थन और अनुशासन: सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार के अनुशासित माहौल ने उन्हें खेल में केंद्रित रहने में मदद की।\n• अवसरों का पूरा लाभ उठाएं: बड़ा मंच मिलने पर भी सीखने की प्रक्रिया जारी रखना ही दीर्घकालिक सफलता की कुंजी है।",
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  "category": "झारखंड",
  "publishedAt": "2026-08-28",
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