# वजन घटाने के साथ भरपूर प्रोटीन देगा स्टीम स्प्राउट्स का यह आसान नाश्ता

> काले चने, साबुत हरी मूंग और मूंगफली को भाप में पकाकर तैयार किया जाने वाला यह हल्का नाश्ता पाचन में आसान है और लंबे समय तक भूख नहीं लगने देता।

**Type:** article · **Category:** झारखंड · **Published:** 2026-11-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jharkhand/vajana-ghatane-ke-satha-bharapura-protina-dega-stima-sprouts-ka-yaha-asana-nashta-55416 · **Language:** Hindi
**Tags:** स्टीम स्प्राउट्स, नाश्ता रेसिपी, वेट लॉस डाइट, हेल्दी ब्रेकफास्ट, प्रोटीन आहार, काले चने रेसिपी

सुबह की भागदौड़ में अक्सर लोग ऐसे नाश्ते की तलाश में रहते हैं जो पौष्टिक होने के साथ शरीर का वजन नियंत्रित रखने में भी मददगार साबित हो। आमतौर पर कच्चे अंकुरित अनाज को चबाने में काफी मेहनत लगती है और कई लोगों को इसे पचाने में भी भारीपन महसूस होता है। भाप में पकाकर तैयार किया जाने वाला स्टीम स्प्राउट्स इस समस्या का सीधा समाधान पेश करता है। इसमें काले चने, मूंगफली और हरी साबुत मूंग का इस्तेमाल होता है, जिससे शरीर को प्रचुर मात्रा में प्रोटीन मिलता है और तेल की मात्रा न के बराबर रहती है। भाप में पकने की वजह से यह बेहद मुलायम बन जाता है, जिससे खाने का स्वाद भी बढ़ता है और पेट देर तक भरा रहता है।

## तैयारी की पहली शुरुआत और भिगोने का तरीका
इस पौष्टिक व्यंजन को बनाने का सिलसिला रात से ही शुरू हो जाता है। रांची की निवासी उषा के अनुसार, सबसे पहले काले चने, हरी गोटा मूंग और कच्ची मूंगफली को एक साथ पानी में भिगोकर रख देना चाहिए। इन तीनों सामग्रियों को पूरी रात यानी कम से कम 8 घंटे तक पानी में अच्छी तरह भीगने देना जरूरी है। सुबह उठकर भीगे हुए इन दानों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें और अतिरिक्त पानी को छानकर अलग रख लें। रातभर पानी सोखने के बाद ये दाने नरम पड़ जाते हैं और पकने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाते हैं।

## कढ़ाई में छौंक लगाने की विधि
अगले चरण में गैस पर एक कड़ाही चढ़ाएं और उसमें बेहद सीमित मात्रा में केवल आधा चम्मच कुकिंग ऑयल डालें। तेल की मात्रा आधा चम्मच से बिल्कुल भी अधिक नहीं होनी चाहिए, ताकि नाश्ते का स्वास्थ्यवर्धक गुण बना रहे। इसके बाद गरम तेल में चुटकी भर जीरे का तड़का लगाएं और स्वादानुसार थोड़ा सा नमक मिला दें। तड़के में बारीक कटा हुआ प्याज और कटी हुई हरी मिर्च डालकर हल्का सा चलाएं। अगर कोई अपनी पसंद की अन्य सब्जियां इसमें शामिल करना चाहे, तो वह भी डाल सकता है, हालांकि सब्जियों का इस्तेमाल पूरी तरह से ऐच्छिक है।

## मद्धम आंच पर पकाने और भाप देने की प्रक्रिया
कड़ाही में डाली गई प्याज और मिर्च को केवल 2 मिनट तक हल्का सा भूनें। इसे बहुत ज्यादा पकाने या लाल करने से बचना चाहिए। इसके तुरंत बाद पानी से छाने हुए स्प्राउट्स को कड़ाही में डाल दें और करछुल की मदद से एक या दो बार अच्छी तरह चला लें। अब कड़ाही को ढक्कन से पूरी तरह ढक दें और गैस की आंच को एकदम धीमा कर दें। धीमी आंच पर इसे ठीक 15 मिनट के लिए भाप में पकने के लिए छोड़ दें। इस दौरान भाप के दबाव से दाने भीतर तक अच्छी तरह पककर बिल्कुल कोमल हो जाते हैं।

