# कर्नाटक के बेलगावी में 198 मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश के मामले में भाजपा नेता डॉ. रवि पाटिल को मिली अदालत से अग्रिम राहत

> बेलगावी उत्तर से चुनाव लड़ चुके भाजपा नेता डॉ. रवि पाटिल को मतदाता सूची से फर्जी दस्तावेजों के जरिए नाम कटवाने के मामले में सत्र अदालत से सशर्त जमानत मिली है।

**Type:** article · **Category:** कर्नाटक · **Published:** 2026-10-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/karnataka/karnataka-ke-belagavi-men-198-muslima-matadataon-ke-nama-hatane-ki-koshisha-ke-mamale-men-bjp-neta-dr-ravi-patil-ko-mili-adalata-s-42649 · **Language:** Hindi
**Tags:** बेलगावी, कर्नाटक, डॉ. रवि पाटिल, वोटर लिस्ट, मतदाता सूची, भाजपा, बेलगावी उत्तर, सशर्त जमानत

कर्नाटक के बेलगावी में चुनावी मतदाता सूची में कथित हेरफेर और वैध नागरिकों के नाम विलोपित करने की कोशिश के गंभीर मामले में स्थानीय अदालत ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। इस मामले में कानूनी शिकंजे में फंसे भाजपा नेता डॉ. रवि पाटिल को गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान करते हुए बेलगावी की दूसरी अतिरिक्त जिला और सत्र अदालत ने सशर्त जमानत स्वीकृत कर दी है। उन पर आरोप है कि उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रिया में सेंध लगाकर लगभग 198 मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का षड्यंत्र रचा था, जिसके चलते क्षेत्र में भारी राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।

## प्रशासनिक शिकायत और एफआईआर का पूरा घटनाक्रम
इस पूरे मामले की शुरुआत स्थानीय वार्ड 12 के बीएलओ द्वारा दी गई शिकायत के बाद हुई थी। बीएलओ की आधिकारिक तहरीर पर बेलगावी के मार्केट पुलिस स्टेशन में अपराध संख्या 218/2026 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, प्राथमिकी में डॉ. रवि पाटिल के अलावा विजय हॉस्पिटल से जुड़े स्टाफ प्रशांत मुंदिनमनी, शंकर नायक तथा अन्य 20 से 25 अज्ञात व्यक्तियों को भी नामजद किया गया था। आपराधिक मामला दर्ज होते ही भाजपा नेता गिरफ्तारी के अंदेशे से भूमिगत हो गए थे और अग्रिम राहत पाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

## फॉर्म 7 और फर्जी दस्तावेजों के दुरुपयोग का आरोप
पुलिस जांच में एकत्रित किए गए तथ्यों के अनुसार, यह घटनाक्रम 22 सितंबर को बेलगावी स्थित वीरभद्रनगर के मतदान केंद्र संख्या 195 और 196 से संबंधित है। आरोप पत्र के अनुसार, आरोपियों ने फॉर्म नंबर 7 की निर्धारित व्यवस्था का दुरुपयोग किया था। इस कानूनी प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल करते हुए जीवित और पूरी तरह से वैध मतदाताओं को अनुपस्थित अथवा स्थानांतरित दिखाकर उनके नाम एसआईआर प्रणाली के माध्यम से कटवाने की साजिश रची गई थी।

## गंभीर कानूनी धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस
मार्केट पुलिस द्वारा दर्ज किए गए मामले में आरोपियों के विरुद्ध फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने, प्रशासनिक मशीनरी को भ्रामक जानकारी देने और शहर की शांति व्यवस्था को खतरे में डालने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं 318(4), 336(3), 336(4), 353, 61(2), 3(5), 3(7), 192 और 190 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। उल्लेखनीय है कि डॉ. रवि बी. पाटिल ने 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बेलगावी उत्तर निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के रूप में अपनी किस्मत आजमाई थी, यद्यपि उस चुनावी मुकाबले में उन्हें पराजय झेलनी पड़ी थी। अब अदालत की ओर से उन्हें जांच में सहयोग की शर्तों के साथ राहत प्रदान की गई है।

## इसका आप पर असर
इस अदालती फैसले और पुलिस कार्रवाई का सीधा असर चुनावी पारदर्शिता और स्थानीय नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा पर पड़ेगा।

