# रांची के सहजानंद चौक पर बाबू भाई के चाइनीज स्वाद का जलवा, 50 से अधिक व्यंजनों की मिल रही वैरायटी

> ठेकेदारी छोड़कर फूड स्टॉल शुरू करने वाले बाबू भाई का मिनी रेस्टोरेंट रांची में खूब लोकप्रिय हो रहा है, जहां 50 रुपये से शुरू होकर 160 रुपये तक में कई तरह के चाइनीज व्यंजन परोसे जाते हैं।

**Type:** article · **Category:** झारखंड · **Published:** 2026-10-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jharkhand/ranchi-ke-sahajanand-chowk-para-babu-bhai-ke-chainija-svada-ka-jalava-50-se-adhika-vynjanon-ki-mila-rahi-vairayati-42601 · **Language:** Hindi
**Tags:** रांची, सहजानंद चौक, बाबू भाई, चाइनीज फूड, स्ट्रीट फूड, झारखंड

झारखंड की राजधानी रांची के सहजानंद चौक पर इन दिनों एक छोटे फूड स्टॉल के चाइनीज व्यंजनों की जबरदस्त चर्चा है। कभी ठेकेदारी का काम करने वाले बाबू भाई ने जब लोगों की सलाह पर खाने-पीने का काम शुरू करने का फैसला किया, तो उन्होंने भी नहीं सोचा था कि उनका यह मिनी रेस्टोरेंट इस कदर पसंद किया जाएगा। शुरुआती दिनों में एक नेपाली युवक ने उनसे संपर्क किया और कुछ खास मसालों के साथ पकाने की बिल्कुल अलग तकनीक साझा की। उसी सीक्रेट रेसिपी और अनोखे फॉर्मूले ने इस आउटलेट की किस्मत बदल दी और देखते ही देखते यह ठिकाना स्थानीय फूड लवर्स के बीच बेहद मशहूर हो गया।

## मेनू में 50 से अधिक डिशेज और दर्जनों किस्में
बाबू भाई के इस आउटलेट पर ग्राहकों को मेनू में 50 से अधिक तरह के व्यंजन मिल जाते हैं। यहां शंघाई स्टाइल डिशेज से लेकर चिकन राइस, चिकन रोल, चिकन सूप, चिकन चाऊमीन और पास्ता जैसे कई विकल्प उपलब्ध हैं। आउटलेट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि मेनू में शामिल लगभग हर प्रमुख डिश के अंदर ग्राहकों को कम से कम पांच-पांच अलग-अलग तरह की वैरायटी चखने को मिलती हैं, जिससे हर बार लोगों को नया स्वाद मिलता है।

## क्वालिटी, ओरिजिनल सामग्री और किफायती दाम
अपने खाने के अनोखे स्वाद के पीछे का राज साझा करते हुए बाबू भाई बताते हैं कि वे हर डिश को पूरे मन और समर्पण से तैयार करते हैं। उनके मुताबिक, स्टॉल पर मसालों से लेकर खाना पकाने के तेल तक हर सामग्री पूरी तरह ओरिजिनल इस्तेमाल की जाती है। वे ग्राहकों को अपनी रसोई में आकर तैयारियों को देखने का भी खुला भरोसा देते हैं। इसके साथ ही कीमतों को आम लोगों की पहुंच में रखा गया है ताकि हर कोई यहां आकर आराम से खाना खा सके। मेनू में चाऊमीन की शुरुआती कीमत मात्र 50 रुपये है, जबकि सबसे महंगा आइटम पनीर चिल्ली है, जिसकी कीमत अधिकतम 160 रुपये रखी गई है। इससे महंगा कोई भी आइटम यहां नहीं मिलता है।

## 10 वर्षों से बरकरार क्रेज, 25 किलोमीटर दूर से आते हैं ग्राहक
सहजानंद चौक पर इस स्टॉल को चलते हुए 10 साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन लोगों के बीच इसका क्रेज आज भी पहले जैसा ही बना हुआ है। खाने के शौकीन लोग 25 किलोमीटर की दूरी तय करके यहां पहुंचते हैं और सीधे बाबू भाई के नाम पर अपने दोस्तों और परिवार को लेकर आते हैं। एक दशक पुराना यह भरोसा और किफायती कीमत ही इस मिनी रेस्टोरेंट की असली पहचान बन चुकी है।

## इसका आप पर असर
रांची के स्थानीय निवासियों और भोजन के शौकीनों के लिए यह आउटलेट बेहद किफायती दर पर गुणवत्तापूर्ण खाना उपलब्ध कराता है।