## परोसने का अंदाज और सेहत से जुड़े लाभ
घड़ी में 15 मिनट पूरे होते ही कड़ाही का ढक्कन हटा दें। आपका मुलायम और भाप में पका स्प्राउट्स पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है। अब इसके ऊपर से बारीक कटा हुआ ताजा हरा धनिया पत्ता और स्वाद के मुताबिक नींबू का रस निचोड़ें। इसे गरमागरम परोसें। इस तरह तैयार किया गया नाश्ता न सिर्फ खाने में बेहद कोमल रहता है, बल्कि पेट में जाकर तेजी से पच भी जाता है। इसमें किसी भी तरह के भारी मसालों का प्रयोग नहीं किया जाता और तेल की खपत भी न्यूनतम रहती है। यही वजह है कि यह फिटनेस पसंद करने वाले लोगों के लिए एक बेहतरीन पौष्टिक विकल्प साबित होता है।

## इसका आप पर असर
यह आसान घरेलू नाश्ता उन सभी लोगों के लिए फायदेमंद है जो कम खर्च और कम समय में पौष्टिक वजन नियंत्रण चाहते हैं।

- **खानपान में बदलाव:** सुबह के नाश्ते में भारी पराठे या प्रोसेस्ड फूड के बजाय यह हल्का विकल्प शामिल किया जा सकता है। इससे दिनभर की कैलोरी खपत सीमित रहती है और पेट देर तक भरा महसूस होता है।
- **किचन बजट पर असर:** घर में मौजूद काले चने, साबुत मूंग और मूंगफली जैसी सामान्य चीजों से यह बनकर तैयार हो जाता है। इसके लिए किसी महंगे प्रोटीन सप्लीमेंट या बाजार के डाइटरी फूड की जरूरत नहीं पड़ती।
- **समय और ऊर्जा की बचत:** केवल 15 मिनट की धीमी भाप में यह पूरी तरह पक जाता है। व्यस्त दिनचर्या वाले कामकाजी लोग रात को दालें भिगोकर सुबह झटपट इसे बना सकते हैं।
- **पाचन स्वास्थ्य में सुधार:** कच्चा स्प्राउट्स न पचा पाने वाले लोगों को भाप में पका यह रूप बिना गैस या भारीपन के पोषण देता है। बुजुर्ग और कमजोर पाचन वाले लोग भी इसे आसानी से खा सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
कच्चे अंकुरित अनाज में मौजूद सख्त रेशों और पाचन संबंधी दिक्कतों को दूर करने के लिए इस भाप वाली विधि को अपनाया गया है। पोषक तत्वों को बनाए रखते हुए अनाज को सुपाच्य बनाना इसका मुख्य आधार है।

- **कच्चे स्प्राउट्स की पाचन चुनौती:** बिना पके चने और मूंग को देर तक चबाना पड़ता है और वे आंतों में भारीपन पैदा करते हैं। भाप में 15 मिनट पकाने से उनके कड़े रेशे नरम हो जाते हैं और वे पेट के लिए हल्के बन जाते हैं।
- **न्यूनतम चिकनाई की जरूरत:** वजन घटाने के दौरान अतिरिक्त तेल और वसा से बचना सबसे जरूरी माना जाता है। सिर्फ आधा चम्मच तेल और भाप के प्रयोग से इसमें अनावश्यक वसा जुड़े बिना स्वाद आ जाता है।
- **रातभर भिगोने की वैज्ञानिक प्रक्रिया:** कम से कम 8 घंटे तक पानी में रखने से दालों और बीजों की बाहरी परत फूल जाती है। इससे दानों के अंदर मौजूद पोषक तत्व सक्रिय होते हैं और वे कम समय में आसानी से पक जाते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. स्टीम स्प्राउट्स बनाने के लिए किन चीजों की आवश्यकता होती है?
इसके लिए काले चने, हरी गोटा मूंग, मूंगफली, आधा चम्मच तेल, जीरा, नमक, प्याज, हरी मिर्च, धनिया पत्ता और नींबू के रस की जरूरत होती है।

### 2. दालों और मूंगफली को कितनी देर तक भिगोना चाहिए?
काले चने, हरी मूंग और मूंगफली को कम से कम 8 घंटे या पूरी रात पानी में भिगोकर रखना आवश्यक है।

### 3. स्प्राउट्स को कड़ाही में कितनी देर तक पकाना होता है?
तड़के के बाद स्प्राउट्स को कड़ाही में ढककर एकदम धीमी आंच पर ठीक 15 मिनट तक भाप में पकाना चाहिए।

### 4. क्या इस रेसिपी में दूसरी सब्जियां मिलाई जा सकती हैं?
हां, प्याज और हरी मिर्च के अलावा आप अपनी पसंद के अनुसार अन्य बारीक कटी सब्जियां भी मिला सकते हैं।

### 5. कच्चे स्प्राउट्स के मुकाबले स्टीम स्प्राउट्स क्यों बेहतर माने जाते हैं?
भाप में पकने की वजह से ये काफी मुलायम हो जाते हैं, इन्हें ज्यादा चबाना नहीं पड़ता और ये पेट में आसानी से पच जाते हैं।

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