# रांची की 64 साल की लक्ष्मी, हर तीन महीने में बदल देती हैं व्यापार और कमाती हैं मोटी रकम

> रांची की रहने वाली 64 वर्षीय लक्ष्मी मौसम और त्योहारों के हिसाब से अपना कारोबार बदलती हैं और हर महीने ₹50000 तक की कमाई करती हैं।

**Type:** article · **Category:** झारखंड · **Published:** 2026-09-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jharkhand/ranchi-ki-64-sala-ki-lakshmi-hara-tina-mahine-men-badala-deti-hain-vyapara-aura-kamati-hain-moti-rakama-25432 · **Language:** Hindi
**Tags:** रांची, सफलता की कहानी, महिला उद्यमी, लक्ष्मी कलेक्शन, त्योहारी व्यापार, झारखंड

झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली लक्ष्मी अपनी अनूठी कारोबारी सोच के कारण खासी चर्चा में हैं। वह किसी एक उत्पाद पर टिके रहने के बजाय हर तीसरे महीने अपनी व्यावसायिक रणनीति और सामान में बदलाव करती हैं। वर्तमान में उनका पूरा ध्यान आगामी त्योहारों जैसे जन्माष्टमी और तीज पर केंद्रित है। इसके अलावा वह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई का हुनर भी सिखा रही हैं।

## मौसम और त्योहारों के हिसाब से बदलता है कारोबार
लक्ष्मी के काम करने का तरीका पूरी तरह से मांग पर आधारित है। वह सालभर एक ही चीज बेचने के बजाय मौसम और आने वाले त्योहारों को ध्यान में रखकर अपने उत्पाद चुनती हैं। उदाहरण के लिए, जब ठंड का मौसम आता है तो वह रागी के लड्डू और गर्म कुर्तियों का व्यापार करती हैं, जबकि गर्मियों में मौसम के अनुकूल अन्य सामान बेचती हैं। फिलहाल उनका पूरा फोकस जन्माष्टमी और तीज के बाद आने वाले नवरात्रि और दीवाली जैसे बड़े त्योहारों पर है।

## गुजरात से मंगाती हैं सामान और खुद तैयार करती हैं डिजाइन
व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए लक्ष्मी गुजरात से कच्चा सामान मंगाती हैं। इसके अलावा उन्हें सिलाई का 40 साल का लंबा अनुभव है, जिसका फायदा उन्हें अपने उत्पादों को एक अनूठा रूप देने में मिलता है। जन्माष्टमी के अवसर पर वह छोटे बच्चों के लिए राधा-रानी के विशेष कपड़े, लड्डू गोपाल की पोशाकें और डिजाइनर बांसुरी जैसी चीजें खुद अपने हाथों से तैयार करती हैं। उनके इस एक्सक्लूसिव और लेटेस्ट कलेक्शन की बाजार में काफी मांग है।

## खुद का स्टोर और शानदार कमाई
उनका अपना खुद का ब्रांड और स्टोर है जिसका नाम लक्ष्मी कलेक्शन है। ग्राहकों को उनकी सिलाई और यूनीक डिजाइन इतनी पसंद आते हैं कि एक बार सामान खरीदने वाला व्यक्ति उनका स्थायी ग्राहक बन जाता है। इस पूरे कारोबार से वह हर महीने आराम से ₹50000 तक की कमाई कर लेती हैं। काम के साथ-साथ वह अपने घर-परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियों को भी बखूबी संभालती हैं।

## दूसरों के लिए बनीं प्रेरणा
64 साल की उम्र में भी लक्ष्मी का जज्बा युवाओं के लिए मिसाल है। वह अकेले रहते हुए अपने बच्चों को पढ़ा-लिखाकर इस काबिल बना चुकी हैं कि वे आज अपने पैरों पर खड़े हैं। परिवार की जिम्मेदारियां पूरी करने के बाद अब वह आसपास की महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दे रही हैं ताकि वे भी आत्मनिर्भर बन सकें।

## इसका आप पर असर
यह खबर उन महिलाओं के लिए एक बड़ा उदाहरण है जो कम संसाधनों के साथ घर से ही अपना कारोबार शुरू करना चाहती हैं।

- **भारत में:** देश की गृहणियां और महिलाएं इस मॉडल से सीख लेकर त्योहारी सीजन के दौरान कपड़ों, पूजन सामग्री या मौसमी उत्पादों का छोटा कारोबार शुरू कर सकती हैं।
- **रांची में:** स्थानीय महिलाओं को लक्ष्मी से सीधे सिलाई सीखने और अपना खुद का काम शुरू करने का व्यावहारिक अवसर मिल रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. लक्ष्मी की उम्र कितनी है और वह कहाँ रहती हैं?
लक्ष्मी की उम्र 64 वर्ष है और वह झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं।

### 2. लक्ष्मी हर महीने कितनी कमाई कर लेती हैं?
वह अपने कारोबार के जरिए हर महीने आराम से ₹50000 तक की कमाई कर लेती हैं।

### 3. उनके स्टोर और ब्रांड का नाम क्या है?
उनके ब्रांड और स्टोर का नाम लक्ष्मी कलेक्शन है।

### 4. वह वर्तमान में किस चीज पर फोकस कर रही हैं?
वह वर्तमान में आगामी त्योहारों जैसे जन्माष्टमी और तीज के लिए विशेष उत्पादों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।

### 5. वह अपने कारोबार के लिए सामान कहाँ से लाती हैं?
वह अपना कच्चा सामान गुजरात से मंगाती हैं और बाकी चीजें खुद अपने हाथों से तैयार करती हैं।

## प्रेरणा और सबक
लक्ष्मी की यह यात्रा दिखाती है कि उम्र और अकेलेपन को कभी भी आगे बढ़ने में बाधा नहीं बनने देना चाहिए।

- **बदलाव अपनाएं:** बाजार और समय के साथ अपनी कार्यशैली में बदलाव करना ही मुनाफे की कुंजी है।
- **हुनर को पहचानें:** वर्षों के अनुभव और खुद की कला पर भरोसा रखकर बिना बड़ी पूंजी के भी काम शुरू किया जा सकता है।
- **आत्मनिर्भरता:** खुद मजबूत बनने के साथ-साथ दूसरों को हुनर सिखाकर समाज को सशक्त बनाना एक मिसाल है।

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