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  "type": "article",
  "title": "केम्पेगौड़ा हवाई अड्डे पर बैगेज ट्रॉली के नीचे टेप से चिपकाया 1.78 करोड़ रुपये का सोना, दो यात्री धरे गए",
  "summary": "कुआलालंपुर से बेंगलुरु पहुंचे दो यात्रियों ने तस्करी का सोना बैगेज ट्रॉली के नीचे चिपका दिया था, ताकि अनजान मुसाफिरों के जरिए जांच घेरे से बाहर निकाल सकें। सतर्क अधिकारियों ने 1,200.40 ग्राम वजन के 12 सोने के बिस्कुट जब्त कर दोनों को पकड़ लिया।",
  "content": "कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु स्थित केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कीमती धातुओं की तस्करी का एक बेहद शातिराना तरीका पकड़ा गया है। डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस यानी डीआरआई की बेंगलुरु जोनल यूनिट ने पुख्ता खुफिया इनपुट के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दो अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को हिरासत में लिया। इन दोनों यात्रियों के पास से कुल 1,200.40 ग्राम वजन का 24-कैरेट सोना बरामद किया गया है, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत 1,78,88,360 रुपये आंकी गई है। दोनों आरोपियों ने कस्टम्स चेकिंग से बचने के लिए सामान ढोने वाली ट्रॉलियों का सहारा लिया था, लेकिन सतर्क निगरानी टीम ने उनके पूरे मंसूबे पर पानी फेर दिया।\n\nनिगरानी के जाल में ऐसे फंसे कुआलालंपुर से आए तस्कर\nअधिकारियों को पहले से ही सूचना मिली थी कि विदेश से आने वाली एक उड़ान के जरिए कीमती धातु की अवैध खेप लाई जा रही है। इसी आधार पर मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर से उड़ान भरकर बेंगलुरु पहुंचे दो विशिष्ट यात्रियों पर टर्मिनल के भीतर कदम रखते ही कड़ी नजर रखी जाने लगी। जांच दल ने सादे कपड़ों में उनकी गतिविधियों को बारीकी से ट्रैक किया। निगरानी के दौरान दोनों यात्रियों को बैगेज हॉल में संदिग्ध हरकतें करते देखा गया, जहां वे यात्रियों के उपयोग के लिए रखी गई बैगेज ट्रॉलियों के निचले हिस्से में कुछ पैकेट चिपकाते नजर आए। पैकेट चिपकाने के तुरंत बाद वे उन ट्रॉलियों से अलग हट गए, ताकि किसी को उन पर सीधा शक न हो और वे खुद पकड़े जाने से बच सकें।\n\nअनजान यात्रियों के जरिए जांच घेरा पार कराने की थी साजिश\nतस्करी के इस नए पैंतरे के तहत आरोपियों ने जानबूझकर उन ट्रॉलियों के नीचे सोना चिपकाया था, जिन्हें सामान्य यात्री अपना सामान रखने के लिए उठाने वाले थे। इसके पीछे उनका इरादा यह था कि जब कोई अनजान और निर्दोष मुसाफिर उन ट्रॉलियों पर अपना बैग रखकर कस्टम्स जांच क्षेत्र से बाहर निकलेगा, तो किसी को संदेह नहीं होगा। दोनों आरोपी टर्मिनल के भीतर लगातार उन ट्रॉलियों और उन्हें ले जा रहे यात्रियों का दूर से पीछा कर रहे थे। योजना के मुताबिक, जैसे ही वे ट्रॉलियां सीमा शुल्क नियंत्रण क्षेत्र से सुरक्षित बाहर पहुंचतीं, आरोपी मौका पाकर नीचे चिपकाए गए पैकेट निकाल लेते और हवाई अड्डे से फरार हो जाते।\n\nदो पैकेटों से निकले 12 सोने के बिस्कुट, कानूनी कार्रवाई शुरू\nसंदेह की पुष्टि होते ही डीआरआई के अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर पूरे ऑपरेशन को रोक दिया और संदिग्ध ट्रॉलियों को अपने कब्जे में ले लिया। ट्रॉलियों के नीचे चिपकाए गए दो अलग-अलग पैकेटों को जब खोला गया, तो उनमें से 12 सोने के बिस्कुट बरामद हुए। धातु की तकनीकी जांच में पाया गया कि यह 999.9 शुद्धता वाला 24-कैरेट सोना है, जिसका कुल वजन 1,200.40 ग्राम और मूल्य 1,78,88,360 रुपये है। अधिकारियों ने बरामद सोने, उसे चिपकाने में प्रयुक्त सामग्री और संबंधित बैगेज ट्रॉलियों को कस्टम्स एक्ट, 1962 के कड़े प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया है और पूरे तस्करी नेटवर्क की आगे की जांच की जा रही है।\n\nहवाई अड्डे पर लगातार सामने आ रहे हैं तस्करी के नए तरीके\nबेंगलुरु के इसी हवाई अड्डे पर तस्करी के अनोखे हथकंडे पहले भी पकड़े जाते रहे हैं। कुछ समय पहले दो यात्रियों के पास से करीब 260 ग्राम वजन का गोल्ड मेटल पाउडर पकड़ा गया था। उस दौरान शक होने पर जब उन्हें गहन जांच के लिए वैल्यूएबल रूम में ले जाया गया, तो उनकी पैंट के कमर वाले हिस्से से दो पैकेट मिले थे, जिनमें सोने जैसा धातु पाउडर भरा हुआ था। उन दोनों यात्रियों को तत्काल विमान से उतारकर आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए पुलिस हिरासत में सौंप दिया गया था। ताजा मामला यह दर्शाता है कि तस्कर अब खुद सोना ढोने के बजाय हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं।