राँची में एटीएम में कार्ड फंसाकर लाखों रुपये उड़ाने वाला गिरोह सक्रिय, साइबर सेल ने जारी की सुरक्षा एडवाइजरी झारखंड की राजधानी राँची के कई इलाकों में एटीएम मशीनों से छेड़छाड़ कर कार्ड फंसाने और पैसे उड़ाने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। साइबर सेल ने सतर्कता बरतने और केवल आधिकारिक हेल्पलाइन 112 का उपयोग करने की सलाह दी है। झारखंड की राजधानी राँची के विभिन्न इलाकों में एटीएम धोखाधड़ी के मामलों में अचानक बढ़ोतरी देखी जा रही है। शातिर अपराधियों ने एटीएम मशीनों को अपना निशाना बनाकर आम नागरिकों की जमापूंजी पर डाका डालना शुरू कर दिया है। हाल के दिनों में कांके और नामकुम सहित राँची के कई क्षेत्रों से एटीएम फ्रॉड की गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। इन घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध व्यक्तियों को एटीएम बूथ के भीतर मशीनों के साथ छेड़छाड़ करते और निर्दोष उपभोक्ताओं को झांसे में लेते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। पुलिस प्रशासन और साइबर सेल ने इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए आम जनता को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। राँची में एटीएम फ्रॉड की हालिया घटनाएँ और पीड़ितों का नुकसान एटीएम बूथों पर जालसाजी की बढ़ती वारदातों में कई लोग अपनी गाढ़ी कमाई गंवा चुके हैं। ऐसी ही एक बड़ी घटना बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) परिसर में स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के एटीएम बूथ में घटी। पीड़ित कलाम अंसारी जब एटीएम से पैसे निकालने गए, तो उनका डेबिट कार्ड मशीन के कार्ड स्लॉट में फंस गया। कार्ड फंसते ही वहाँ पहले से मौजूद एक अनजान व्यक्ति ने मदद का नाटक करते हुए कलाम अंसारी को एटीएम गार्ड का एक मोबाइल नंबर दिया। जब कलाम अंसारी ने उस नंबर पर कॉल किया, तो दूसरी तरफ मौजूद व्यक्ति ने कहा कि एटीएम की चाभी लेने के लिए उन्हें तुरंत कांके पुल के पास आना होगा। कलाम अंसारी जैसे ही एटीएम बूथ छोड़कर कांके पुल की ओर रवाना हुए, पीछे से जालसाजों ने उनके बैंक खाते से ढाई लाख रुपये (₹2,50,000) की अवैध निकासी कर ली। दूसरी वारदात लाल धनंजयनाथ शाहदेव के साथ घटित हुई। वे भी एक एटीएम बूथ पर नकदी निकालने पहुँचे थे, जहाँ एक शातिर ठग ने चकमा देकर उनका मूल एटीएम कार्ड बदल लिया। पीड़ित को जब तक अपने कार्ड के बदले जाने का अहसास हुआ, तब तक उनके खाते से 45 हजार रुपये (₹45,000) निकाले जा चुके थे। इन दोनों मामलों के सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों में भारी हड़कंप मच गया है और लोग एटीएम का उपयोग करने से कतराने लगे हैं। जाँच का दायरा: बिहार के गया और नवादा से जुड़े तार राँची पुलिस की टीमों ने इन दोनों मामलों की विस्तृत जाँच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से मिले शुरुआती सुरागों के आधार पर इस अंतरराज्यीय गिरोह के तार पड़ोसी राज्य बिहार के गया और नवादा जिलों से जुड़े होने की प्रबल आशंका जताई गई है। जाँच अधिकारियों का मानना है कि इन जिलों के साइबर अपराधी राँची आकर ऐसे एटीएम बूथों की रेकी करते हैं जहाँ सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं होते हैं। अपराधी आमतौर पर एटीएम मशीनों के कार्ड रीडर स्लॉट में कोई चिपचिपा पदार्थ या स्किमिंग डिवाइस लगा देते हैं। इसके अलावा वे मशीन के आसपास या दीवार पर अपने फर्जी हेल्पलाइन नंबर की पर्ची चिपका देते हैं। जब कोई ग्राहक अपना कार्ड डालता है तो वह स्लॉट में अटक जाता है। इसके बाद वहाँ खड़े गिरोह के सदस्य पीड़ित को फर्जी नंबर पर संपर्क करने या गार्ड से मिलने बाहर जाने की सलाह देते हैं। ग्राहक के हटते ही अपराधी मशीन से कार्ड निकालकर पैसे उड़ा लेते हैं या कार्ड बदल देते हैं। