बेंगलुरु में खाली प्लॉट पर सफाई के दौरान मिला महिला का शव, कपड़े के टैग से हुआ खौफनाक हत्या का खुलासा बेंगलुरु के संपिगेहल्ली इलाके में एक खाली प्लॉट पर सफाई के दौरान मिले सड़े-गले शव के मामले में पुलिस ने मृतका के पति को गिरफ्तार कर लिया है। आर्थिक तंगी के चलते पति ने गला दबाकर पत्नी की हत्या कर दी थी और शव को तीन दिनों तक घर में छिपाए रखने के बाद सुनसान जगह पर फेंक दिया था। बेंगलुरु शहर में एक खाली पड़े प्लॉट की सफाई का काम चल रहा था, तभी वहां काम कर रहे सफाईकर्मियों को एक महिला का सड़ा-गला शव बरामद हुआ। शुरुआती तौर पर किसी को यह आभास नहीं हुआ कि यह मामला महज किसी लावारिस शव के मिलने का नहीं है, बल्कि यह करीब तीन हफ्ते पुरानी एक सुनियोजित हत्या का पर्दाफाश है। जब स्थानीय पुलिस ने इस मामले की गहन छानबीन शुरू की, तो इस खौफनाक वारदात की परतें धीरे-धीरे उधड़ने लगीं और अंततः शक की सुई सीधे मृतका के जीवनसाथी पर आकर टिक गई। पति हुआ गिरफ्तार और सामने आया रिश्तों का सच संपिगेहल्ली पुलिस ने 28 वर्षीय अनसुया बेहरा की हत्या के गंभीर मामले में उसके 32 वर्षीय पति सागर चंद्र रावत को धर दबोचा है। मूल रूप से बिहार का रहने वाला सागर बेंगलुरु के ही एक होटल में कार्यरत था, जबकि अनसुया एक स्थानीय कपड़ों की दुकान में काम करती थी। पुलिस की शुरुआती पूछताछ से यह बात सामने आई कि दोनों ने आपसी प्रेम संबंध के बाद विवाह किया था और घटना से कुछ महीने पहले ही रोजगार की तलाश में बेंगलुरु आए थे। शुरुआती दिन सामान्य बीते, लेकिन जल्द ही घरेलू आर्थिक तंगी और पैसों के अभाव को लेकर पति-पत्नी के बीच मनमुटाव और अक्सर होने वाले झगड़े अपनी जगह बनाने लगे। पैसे के विवाद में ली जान और तीन दिन घर में छिपाया शव पुलिस के अनुसार, 11 अगस्त की रात को एक बार फिर दोनों के बीच पैसों के लेनदेन और तंगी को लेकर तीखी बहस छिड़ गई। आरोप है कि जब विवाद हद से आगे बढ़ गया, तो सागर ने अपना आपा खो दिया और अनसुया के साथ मारपीट करते हुए उसका गला घोंटकर उसकी जीवनलीला समाप्त कर दी। इस घटना के बाद आरोपी की जो हरकत सामने आई, वह बेहद हैरान करने वाली थी। हत्या को अंजाम देने के तुरंत बाद उसने शव को तुरंत ठिकाने लगाने के बजाय कथित तौर पर लगातार तीन दिनों तक अपने ही घर के भीतर छुपा कर रखा। इसके बाद उसने मृतका के शव को एक चादर में लपेटा और उसे एक पलंग के अंदर सुरक्षित रखकर संपिगेहल्ली इलाके के एक वीरान और सुनसान प्लॉट पर फेंक दिया। पुलिस को यह भी अंदेशा है कि शव को फेंकने के बाद भी आरोपी कई दिनों तक उस इलाके के चक्कर काटता रहा ताकि यह सुनिश्चित कर सके कि किसी को उसकी करतूत का पता तो नहीं चला है। सफाई अभियान के दौरान सामने आया रहस्य यह भयानक राज कई दिनों तक दबा रहा और किसी को कानोकान खबर नहीं हुई। आगामी 2 सितंबर को जब स्थानीय प्रशासन की ओर से क्षेत्र के तमाम खाली पड़े प्लॉटों की सफाई का एक विशेष अभियान चलाया जा रहा था, तब सफाईकर्मियों की नजर वहां पड़े एक लावारिस और संदिग्ध मलबे के ढेर पर पड़ी। जैसे-जैसे कर्मियों ने उस मलबे को हटाया, वहां से एक महिला का क्षत-विक्षत शव बाहर निकला। शव की हालत बेहद दयनीय थी और आवारा कुत्तों द्वारा शरीर के कुछ हिस्सों को नोचे जाने के कारण उसकी पहचान करना पुलिस के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया था। हालांकि, जांच टीम को मौके से एक ऐसा अहम सुराग हाथ लगा जिसने पूरी गुत्थी को सुलझाने का रास्ता साफ कर दिया। कपड़े के एक छोटे से टैग ने खोल दिया राज शव के बिल्कुल करीब मिले कपड़ों के एक टैग ने पुलिस को तह तक पहुंचने का एक मजबूत रास्ता दिखा दिया। पुलिस की जांच टीम ने उस टैग के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की कि वह कपड़ा आखिर कहां से खरीदा गया था और यह कड़ी आखिरकार एक शॉपिंग मॉल तक जा पहुंची। मॉल से मिली आधिकारिक जानकारी और बिल के विवरण के आधार पर पुलिस ने मृतक महिला की शिनाख्त 28 वर्षीय अनसुया बेहरा के रूप में पूरी कर ली। इसके बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह था कि अगर अनसुया की हत्या हो चुकी है, तो उसका पति कहां गायब है। जब टीम ने उसके पति सागर के बारे में जानकारी जुटाई, तो वह अपने होटल में बिल्कुल सामान्य तरीके से काम करता हुआ पाया गया। वह रोज की तरह अपनी