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  "title": "कर्नाटक में पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की जांच तेज, आईएएस ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार सीआईडी की हिरासत में",
  "summary": "कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) की पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं के सिलसिले में अपराध जांच विभाग (CID) ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को लंबी पूछताछ के बाद हिरासत में ले लिया है।",
  "content": "कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) द्वारा आयोजित पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा में सामने आई कथित गड़बड़ियों के मामले में पुलिस की अपराध जांच विभाग (CID) ने बड़ी कार्रवाई की है। सीआईडी की टीम ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को हिरासत में ले लिया है। गंगवार वर्तमान में राज्य के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग में निदेशक के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सीआईडी अधिकारियों ने पशुपालन विभाग के तहत होने वाली इस परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के संबंध में उनसे कई घंटों तक गहन पूछताछ की, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेने का कदम उठाया गया।\n\nपूछताछ में असहयोग के कारण हिरासत में लिए गए अधिकारी\nजांच अधिकारियों के अनुसार, जिस समय वेटरनरी ऑफिसर्स की भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी और उसमें गड़बड़ियों के आरोप लगे थे, उस दौरान ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार KPSC में परीक्षा नियंत्रक (Controller of Examinations) के पद पर तैनात थे। सीआईडी की ओर से की जा रही पूछताछ के दौरान उन पर प्रक्रिया में सहयोग न करने का आरोप है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कई घंटों के सवाल-जवाब के दौरान जब आईएएस अधिकारी की तरफ से संतोषजनक जवाब नहीं मिले और असहयोग की स्थिति बनी, तो जांच टीम ने उन्हें हिरासत में लेने का निर्णय लिया।\n\nविधान सौधा थाने से सीआईडी तक मामला पहुंचने का घटनाक्रम\nयह पूरा विवाद मंजूनाथ नामक व्यक्ति द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत से शुरू हुआ था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि पशुपालन विभाग के लिए पशु चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति के लिए आयोजित KPSC परीक्षा में आयोग के अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं। शुरुआत में इस मामले की प्राथमिकी विधान सौधा पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। मामले की संवेदनशीलता और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी गड़बड़ियों की गंभीरता को देखते हुए 28 जुलाई को इसकी पूरी जांच सीआईडी को सौंप दी गई। सीआईडी ने केस हाथ में लेते ही परीक्षा आयोजन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संदिग्धों से पूछताछ की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।\n\nगुमशुदगी और ईडी की रेड से जुड़ा पिछला पृष्ठभूमि\nआईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार का नाम पिछले कुछ दिनों से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। 20 अगस्त से वह अचानक दो दिनों के लिए बिना किसी पूर्व सूचना के लापता हो गए थे और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था। हालांकि, बाद में उन्होंने खुद राज्य सरकार से संपर्क स्थापित किया था। इसके ठीक बाद, 23 अगस्त को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने बेंगलुरु स्थित उनके सरकारी व निजी आवास पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया था। हालांकि, सीआईडी की वर्तमान कार्रवाई पूरी तरह से KPSC की वेटरनरी ऑफिसर्स भर्ती परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में की गई है।\n\nजांच का दायरा और आगे की कार्रवाई\nफिलहाल सीआईडी की टीम पूरी भर्ती प्रक्रिया के दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और परीक्षा नियंत्रण कक्ष से जुड़े फैसलों की गहनता से पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि इस कथित धांधली में कौन-कौन से अधिकारी शामिल थे और किस स्तर पर नियमों का उल्लंघन किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में मामले से जुड़े कुछ अन्य अधिकारियों और बिचौलियों से भी पूछताछ की जा सकती है।\n\nइसका आप पर असर\nकर्नाटक में सरकारी नौकरी परीक्षाओं की पारदर्शिता और प्रशासनिक जांच प्रक्रिया पर इस कार्रवाई का सीधा असर पड़ेगा।\n\n• भारत भर में: राज्य स्तरीय लोक सेवा आयोगों में निष्पक्षता और सख्त परीक्षा प्रोटोकॉल लागू करने का दबाव बढ़ेगा। अभ्यर्थियों के बीच भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए यह जांच नजीर साबित हो सकती है।\n• कर्नाटक में: पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा में शामिल हुए युवाओं के भविष्य और परिणाम की समीक्षा हो सकती है। राज्य सरकार अन्य पेंडिंग भर्ती परीक्षाओं में भी डिजिटल और प्रशासनिक निगरानी के नियम कड़े कर सकती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सीआईडी ने किस आईएएस अधिकारी को हिरासत में लिया है?\nसीआईडी ने एमएसएमई विभाग के निदेशक और पूर्व केपीएससी परीक्षा नियंत्रक आईएएस ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को हिरासत में लिया है।\n\n2. यह मामला किस भर्ती परीक्षा से जुड़ा हुआ है?\nयह मामला कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) द्वारा पशुपालन विभाग के लिए आयोजित वेटरनरी ऑफिसर्स (पशु चिकित्सा अधिकारी) भर्ती परीक्षा से जुड़ा है।\n\n3. इस मामले की शुरुआती शिकायत कहां दर्ज कराई गई थी?\nइस मामले की प्राथमिक शिकायत मंजूनाथ नामक व्यक्ति द्वारा विधान सौधा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई थी, जिसे बाद में 28 जुलाई को सीआईडी को ट्रांसफर किया गया।\n\n4. आईएएस अधिकारी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई कब हुई थी?\nप्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 23 अगस्त को बेंगलुरु स्थित उनके आवास पर तलाशी ली थी।",
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  "category": "कर्नाटक",
  "publishedAt": "2026-08-30",
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