त्योहारी सीजन में कोडरमा के बाजारों में नई वैरायटी की रोशनी, गणेश-लक्ष्मी प्रिंट और हरी पत्तियों वाली झालरों का दिखा क्रेज दीपावली को लेकर कोडरमा के बाजार में दिल्ली और कोलकाता से आधुनिक सजावटी लाइटें पहुंची हैं। इनमें दिन में वॉल आर्ट और रात में जगमगाने वाली धार्मिक हैंगिंग लाइटों से लेकर 65 मीटर तक की वाटरप्रूफ झालरें शामिल हैं। दीपावली का त्योहार करीब आते ही झारखंड के कोडरमा जिले के बाजारों में रौनक पूरी तरह परवान चढ़ने लगी है। घरों, प्रतिष्ठानों और कार्यस्थलों को रोशन करने के लिए स्थानीय लोग बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक सजावटी सामानों, आधुनिक लड़ियों और फैंसी हैंगिंग लाइट्स की खरीदारी में जुट गए हैं। इस बार के त्योहारी बाजार में पारंपरिक बल्बों की जगह नए जमाने के आधुनिक पैटर्न, आंखों को सुकून देने वाली सुखद रोशनी और दोहरे उपयोग वाले सजावटी उत्पादों का खास दबदबा नजर आ रहा है। कोडरमा के कारोबारियों ने ग्राहकों की नई प्राथमिकताओं को पूरा करने के मकसद से कोलकाता और दिल्ली जैसे महानगरों से आधुनिक डिजाइन वाली लाइटों की बड़ी खेप मंगाई है। दीपक कुमार ने साझा किए सजावटी उत्पादों के नए ट्रेंड्स कोडरमा स्थित स्टेशन रोड पर गोकुल इलेक्ट्रिकल्स का संचालन करने वाले दीपक कुमार ने बताया कि इस बार खरीदारों की व्यक्तिगत पसंद, घरों के अलग-अलग हिस्सों और बजट को ध्यान में रखते हुए छोटे से लेकर बड़े साइज तक का एक विस्तृत संग्रह पेश किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि इन दिनों ग्राहक ऐसी लाइटिंग तलाश रहे हैं जो सिर्फ एक हिस्से तक सीमित न रहे, बल्कि घर के भीतरी कमरों से लेकर बाहर की दीवारों, छत की मुंडेरों, बालकनी की रेलिंग और प्रवेश द्वारों तक को नया स्वरूप दे सके। यही वजह है कि इनडोर और आउटडोर दोनों तरह के उपयोग के लिए खास तौर पर तैयार उत्पाद बाजार में उतारे गए हैं। सॉफ्ट रोशनी और मल्टीकलर बल्बों का बढ़ता दायरा बाजार में इस समय छोटे आकार के बल्बों वाली मल्टीकलर झालरें खरीदारों को खूब लुभा रही हैं। इन झालरों की तकनीकी विशेषता यह है कि इनके अलग-अलग बल्बों में विविध रंगों के प्रकाश का विकल्प मिलता है, जिससे पूरे परिसर में उत्सव का एक जीवंत माहौल तैयार होता है। कुछ लड़ियों में कई रंगों का संयुक्त मिश्रण देखने को मिलता है, जबकि उन खरीदारों के लिए भी खास इंतजाम है जो सादगी पसंद करते हैं, क्योंकि बाजार में सिंगल कलर यानी एक ही रंग में निरंतर जलने वाली लड़ियां भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा निर्माताओं ने रोशनी की तीव्रता पर भी बारीक काम किया है। बाजार में अब ऐसी खास लाइटें मौजूद हैं जिनका प्रकाश अत्यधिक तीव्र नहीं होता और आंखों में चुभता नहीं है, जिसके कारण लोग इन्हें कमरों के अंदर की सजावट के लिए प्राथमिकता दे रहे हैं। हरे पत्तों वाली लाइट से सजावट में कुदरती निखार इस त्योहारी सीजन में सबसे अनूठे आकर्षण के तौर पर हरे पत्तों वाली सजावटी लड़ियां उभरकर सामने आई हैं। यह खास डिजाइन कृत्रिम पत्तियों के बीच बारीक लाइटों को पिरोकर