नौकरी पर जा रहा था और उसका व्यवहार ऐसा था मानो कुछ हुआ ही न हो। पुलिसिया पूछताछ में कबूला जुर्म पुलिस ने अनसुया और सागर के आस-पास के परिचितों तथा उनके रिश्ते से जुड़े लोगों से पूछताछ करनी शुरू की। इस प्रक्रिया के दौरान दोनों के बीच आए दिन होने वाले झगड़ों और तनाव की पुख्ता जानकारी हाथ लगी। इसके बाद सागर आधिकारिक तौर पर पुलिस के रडार पर आ गया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने आखिरकार अनसुया की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस के मुताबिक, आर्थिक तंगी को लेकर उपजे विवाद के बाद उसने अपनी पत्नी का कत्ल किया था और फिर लाश को तीन दिनों तक घर के अंदर ही छिपाकर रखा था। बाद में एक सुनसान जगह तलाश कर उसने शव को वहां फेंक दिया था। संपिगेहल्ली पुलिस ने शव बरामद होने के लगभग एक सप्ताह के भीतर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और अदालत में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इसका आप पर असर इस घटना से स्थानीय निवासियों और किरायेदारों के बीच सुरक्षा और घरेलू विवादों से जुड़े मामलों को लेकर चिंता बढ़ सकती है। • भारत में: घरेलू कलह और आर्थिक तनाव के चलते होने वाले अपराधों के मामलों में पुलिस और समाज स्तर पर सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया जाता है। • बेंगलुरु में: स्थानीय पुलिस प्रशासन खाली पड़े भूखंडों और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने तथा किराएदारों के सत्यापन के नियमों को अधिक सख्त कर सकता है। • सुरक्षा पहलू: इस तरह के मामलों से यह संदेश मिलता है कि पड़ोस में रहने वाले संदिग्ध बर्ताव या लंबे समय तक गायब रहने वाले लोगों की समय पर सूचना पुलिस को दी जानी चाहिए। • जांच प्रक्रिया: पुलिस ऐसे मामलों में फोरेंसिक साक्ष्यों, कपड़ों के टैग और डिजिटल ट्रेल का उपयोग करके अपराधियों को तेजी से पकड़ने में सक्षम होती है। • कानूनी कार्रवाई: इस प्रकार के गंभीर मामलों में अदालतों द्वारा त्वरित सुनवाई और न्यायिक हिरासत के प्रावधान कड़े कदम सुनिश्चित करते हैं। ऐसा क्यों हुआ यह खौफनाक वारदात घरेलू कलह, आर्थिक तंगी और गुस्से में उठाए गए असहनीय कदमों का परिणाम थी। पुलिस जांच और परिस्थितियों के अनुसार इस घटना के पीछे के मुख्य कारण स्पष्ट हुए हैं। • आर्थिक तनाव: पति-पत्नी के बीच लगातार बनी रहने वाली आर्थिक परेशानियों और पैसों की तंगी ने उनके बीच विवादों को बढ़ा दिया था। • घरेलू विवाद: घटना की रात पैसों को लेकर हुई तीखी बहस इतनी बढ़ गई कि आरोपी ने नियंत्रण खो दिया और मारपीट के बाद हत्या कर दी। • सबूत छिपाने की कोशिश: आरोपी ने डर और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए शव को तीन दिनों तक घर के अंदर छिपाकर रखा और बाद में सुनसान प्लॉट पर फेंका। • पहचान छिपाने का प्रयास: शव को वीरान जगह पर फेंकने और उसकी हालत खराब होने के कारण आरोपी को लगा था कि उसकी पहचान कभी सामने नहीं आएगी। सवाल-जवाब 1. यह शव कहाँ और किस हाल में बरामद हुआ था? यह शव बेंगलुरु के संपिगेहल्ली इलाके में एक खाली पड़े प्लॉट की सफाई के दौरान सड़े-गली हालत में मिला था। 2. मृतका की पहचान कैसे हुई? शव के पास मिले कपड़ों के एक टैग के जरिए पुलिस ने खरीदारी का पता लगाया और एक मॉल की जानकारी के आधार पर मृतका की पहचान 28 वर्षीय अनसुया बेहरा के रूप में की। 3. इस मामले में किसकी गिरफ्तारी हुई है? पुलिस ने मृतका के 32 वर्षीय पति सागर चंद्र रावत को इस हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। 4. हत्या की मुख्य वजह क्या थी? पुलिस जांच के अनुसार, पति-पत्नी के बीच आर्थिक परेशानियों और पैसों को लेकर अक्सर विवाद होता था, जिसके चलते यह हत्या हुई। 5. आरोपी ने शव को कहाँ छिपाया था? आरोपी ने हत्या के बाद शव को तीन दिनों तक अपने घर के भीतर एक पलंग के अंदर छिपाकर रखा था और बाद में एक सुनसान प्लॉट पर फेंक दिया था। 6. शव कब और कैसे मिला? 2 सितंबर को स्थानीय प्रशासन द्वारा खाली प्लॉटों की सफाई के दौरान सफाईकर्मियों को मलबे के नीचे से यह शव मिला। https://trendkia.com/karnataka/bengaluru-men-khali-plot-para-cleaning-ke-daurana-mila-mahila-ka-shava-clothing-tag-se-hua-murder-ka-khulasa-39173 TrendKia — Har trend, sabse pehle.