# साहिबगंज के आवासीय विद्यालय में आठवीं की छात्रा से दरिंदगी, नाइट गार्ड और डायरेक्टर गिरफ्तार

> झारखंड के साहिबगंज स्थित एक आवासीय स्कूल में आठवीं की छात्रा के साथ नाइट गार्ड द्वारा दुष्कर्म का मामला सामने आया है। छात्रा के गर्भवती होने पर इस घटना का खुलासा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी गार्ड और मामले को दबाने की कोशिश करने वाले स्कूल निदेशक को गिरफ्तार कर लिया है।

**Type:** article · **Category:** झारखंड · **Published:** 2026-10-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jharkhand/sahibganj-ke-avasiya-vidyalaya-men-athavin-ki-chhatra-se-darindagi-naita-garda-aura-dayarektara-giraphtara-42030 · **Language:** Hindi
**Tags:** साहिबगंज, झारखंड अपराध, पॉक्सो एक्ट, रांगा थाना, आवासीय विद्यालय

झारखंड के साहिबगंज जिले में स्थित एक आवासीय विद्यालय की दहलीज पर नाबालिग छात्रा की सुरक्षा तार-तार होने का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। रांगा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दुर्गापुर इलाके में संचालित इस स्कूल के हॉस्टल में रहने वाली आठवीं कक्षा की छात्रा के साथ परिसर में ही बार-बार यौन उत्पीड़न किया गया। इस घिनौने अपराध का पर्दाफाश तब हुआ जब पीड़िता की शारीरिक स्थिति बिगड़ने के बाद उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई की है।

## स्वास्थ्य बिगड़ने पर सामने आई सच्चाई
पीड़िता के परिजनों के मुताबिक, छात्रा स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। संस्थान में तैनात नाइट गार्ड साहेबराम लोहरा ने परिसर के भीतर उसके साथ कथित तौर पर सात से आठ बार दुष्कर्म किया। आरोपी ने बच्ची को लगातार डराकर रखा और यह धमकी दी कि यदि उसने किसी के सामने अपना मुंह खोला तो उसे जान से मार दिया जाएगा। इसी खौफ के चलते नाबालिग छात्रा लंबे समय तक चुप रही और अपने माता-पिता को कुछ नहीं बता सकी। अचानक तबीयत खराब होने के बाद जब परिवार वाले उसे चिकित्सीय जांच के लिए डॉक्टर के पास ले गए, तब डॉक्टरों ने उसके गर्भवती होने की पुष्टि की, जिसके बाद परिवार के होश उड़ गए।

## संस्थान प्रमुख पर मामले को दबाने का आरोप
जब पीड़िता के परिजनों को इस वीभत्स कृत्य का पता चला, तो उन्होंने संस्थान प्रबंधन से संपर्क किया। पीड़ित परिवार का स्पष्ट आरोप है कि स्कूल के निदेशक जाफर शेख ने अपराध की गंभीरता को समझने के बजाय पूरे प्रकरण को दबाने की पुरजोर कोशिश की। निदेशक ने परिजनों पर इस मामले को किसी के सामने न लाने और शांत रहने का अनुचित दबाव बनाया। साथ ही, शिकायत करने पर परिजनों को डराने-धमकाने का प्रयास भी किया गया।

## पुलिस की कानूनी कार्रवाई और न्यायिक हिरासत
प्रबंधन की धमकियों के आगे झुकने के बजाय परिजनों ने कानून का सहारा लिया और 29 सितंबर को रांगा पुलिस स्टेशन में लिखित तहरीर दी। मामले का संज्ञान लेते हुए रांगा थाना प्रभारी अखिलेश कुमार यादव के नेतृत्व में पुलिस बल ने तुरंत दबिश दी। पुलिस ने मुख्य आरोपी नाइट गार्ड साहेबराम लोहरा और मामले पर पर्दा डालने वाले स्कूल निदेशक जाफर शेख दोनों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और सुसंगत आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है, जबकि मामले की विस्तृत वैधानिक जांच जारी है।

## इसका आप पर असर
यह घटना आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रशासनिक और अभिभावकीय निगरानी की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

