शिक्षक दिवस पर पलामू में लॉन्च हुआ मैट्रिक-इंटर छात्रों के लिए मुफ्त डिजिटल क्लासरूम झारखंड के पलामू जिले में शिक्षक दिवस के मौके पर मैट्रिक और इंटर के छात्रों के लिए 'पलामू की पाठशाला' नाम से मुफ्त डिजिटल प्लेटफॉर्म और यूट्यूब चैनल शुरू किया गया है, जिससे शिक्षकों की कमी झेल रहे बच्चों को घर बैठे पढ़ाई का कंटेंट मिल सकेगा। झारखंड के पलामू जिले में मैट्रिक और इंटर के विद्यार्थियों के लिए अब विषयवार पढ़ाई की सामग्री मुफ्त में इंटरनेट पर उपलब्ध होगी। जिला प्रशासन ने इसके लिए एक अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म और यूट्यूब चैनल तैयार किया है, जिसे नाम दिया गया है 'पलामू की पाठशाला'। मकसद साफ है, स्कूलों में विषय के जानकार शिक्षकों की कमी की वजह से जिन बच्चों की पढ़ाई पिछड़ रही है, उन तक अच्छी क्वालिटी का स्टडी मटीरियल आसानी से पहुंचाया जाए। शिक्षक दिवस पर हुआ शुभारंभ 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के मौके पर मेदिनीनगर स्थित पंडित दीनदयाल टाउन हॉल में एक शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया था। इसी कार्यक्रम के दौरान जिले के 43 शिक्षकों को उनके अच्छे काम के लिए सम्मानित किया गया और साथ ही छात्रों के लिए तैयार किए गए इस नए यूट्यूब चैनल को भी औपचारिक रूप से शुरू कर दिया गया। समारोह में पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, उप विकास आयुक्त मो० सादात अनवर, प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी ऋत्विक मेहता, जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप कुमार और जिला शिक्षा अधीक्षक समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अभी किन छात्रों को मिलेगा फायदा उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने बताया कि शुरुआती चरण में कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए पढ़ाई की सामग्री तैयार की गई है। इन्हें विषयवार वीडियो के रूप में यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया जाएगा, ताकि छात्र जब चाहें और जहां चाहें, अपनी सुविधा के हिसाब से इन्हें देख सकें। आगे चलकर मैट्रिक के सभी विषयों के अलावा इंटर स्तर पर कला, वाणिज्य और विज्ञान, तीनों संकायों से जुड़ा पढ़ाई का कंटेंट भी धीरे-धीरे जोड़ा जाता रहेगा, यानी यह सुविधा सिर्फ शुरुआती सूची तक सीमित नहीं रहने वाली। शिक्षकों की कमी का डिजिटल हल शेखावत के मुताबिक जिले में शिक्षकों की संख्या कम होने का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता रहा है, ऐसे में यह डिजिटल पहल एक बड़ी राहत साबित हो सकती है। चैनल पर लंबी क्लास वाले वीडियो के अलावा छोटे वीडियो, ऑब्जेक्टिव सवाल और परीक्षा में काम आने वाली दूसरी सामग्री भी डाली जाएगी। खास बात यह है कि किसी टॉपिक को ठीक से समझने के लिए बच्चे उस वीडियो को जितनी बार चाहें, उतनी बार दोबारा देख सकते हैं, स्कूल की क्लास की तरह एक ही बार में सब कुछ समझ लेने का दबाव यहां नहीं रहेगा। प्रशासन की कोशिश है कि इस माध्यम से जिले के ज्यादा से ज्यादा बच्चों तक अच्छी पढ़ाई पहुंचे। कंटेंट बनाने वाले शिक्षकों को भी नकद इनाम 'पलामू की पाठशाला' के लिए वीडियो और स्टडी मटीरियल तैयार करने वाले शिक्षकों को भी इसी समारोह में उनके योगदान के लिए अलग से सम्मानित किया गया। शिक्षक दिवस पर सम्मानित हुए कुल 43 शिक्षकों में से दो शिक्षकों, डॉ. राज कुमार