सर्दियों में घरों का रुख क्यों करते हैं सांप और किस तरह करें अपना बचाव तापमान गिरते ही गर्म और सुरक्षित ठिकानों की तलाश में सांप आबादी वाले इलाकों और घरों में घुसने लगते हैं। चूहों के बिलों की घेराबंदी और नियमित सफाई जैसे उपायों से इस खतरे को रोका जा सकता है। मौसम में ठंडक घुलते ही रेंगने वाले जीव अपने लिए अनुकूल और सुरक्षित कोनों की खोज में सक्रिय हो जाते हैं। पलामू क्षेत्र में तापमान कम होने के साथ ही सांप घरों के इर्द-गिर्द पनाह ढूंढने लगते हैं। बाहरी वातावरण ठंडा होने के कारण वे ऐसी जगहों का रुख करते हैं जहां गर्माहट बनी रहे। रिहायशी परिसरों में रखी पुरानी लकड़ियां, ईंटों के चट्टे, कबाड़ का सामान, पत्थरों की ओट और जमीन के भीतर बने दरबे उनके लिए मुफीद छिपने के ठिकाने साबित होते हैं। कई बार भोजन का पीछा करते हुए भी ये जीव अनजाने में रिहाइश के मुख्य हिस्सों तक पहुंच जाते हैं। इसी वजह से कड़ाके की सर्दी शुरू होने से पहले ही आवासीय परिसरों और चारों तरफ के आंगन की गहन सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। झाड़ियों की छंटाई और मलबे का सुरक्षित प्रबंधन घरों के आसपास उगी अनचाही घनी झाड़ियां सांपों को छिपने का आसान पर्दा मुहैया कराती हैं। ऐसी हरियाली और खरपतवार को समय-समय पर काटते-छांटते रहना बेहद आवश्यक है। लंबे अरसे से एक ही जगह पर पड़े कूड़े-करकट, इमारती लकड़ी, ईंट और पत्थरों के ढेरों के नीचे नमी और गर्माहट दोनों मिलती हैं, जो रेंगने वाले जीवों को लुभाती हैं। मकान की मुख्य दीवारों के बिल्कुल पास खाली जगह बनाए रखना एक बेहतर सुरक्षा रणनीति है। सामान को बेतरतीब फेंकने के बजाय व्यवस्थित ढंग से ऊंचाई पर सहेज कर रखना चाहिए। कई लोग झाड़ियों को हटाने के लिए उनमें आग लगा देते हैं, जिसे कतई सुरक्षित तरीका नहीं माना जा सकता। झाड़ियों में आग सुलगाने से लपटों के अनियंत्रित होकर बस्तियों में फैलने का गंभीर खतरा पैदा होता है और आसपास मौजूद अन्य निरीह वन्यजीवों को भी बेवजह नुकसान पहुंचता है। इसके उलट हाथों से काटकर सफाई करना और छिपने के संभावित गड्ढों को मिट्टी से पाटना कहीं अधिक सुरक्षित और समझदारी भरा कदम है। चूहों की मौजूदगी रोककर खत्म करें सांपों का मुख्य आकर्षण पलामू जिले के स्थानीय निवासी तारकेश्वर सिंह चेरो के अनुसार, सांपों का बस्तियों और मकानों के करीब भटकने का सबसे प्रमुख कारक भोजन की उपलब्धता है। बड़ी संख्या में सांप भोजन के तौर पर चूहों का शिकार करते हैं। यदि किसी परिसर में चूहों की भरमार है या जमीन में उनके बिल बने हुए हैं, तो वहां शिकार की टोह में सांपों का आना स्वाभाविक हो जाता है। इसलिए चूहों के बिलों और उनके आवागमन वाले सुराखों को मजबूत सामग्री से सुरक्षित तरीके से बंद करना प्राथमिक उपाय होना चाहिए। इसके अतिरिक्त घर में रखे अनाज और राशन की अन्य खाद्य सामग्रियों को खुले में रखने के बजाय मजबूत ढक्कनदार बर्तनों में बंद रखना चाहिए। जब चूहों को आसानी से अनाज या खाना नहीं मिलेगा, तो उनकी आबादी स्वतः नियंत्रित रहेगी और सांपों के लिए वहां आकर्षित होने