- **रांची में:** सहजानंद चौक के आसपास रहने वाले या शहर में आने वाले लोगों को 50 रुपये से 160 रुपये के बजट में ताज़ा चाइनीज भोजन मिल सकता है। जो लोग किफायती दाम में विभिन्न प्रकार के रोल या चाऊमीन तलाश रहे हैं, वे इस विकल्प का लाभ उठा सकते हैं।
- **पूरे झारखंड में:** छोटे स्तर पर फूड बिजनेस शुरू करने के इच्छुक उद्यमियों के लिए यह उदाहरण दिखाता है कि सही स्वाद और उचित कीमत से ग्राहकों का भरोसा कैसे जीता जाता है। स्थानीय स्तर पर प्रामाणिक सामग्री और पारदर्शिता बनाए रखकर लंबे समय तक ग्राहक जोड़े जा सकते हैं।
- **बजट और खान-पान:** रोजमर्रा के खर्च को नियंत्रित रखते हुए बाहर खाने के शौकीन छात्र और कामकाजी लोग यहां बिना जेब पर असर डाले भोजन कर सकते हैं। अधिकतम 160 रुपये की सीमा से भोजन का खर्च पूरी तरह स्पष्ट और तय रहता है।
- **गुणवत्ता की जांच:** खुले तौर पर किचन देखने की सुविधा मिलने से ग्राहकों को साफ-सफाई और प्रयुक्त तेल-मसालों की गुणवत्ता का भरोसा रहता है। मिलावट के डर के बिना लोग अपनी पसंद का खाना चुन सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
यह फूड स्टॉल लगातार गुणवत्ता, विशेष रेसिपी और बेहद सस्ती कीमतों के संयोजन के चलते पिछले दस सालों से सफलतापूर्वक चल रहा है।

- **सीक्रेट रेसिपी और मार्गदर्शन:** स्टॉल की शुरुआत में एक नेपाली युवक द्वारा साझा की गई खास मसालों की रेसिपी ने इसे बाजार के अन्य ठेलों से अलग स्वाद दिया। इस अनोखे स्वाद के कारण ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ती चली गई।
- **मूल सामग्रियों का उपयोग:** रसोई में पूरी तरह असली मसाले और गुणवत्तापूर्ण तेल इस्तेमाल करने से खाने का स्वाद और भरोसा दोनों बने रहे। प्रामाणिक सामग्री की वजह से लोग नियमित ग्राहक बन गए।
- **सस्ती और नियंत्रित दरें:** मेनू की शुरुआती कीमत 50 रुपये और अधिकतम सीमा 160 रुपये रखने से यह हर वर्ग के बजट में फिट बैठता है। उचित मूल्य रणनीति ने दूर-दराज के इलाकों से भी लोगों को आकर्षित किया।

## सवाल-जवाब

### 1. बाबू भाई का यह फूड स्टॉल कहां स्थित है?
यह फूड स्टॉल झारखंड के रांची में सहजानंद चौक पर स्थित है।

### 2. फूड स्टॉल शुरू करने से पहले बाबू भाई क्या करते थे?
खाने-पीने का यह काम शुरू करने से पहले वे ठेकेदारी का काम करते थे।

### 3. उनकी चाइनीज रेसिपी की शुरुआत कैसे हुई?
शुरुआती दिनों में एक नेपाली युवक ने उनसे मिलकर खास मसाले और एक अनोखी सीक्रेट रेसिपी साझा की थी।

### 4. स्टॉल के मेनू में कौन-कौन से मुख्य आइटम शामिल हैं?
मेनू में शंघाई स्टाइल डिशेज, चिकन राइस, चिकन रोल, चिकन सूप, चिकन चाऊमीन और पास्ता जैसे 50 से अधिक आइटम शामिल हैं।

### 5. यहां व्यंजनों की कीमतें क्या हैं?
यहां चाऊमीन की शुरुआत 50 रुपये से होती है और अधिकतम कीमत पनीर चिल्ली के लिए 160 रुपये है।

### 6. यह स्टॉल कितने समय से संचालित हो रहा है?
सहजानंद चौक पर यह स्टॉल पिछले 10 से अधिक वर्षों से चल रहा है।

### 7. ग्राहक कितनी दूरी से यहां खाना खाने आते हैं?
बाबू भाई के अनुसार, लोग 25 किलोमीटर की दूरी से भी यहां उनका नाम सुनकर आते हैं।

## प्रेरणा और सबक
बाबू भाई का सफर यह सिखाता है कि सही सलाह, सीखने की इच्छा और ईमानदारी से किसी भी छोटे काम को बड़ा बनाया जा सकता है।

- **सलाह को अमल में लाना:** जब आसपास के लोगों ने खाने का काम शुरू करने का सुझाव दिया, तो उन्होंने बिना झिझक नई शुरुआत की। किसी नए विचार पर भरोसा करके पहला कदम उठाना ही प्रगति का आधार बनता है।
- **सीखने और अपनाने की ललक:** शुरुआत में मिले एक नेपाली युवक की रेसिपी और सुझावों को खुले मन से स्वीकार करके उन्होंने अपने काम में लागू किया। दूसरों से मिले अच्छे ज्ञान को अपनाकर अपने कौशल को निखारना सफलता की कुंजी है।
- **गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं:** दस साल बाद भी असली तेल और मसालों का इस्तेमाल करना यह दर्शाता है कि दीर्घकालिक सफलता केवल ईमानदारी से ही मिलती है। ग्राहकों के विश्वास की रक्षा करना किसी भी काम में सबसे आवश्यक होता है।
- **ग्राहक के बजट का सम्मान:** अधिकतम कीमत 160 रुपये तक सीमित रखकर उन्होंने यह साबित किया कि किफायती रहकर भी एक सफल उद्यम चलाया जा सकता है। उचित मूल्य निर्धारण से ग्राहकों के साथ दशकों लंबा रिश्ता कायम रहता है।

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