- **भारत में:** यह मामला देश भर के मतदाताओं को सतर्क करता है कि वे चुनाव आयोग के पोर्टल पर अपनी मतदाता प्रविष्टि की समय-समय पर जांच करते रहें। यदि कोई फर्जी तरीके से नाम कटवाने का प्रयास करता है, तो तुरंत संबंधित बीएलओ या चुनाव अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।
- **बेलगावी में:** बेलगावी उत्तर और विशेषकर वीरभद्रनगर के नागरिकों को राहत मिली है कि प्रशासनिक जांच के चलते अवैध रूप से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया रुक गई है। वार्ड 12 और संबंधित पोलिंग बूथों के लोग अपनी स्थानीय मतदाता पर्ची सत्यापित कर चुनावी प्रक्रिया में बिना रुकावट भाग ले सकेंगे।
- **कानूनी प्रक्रिया पर असर:** अदालत द्वारा लगाई गई शर्तों के कारण आरोपियों को पुलिस जांच में नियमित रूप से पेश होना होगा। इससे चुनावी प्रक्रियाओं में फर्जी फॉर्म और दस्तावेज जमा करने वालों के खिलाफ कड़ा कानूनी संदेश गया है।
- **राजनीतिक सरगर्मी:** क्षेत्र के राजनीतिक दलों में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण को लेकर निगरानी बढ़ जाएगी। स्थानीय सामाजिक संगठन अब पोलिंग बूथ स्तर पर जाकर वास्तविक मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए अधिक सक्रिय रहेंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
यह कानूनी विवाद तब उत्पन्न हुआ जब स्थानीय मतदान केंद्र स्तर के अधिकारी ने नियमित सत्यापन के दौरान जीवित नागरिकों के नाम कटवाने की संदेहास्पद अर्जियां पकड़ीं।

- **फॉर्म 7 का संदिग्ध इस्तेमाल:** जांच के मुताबिक वीरभद्रनगर के बूथ 195 और 196 पर 198 जीवित मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 भरे गए थे। इस नियम का इस्तेमाल आमतौर पर मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के लिए होता है, लेकिन यहां वैध लोगों को निशाना बनाया गया।
- **बीएलओ की समय पर शिकायत:** वार्ड 12 के बीएलओ ने जब इन आवेदनों की भौतिक जांच की, तो विसंगतियां उजागर हुईं। अधिकारी ने तत्काल मार्केट थाने में औपचारिक तहरीर देकर आपराधिक साजिश का पर्दाफाश किया।
- **चुनावी पृष्ठभूमि:** आरोपी नेता वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में बेलगावी उत्तर सीट से पराजित हो चुके थे। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या आगामी चुनावी समीकरणों को प्रभावित करने के लिए यह अनुचित तरीका अपनाया गया था।
- **जालसाजी और शांति भंग का अंदेशा:** पुलिस रिपोर्ट में फर्जी कागजात तैयार करने और शहर में वैमनस्य फैलाने के प्रयास का उल्लेख है। इन्हीं गंभीर आरोपों के आधार पर मामला बीएनएस की कई कड़े प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया।

## सवाल-जवाब

### 1. बेलगावी सत्र अदालत से किसे जमानत मिली है?
बेलगावी की दूसरी अतिरिक्त जिला और सत्र अदालत ने भाजपा नेता डॉ. रवि पाटिल को मतदाता सूची मामले में सशर्त जमानत दी है।

### 2. डॉ. रवि पाटिल पर मुख्य आरोप क्या है?
उन पर फॉर्म 7 और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर 198 मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटवाने की साजिश रचने का आरोप है।

### 3. यह घटना किस मतदान केंद्र और तारीख से संबंधित है?
पुलिस जांच के मुताबिक यह घटना 22 सितंबर को वीरभद्रनगर के पोलिंग बूथ संख्या 195 और 196 पर हुई थी।

### 4. एफआईआर में किन अन्य लोगों के नाम शामिल हैं?
एफआईआर में विजय हॉस्पिटल के स्टाफ प्रशांत मुंदिनमनी, शंकर नायक तथा लगभग 20 से 25 अन्य लोगों के नाम दर्ज हैं।

### 5. यह मामला किस पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया गया है?
यह मामला वार्ड 12 के बीएलओ की शिकायत पर बेलगावी के मार्केट पुलिस स्टेशन में अपराध संख्या 218/2026 के तहत दर्ज हुआ है।

### 6. डॉ. रवि पाटिल का चुनावी इतिहास क्या रहा है?
उन्होंने 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बेलगावी उत्तर सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार मिली थी।

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