# कर्नाटक विधानमंडल में वंदे मातरम् के दो अंतरों पर बवाल, भाजपा सदस्यों ने पूरा राष्ट्रगीत गाकर जताया विरोध

> कर्नाटक विधानमंडल के विशेष सत्र में राष्ट्रगीत के केवल दो अंतरे बजाए जाने पर भाजपा सदस्यों ने सदन के भीतर ही पूरा वंदे मातरम् गाकर विरोध दर्ज कराया.

**Type:** article · **Category:** कर्नाटक · **Published:** 2026-09-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/karnataka/karnataka-vidhanamndala-men-vande-mataram-ke-do-antaron-para-bavala-bjp-sadasyon-ne-pura-rashtragita-gakara-jataya-virodha-35761 · **Language:** Hindi
**Tags:** कर्नाटक विधानसभा, वंदे मातरम्, भाजपा, डीके शिवकुमार, कांग्रेस, कर्नाटक राजनीति

कर्नाटक विधानमंडल के तीन दिवसीय विशेष सत्र के पहले दिन सोमवार को राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को लेकर दोनों सदनों में भारी हंगामा देखने को मिला. विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होने पर आधिकारिक रूप से राष्ट्रगीत के केवल दो अंतरे बजाकर ऑडियो बंद कर दिया गया, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों ने सदन में ही पूरा राष्ट्रगीत गाकर अपना कड़ा विरोध जताया.

## विधानसभा में श्रद्धांजलि के दौरान गूंजा पूरा राष्ट्रगीत
विधानसभा की कार्यवाही राष्ट्रगीत से शुरू हुई, मगर उसका ऑडियो दो अंतरों के बाद ही रोक दिया गया. इसके तत्काल बाद विधानसभा अध्यक्ष जी. एस. पाटिल ने दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि देने की कार्यवाही शुरू करने की अनुमति प्रदान की. इसी क्रम में मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने पूर्व विधायक आर. बी. शिरियन्नावर को श्रद्धांजलि देना आरंभ किया, जिनका निधन 27 अगस्त को हो गया था. वंदे मातरम् का पूरा संस्करण नहीं बजाए जाने से नाराज भाजपा विधायकों ने विरोध जताते हुए नारेबाजी शुरू कर दी और स्वयं ही राष्ट्रगीत का पूरा संस्करण गाना जारी रखा.

## विधान परिषद में भी प्रस्तावना पठन के बीच हुआ विरोध
ऐसा ही दृश्य विधान परिषद में भी देखने को मिला. वहां सभापति सलीम अहमद ने तय परंपरा के मुताबिक संविधान की प्रस्तावना पढ़ना शुरू किया, जबकि भाजपा सदस्य उस समय भी राष्ट्रगीत के शेष अंतरे गाते रहे. राष्ट्रगीत पूरा होने के बाद भाजपा सदस्यों ने पूरा संस्करण न बजाए जाने के फैसले के खिलाफ सरकार विरोधी नारेबाजी की.

## विशेष सत्र का एजेंडा और सरकारी आदेश
कर्नाटक सरकार ने राज्य में गंभीर सूखे के हालात तथा पश्चिमी घाट पर डॉ. कस्तूरीरंगन रिपोर्ट के प्रभावों पर गहन चर्चा करने के उद्देश्य से यह तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया है. उल्लेखनीय है कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के मौजूदा आदेश के तहत केवल राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों को छोड़कर बाकी सभी सरकारी आयोजनों में वंदे मातरम् के केवल पहले दो अंतरे ही गाने या बजाने का नियम तय किया गया है.

## इसका आप पर असर
कर्नाटक विधानमंडल में राष्ट्रगीत की अवधि को लेकर उपजे इस विवाद का सीधा असर सदन की विधायी प्राथमिकताओं और सार्वजनिक चर्चा पर पड़ता है.

