# कर्नाटक में देर रात सड़क निरीक्षण पर निकले मंत्री, बनरघट्टा जंक्शन पर मिलीं खामियां तो अधिकारियों की लगाई क्लास

> कर्नाटक में मंत्री ने रात के समय बनरघट्टा-एनआईसीई रोड-गोट्टिगेरे जंक्शन पर बुनियादी ढांचे के कार्यों का तीन घंटे तक औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क चौड़ीकरण, ड्रेनेज और टारिंग में भारी लापरवाही सामने आने पर उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से जवाब-तलब किया।

**Type:** article · **Category:** कर्नाटक · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/karnataka/karnataka-men-dera-rata-saraka-nirikshana-para-nikale-mntri-bannerghatta-jnkshana-para-milin-khamiyan-to-adhikariyon-ki-lagai-klas-33518 · **Language:** Hindi
**Tags:** कर्नाटक, बनरघट्टा, सड़क निर्माण, बुनियादी ढांचा, एनआईसीई रोड, गोट्टिगेरे

कर्नाटक में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की गुणवत्ता परखने के लिए एक मंत्री ने देर रात सड़कों का औचक निरीक्षण किया। करीब तीन घंटे तक चले इस निरीक्षण के दौरान मंत्री ने बनरघट्टा-एनआईसीई रोड-गोट्टिगेरे जंक्शन पर चल रहे निर्माण कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। जमीनी हकीकत सामने आने पर निर्माण कार्य में कई तकनीकी खामियां और लापरवाही उजागर हुईं, जिस पर मंत्री ने साथ चल रहे अधिकारियों से तीखे सवाल पूछे।

## बनरघट्टा जंक्शन पर मिलीं निर्माण में गंभीर गड़बड़ियां
निरीक्षण के दौरान बनरघट्टा-एनआईसीई रोड-गोट्टिगेरे जंक्शन पर सड़क चौड़ीकरण, जल निकासी व्यवस्था और डामरीकरण के स्तर में स्पष्ट कमियां देखी गईं। मंत्री ने उस हिस्से पर विशेष रूप से नाराजगी जताई जहां तारकोल की परत निर्धारित मानकों के अनुसार ठीक से नहीं बिछाई गई थी। सड़क की सतह असंतुलित पाई गई, जिससे भविष्य में यातायात सुगम रहने के बजाय दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता था।

## ड्रेनेज के गैर-जरूरी मोड़ पर अधिकारियों से सवाल-जवाब
सड़क के किनारे नाला निर्माण के दौरान किए गए बदलावों पर भी सवाल उठे। ड्रेनेज बनाते समय उसमें एक गैर-जरूरी मोड़ दे दिया गया था, जिसके चलते सड़क की असल चौड़ाई काफी कम हो गई थी। मंत्री ने इंजीनियरों और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से सीधे पूछा कि इस तरह के अवांछित मोड़ की अनुमति किस आधार पर दी गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क की वास्तविक चौड़ाई को नुकसान पहुंचाकर किया गया निर्माण अस्वीकार्य है और इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

## रात के वक्त 3 घंटे तक चला जमीनी मुआयना
अधिकारियों के साथ मंत्री ने पूरे इलाके में तीन घंटे तक पैदल और वाहन से मुआयना किया। अचानक हुए इस दौरे और मौके पर मिली कमियों को लेकर मंत्री के कड़े रुख से संबंधित महकमे के अफसरों में हड़कंप मच गया। मौके पर ही सड़क की सतह सुधारने, ड्रेनेज के अड़चनों को दूर करने और तय मानकों के अनुरूप चौड़ीकरण का कार्य पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।

## इसका आप पर असर
इस औचक निरीक्षण से स्थानीय सड़क निर्माण की गुणवत्ता में सुधार और यातायात बाधाएं दूर होने की उम्मीद है।

- **कर्नाटक में:** राज्य में चल रहे बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स में ठेकेदारों और अधिकारियों पर तय मानकों का पालन करने का दबाव बढ़ेगा। इससे सरकारी धन के दुरुपयोग और घटिया निर्माण पर अंकुश लगने की उम्मीद है।
- **बनरघट्टा और गोट्टिगेरे क्षेत्र में:** जंक्शन पर नाले का अवांछित मोड़ हटने और डामरीकरण सुधरने से स्थानीय वाहन चालकों को जाम से राहत मिलेगी। सड़क की पूरी चौड़ाई मिलने से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की आवाजाही अधिक सुरक्षित होगी।
- **यातायात सुरक्षा पर असर:** सड़क की समतल सतह और सही ड्रेनेज व्यवस्था से बारिश के दिनों में जलभराव का खतरा कम होगा। इससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों के फिसलने या दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका घटेगी।
- **प्रशासनिक जवाबदेही:** मौके पर कमियां पकड़े जाने के बाद विभागीय इंजीनियरों को तय समयसीमा में काम दुरुस्त करना होगा। स्थानीय निवासी भी अधूरे या खराब काम की शिकायत दर्ज कराने के प्रति अधिक जागरूक होंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
यह निरीक्षण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में अक्सर होने वाली तकनीकी लापरवाही और मौके पर निगरानी की कमी की वजह से सामने आया। जमीनी स्तर पर मानकों की अनदेखी के चलते ऐसे औचक निरीक्षण जरूरी हो जाते हैं।

- **खराब निर्माण गुणवत्ता:** सड़क पर तारकोल की पर्याप्त और संतुलित परत न बिछाए जाने के कारण सतह खराब हो रही थी। गुणवत्ता मानकों की अनदेखी ने मंत्री को खुद मौके पर उतरने को प्रेरित किया।
- **गलत डिजाइन और तालमेल की कमी:** नाले के निर्माण के दौरान गैर-जरूरी मोड़ देने से सड़क की चौड़ाई घट गई थी। निर्माण एजेंसी और योजना विभाग के बीच तालमेल के अभाव के चलते सड़क की मुख्य जगह अवरुद्ध हो गई थी।
- **औचक समीक्षा की आवश्यकता:** दिन के समय भारी यातायात होने के कारण विस्तृत तकनीकी जांच मुश्किल होती है। इसी वजह से मंत्री ने रात का समय चुना ताकि तीन घंटे तक हर पहलू की निष्पक्ष पड़ताल की जा सके।

## सवाल-जवाब

### 1. मंत्री ने किस स्थान का औचक निरीक्षण किया?
मंत्री ने कर्नाटक के बनरघट्टा-एनआईसीई रोड-गोट्टिगेरे जंक्शन पर चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।

### 2. निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण में क्या खामियां मिलीं?
सड़क पर तारकोल की परत ठीक से नहीं बिछाई गई थी और नाले में गैर-जरूरी मोड़ होने से सड़क की असल चौड़ाई घट गई थी।

### 3. यह निरीक्षण कितने समय तक चला?
यह औचक निरीक्षण देर रात करीब 3 घंटे तक चला।

### 4. नाले के डिजाइन को लेकर मंत्री ने क्या आपत्ति जताई?
मंत्री ने आपत्ति जताई कि नाले को दिए गए अनावश्यक मोड़ के कारण सड़क संकरी हो गई और उन्होंने इसके लिए अधिकारियों से जवाब मांगा।

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