# कर्नाटक में बढ़ा सियासी पारा, कांग्रेस नेता ने उमर खालिद को बताया सच्चा राष्ट्रवादी, BJP ने बोला तीखा हमला

> कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद द्वारा जेल में बंद उमर खालिद को 'राष्ट्रवादी' बताने और ABVP पर निशाना साधने के बाद BJP ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाया है।

**Type:** article · **Category:** कर्नाटक · **Published:** 2026-09-15 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/karnataka/karnataka-men-barha-siyasi-para-congress-neta-ne-umar-khalid-ko-bataya-sachcha-rashtravadi-bjp-ne-bola-tikha-hamala-32497 · **Language:** Hindi
**Tags:** उमर खालिद, बीके हरिप्रसाद, संबित पात्रा, कांग्रेस, BJP, कर्नाटक राजनीति

कर्नाटक में जेल में बंद कार्यकर्ता उमर खालिद को लेकर एक बड़ा राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद द्वारा उमर खालिद के समर्थन में दिए गए बयान के बाद कांग्रेस और BJP के बीच तीखा वाकयुद्ध छिड़ गया है। बेंगलुरु के एक नामी शैक्षणिक संस्थान में प्रस्तावित डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग के विरोध के बीच, वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने उमर खालिद को 'सच्चा राष्ट्रवादी' करार दिया। इस बयान के बाद BJP ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण और देश विरोधी ताकतों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए चौतरफा हमला बोल दिया है।

## विश्वविद्यालय में विवाद की शुरुआत और बीके हरिप्रसाद का बयान
यह पूरा मामला बेंगलुरु के नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) में शुरू हुआ, जहां एक छात्र संगठन ने उमर खालिद पर केंद्रित एक डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग आयोजित करने की योजना बनाई थी। इस आयोजन की खबर मिलते ही छात्र संगठन ABVP ने इसका कड़ा विरोध किया और प्रदर्शन शुरू कर दिए। विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बिगड़ने और संभावित अशांति के डर से प्रशासन ने इस कार्यक्रम को अनिश्चितकाल के लिए टालने का निर्णय लिया। इस प्रशासनिक फैसले और विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद ने ABVP की जमकर आलोचना की। उन्होंने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उमर खालिद एक सच्चे राष्ट्रवादी हैं। इसके साथ ही उन्होंने ABVP पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि ये लोग नाथूराम गोडसे की पूजा करते हैं, जो आजाद भारत का पहला आतंकवादी था। हरिप्रसाद ने कहा कि गोडसे के समर्थकों के पास उमर खालिद की राष्ट्रभक्ति पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

## BJP का तीखा पलटवार और संबित पात्रा के आरोप
कांग्रेस नेता के इस बयान पर प्रतिक्रिया देने में BJP ने तनिक भी देरी नहीं की। BJP सांसद संबित पात्रा ने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और कांग्रेस नेतृत्व पर तीखे सवाल दगे। पात्रा ने बीके हरिप्रसाद के इस बयान को अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय करार दिया। उन्होंने जनता को याद दिलाया कि उमर खालिद कोई साधारण कार्यकर्ता नहीं हैं, बल्कि उन पर दिल्ली दंगों की गहरी साजिश रचने का बेहद गंभीर आरोप है। उनके खिलाफ सख्त कानून UAPA के तहत मामला दर्ज किया गया है। BJP सांसद ने स्पष्ट किया कि विभिन्न कानूनी मंचों पर उमर खालिद की जमानत याचिकाएं बार-बार खारिज की जा चुकी हैं, और देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया था। पात्रा ने सवाल किया कि ऐसे गंभीर आरोपों का सामना कर रहे आरोपी की ब्रांडिंग करके कांग्रेस उसे राष्ट्रवादी के रूप में क्यों पेश कर रही है।

