# रांची के प्रभात ने साझा किया सफलता का सूत्र, रिटायरमेंट से पांच साल पहले की गई प्लानिंग से चल रही जिंदगी

> कोल इंडिया से सेवानिवृत्त रांची निवासी प्रभात ने अपनी सफलता का फॉर्मूला बताया है। उन्होंने रिटायरमेंट से पांच साल पहले ही वित्तीय योजना बना ली थी और आज वे फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज तथा अपने शौक के सहारे तनावमुक्त जीवन जी रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** झारखंड · **Published:** 2026-09-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jharkhand/ranchi-ke-prabhata-ne-sajha-kiya-saphalata-ka-sutra-ritayaramenta-se-pancha-sala-pahale-ki-gai-planinga-se-chala-rahi-jindagi-27368 · **Language:** Hindi
**Tags:** रिटायरमेंट प्लानिंग, रांची समाचार, कोल इंडिया, वित्तीय योजना, गार्डनिंग, सफलता की कहानी

रांची के रहने वाले प्रभात कोल इंडिया कंपनी से अपनी सेवा पूरी कर चुके हैं। उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान ही भविष्य को सुरक्षित करने की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली थी। प्रभात का कहना है कि उन्होंने अपने करियर के अंतिम पड़ाव यानी रिटायरमेंट से पांच साल पहले ही फाइनेंशियल प्लानिंग करना शुरू कर दिया था। इसके साथ ही उन्होंने अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा और अपनी पुरानी हॉबी गार्डनिंग को भी जिंदा रखा, जिसकी बदौलत आज वह बिना किसी शारीरिक या मानसिक तनाव के जीवन का आनंद उठा रहे हैं। आज उनकी दिनचर्या में पैसों की कोई चिंता नहीं है और वे प्रकृति के करीब रहते हुए अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

## स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना है सबसे जरूरी
प्रभात के अनुसार, बुढ़ापे के दिनों में सबसे बड़ी चुनौती स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। यदि उम्र के इस पड़ाव पर थोड़ी सी भी लापरवाही हो जाए और पैर फिसलने से हड्डी टूट जाए, तो अस्पताल का भारी भरकम बिल जेब पर भारी पड़ जाता है। इस तरह की समस्याओं से बचने के लिए उन्होंने पचास की उम्र पार करते ही योग और एक्सरसाइज के जरिए खुद को चुस्त-दुरुस्त रखना शुरू कर दिया था। इसी का परिणाम है कि आज इस उम्र में भी वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें किसी भी तरह की कोई गंभीर बीमारी नहीं है।

## रिटायरमेंट से पांच साल पहले की वित्तीय योजना
भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के अपने अनुभव को साझा करते हुए प्रभात बताते हैं कि उन्होंने सेवानिवृत्ति मिलने से पांच साल पहले ही यह हिसाब लगा लिया था कि उन्हें मिलने वाली कुल राशि को किस प्रकार निवेश करना है। उन्होंने पहले ही गणना कर ली थी कि मिलने वाले फंड को फिक्स्ड डिपॉजिट में डालने पर कितना ब्याज मिलेगा और उनके महीने भर के खर्च कितने हैं। उन्होंने अपने रिटायरमेंट के फंड को बिल्कुल नहीं छुआ और पूरी राशि को सीधे फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश कर दिया। आज उसी निवेश से मिलने वाले ब्याज के जरिए उनका खर्च आसानी से चल रहा है और उन्हें पैसों को लेकर कभी सोचना नहीं पड़ता है।

## प्रकृति के बीच गार्डनिंग से मिलता है मानसिक सुकून
बचपन से ही पेड़-पौधों और प्रकृति के प्रति गहरा लगाव रखने वाले प्रभात ने रिटायरमेंट के बाद अपने इसी पुराने जुनून को अपना मुख्य काम बना लिया। उनका मानना है कि दुनिया के लिए जीने के बाद यह वह समय होता है जब इंसान को अपने भीतर की इच्छाओं और सपनों को पूरा करना चाहिए। वे रोजाना चार से पांच घंटे गार्डनिंग में बिताते हैं। प्रकृति के सान्निध्य में रहने के कारण उनका शरीर तो फिट रहता ही है, साथ ही उनका मन भी बेहद प्रसन्न रहता है। वे फुर्सत के पलों में जंगलों की सैयर करने और पहाड़ों पर चढ़ने निकल जाते हैं।