तैयार किया गया है, जो देखने में एक प्राकृतिक बगीचे या हरियाली की बेल जैसा अहसास कराता है। जब इन हरी पत्तियों के बीच से रोशनी फूटती है, तो दीवारों और रेलिंग को बिल्कुल अलग और प्रीमियम लुक मिलता है। स्थानीय लोग इस डिजाइन का उपयोग अपने मुख्य द्वार के चौखट, बालकनी, सीढ़ियों की रेलिंग और बरामदे को कुदरती खूबसूरती देने के लिए कर रहे हैं। सामान्य प्लास्टिक लड़ियों के मुकाबले इसका ऑर्गेनिक लुक लोगों को काफी प्रभावित कर रहा है। 45 से 65 मीटर लंबी लड़ियां और वाटरप्रूफ नियॉन लाइट घरों के आकार और सजावट के फैलाव को देखते हुए दुकानदारों ने इस बार लड़ी की लंबाई का दायरा भी काफी बढ़ा दिया है। स्टेशन रोड के व्यवसायी दीपक कुमार के अनुसार, ग्राहकों को बार-बार जॉइंट लगाने के झंझट से बचाने के लिए 45 मीटर, 55 मीटर और 65 मीटर तक की पूरी लंबाई वाली झालरें लाई गई हैं। इतनी लंबी लड़ियों की मदद से लोग एक ही सिरे से पूरी छत की बाउंड्री, मकान की बाहरी दीवारों और विशाल परिसरों को आसानी से कवर कर रहे हैं। इसके साथ ही खुले आसमान के नीचे बाहरी हिस्सों को सजाने के लिए नियॉन मल्टीकलर वाटरप्रूफ लाइट की मांग भी तेजी से बढ़ी है। पूरी तरह वाटरप्रूफ होने के कारण इन पर ओस, नमी या पानी की बूंदों का कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ता और इनका चटकीला रंगीन पैटर्न रात के अंधेरे में मकान को बेहद भव्य रूप देता है। दिन में कलाकृति और रात में रोशन होने वाली हैंगिंग लाइट त्योहार के आध्यात्मिक महत्व को दर्शाने वाली हैंगिंग लाइटें भी ग्राहकों के बीच भारी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। बाजार में शुभ दीपावली लिखे हुए संदेशों के साथ-साथ भगवान गणेश और माता लक्ष्मी के चित्रों से सुसज्जित हैंगिंग लाइटें खूब पसंद की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त पारंपरिक रंगोली के जटिल डिजाइनों पर आधारित लाइटें भी उपलब्ध हैं। इन उत्पादों की सबसे बड़ी खूबी इनका दोहरा उपयोग है। दिन के उजाले में यह मुख्य द्वार और पूजा स्थल के पास एक सुंदर कलाकृति, शुभ संदेश या देवी-देवताओं की वॉल फ्रेम जैसी दिखाई देती हैं, जिससे घर की दीवारें सजी रहती हैं। वहीं, शाम ढलते ही जब इनके भीतर की इनबिल्ट लाइटिंग चालू की जाती है, तो ये दिव्य और मनमोहक रोशनी से पूरे परिवेश को आलौकिक आभा से भर देती हैं। लोग इन्हें प्रवेश द्वार और पूजा कक्ष के आसपास प्राथमिकता से लगा रहे हैं। इसका आप पर असर दीपावली पर घर सजाने वाले खरीदारों को इस बार लंबे तार और मौसम से सुरक्षित आधुनिक लाइटों का सीधा विकल्प मिल रहा है। • भारत में: महानगरों के नए लाइटिंग ट्रेंड्स अब छोटे शहरों के स्थानीय बाजारों में भी तुरंत उपलब्ध हो रहे हैं। इससे त्योहार पर घरों की सजावट के लिए लोगों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स या बड़े शहरों की यात्रा पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। • कोडरमा में: स्टेशन रोड के बाजारों में 45 से 65 मीटर लंबी सिंगल झालरें और वाटरप्रूफ लाइटें मिलने से स्थानीय लोगों की सजावट