- **विधायी कामकाज पर:** सदन में हंगामे और नारेबाजी के कारण तय विधायी कार्य प्रभावित होते हैं. सूखे और पश्चिमी घाट से जुड़े गंभीर संकटों पर होने वाली अहम चर्चा की गति धीमी पड़ सकती है.
- **सरकारी आयोजनों के नियमों पर:** राज्य में सरकारी प्रोटोकॉल और राष्ट्रगीत के गायन को लेकर विवाद गहराएगा. विपक्ष आने वाले दिनों में दो अंतरों के पुराने सरकारी आदेश को बदलने की मांग तेज कर सकता है.
- **राजनीतिक ध्रुवीकरण पर:** कांग्रेस और भाजपा के बीच वैचारिक टकराव और तीखा होगा. सांस्कृतिक और राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े मसले सार्वजनिक बहसों के केंद्र में बने रहेंगे.
- **कर्नाटक की जनता पर:** किसानों के सूखे की मार और कस्तूरीरंगन रिपोर्ट के जमीनी मसलों पर ठोस समाधान मिलने में देरी हो सकती है. जनता की नजर इस बात पर रहेगी कि दोनों दल जनहित के विषयों पर कितनी संजीदगी से चर्चा करते हैं.

## ऐसा क्यों हुआ
कर्नाटक विधानमंडल में यह विवाद सरकारी प्रोटोकॉल और विपक्षी दल की प्राथमिकताओं के बीच टकराव के कारण पैदा हुआ.

- **सरकारी आदेश का क्रियान्वयन:** राज्य सरकार के नियम के मुताबिक विशिष्ट संवैधानिक पदों की गैरमौजूदगी में वंदे मातरम् के सिर्फ दो अंतरे बजाए जाने थे. इसी नियम का पालन करते हुए अधिकारियों ने दो अंतरों के बाद ऑडियो बंद कर दिया.
- **विपक्षी दल की आपत्ति:** भाजपा सदस्य राष्ट्रगीत के संक्षिप्त रूप को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं थे. उन्होंने इसे परंपरा और राष्ट्रीय भावना के विपरीत मानते हुए तुरंत पूरा गीत गाना शुरू कर दिया.
- **प्रक्रियागत टकराव:** ऑडियो कटने के ठीक बाद विधानसभा अध्यक्ष ने शोक प्रस्ताव और परिषद सभापति ने प्रस्तावना पठन शुरू कराया. इस कदम को विपक्ष ने जल्दबाजी माना और विरोध तेज करते हुए नारेबाजी की.

## सवाल-जवाब

### 1. कर्नाटक विधानमंडल में विवाद की मुख्य वजह क्या थी?
सत्र की शुरुआत में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे बजाकर ऑडियो बंद कर दिया गया था, जिस पर भाजपा विधायकों ने आपत्ति जताई.

### 2. भाजपा सदस्यों ने विरोध किस प्रकार दर्ज कराया?
भाजपा सदस्यों ने सदन के भीतर खुद ही वंदे मातरम् के बाकी अंतरे गाकर पूरा राष्ट्रगीत गाया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.

### 3. कर्नाटक सरकार का वंदे मातरम् को लेकर क्या आधिकारिक आदेश है?
सरकारी आदेश के अनुसार राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल की उपस्थिति को छोड़कर अन्य सभी कार्यक्रमों में केवल पहले दो अंतरे ही बजाए या गाए जाएंगे.

### 4. यह विशेष सत्र किन मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाया गया है?
यह तीन दिवसीय विशेष सत्र राज्य में गंभीर सूखे की स्थिति और पश्चिमी घाट पर डॉ. कस्तूरीरंगन रिपोर्ट के प्रभावों पर चर्चा के लिए बुलाया गया है.

### 5. विधानसभा में राष्ट्रगीत बंद होने के बाद किस पूर्व विधायक को श्रद्धांजलि दी जा रही थी?
मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार पूर्व विधायक आर. बी. शिरियन्नावर को श्रद्धांजलि दे रहे थे, जिनका निधन 27 अगस्त को हुआ था.

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