का कारण भी समाप्त हो जाएगा। पशु बाड़ों और कुक्कुट पालन स्थलों की विशेष निगरानी तारकेश्वर सिंह चेरो ने इस बात पर भी जोर दिया कि जिन स्थानों पर मुर्गी पालन होता है या मवेशियों को बांधा जाता है, वहां की स्वच्छता पर दुगना ध्यान देना जरूरी है। ऐसे बाड़ों और परिसरों के इर्द-गिर्द अक्सर मेंढक और चूहे बड़ी संख्या में जमा रहते हैं। मुर्गियों के दाने और पशु आहार को कभी भी जमीन पर खुला नहीं छोड़ना चाहिए। खुला दाना चूहों और छोटे जीवों को न्योता देता है, जिनकी मौजूदगी अंततः विषैले और गैर-विषैले सांपों को भी उसी दिशा में खींच लाती है। इन बाड़ों की नियमित धुलाई और साफ-सफाई अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए। फिनायल, देसी पौधे और पारंपरिक दवाइयों का इस्तेमाल आवासीय परिसर को सुरक्षित रखने के लिए नियमित पोछा लगाने और साफ-सफाई में फिनायल अथवा अन्य सफाई उत्पादों का प्रयोग किया जा सकता है। तारकेश्वर सिंह चेरो ने बताया कि घर के बाहरी रास्तों और कोनों में फिनायल का छिड़काव करने से सांपों के दाखिल होने पर प्रभावी रोक लगती है। हालांकि केवल गंध पर निर्भर रहने से कहीं ज्यादा अहम चूहों के बिलों और मकान की बाहरी दरारों को स्थायी रूप से सील करना है। इसके साथ ही उन्होंने एक खास देसी पौधे को परिसर के आसपास लगाने की पारंपरिक पद्धति का उल्लेख किया। इसके अलावा बचाव के लिए घोड़बंच नामक पारंपरिक दवा का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। ये तमाम पारंपरिक नुस्खे और भौतिक अवरोध मिलकर सांपों को रिहाइश से दूर रखने में सहायक होते हैं। सांप दिखने पर क्या करें और किन गलतियों से बचें सफाई अभियान के दौरान अथवा सामान्य दिनों में यदि अचानक कोई सांप नजर आ जाए, तो हड़बड़ाहट में उसे खुद पकड़ने या लाठी-डंडों से मारने की भूल कतई न करें। अधिकांश दुर्घटनाएं सांप को छेड़ने या मारने के फेर में ही घटती हैं। सांप से एक सुरक्षित दूरी बनाए रखना ही सबसे समझदारी भरा निर्णय है। ऐसी स्थिति उत्पन्न होते ही उस जगह से छोटे बच्चों और घरेलू पालतू पशुओं को तुरंत सुरक्षित दूरी पर हटा लें। जीव को काबू में करने के लिए स्थानीय प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम अथवा सीधे वन विभाग के नियंत्रण कक्ष को सूचना देकर उनकी पेशेवर मदद लें। मकान और उसके आसपास के माहौल को कूड़े-कबाड़ से मुक्त रखकर हम सांपों के छिपने और उनके भोजन पाने की हर गुंजाइश को पूरी तरह खत्म कर सकते हैं। इसका आप पर असर यह जानकारी ग्रामीण और उपनगरीय घरों में सर्दियों के दौरान सांपों के अचानक घुसने के जोखिम को कम करने में सीधी मदद करती है। • भारत में: सर्दियों की दस्तक के साथ ही जमीन पर रहने वाले जीव ठंडी हवा से बचने के लिए बस्तियों के नजदीक शरण तलाशते हैं। खुले स्थानों और बाड़ों की समय रहते सफाई करने से परिवारों को अवांछित सर्पदंश और दुर्घटनाओं से सुरक्षित रखा जा सकता है। • पलामू में: जिले के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में कच्चे मकानों, बाड़ों और खेतों के किनारे चूहों की भरमार के चलते सांपों