# शाहजहांपुर के 14 श्रद्धालुओं ने साइकिल पर शुरू की 1300 किमी लंबी देवघर यात्रा, 31 लीटर गंगाजल के साथ बढ़ रहे आगे

> उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से 14 कांवरियों का जत्था हरिद्वार से 31 लीटर गंगाजल लेकर देवघर के लिए निकला है। साइकिल पर 1300 किलोमीटर की यह कठिन यात्रा तय करते हुए श्रद्धालुओं का दल कोडरमा के झुमरी तिलैया पहुंचा, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया।

**Type:** article · **Category:** झारखंड · **Published:** 2026-08-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jharkhand/shahjahanpur-ke-14-shraddhaluon-ne-saikila-para-shuru-ki-1300-kimi-lnbi-deoghar-yatra-31-litara-gngajala-ke-satha-barha-rahe-age-23854 · **Language:** Hindi
**Tags:** कांवड़ यात्रा, साइकिल यात्रा, बाबा बैद्यनाथ धाम, शाहजहांपुर news, कोडरमा news, झुमरी तिलैया, हरिद्वार से देवघर, सावन 2026

सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव की भक्ति और अटूट आस्था की विभिन्न तस्वीरें देश भर से सामने आ रही हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में स्थित तिलहर क्षेत्र से 14 कांवरियों का एक विशेष दल साइकिल के जरिए 1300 किलोमीटर लंबी कठिन यात्रा पर निकला है। यह श्रद्धालु दल उत्तराखंड के पवित्र शहर हरिद्वार से 31 लीटर गंगाजल लेकर झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर लगातार आगे बढ़ रहा है। भगवा वस्त्र धारण किए ये सभी कांवरिये अपनी साइकिलों को भगवा ध्वज, कांवड़ और विभिन्न प्रकार की धार्मिक सामग्रियों से सजाकर यात्रा कर रहे हैं। पूरे मार्ग पर भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए यह जत्था अपनी मंजिल की ओर अग्रसर है।

## आस्था और संकल्प से मिली कठिन दूरी तय करने की शक्ति
साइकिल से यात्रा कर रहे इस दल में महंत सुनील चोटी वाला, उपमहंत ब्रजेश भोले और कोषाध्यक्ष राजा भोले के साथ कई अन्य श्रद्धालु शामिल हैं। कांवरियों ने अपनी यात्रा के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था ही उन्हें इतनी लंबी और मुश्किल दूरी साइकिल से तय करने की प्रेरणा तथा शक्ति प्रदान करती है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर देवघर पहुंचना और वहां बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग पर जलाभिषेक करना उनके लिए महज एक सामान्य यात्रा नहीं, बल्कि वर्षों से जुड़ा हुआ एक गहरा धार्मिक संकल्प है। उन्होंने यह भी बताया कि यात्रा के दौरान मार्ग में जगह-जगह मिलने वाले स्थानीय लोगों का सेवा भाव और सहयोग उनका मनोबल तथा उत्साह बढ़ा देता है, जिससे कठिन दूरी और शारीरिक थकान के बावजूद पूरा दल शिव नाम का स्मरण करते हुए बिना रुके आगे बढ़ता रहता है।

## झुमरी तिलैया स्थित बाबा निवास शिव वाटिका में हुआ भव्य स्वागत
साइकिल कांवड़ यात्रा के इसी क्रम में श्रद्धालुओं का यह दल झारखंड के कोडरमा जिले में झुमरी तिलैया बाईपास रोड पर स्थित बाबा निवास शिव वाटिका पहुंचा। वहां पहुंचते ही शिव वाटिका के सेवकों ने कांवरियों का बेहद आदर और उत्साह के साथ स्वागत किया। देवघर के लिए पुनः प्रस्थान करने से पहले श्रद्धालुओं ने अपनी-अपनी साइकिल और कांवर की विधिवत आरती उतारी तथा पूजा-अर्चना की। इसके बाद वहां मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। यात्रा पर आगे बढ़ने से पहले शिव वाटिका में कांवड़ियों को चाय और ब्रेड का नाश्ता कराया गया, जिसके बाद सभी श्रद्धालु पुनः बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हो गए।

## पिछले 14 वर्षों से शिव वाटिका में जारी है कांवरियों की निःशुल्क सेवा
बाबा निवास शिव वाटिका के संचालक सुजीत लोहानी ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि वे हर कांवड़िये में स्वयं भगवान भोलेनाथ का स्वरूप देखते हैं। इसी पावन भावना के साथ वे और उनकी टीम पिछले 14 वर्षों से लगातार इस मार्ग से गुजरने वाले श्रद्धालुओं की सेवा में जुटी हुई है। उन्होंने जानकारी दी कि शिव वाटिका में कांवरियों के लिए निःशुल्क चाय-पानी, भरपेट भोजन, रात्रि विश्राम और प्राथमिक दवाओं की पूरी व्यवस्था की जाती है। उनका मुख्य उद्देश्य यही है कि 1300 किलोमीटर की लंबी और थकाऊ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को रास्ते में कुछ समय आराम करने, रुकने और भोजन-पानी की बेहतर सुविधा मिल सके।