- **भारत में:** देशभर के आवासीय शिक्षण संस्थानों में गैर-शिक्षण कर्मचारियों के अनिवार्य पुलिस सत्यापन और सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर कड़े नियम लागू करने की मांग तेज होगी। इससे बोर्डिंग स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों में सतर्कता बढ़ेगी और वे प्रबंधन से चौबीसों घंटे सुरक्षा ऑडिट की मांग कर सकते हैं।
- **साहिबगंज में:** स्थानीय प्रशासन जिले के सभी निजी और सरकारी हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था तथा स्टाफ की पृष्ठभूमि की विशेष जांच शुरू कर सकता है। क्षेत्र के अभिभावकों को हॉस्टल प्रबंधन से महिला वॉर्डन और पारदर्शी सुरक्षा उपायों की सीधी जवाबदेही मांगने का मौका मिलेगा।
- **कानूनी सहायता:** पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत पीड़िता को अनिवार्य चिकित्सीय सहायता, परामर्श और कानूनी मुआवजा प्राप्त करने का विधिक अधिकार सुनिश्चित होता है। इससे पीड़ित परिवार को बिना किसी सामाजिक दबाव के न्याय प्रक्रिया में सहयोग मिलेगा।
- **सुरक्षा प्रोटोकॉल:** आवासीय स्कूलों में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और छात्राओं के रहने वाले ब्लॉक में पुरुष कर्मियों के प्रवेश पर सख्त पाबंदियां लागू की जा सकती हैं। संस्थानों को किसी भी संदिग्ध शिकायत पर तत्काल पुलिस को सूचित करने की अनिवार्य बाध्यता का पालन करना होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह वारदात एक आवासीय शैक्षणिक संस्थान के भीतर सुरक्षा निगरानी की भारी विफलता और प्रबंधन की लापरवाही के कारण घटित हुई। संस्थान के भीतर जवाबदेही के अभाव और पीड़ित को डराए रखने के माहौल ने इस अपराध को बढ़ावा दिया।

- **सीधा कारण:** स्कूल के नाइट गार्ड साहेबराम लोहरा ने अपने पद और पहुंच का दुरुपयोग करते हुए हॉस्टल में रहने वाली आठवीं कक्षा की छात्रा का बार-बार यौन उत्पीड़न किया। उसने छात्रा को जान से मारने की धमकी देकर आतंकित रखा, जिसके चलते घटना समय पर सामने नहीं आ सकी।
- **संस्थागत लापरवाही:** आवासीय स्कूल परिसर में छात्राओं के आवास क्षेत्र में पुरुष गार्ड की अनियंत्रित पहुंच और निगरानी प्रणाली का न होना इस अपराध की मुख्य वजह बना। प्रबंधन द्वारा नियमित निगरानी तंत्र विकसित न करने से आरोपी को बार-बार अपराध करने की छूट मिली।
- **अपराध छिपाने का प्रयास:** मामला संज्ञान में आने के बावजूद स्कूल निदेशक जाफर शेख ने पुलिस को सूचित करने के स्थान पर परिवार पर चुप रहने का दबाव बनाया और धमकियां दीं। इस संस्थागत लीपापोती के कारण मामले में कानूनी कार्रवाई तब हुई जब परिजनों ने सीधे थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना साहिबगंज में किस जगह की है?
यह घटना झारखंड के साहिबगंज जिले में रांगा थाना क्षेत्र के दुर्गापुर इलाके में स्थित एक आवासीय स्कूल की है।

### 2. आरोपी नाइट गार्ड का नाम क्या है और उस पर क्या आरोप हैं?
आरोपी नाइट गार्ड का नाम साहेबराम लोहरा है, जिस पर हॉस्टल में रहने वाली आठवीं की छात्रा के साथ सात से आठ बार दुष्कर्म करने का आरोप है।

### 3. इस मामले का खुलासा कैसे हुआ?
नाबालिग छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर जब परिजन उसे डॉक्टर के पास ले गए, तब उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई और मामले की जानकारी सामने आई।

### 4. स्कूल निदेशक जाफर शेख की इस मामले में क्या भूमिका रही?
स्कूल निदेशक जाफर शेख पर घटना की जानकारी मिलने के बाद मामले को दबाने, पीड़ित परिवार पर चुप रहने का दबाव बनाने और उन्हें धमकाने का आरोप है।

### 5. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की है?
रांगा थाना प्रभारी अखिलेश कुमार यादव के नेतृत्व में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पॉक्सो एक्ट और अन्य धाराओं के तहत न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

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