# सुबह की जल्दबाजी में बिना झंझट बनाएं पतला बैटर पराठा, सब्जी के बिना अचार संग परोसें

> रांची की उषा ने बताया कि आटा, सूजी, प्याज और मसालों के पतले घोल से आसानी से स्वादिष्ट पराठा तैयार किया जा सकता है। इसमें दूध या पानी मिलाकर धीमी आंच पर पकाने से बिना ज्यादा मेहनत के नाश्ता बन जाता है।

**Type:** article · **Category:** झारखंड · **Published:** 2026-09-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jharkhand/subaha-ki-jaldabaji-men-bina-jhnjhata-banaen-patala-baitara-paratha-sabji-ke-bina-achara-snga-parosen-35902 · **Language:** Hindi
**Tags:** नाश्ता रेसिपी, पराठा रेसिपी, आटा सूजी नाश्ता, रांची, त्वरित नाश्ता

सुबह की भागदौड़ के दौरान अक्सर नाश्ते की तैयारी के लिए रसोई में अधिक समय निकालना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में कम मेहनत और साधारण रसोई सामग्रियों के इस्तेमाल से एक पौष्टिक विकल्प तैयार किया जा सकता है। रांची की रहने वाली गृहणी उषा ने आटा और सूजी के पतले घोल से बनने वाले एक बेहद आसान पराठे की विधि साझा की है, जिसके साथ अलग से किसी सब्जी को पकाने की भी आवश्यकता नहीं पड़ती है।

## सामग्री और घोल तैयार करने का तरीका
इस व्यंजन को शुरू करने के लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन में थोड़ा सा आटा निकाल लें। इसके बाद उसी बर्तन में थोड़ी सी सूजी मिलाएं। स्वाद और महक बढ़ाने के लिए बारीक कटा हुआ प्याज, बारीक कटी मिर्च, कुटी हुई काली मिर्च, चुटकी भर हल्दी, धनिया पाउडर और आवश्यकतानुसार नमक मिलाया जाता है। इन सभी सूखे तत्वों और कटी सब्जियों को बर्तन में एक साथ अच्छी तरह मिलाना जरूरी है।

मसाले मिल जाने के बाद मिश्रण को तरल रूप देने के लिए दूध अथवा सादे पानी का उपयोग किया जाता है। जिन लोगों को दूध से किसी तरह की एलर्जी या परहेज है, वे केवल पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं, जबकि अन्य लोग इसमें दूध मिला सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि तैयार होने वाला बैटर गाढ़ा न होकर पानी की तरह एकदम पतला होना चाहिए। पूरे मिश्रण को एकसार कर लेने के बाद गैस चूल्हे पर एक बड़ा तवा चढ़ाकर गर्म होने के लिए रख दें।

## धीमी आंच पर पकाने की विधि
तवा गर्म होने पर उस पर एक चम्मच तेल डालें और तेल को अच्छी तरह गर्म होने दें। गर्म तेल के ऊपर तैयार किए गए पतले घोल को फैलाकर डाल दिया जाता है। घोल डालते ही तवे को किसी ढक्कन से ढक दें और गैस की आंच को पूरी तरह धीमा कर दें। धीमी आंच पर पकने के कारण भीतर तक सिकाई होती है। लगभग 10 मिनट बीतने के बाद पराठा किनारे से तवा अपने आप छोड़ने लगता है।

किनारे छूटने के बाद पराठे को सावधानी से दूसरी तरफ पलट दें ताकि दोनों तरफ से अच्छी तरह पक सके। जब दोनों सतहें पूरी तरह सिक जाएं, तो इसे तवे से उतार लें। इस गरमा-गरम पराठे को थोड़े से अचार के साथ परोसा जाता है, जिससे इसका स्वाद काफी बढ़ जाता है।