## इसका आप पर असर
यह समाचार सावन के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों पर कांवड़ यात्रा के प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्थानीय सेवा व्यवस्था के व्यावहारिक प्रभावों को रेखांकित करता है।

- **भारत में:** देश भर के प्रमुख राजमार्गों पर कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा और यातायात सुगमता के नियम कड़े किए जा रहे हैं। लंबी दूरी तय करने वाले श्रद्धालुओं को हाईवे पर प्राथमिक चिकित्सा और सहायता केंद्र आसानी से उपलब्ध होंगे।
- **झारखंड और बिहार में:** देवघर की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर निःशुल्क विश्राम गृहों और भोजन व्यवस्था का विस्तार किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संगठन मिलकर कांवड़ यात्रियों के लिए पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित कर रहे हैं।
- **शाहजहांपुर में:** स्थानीय धार्मिक समूहों द्वारा लंबी दूरी की साइकिल यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यात्रियों को रात के समय रिफ्लेक्टर जैकेट और सुरक्षित ठहराव स्थलों का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है।
- **कोडरमा में:** झुमरी तिलैया बाईपास रोड पर स्थानीय सेवादार श्रद्धालुओं के ठहरने और प्राथमिक उपचार की 24 घंटे निःशुल्क सुविधा प्रदान कर रहे हैं। लंबे सफर से थके श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता मिलने से उनकी यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम बन रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. शाहजहांपुर के कांवरिये कहां से कहां तक की यात्रा पर निकले हैं?
शाहजहांपुर के 14 कांवरियों का दल उत्तराखंड के हरिद्वार से गंगाजल लेकर झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा पर निकला है।

### 2. कांवरियों का यह दल यात्रा के लिए किस वाहन का उपयोग कर रहा है और दूरी कितनी है?
यह दल साइकिल से यात्रा कर रहा है और वे कुल 1300 किलोमीटर की दूरी तय कर रहे हैं।

### 3. कांवरिये अपने साथ कितना पवित्र गंगाजल लेकर जा रहे हैं?
कांवरियों का यह जत्था अपने साथ 31 लीटर पवित्र गंगाजल लेकर देवघर जा रहा है।

### 4. झुमरी तिलैया में कांवड़ियों के स्वागत और विश्राम की क्या व्यवस्था की गई थी?
झुमरी तिलैया स्थित बाबा निवास शिव वाटिका में कांवरियों को आरती उतारकर स्वागत किया गया और उन्हें निःशुल्क चाय तथा ब्रेड का नाश्ता कराया गया।

### 5. बाबा निवास शिव वाटिका कितने वर्षों से कांवड़ियों की सेवा कर रहा है?
बाबा निवास शिव वाटिका के संचालक सुजीत लोहानी और उनकी टीम पिछले 14 वर्षों से लगातार कांवड़ियों के लिए भोजन, विश्राम और दवा की निःशुल्क सेवा दे रही है।

## प्रेरणा और सबक
शाहजहांपुर के श्रद्धालुओं की यह कठिन यात्रा और झुमरी तिलैया के सेवादारों का कार्य समर्पण, इच्छाशक्ति और निस्वार्थ सेवा के महान मूल्य सिखाता है।

- **दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्प:** 1300 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण दूरी को साइकिल से तय करना यह दिखाता है कि जब इंसान का संकल्प मजबूत हो, तो शारीरिक थकान और बाधाएं आड़े नहीं आतीं।
- **सामूहिक एकता और सहयोग:** यात्रा के दौरान 14 कांवरियों का एक साथ मिलकर चलना और एक-दूसरे का समर्थन करना टीमवर्क और साझा लक्ष्य की शक्ति को रेखांकित करता है।
- **निस्वार्थ समाज सेवा:** सुजीत लोहानी द्वारा 14 वर्षों से लगातार निःशुल्क सेवा देना यह प्रेरणा देता है कि समाज में दूसरों की मदद के लिए संसाधनों से अधिक नीयत और सेवा भाव महत्वपूर्ण होता है।
- **सहानुभूति और सम्मान:** राहगीरों और स्थानीय लोगों का कांवड़ियों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार यह सिखाता है कि निस्वार्थ भाव से की गई छोटी सी मदद भी किसी बड़े लक्ष्य को आसान बना सकती है।

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