आसान हो गई है। लोग अलग-अलग तारों को जोड़ने के जोखिम से बचकर एक ही लड़ी में पूरी छत और बाहरी परिसर को सुरक्षित ढंग से सजा सकते हैं। • घरेलू उपयोग: इनडोर कमरों के लिए आंखों को न चुभने वाली सॉफ्ट लाइटें और दिन-रात काम आने वाली हैंगिंग लाइटें उपलब्ध कराई गई हैं। इससे खरीदारों को दिन में अलग वॉल डेकोरेशन और रात में अलग रोशनी का दोहरा खर्च नहीं करना पड़ेगा। • आउटडोर सुरक्षा: बाहरी दीवारों और बालकनी के लिए नियॉन वाटरप्रूफ लाइटें आने से ओस और नमी से होने वाले शॉर्ट सर्किट का खतरा टल जाता है। खरीदार बिना किसी तकनीकी झंझट के खुले स्थानों पर रंग-बिरंगी रोशनी का आनंद ले सकेंगे। ऐसा क्यों हुआ कोडरमा के बाजारों में आधुनिक लाइटिंग उत्पादों की यह नई खेप त्योहार पर बदलती उपभोक्ता प्राथमिकताओं और कारोबारी तैयारियों का सीधा परिणाम है। • बाजार की आपूर्ति: स्थानीय व्यापारियों ने कोलकाता और दिल्ली के थोक केंद्रों से त्योहारी सीजन के शुरू में ही आधुनिक डिजाइन का स्टॉक जुटा लिया। इससे जिले के खरीदारों को महानगरों में चल रहे लेटेस्ट ट्रेंड्स समय रहते उपलब्ध हो सके। • सुविधा और सुरक्षा की मांग: पहले लोग कई छोटी लड़ियों को जोड़ते थे जिससे करंट और शॉर्ट सर्किट की संभावना रहती थी, जिसे देखते हुए दुकानदारों ने 45 से 65 मीटर तक की लंबी और वाटरप्रूफ लड़ियां मंगाईं। इससे ग्राहकों को खुले मौसम में टिकाऊ और सुरक्षित सजावट का विकल्प मिला। • धार्मिक और पारंपरिक आकर्षण: दीपावली पर देवी-देवताओं के पूजन का विशेष महत्व होता है, जिसके चलते निर्माताओं ने शुभ दीपावली, गणेश-लक्ष्मी और रंगोली के नमूनों को लाइटिंग फ्रेम के साथ तैयार किया। यह नवाचार दिन और रात दोनों समय सजावट के उद्देश्य को एक साथ पूरा करता है। सवाल-जवाब 1. कोडरमा में नई डिजाइन की सजावटी लाइटें कहां से मंगाई गई हैं? कोडरमा के दुकानदारों ने ये आधुनिक और लेटेस्ट ट्रेंडिंग लाइटें कोलकाता और दिल्ली जैसे बड़े शहरों से मंगाई हैं। 2. गोकुल इलेक्ट्रिकल्स पर किस लंबाई की झालरें उपलब्ध कराई गई हैं? स्टेशन रोड स्थित गोकुल इलेक्ट्रिकल्स पर 45 मीटर, 55 मीटर और 65 मीटर तक की लंबाई वाली झालरें बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। 3. गणेश-लक्ष्मी और रंगोली वाली हैंगिंग लाइट की क्या खासियत है? ये लाइटें दिन के समय सुंदर कलाकृति और तस्वीरों के रूप में दीवार की शोभा बढ़ाती हैं, जबकि रात में इनके भीतर की रोशनी जगमगा उठती है। 4. घर के बाहरी हिस्सों की सजावट के लिए कौन सी खास लाइट उपलब्ध है? बाहरी सजावट के लिए नियॉन मल्टीकलर वाटरप्रूफ लाइट उपलब्ध है, जिस पर नमी या पानी का असर नहीं पड़ता। 5. हरे पत्तों वाली सजावटी लाइट को कहां लगाया जा सकता है? हरे पत्तों वाली लाइट को प्राकृतिक लुक देने के लिए मुख्य दरवाजे, बालकनी, रेलिंग और बरामदे में लगाया जा सकता है। https://trendkia.com/jharkhand/tyohari-sijana-men-koderma-ke-bajaron-men-nai-vairayati-ki-roshani-ganesh-lakshmi-printa-aura-hari-pattiyon-vali-jhalaron-ka-dikha-56092 TrendKia — Har trend, sabse pehle.