# रांची के ऑटो चालक की बेटी प्रियांशु चौधरी ने मॉडलिंग में बनाई पहचान, बड़े फैशन वीक से लेकर मिस दिवा तक बिखेरा जलवा

> झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली प्रियांशु चौधरी ने सीमित संसाधनों और सामाजिक तानों के बावजूद नेशनल मॉडलिंग और बड़े फैशन वीक में अपनी मजबूत जगह बनाई है।

**Type:** article · **Category:** झारखंड · **Published:** 2026-09-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jharkhand/ranchi-ke-to-chalaka-ki-beti-priyanshu-choudhary-ne-modalinga-men-banai-pahachana-bare-phaishana-vika-se-lekara-miss-diva-taka-bik-35529 · **Language:** Hindi
**Tags:** प्रियांशु चौधरी, रांची, मॉडलिंग, फैशन वीक, मिस दिवा, मिस ग्रैंड इंडिया, सफलता की कहानी

झारखंड की राजधानी रांची की गलियों से निकलकर देश के प्रतिष्ठित फैशन मंचों तक पहुंचना किसी भी युवा के लिए आसान नहीं होता, लेकिन प्रियांशु चौधरी ने अपने कड़े संघर्ष और लगन से इस मुकाम को हासिल कर दिखाया है। आज वह एक सफल राष्ट्रीय मॉडल के तौर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं और देश के कई प्रतिष्ठित फैशन आयोजनों में रैंप वॉक कर चुकी हैं। एक सामान्य परिवार से आने के बावजूद बड़े सपने देखना और उन्हें हकीकत में बदलना ही उनकी पहचान बन चुका है। उनके पिता रांची में ऑटो रिक्शा चलाते हैं, और अपनी सीमित आय के सहारे ही उन्होंने अपनी बेटी को अपने दम पर खड़े होने और इस मुकाम तक पहुंचने का हौसला दिया।

## सामाजिक तानों के बीच माता-पिता बने सबसे बड़ी ढाल
छोटे शहरों में जब लड़कियां मॉडलिंग जैसे ग्लैमरस करियर को चुनती हैं, तो समाज अक्सर तरह-तरह की बातें बनाता है और ताने कसता है। प्रियांशु के सफर में भी पड़ोस और समाज की तरफ से ताने आए, लेकिन इसका असर उनके मनोबल पर कभी नहीं पड़ा। इसकी सबसे बड़ी वजह उनका पारिवारिक माहौल रहा, जहां माता-पिता ने समाज की नकारात्मक बातों को अपनी बेटी तक पहुंचने ही नहीं दिया। अपने माता-पिता के अटूट विश्वास और प्रोत्साहन को याद करते हुए प्रियांशु चौधरी ने कहा, 
> मेरी मम्मी और मेरे पापा मेरे सबसे बड़े सपोर्टर हैं।
 घर से मिले इसी सुरक्षित माहौल और लगातार मिले सहयोग ने उनके पंखों को मजबूती दी, जिसके बल पर वह अपनी मंजिल तय कर सकीं।

## सुष्मिता सेन और प्रियंका चोपड़ा से मिला आगे बढ़ने का हौसला
फैशन और ग्लैमर जगत में कदम रखते समय हर किसी का कोई न कोई आदर्श होता है। प्रियांशु के लिए यह प्रेरणा पूर्व मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन बनीं। सुष्मिता के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, बात करने के लहजे और उनके सकारात्मक रवैये ने प्रियांशु को मॉडलिंग की दुनिया में आगे बढ़ने की नई ऊर्जा दी। इसके साथ ही उन्होंने प्रियंका चोपड़ा और दीपिका पादुकोण जैसी सफल हस्तियों के करियर से भी काफी कुछ सीखा, जिन्होंने फैशन और मॉडलिंग की दुनिया से शुरुआत करके अभिनय के क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। इन सफल महिलाओं की लगन को देखकर प्रियांशु के मन में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाने का उत्साह लगातार बना रहा।