का खतरा अधिक रहता है। स्थानीय निवासी तारकेश्वर सिंह चेरो द्वारा सुझाए गए सफाई, फिनायल छिड़काव और घोड़बंच के पारंपरिक उपायों को अपनाकर इस जोखिम को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। • अनाज भंडारण: घरों में रखे अनाज को खुले में रखने के बजाय बंद कोठिलों या डिब्बों में सुरक्षित रखें। इससे चूहों का भोजन चक्र टूटेगा और सांपों के भोजन की तलाश में घर तक पहुंचने की संभावना समाप्त होगी। • सांप दिखने पर सावधानी: परिसर में सांप नजर आने पर खुद उसे पकड़ने या डंडों से हमला करने की गलती न करें। तुरंत दूरी बनाएं और प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू दल या वन विभाग को सूचित कर मदद बुलाएं। ऐसा क्यों हुआ सर्दियों की शुरुआत में सांपों का आवासीय क्षेत्रों का रुख करना उनकी शारीरिक बनावट और शिकार की स्वाभाविक खोज का मिलाजुला परिणाम है। • तापमान में गिरावट: शीत रक्त वाले जीव होने के कारण सांप बाहरी वातावरण के अत्यधिक ठंडे होने पर खुद को गर्म रखने में असमर्थ होते हैं। यही कारण है कि वे जीवित रहने के लिए अपेक्षाकृत गर्म, ढके हुए और सुरक्षित कोनों की खोज में घरों की ओर बढ़ते हैं। • मलबा और झाड़ियों का जमाव: लंबे समय से जमा लकड़ियां, पत्थर के ढेर और अनचाही झाड़ियां सांपों को प्राकृतिक शीतकालीन आश्रय प्रदान करती हैं। इन स्थानों पर मानवीय हलचल कम होने से उन्हें निर्बाध रूप से छिपने का अवसर मिलता है। • शिकार की आसान उपलब्धता: रिहाइशी परिसरों और मुर्गी बाड़ों में खुले अनाज के कारण चूहों और मेंढकों की तादाद बढ़ जाती है। भोजन की तलाश में सांप इन चूहों के पीछे-पीछे बिलों और मकानों के भीतर तक चले आते हैं। सवाल-जवाब 1. सर्दियों की शुरुआत में सांप घरों के नजदीक क्यों आते हैं? मौसम ठंडा होने पर सांप गर्म और सुरक्षित पनाहगाहों की तलाश करते हैं, जिसके चलते वे घरों के आसपास मौजूद मलबे, लकड़ियों और बिलों में छिपने लगते हैं। 2. सांपों को आकर्षित करने में चूहों की क्या भूमिका है? सांपों का मुख्य भोजन चूहे होते हैं। घर के आसपास चूहों की भरमार और उनके खुले बिल सांपों को शिकार के लिए सीधे घर तक खींच लाते हैं। 3. क्या झाड़ियों को हटाने के लिए आग लगाना सही तरीका है? नहीं, झाड़ियों में आग लगाने से आग फैलने का जोखिम रहता है और अन्य वन्यजीवों को नुकसान पहुंचता है। सफाई हाथों से काटकर करना ही सुरक्षित है। 4. घर के आसपास सांपों को रोकने के लिए कौन से उपाय सुझाए गए हैं? नियमित सफाई के अलावा चूहों के बिल बंद करना, फिनायल का छिड़काव, एक खास देसी पौधा लगाना और घोड़बंच दवा का उपयोग उपयोगी उपाय हैं। 5. यदि घर के पास सांप दिख जाए तो क्या करना चाहिए? सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश न करें, सुरक्षित दूरी बनाएं, बच्चों व पालतू जानवरों को दूर करें और स्थानीय स्नेक रेस्क्यू टीम या वन विभाग से संपर्क करें। https://trendkia.com/jharkhand/sardiyon-men-gharon-ka-rukha-kyon-karate-hain-sanpa-aura-kisa-taraha-karen-apana-bachava-40019 TrendKia — Har trend, sabse pehle.