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि यदि एटीएम बूथ के आसपास कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें। साइबर सेल की सुरक्षा एडवाइजरी और सावधानियाँ साइबर सेल के डीएसपी प्रदीप कुमार ने एटीएम धोखाधड़ी से बचाव के लिए नागरिकों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। डीएसपी प्रदीप कुमार ने स्पष्ट कहा है कि एटीएम से पैसे निकालते समय हर व्यक्ति को अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि थोड़ी सी भी लापरवाही अपराधियों के लिए मौका बन सकती है। उन्होंने दूरदराज और सुनसान इलाकों में स्थित ऐसे एटीएम बूथों का उपयोग करने से बचने की सलाह दी है जहाँ सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं होते हैं। यदि किसी ग्राहक का कार्ड एटीएम में फंस जाता है, तो किसी भी सूरत में बूथ की दीवार पर लिखे या किसी अनजान व्यक्ति द्वारा दिए गए नंबर पर कॉल न करें। इसके स्थान पर केवल बैंक के आधिकारिक टोल-फ्री नंबर पर कॉल करें या तुरंत डायल 112 पर संपर्क करके पुलिस को सूचना दें। कार्ड फंसने की स्थिति में एटीएम बूथ छोड़कर कहीं बाहर न जाएँ। एटीएम इस्तेमाल करते समय ध्यान रखने योग्य जरूरी बातें साइबर अपराध विशेषज्ञों ने एटीएम धोखाधड़ी से सुरक्षित रहने के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण सावधानियों का पालन करने का सुझाव दिया है • स्लॉट की जाँच करें: कार्ड स्लॉट में अपना एटीएम कार्ड डालने से पहले हमेशा यह सुनिश्चित कर लें कि उसमें कोई अतिरिक्त चिप, टेप या चिपचिपा पदार्थ तो नहीं लगा है। • गोपनीयता बनाए रखें: अपना पिन दर्ज करते समय कीपैड को दूसरे हाथ से ढक लें ताकि आसपास खड़ा कोई अनजान व्यक्ति आपका गुप्त पिन न देख सके। • अपरिचितों की मदद न लें: एटीएम बूथ के भीतर किसी भी अनजान व्यक्ति से सहायता मांगने या उन्हें अपना कार्ड सौंपने से पूरी तरह बचें। • अकेले प्रवेश करें: एटीएम बूथ के अंदर एक समय में केवल एक ही व्यक्ति को होना चाहिए। यदि कोई दूसरा व्यक्ति अंदर रुकने की कोशिश करे तो उसे बाहर जाने को कहें। • आधिकारिक हेल्पलाइन: आपातकालीन परिस्थिति उत्पन्न होने पर केवल बैंक के आधिकारिक ऐप, पासबुक या कार्ड पर लिखे ऑफिशियल नंबर पर ही संपर्क करें। इसका आप पर असर एटीएम मशीनों में होने वाली यह धोखाधड़ी आम बैंक ग्राहकों की गाढ़ी कमाई और वित्तीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गई है। • राँची और झारखंड में: राजधानी राँची और आसपास के जिलों में बिना गार्ड वाले एटीएम का उपयोग करते समय अत्यधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। किसी भी परेशानी के समय बूथ में लिखे संदिग्ध नंबरों पर कॉल करने के बजाय तुरंत 112 डायल करें। • भारत में: देशभर के बैंक ग्राहकों को एटीएम स्लॉट में कार्ड डालते समय किसी भी बाहरी