## सेवानिवृत्ति के बाद शुरू होती है असली जिंदगी
प्रभात का यह स्पष्ट मानना है कि जीवन के असली सुख का अहसास सेवानिवृत्ति के बाद ही होता है। इस दौर में व्यक्ति अपने दिल की आवाज सुन सकता है और अपनी इच्छाओं के अनुसार जी सकता है। वे घर में कभी भी खाली नहीं बैठते हैं और जब भी समय मिलता है, प्रकृति के बीच निकल जाते हैं। उनका संदेश है कि उम्र केवल एक संख्या मात्र है और इंसान कभी बूढ़ा नहीं होता है। हर किसी को अपने दिल में दबी इच्छाओं को पूरा करना चाहिए और जीवन के हर पल का भरपूर आनंद लेना चाहिए।

## इसका आप पर असर
यह खबर उन सभी लोगों के लिए बेहद उपयोगी है जो अपने भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित और तनावमुक्त बनाना चाहते हैं।

- **भारत में:** नौकरीपेशा लोगों को अपने रिटायरमेंट से कम से कम पांच साल पहले वित्तीय योजना और निवेश के विकल्प तैयार कर लेने चाहिए ताकि बाद में पैसों की तंगी न हो।
- **रांची में:** स्थानीय नागरिकों और वरिष्ठ नागरिकों को प्रभात की तरह अपनी जीवनशैली में योग और प्रकृति से जुड़ने जैसे तौर-तरीकों को अपनाकर स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है।

## सवाल-जवाब

### 1. प्रभात किस कंपनी से रिटायर्ड हैं?
प्रभात कोल इंडिया कंपनी से रिटायर्ड हैं।

### 2. उन्होंने अपनी वित्तीय योजना कब बनाई थी?
उन्होंने अपने रिटायरमेंट से पांच साल पहले ही वित्तीय योजना बना ली थी।

### 3. उनके खर्चों का संचालन कैसे होता है?
उनके रिटायरमेंट के पैसे फिक्स्ड डिपॉजिट में हैं और मिलने वाले ब्याज से उनका खर्च चलता है।

### 4. वे स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए क्या करते हैं?
वे पचास की उम्र के बाद से योग और एक्सरसाइज के माध्यम से अपनी बॉडी को त्दुरूस्त रखते आ रहे हैं।

### 5. वे अपना खाली समय कैसे बिताते हैं?
वे हर दिन चार से पांच घंटे गार्डनिंग करते हैं और फुर्सत मिलने पर जंगल व पहाड़ों की सैर करते हैं।

## प्रेरणा और सबक
प्रभात के जीवन से मिलने वाले महत्वपूर्ण सबक जो हर कामकाजी व्यक्ति अपने जीवन में उतार सकता है:

- **भविष्य की तैयारी समय पर करें:** अपने रिटायरमेंट के वित्तीय प्रबंधन को अंतिम समय पर छोड़ने के बजाय पांच साल पहले ही तय कर लें।
- **स्वास्थ्य को सबसे ऊपर रखें:** पचास की उम्र के बाद नियमित योग और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं ताकि मेडिकल खर्चों से बचा जा सके।
- **अपने शौक को जिंदा रखें:** काम से फुर्सत मिलने के बाद अपने बचपन के सपनों और रचनात्मक शौक जैसे गार्डनिंग को समय दें।
- **उम्र को बाधा न बनने दें:** यह विश्वास रखें कि उम्र केवल एक संख्या है और आप किसी भी पड़ाव पर अपने पसंदीदा कार्यों को शुरू कर सकते हैं।

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