और महेंद्र प्रसाद को उनके उत्कृष्ट काम के लिए 15-15 हजार रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया गया। घर बैठे मिलेगी पढ़ाई की सुविधा प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से खासकर वे बच्चे राहत महसूस करेंगे, जिनके स्कूल में किसी खास विषय के लिए एक्सपर्ट शिक्षक मौजूद नहीं है। ऐसे बच्चे अब घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर पर अपने कोर्स से जुड़ा कंटेंट देख और समझ सकेंगे। प्रशासन की कोशिश है कि आने वाले समय में 'पलामू की पाठशाला' के जरिए जिले के हर विद्यार्थी तक उपयोगी और अच्छी क्वालिटी की पढ़ाई की सामग्री आसानी से पहुंच सके, ताकि सिर्फ संसाधनों की कमी किसी के भविष्य में रुकावट न बने। इसका आप पर असर यह पहल सीधे तौर पर पलामू जिले के मैट्रिक और इंटर के छात्रों को फायदा पहुंचाएगी, लेकिन इसका मॉडल आगे चलकर दूसरे इलाकों के लिए भी रास्ता दिखा सकता है। • भारत में: जहां भी सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, वहां ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म एक टेम्पलेट बन सकते हैं। अगर यह मॉडल कामयाब रहा तो दूसरे जिले और राज्य भी अपने यहां इसी तरह के मुफ्त ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू कर सकते हैं। • पलामू में: जिले के मैट्रिक और इंटर के विद्यार्थियों को अब विषयवार पढ़ाई का वीडियो कंटेंट मुफ्त में यूट्यूब पर मिलेगा। जिन स्कूलों में किसी विषय का एक्सपर्ट टीचर नहीं है, वहां के बच्चे भी घर बैठे उसी स्तर की पढ़ाई कर सकेंगे। • छात्रों के लिए: वीडियो को बार-बार देखने की सुविधा मिलेगी, यानी क्लास में एक बार में न समझ पाने वाला टॉपिक भी घर पर दोबारा समझा जा सकेगा। • परीक्षा की तैयारी: चैनल पर ऑब्जेक्टिव सवाल और परीक्षा से जुड़ी सामग्री भी मिलेगी, जिससे रिवीजन और तैयारी दोनों आसान होंगी। • मेहनती शिक्षकों के लिए: जो शिक्षक अच्छा कंटेंट बनाएंगे, उन्हें सम्मान के साथ-साथ नकद पुरस्कार जैसा प्रोत्साहन भी मिल सकता है, जैसा कि डॉ. राज कुमार और महेंद्र प्रसाद को मिला। सवाल-जवाब 1. पलामू की पाठशाला क्या है? यह पलामू जिला प्रशासन का मुफ्त डिजिटल प्लेटफॉर्म और यूट्यूब चैनल है, जिस पर मैट्रिक और इंटर के छात्रों के लिए विषयवार पढ़ाई का वीडियो कंटेंट उपलब्ध होगा। 2. यह कब लॉन्च हुआ? इसे 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के मौके पर मेदिनीनगर के पंडित दीनदयाल टाउन हॉल में लॉन्च किया गया। 3. अभी किन कक्षाओं के लिए कंटेंट है? फिलहाल कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए कंटेंट तैयार किया गया है। 4. आगे कौन-कौन से विषय जुड़ेंगे? आगे मैट्रिक के सभी विषयों के साथ इंटर के कला, वाणिज्य और विज्ञान संकाय के विषय भी जोड़े जाएंगे। 5. शिक्षकों को क्या सम्मान मिला? समारोह में 43 शिक्षकों को सम्मानित किया गया, जिनमें डॉ. राज कुमार और महेंद्र प्रसाद को उत्कृष्ट काम के लिए 15-15 हजार रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया गया। 6. इस पहल का मकसद क्या है? मकसद यह है कि शिक्षकों की कमी झेल रहे स्कूलों के विद्यार्थियों तक भी अच्छी क्वालिटी की पढ़ाई की सामग्री मुफ्त में पहुंचाई जा सके। https://trendkia.com/jharkhand/shikshaka-divasa-para-palamu-men-loncha-hua-maitrika-intara-chhatron-ke-lie-muphta-dijitala-klasaruma-28218 TrendKia — Har trend, sabse pehle.