चिपकने वाले पदार्थ या डिवाइस की जाँच जरूर करनी चाहिए। धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल बैंक की आधिकारिक ऐप या कस्टमर केयर से संपर्क करके कार्ड ब्लॉक करवाएँ। • वित्तीय सुरक्षा पर असर: एटीएम बूथ के अंदर अनजान व्यक्तियों की मदद लेने से बैंक खाते का पिन और कार्ड दोनों चोरी होने का गंभीर जोखिम रहता है। अपने पिन को हमेशा ढककर दर्ज करें और लेनदेन पूरा होने तक बूथ से बाहर न निकलें। • आपातकालीन प्रतिक्रिया: यदि कार्ड मशीन में फंस जाए तो बिना घबराए बूथ में मौजूद रहकर बैंक हेल्पलाइन पर सूचना देना सबसे सुरक्षित कदम है। फर्जी नंबरों पर कॉल करके बाहर जाने की भूल कभी न करें। ऐसा क्यों हुआ राँची में एटीएम फ्रॉड की घटनाओं के पीछे सुनियोजित तरीके से काम करने वाले अंतरराज्यीय गिरोहों का हाथ सामने आया है। अपराधी एटीएम मशीनों की सुरक्षा कमियों और उपभोक्ताओं की अज्ञानता का फायदा उठाकर इन वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। • सुरक्षा गार्ड की कमी: दूरदराज और सुनसान इलाकों में स्थित कई एटीएम बूथों पर स्थायी सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं होते हैं। इस स्थिति का लाभ उठाकर जालसाज आसानी से बूथ में प्रवेश करके मशीनों से छेड़छाड़ कर देते हैं। • भौतिक उपकरण और छेड़छाड़: सीसीटीवी फुटेज से खुलासा हुआ है कि अपराधी कार्ड स्लॉट में चिपकने वाला पदार्थ या स्किमिंग टूल लगा देते हैं। इससे ग्राहक का डेबिट कार्ड मशीन के अंदर ही अटक जाता है। • फर्जी हेल्पलाइन नंबरों का जाल: जालसाज बूथ की दीवारों पर या मशीन के पास अपने फर्जी फोन नंबर लिख देते हैं या चिपका देते हैं। घबराया हुआ ग्राहक बैंक का नंबर समझकर अपराधियों से ही संपर्क कर बैठता है। • अंतरराज्यीय गिरोह की सक्रियता: पुलिस जाँच के अनुसार बिहार के गया और नवादा जिलों से जुड़े साइबर अपराधी राँची आकर रेकी करते हैं और वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। सवाल-जवाब 1. राँची में एटीएम फ्रॉड के मुख्य मामले किन इलाकों में दर्ज किए गए हैं? कांके, नामकुम और बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) परिसर स्थित पीएनबी एटीएम से फ्रॉड के प्रमुख मामले सामने आए हैं। 2. कलाम अंसारी के साथ एटीएम में धोखाधड़ी कैसे हुई? बीएयू स्थित पीएनबी एटीएम में कलाम अंसारी का कार्ड फंसने पर फर्जी गार्ड नंबर पर कॉल कराया गया और उन्हें कांके पुल बुलाया गया, जिसके बाद उनके खाते से 2.5 लाख रुपये निकाल लिए गए। 3. पुलिस को इस गिरोह के तार कहाँ से जुड़े होने की आशंका है? राँची पुलिस की जाँच के अनुसार इस एटीएम फ्रॉड गिरोह के तार बिहार के गया और नवादा जिलों से जुड़े होने का संदेह है। 4. एटीएम में कार्ड फंसने पर साइबर सेल की क्या सलाह है? साइबर सेल ने सलाह दी है कि दीवार या बूथ पर लिखे अनजान नंबरों पर कॉल न करें, केवल बैंक के आधिकारिक नंबर या पुलिस हेल्पलाइन डायल 112 पर संपर्क करें। 5. लाल धनंजयनाथ शाहदेव से कितनी रकम ठगी गई? लाल धनंजयनाथ शाहदेव का एटीएम कार्ड बदलकर जालसाजों ने उनके खाते से 45 हजार रुपये निकाल लिए। https://trendkia.com/jharkhand/ranchi-men-etiema-men-karda-phnsakara-lakhon-rupaye-urane-vala-giroha-sakriya-saibara-sela-ne-jari-ki-suraksha-edavaijari-30036 TrendKia — Har trend, sabse pehle.