रांची में छाई दुर्गा पूजा की धूम, बांस के हल्के सलवार सूट से लेकर सिल्क अनारकली तक बने फैशन की नई पसंद दुर्गा पूजा के जश्न को खास बनाने के लिए रांची के बाजारों में बांस के धागे से बने हल्के सलवार सूट, सिमरी को-ऑर्ड सेट और सिल्क अनारकली जैसे ट्रेंडी आउटफिट आ चुके हैं। मोरहाबादी में 1 अक्टूबर से लगने वाले मेले में महिलाएं इन खास कपड़ों की खरीदारी कर सकेंगी। दुर्गा पूजा का त्योहार अब से ठीक 15 दिन दूर है और राजधानी रांची में इसे लेकर उत्साह का माहौल अभी से बनने लगा है। महिलाओं के मन में सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिनों में पंडाल दर्शन के लिए बेहतरीन और स्टाइलिश कपड़े चुनने की उधेड़बड़ शुरू हो गई है। इसी तैयारी को ध्यान में रखते हुए रांची के बाजारों में इस सीजन के सबसे नए और अनोखे परिधान उतारे गए हैं जो हर किसी का ध्यान खींच रहे हैं। बांस के धागे से बने हल्के सलवार सूट इस बार के फेस्टिव सीजन में सबसे अनोखा आकर्षण बांस के रेशों से तैयार किया गया सलवार सूट है। मोहम्मद इमरान ने बताया कि वे इस बार रांची के मेले में विशेष तौर पर बांस के धागे से बने सूट लेकर आए हैं। इन कपड़ों की सबसे बड़ी खूबी इनका बेहद हल्का होना है क्योंकि पूरे सूट का वजन केवल 150 ग्राम के आसपास रहता है। इसके साथ ही इनकी कीमत भी काफी किफायती है जो 900 रुपये से लेकर 1,500 रुपये के दायरे में उपलब्ध है। मोरहाबादी मेले में खास खरीदारी का मौका बांस के रेशों से बने ये अनूठे सलवार सूट आगामी 1 अक्टूबर से मोरहाबादी मैदान में आयोजित होने वाली प्रदर्शनी में उपलब्ध होंगे। इसके अलावा इस साल बाजारों में सिमरी को-ऑर्ड सेट भी महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। इन सेटों में कई आकर्षक रंग और डिजाइन देखने को मिल रहे हैं। पूनम ने जानकारी दी कि इन सेटों को विशेष तौर पर कोलकाता से मंगाया गया है ताकि स्थानीय महिलाओं को लेटेस्ट फैशन मिल सके। को-ऑर्ड सेट की अनूठी खूबियां सिमरी को-ऑर्ड सेट में ग्राहकों को येलो, पीच और प्याजी जैसे खूबसूरत रंग मिल रहे हैं। इस सामग्री को कसोल फैब्रिक के नाम से भी जाना जाता है। इस परिधान की खूबी यह है कि यह केवल त्योहारों तक सीमित नहीं है बल्कि आम दिनों में भी पहना जा सकता है। इसे रोजमर्रा में जींस के साथ आसानी से पहन सकते हैं जबकि उत्सव के दौरान इसे प्लाजो पैंट और दुपट्टे के साथ जोड़ा जा सकता है जो इसे काफी बहुपयोगी बनाता है। सिल्क अनारकली और चिकनकारी का जलवा इन सबके अलावा सिल्क से तैयार अनारकली सूट भी इस बार के फैशन बाजार में अपनी अलग चमक बिखेर रहा है। इस अनारकली पर सफेद और साथ ही लाल रंग के धागों से बेहद बारीक चिकनकारी कढ़ाई की गई है जिस पर सिमरी वर्क भी खूबसूरती से उभारा गया है। इस प्रीमियम ड्रेस की कीमत करीब 6,000 रुपये तक है। रांची के बाजारों में सिल्क चिकनकारी का यह अंदाज एक बेहद नया और अनूठा कलेक्शन साबित हो रहा है। एक हफ्ते तक चलेगा खरीदारी का दौर ये सारे ट्रेंडी और आकर्षक आउटफिट्स रांची के मोरहाबादी में सजने वाले मेले में आसानी से मिल जाएंगे। यह विशेष मेला 1 अक्टूबर से शुरू होकर 7 अक्टूबर तक यानी पूरे एक सप्ताह तक चलेगा। इस अवधि के दौरान मेले में इन सभी खास कपड़ों के लिए अलग-अलग स्टॉल सजाए जाएंगे जहां महिलाएं आकर अपनी पसंद के अनुसार खरीदारी कर सकती हैं और इस साल के फेस्टिव लुक को पूरा कर सकती हैं। इसका आप पर असर त्योहारों के इस सीजन में रांची के बाजारों में आए नए कपड़ों का सीधा असर स्थानीय खरीदारों के बजट और फैशन विकल्पों पर पड़ेगा। • भारत में: देशभर के त्योहारी बाजारों में इस साल इको-फ्रेंडली और हल्के कपड़ों की मांग बढ़ रही है, जिससे पारंपरिक और आधुनिक फैशन का मेल देखने को मिल रहा है। • रांची में: मोरहाबादी मेले में आने वाले खरीदार 900 रुपये से लेकर 6,000 रुपये तक के बजट में बांस के सूट और सिल्क अनारकली जैसे नए विकल्प खरीद सकेंगे। सवाल-जवाब 1. दुर्गा पूजा में इस बार कौन से नए आउटफिट चर्चा में हैं? इस बार बांस के धागे से बने सलवार सूट, सिमरी को-ऑर्ड सेट और सिल्क अनारकली विशेष रूप से चर्चा में हैं। 2. बांस के बने सलवार सूट की कीमत कितनी है? बांस के रेशों से तैयार इन हल्के सूटों की कीमत 900 से 1,500 रुपये के बीच है। 3. मोरहाबादी का मेला कब से कब तक आयोजित होगा? यह मेला 1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक यानी पूरे एक सप्ताह के लिए लगेगा। 4. सिमरी को-ऑर्ड सेट को किस अन्य नाम से जाना जाता है? सिमरी को-ऑर्ड सेट को कसोल फैब्रिक के नाम से भी जाना जाता है और इसे कोलकाता से मंगवाया गया है। 5. सिल्क अनारकली की कीमत क्या है और इस पर क्या काम किया गया है? सिल्क अनारकली की कीमत करीब 6,000 रुपये है और इस पर सफेद व लाल धागों से चिकनकारी कढ़ाई की गई है। https://trendkia.com/jharkhand/ranchi-men-chhai-durga-puja-ki-dhuma-bansa-ke-halke-salavara-suta-se-lekara-silka-anarakali-taka-bane-phaishana-ki-nai-pasnda-38925 TrendKia — Har trend, sabse pehle.