## प्रतिष्ठित ब्रांड्स, ब्यूटी पेजेंट और अंतरराष्ट्रीय फैशन वीक में सफर
प्रियांशु की शुरुआत रांची के एक हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने के दौरान हुई थी। वहीं रहते हुए उन्हें यह विश्वास हुआ कि उनके भीतर वह प्रतिभा और क्षमता मौजूद है जो उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मॉडलिंग मंचों तक ले जा सकती है। जब उन्होंने अपने इस फैसले को अपने परिवार के सामने रखा, तो माता-पिता ने बिना किसी झिझक के उनका समर्थन किया। आर्थिक तंगी के बावजूद उनके पिता ने अपनी सीमित कमाई को जोड़कर बेटी को उचित प्रशिक्षण के लिए मुंबई भेजा, जहां से उनके पेशेवर करियर ने रफ्तार पकड़ी।

इसके बाद उन्होंने कई नामी अभियानों में काम किया, जिनमें करण जौहर की तैयानी ज्वेलरी, पर्ल ज्वेलरी हाउस के विज्ञापन और कई सरकारी विज्ञापन शामिल हैं। इसके अलावा वह कॉटर फैशन वीक का हिस्सा रहीं, मिस दिवा में भाग लिया और मिस ग्रैंड इंडिया प्रतियोगिता में 'परफेक्ट स्माइल' का उप-खिताब अपने नाम किया। वह स्पॉटलेस फेस ऑफ इंडियन मैगज़ीन के संपादकीय पन्नों पर भी स्थान पा चुकी हैं। एशियन इंटरनेशनल फैशन वीक सहित कई महत्वपूर्ण आयोजनों में काम करने के बाद आज वह दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे प्रमुख महानगरों में लगातार मॉडलिंग असाइनमेंट कर रही हैं। प्रियांशु की यह यात्रा इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि इरादे मजबूत हों तो साधारण पृष्ठभूमि भी बड़ी सफलता की राह में रुकावट नहीं बन सकती।

## इसका आप पर असर
यह प्रेरक कहानी साबित करती है कि सीमित आय और छोटे शहरों की पृष्ठभूमि के बावजूद समर्पण और सही मार्गदर्शन से राष्ट्रीय मंचों पर करियर बनाया जा सकता है।

- **छोटे शहरों के युवाओं के लिए:** यह यात्रा दिखाती है कि गैर-पारंपरिक करियर क्षेत्रों में भी अपनी प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ा जा सकता है। महानगरों में जाकर पेशेवर प्रशिक्षण लेना और अपने कौशल को तराशना सफलता की संभावनाओं को कई गुना बढ़ा देता है।
- **अभिभावकों के दृष्टिकोण में बदलाव:** माता-पिता का अटूट समर्थन सामाजिक दबाव और तानों के असर को पूरी तरह बेअसर कर सकता है। सीमित संसाधनों के बीच भी बच्चों की क्षमता पर भरोसा जताना उनके आत्मविश्वास को मजबूत करता है।
- **फैशन उद्योग के अवसर:** सौंदर्य प्रतियोगिताएं और क्षेत्रीय फैशन वीक नए चेहरों के लिए राष्ट्रीय स्तर के विज्ञापन अभियानों का रास्ता खोलते हैं। लगातार ऑडिशन देना और सही मंचों पर उपस्थिति दर्ज कराना ब्रांड्स का ध्यान आकर्षित करने का प्रभावी जरिया बनता है।
- **झारखंड और रांची में:** स्थानीय युवाओं में रचनात्मक और ग्लैमर उद्योगों के प्रति झिझक कम होगी और नए रास्ते तलाशने का आत्मविश्वास जागेगा। राज्य के उभरते कलाकारों और मॉडलों को अपने सपनों को गंभीरता से आगे बढ़ाने की व्यावहारिक प्रेरणा मिलेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
प्रियांशु चौधरी की सफलता किसी एक दिन का परिणाम नहीं है, बल्कि यह व्यक्तिगत आत्मविश्वास, पारिवारिक त्याग और रणनीतिक फैसलों की एक व्यवस्थित कड़ी से संभव हुई है।