## ऐतिहासिक संदर्भ और तुष्टीकरण की राजनीति पर निशाना
अपनी बात को मजबूती से रखने के लिए संबित पात्रा ने कांग्रेस के पुराने इतिहास का हवाला देते हुए कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा से देश विरोधी तत्वों के साथ खड़ी नजर आती रही है। पात्रा ने कहा कि जिस प्रकार कांग्रेस ने अतीत में यासीन मलिक का गर्मजोशी से स्वागत और समर्थन किया था, वही रवैया आज वे उमर खालिद के प्रति भी दिखा रहे हैं। BJP का आरोप है कि कांग्रेस पार्टी केवल अपने वोट बैंक को सुरक्षित रखने और तुष्टीकरण की राजनीति को साधने के लिए देश की सुरक्षा एजेंसियों की जांच और न्यायपालिका के निर्णयों की सरेआम अनदेखी कर रही है।

## इसका आप पर असर
यह राजनीतिक विवाद भारतीय राजनीति में बढ़ते ध्रुवीकरण और वैचारिक मतभेद को दर्शाता है, जो राष्ट्रवाद और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सार्वजनिक विमर्श को प्रभावित करता है।

- **वैचारिक बहस:** जारी टकराव यह तय करता है कि नागरिक UAPA जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों और शैक्षणिक स्वतंत्रता को कैसे देखते हैं। इसका सीधा असर भविष्य में विश्वविद्यालय परिसरों में आयोजित होने वाली चर्चाओं पर पड़ सकता है।
- **राजनीतिक ध्रुवीकरण:** दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के तीखे बयानों से आगामी चुनावों में मतदाताओं के बीच वैचारिक ध्रुवीकरण और बढ़ने की संभावना है। इसका मतलब है कि राष्ट्रवाद का मुद्दा आने वाले चुनावों में केंद्र बिंदु बना रहेगा।
- **शैक्षणिक संस्थानों के नियम:** NLSIU जैसे शैक्षणिक संस्थानों में बढ़ते तनाव के बाद प्रशासन छात्रों के कार्यक्रमों को लेकर नए दिशा-निर्देश लागू कर सकता है। इसके कारण आने वाले दिनों में छात्रों को संवेदनशील विषयों पर सेमिनार करने के लिए कड़े नियमों का पालन करना पड़ सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह विवाद एक विश्वविद्यालय परिसर में जेल में बंद कार्यकर्ता उमर खालिद पर प्रस्तावित डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग को लेकर पैदा हुए मतभेद के कारण शुरू हुआ, जिसने तेजी से राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का रूप ले लिया।

- **डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग का विरोध:** NLSIU में उमर खालिद पर डॉक्यूमेंट्री दिखाने की छात्रों की योजना का ABVP ने कड़ा विरोध किया। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए कार्यक्रम को टाल दिया।
- **कांग्रेस का समर्थन:** कर्नाटक कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद ने उमर खालिद का बचाव करते हुए उन्हें राष्ट्रवादी बताया और विरोधी छात्र संगठनों पर नाथूराम गोडसे की पूजा करने का आरोप लगाया, जिन्हें उन्होंने पहला आतंकवादी कहा।
- **BJP का पलटवार:** BJP ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर अपने राजनीतिक नैरेटिव को बनाए रखने के लिए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाने के लिए खालिद पर लगे UAPA के आरोपों और खारिज हुई जमानत याचिकाओं का हवाला दिया।

## सवाल-जवाब

### 1. यह पूरा विवाद कहाँ से शुरू हुआ?
यह विवाद बेंगलुरु के नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) में उमर खालिद पर एक डॉक्यूमेंट्री की प्रस्तावित स्क्रीनिंग के विरोध से शुरू हुआ।

### 2. बीके हरिप्रसाद ने उमर खालिद को लेकर क्या बयान दिया?
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने उमर खालिद को एक 'सच्चा राष्ट्रवादी' बताया और उनके विरोधियों पर नाथूराम गोडसे की पूजा करने का आरोप लगाया।

### 3. संबित पात्रा ने कांग्रेस के बयानों का कैसे विरोध किया?
BJP सांसद संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरिप्रसाद के बयान को शर्मनाक बताया और याद दिलाया कि उमर खालिद दिल्ली दंगों की साजिश के आरोप में UAPA के तहत जेल में हैं।

### 4. क्या यूनिवर्सिटी में डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग हुई?
नहीं, छात्र संगठन ABVP के कड़े विरोध और सुरक्षा चिंताओं के कारण यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस कार्यक्रम को फिलहाल टाल दिया है।

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