रांची में गननुमा पोर्टेबल मशीन से होगी जांच, महज तीस सेकंड में सामने आएगी किडनी और दिल की बीमारी रांची में एक खास पोर्टेबल मशीन लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रही, जो बंदूक की तरह दिखती है। यह सिर्फ तीस सेकंड में रेटिना स्कैन कर किडनी और दिल की भविष्य की बीमारियों का पता लगा लेती है। रांची में हाल ही में एक ऐसी अनोखी मशीन लोगों के सामने आई जो पहली नजर में किसी हथियार जैसी दिखाई देती है, लेकिन इसका असली काम लोगों की सेहत का हाल बताना है। यह रेटिना की तस्वीर लेने का काम करती है और इसका आकार इतना छोटा और पोर्टेबल है कि इसे आसानी से कहीं भी लाया ले जाया जा सकता है। रेडिमो कंपनी के प्रतिनिधि दिलीप के अनुसार, उन्हें विशेष तौर पर इस तकनीक के प्रदर्शन के लिए आमंत्रित किया गया था। इस उपकरण में एक फंडस लेंस के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यह तकनीक आंखों के रेटिना को गहराई से स्कैन करती है और यह अंदेशा जता देती है कि व्यक्ति को आने वाले समय में कौन सी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं घेर सकती हैं। इस जांच के दायरे में क्रॉनिक किडनी फेलियर, क्रॉनिक हार्ट फेलियर और दिल से जुड़ी अन्य बीमारियां शामिल हैं। दिलीप ने जानकारी दी कि यह उपकरण महज तीस सेकंड के भीतर आंख की तस्वीर खींचकर सारी जानकारी सीधे उपयोगकर्ता के स्मार्टफोन पर भेज देता है, जिससे बीमारी का समय रहते पता चल जाता है। इंसान की आंखें पूरे शरीर के आंतरिक स्वास्थ्य का आईना होती हैं और इनकी नसें शरीर के भीतर चल रही गड़बड़ियों की ओर इशारा कर देती हैं। इस पोर्टेबल तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि समय रहते बीमारी का पता लगने पर डॉक्टर की देखरेख में इलाज शुरू किया जा सकता है और गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति को समय से पहले यह जानकारी मिल जाए कि उसे किडनी से जुड़ी कोई गंभीर बीमारी होने की आशंका है, तो वह अपने ब्लड प्रेशर और शुगर की नियमित जांच करवा सकता है। हालांकि यह मशीन अभी रांची में उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसे जल्द ही बाजार में लॉन्च किए जाने की योजना है। इसका आप पर असर इस पोर्टेबल तकनीक के आने से स्वास्थ्य जांच के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आ सकता है, जिससे आम लोगों को बहुत कम समय में भविष्य की बीमारियों का अनुमान मिल जाएगा। • आम लोगों के लिए: यह तकनीक बिना किसी अस्पताल की लंबी कतारों के फोन पर ही गंभीर बीमारियों का संकेत दे देगी। इससे लोग समय रहते अपने बीपी और शुगर की निगरानी शुरू कर सकते हैं। • रांची में: अभी यह मशीन रांची में उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसके लॉन्च होने के बाद स्थानीय लोगों को शुरुआती स्तर पर ही गंभीर बीमारियों की जानकारी मिल सकेगी। ऐसा क्यों हुआ यह पोर्टेबल मशीन उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता और फंडस लेंस की कार्यप्रणाली पर आधारित है, जो रेटिना की नसों के सूक्ष्म बदलावों को पढ़कर भविष्य के जोखिम का आकलन करती है। • तकनीकी आधार: आंख की नदियां और रेटिना पूरे शरीर के संचलन से जुड़ी होती हैं, जिससे आंतरिक अंगों की स्थितियां झलकती हैं। • तेज़ प्रोसेसिंग: AI एल्गोरिदम और फंडस लेंस का मेल मात्र तीस सेकंड में डेटा प्रोसेस कर देता है। • भविष्य की योजना: शुरुआती स्तर पर बीमारियों का पता लगाकर मरीज क्रॉनिक समस्याओं से बचाव कर सकते हैं। सवाल-जवाब 1. यह मशीन दिखने में कैसी है? यह मशीन दिखने में किसी बड़ी बंदूक जैसी लगती है लेकिन यह आंखों के रेटिना की तस्वीर लेती है। 2. यह मशीन जांच में कितना समय लेती है? यह मशीन मात्र तीस सेकंड के भीतर तस्वीर लेकर बीमारी की जानकारी दे देती है। 3. रिपोर्ट कहां देख सकते हैं? सारी जानकारी सीधे उपयोगकर्ता के फोन के अंदर ही दिखाई देती है। 4. यह मशीन किन बीमारियों का पता लगा सकती है? यह क्रॉनिक किडनी फेलियर और क्रॉनिक हार्ट फेलियर जैसी गंभीर बीमारियों की संभावना बताती है। 5. क्या यह मशीन अभी रांची में उपलब्ध है? अभी यह मशीन रांची में नहीं है, लेकिन इसे जल्द ही लॉन्च किया जाने वाला है। https://trendkia.com/jharkhand/ranchi-men-gananuma-portebala-mashina-se-hogi-jancha-mahaja-tisa-seknda-men-samane-aegi-kidani-aura-dila-ki-bimari-49770 TrendKia — Har trend, sabse pehle.