## व्यस्त दिनचर्या वाले कामकाजी लोगों के लिए सुविधा
इस पूरी विधि की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आटा गूंधने या बेलने जैसी कोई मशक्कत नहीं करनी पड़ती। बस कुछ बुनियादी चीजें मिलाकर पतला घोल तैयार करना होता है। एक बार तवे पर घोल डालकर ढक देने के बाद 10 से 15 मिनट तक लगातार तवे के पास खड़े रहने की जरूरत नहीं होती, जिससे लोग सुबह के समय अपने दफ्तर की तैयारी या अन्य जरूरी काम निपटा सकते हैं। इसी वजह से यह उन लोगों के लिए बेहद मुफीद है जिन्हें सुबह घर से निकलने की हड़बड़ी रहती है।

## इसका आप पर असर
कम समय में आसान नाश्ता तैयार करने की यह विधि कामकाजी लोगों और विद्यार्थियों के सुबह के समय की बचत करती है।

- **झंझट मुक्त तैयारी:** आटा गूंधने और बेलने की मेहनत पूरी तरह खत्म हो जाती है। केवल सामग्रियों को घोलकर सीधे तवे पर पकाया जा सकता है।
- **समय की बचत:** तवे पर बैटर ढककर रखने के बाद 10 से 15 मिनट का खाली समय मिलता है। इस दौरान लोग सुबह दफ्तर या स्कूल जाने की दूसरी तैयारियां निपटा सकते हैं।
- **अलग सब्जी की जरूरत नहीं:** पराठे में पहले से प्याज और मसाले मिले होने से इसे सीधे अचार के साथ खाया जा सकता है। इससे सुबह सब्जी पकाने का अतिरिक्त समय और खर्च बचता है।
- **सस्ती और सुलभ सामग्री:** इस विधि में केवल घर में सामान्य रूप से उपलब्ध आटा, सूजी, प्याज और मसालों का इस्तेमाल होता है। महंगे बाजारू या रेडी-टू-ईट उत्पादों पर निर्भरता नहीं रहती।

## ऐसा क्यों हुआ
सुबह के समय भोजन पकाने में लगने वाले अतिरिक्त श्रम और समय की कमी को दूर करने के लिए यह आसान विधि अपनाई गई है।

- **सीधा कारण:** सुबह दफ्तर या स्कूल जाने की आपाधापी में गूंधे हुए आटे और सब्जी दोनों को तैयार करने के लिए पर्याप्त समय नहीं बचता। इसलिए पतले घोल से बनने वाले विकल्प की जरूरत महसूस होती है।
- **बैटर का पतला स्वरूप:** बैटर को पानी की तरह पतला इसलिए रखा जाता है ताकि वह बिना किसी दबाव या बेलन के तवे पर आसानी से फैल सके। धीमी आंच पर ढकने से यह अंदर से कच्चा नहीं रहता और आसानी से सिकता है।
- **दूध या पानी का चुनाव:** पोषण बढ़ाने के लिए दूध का विकल्प दिया गया है, जबकि लैक्टोज या दूध से एलर्जी वाले लोगों के लिए पानी का साधारण विकल्प उपलब्ध रहता है।

## सवाल-जवाब

### 1. इस पराठे का घोल बनाने के लिए किन मुख्य चीजों की जरूरत होती है?
इसके लिए आटा, सूजी, कटा प्याज, मिर्च, काली मिर्च, हल्दी, धनिया पाउडर, नमक और दूध या पानी की आवश्यकता होती है।

### 2. बैटर को गाढ़ा रखना चाहिए या पतला?
बैटर को एकदम पानी की तरह पतला रखना जरूरी है ताकि वह तवे पर सही तरीके से फैल सके।

### 3. क्या दूध की जगह केवल पानी का उपयोग किया जा सकता है?
हां, यदि किसी को दूध से एलर्जी या परहेज है तो वह घोल तैयार करने के लिए सादे पानी का इस्तेमाल कर सकता है।

### 4. तवे पर डालने के बाद इसे कितनी देर पकाया जाता है?
इसे धीमी आंच पर ढककर लगभग 10 मिनट पकाया जाता है, जिसके बाद यह खुद तवा छोड़ने लगता है और फिर पलटा जाता है।

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