\n\nइसका आप पर असर\nहवाई अड्डों पर सामान ढोने वाली ट्रॉलियों के दुरुपयोग से सुरक्षा जांच और आम यात्रियों की यात्रा प्रक्रिया प्रभावित होती है।\n\n• भारत में: अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर कस्टम्स और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा निगरानी और चेकिंग को और सख्त किया जाएगा। इससे विदेश से आने वाले सामान्य यात्रियों को टर्मिनल से बाहर निकलते समय अतिरिक्त जांच प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ सकता है।\n• बेंगलुरु में: केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बैगेज ट्रॉलियों और आगमन क्षेत्र की रैंडम फिजिकल मॉनिटरिंग बढ़ाई जाएगी। यहां पहुंचने वाले यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी लावारिस या संदेहास्पद वस्तु वाली ट्रॉली का उपयोग न करें और तुरंत सुरक्षा कर्मियों को सूचित करें।\n• यात्रियों के लिए सतर्कता: किसी भी अजनबी व्यक्ति द्वारा दी गई ट्रॉली या सामान की जिम्मेदारी लेने से बचें। यदि ट्रॉली के निचले हिस्से में कोई पैकेट चिपका दिखे, तो तुरंत एयरपोर्ट स्टाफ को अलर्ट करें ताकि किसी कानूनी उलझन से बचा जा सके।\n• तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई: वित्तीय अपराध शाखाओं द्वारा हवाई अड्डे के लॉजिस्टिक्स और सहायता कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। इस कदम से हवाई अड्डों पर सक्रिय अवैध गिरोहों पर नकेल कसी जा सकेगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nविदेशी बाजारों और घरेलू बाजार के बीच सोने के दामों तथा आयात शुल्क के अंतर का फायदा उठाने के लिए तस्कर लगातार नए तरीके अपना रहे हैं।\n\n• सीधी तलाशी से बचने की रणनीति: हवाई अड्डों पर मेटल डिटेक्टर और शारीरिक तलाशी से बचने के लिए आरोपियों ने खुद सोना ले जाने के बजाय ट्रॉली का इस्तेमाल किया। उन्होंने सोचा कि वे खुद सुरक्षित निकल जाएंगे और सोना किसी अनजान यात्री के जरिए बाहर आ जाएगा।\n• अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्ग का उपयोग: यह खेप कुआलालंपुर से लाई जा रही थी, जो दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रमुख पारगमन केंद्र है। खुफिया एजेंसियों को इस मार्ग से तस्करी की पूर्व जानकारी थी, जिसके चलते निगरानी तुरंत सक्रिय हो गई।\n• पूर्व में पकड़े गए तरीके: पहले भी शरीर के भीतर या कपड़ों में पाउडर बनाकर सोना छिपाने की कोशिशें पकड़ी जा चुकी हैं। जब पारंपरिक तरीके नाकाम होने लगे, तो गिरोह ने हवाई अड्डे के साझा उपकरणों को हथियार बनाने की कोशिश की।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. बेंगलुरु हवाई अड्डे पर कितना सोना जब्त किया गया?\nअधिकारियों ने 1,200.40 ग्राम वजन का 24-कैरेट सोना जब्त किया, जिसकी कुल कीमत 1,78,88,360 रुपये है।\n\n2. तस्करी का सोना कहां से लाया जा रहा था?\nयह सोना कुआलालंपुर से बेंगलुरु आ रहे दो यात्रियों द्वारा लाया जा रहा था।\n\n3. यात्रियों ने सोना छिपाने के लिए क्या तरीका अपनाया था?\nआरोपियों ने 12 सोने के बिस्कुटों से भरे दो पैकेट बैगेज ट्रॉलियों के नीचे चिपका दिए थे, ताकि अनजान यात्री उन्हें कस्टम्स से बाहर ले जाएं।\n\n4. यह कार्रवाई किस जांच एजेंसी ने की?\nयह जब्ती डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) की बेंगलुरु जोनल यूनिट द्वारा की गई।\n\n5. आरोपियों के खिलाफ किस कानून के तहत कार्रवाई की गई है?\nसोना, छिपाने की सामग्री और ट्रॉलियों को कस्टम्स एक्ट, 1962 के प्रावधानों के तहत जब्त किया गया है।",
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  "category": "कर्नाटक",
  "publishedAt": "2026-10-09",
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    "बेंगलुरु हवाई अड्डा",
    "सोना तस्करी",
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