- **आत्मविश्वास और व्यक्तिगत दृढ़ संकल्प:** रांची के हॉस्टल में पढ़ाई के दौरान ही प्रियांशु ने अपनी क्षमता और मॉडलिंग में राष्ट्रीय स्तर पर जाने की संभावना को पहचाना। उन्होंने सामाजिक तानों की परवाह किए बिना अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा।
- **माता-पिता का अटूट समर्थन:** पिता द्वारा ऑटो रिक्शा चलाकर कमाए गए सीमित पैसों से मुंबई में पेशेवर प्रशिक्षण दिलाना उनके सफर का निर्णायक मोड़ बना। परिवार ने सामाजिक टिप्पणियों को नजरअंदाज करते हुए उनके करियर को पहली प्राथमिकता दी।
- **पेशेवर प्रशिक्षण और सही मंचों का चुनाव:** मुंबई जाकर ट्रेनिंग लेने के बाद उन्होंने मिस दिवा, मिस ग्रैंड इंडिया और एशियन इंटरनेशनल फैशन वीक जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर खुद को आजमाया। इन बड़े आयोजनों में मिलने वाले अनुभव और पहचान ने उन्हें बड़े ब्रांड्स के विज्ञापनों तक पहुंचाया।

## सवाल-जवाब

### 1. प्रियांशु चौधरी कौन हैं और वह किस शहर से ताल्लुक रखती हैं?
प्रियांशु चौधरी एक उभरती हुई राष्ट्रीय मॉडल हैं, जो मूल रूप से झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली हैं।

### 2. प्रियांशु चौधरी के परिवार की पृष्ठभूमि क्या है?
वह एक साधारण परिवार से आती हैं और उनके पिता रांची में आजीविका के लिए ऑटो रिक्शा चलाते हैं।

### 3. प्रियांशु चौधरी मॉडलिंग जगत में किसे अपना आदर्श मानती हैं?
वह पूर्व मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन के व्यक्तित्व और अंदाज को अपना मुख्य आदर्श मानती हैं, साथ ही प्रियंका चोपड़ा और दीपिका पादुकोण से भी प्रेरणा लेती हैं।

### 4. प्रियांशु ने अपने करियर में किन प्रमुख ब्रांड्स और फैशन आयोजनों के लिए काम किया है?
उन्होंने करण जौहर की तैयानी ज्वेलरी, पर्ल ज्वेलरी हाउस और सरकारी विज्ञापनों में काम किया है, इसके अलावा वह कॉटर फैशन वीक और एशियन इंटरनेशनल फैशन वीक में भी शामिल रही हैं।

### 5. प्रियांशु चौधरी ने किन प्रमुख सौंदर्य प्रतियोगिताओं में भाग लिया है?
उन्होंने मिस दिवा में हिस्सा लिया है और मिस ग्रैंड इंडिया प्रतियोगिता में 'परफेक्ट स्माइल' का खिताब जीता है।

### 6. मॉडलिंग की शुरुआत के लिए प्रियांशु को प्रशिक्षण कहां से मिला?
उनके पिता ने अपनी सीमित कमाई के बावजूद उन्हें विधिवत मॉडलिंग प्रशिक्षण के लिए मुंबई भेजा था, जहां से उनके सफर की शुरुआत हुई।

## प्रेरणा और सबक
प्रियांशु चौधरी का सफर उन सभी के लिए एक मिसाल है जो विपरीत परिस्थितियों के बीच अपने सपनों को सच करने का साहस जुटाते हैं।

- **सीमित संसाधन कभी प्रतिभा की सीमा नहीं बनते:** एक साधारण परिवार और ऑटो चालक के घर से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचना यह सिखाता है कि आर्थिक तंगी कभी सपनों की रुकावट नहीं बन सकती।
- **नकारात्मक टिप्पणियों को नजरअंदाज करना सीखें:** जब आप लीक से हटकर रास्ता चुनते हैं तो समाज सवाल उठाता है, लेकिन बाहरी बातों पर ध्यान न देकर अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहना ही सफलता दिलाता है।
- **परिवार का भरोसा सबसे बड़ी ताकत है:** माता-पिता का सहयोग किसी भी कठिन यात्रा को आसान बना देता है, इसलिए अपने फैसलों में परिवार को साथ लेकर चलना महत्वपूर्ण होता है।
- **सही समय पर पेशेवर प्रशिक्षण में निवेश करें:** केवल सपना देखना काफी नहीं होता, बल्कि बड़े शहरों में जाकर जरूरी ट्रेनिंग लेना और अपने हुनर को मांझना करियर को सही दिशा देता है।

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