केपीएससी भर्ती घोटाले पर ईडी का बड़ा शिकंजा, दो राज्यों के 21 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे कर्नाटक लोक सेवा आयोग की पशुचिकित्सा अधिकारी भर्ती में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ियों और रिश्वतखोरी के आरोपों के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने 21 ठिकानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई की ज़द में पूर्व चेयरमैन, आयोग की सदस्य और एक परीक्षा एजेंसी से जुड़े लोग आए हैं। कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) की पशुचिकित्सा अधिकारी परीक्षा में सामने आई कथित गड़बड़ियों की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने व्यापक कार्रवाई की। केंद्रीय एजेंसी ने दो राज्यों में फैले कुल 21 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। यह जांच भर्ती प्रक्रिया में हुए बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, प्रश्नपत्र लीक और अंकों में हेरफेर के गंभीर आरोपों पर केंद्रित है। किन-किन शहरों और ठिकानों पर पड़ा छापा? प्रवर्तन निदेशालय की टीमों ने कर्नाटक के प्रमुख शहरों सहित गुजरात के अहमदाबाद में भी तलाशी अभियान चलाया। कर्नाटक में जिन प्रमुख इलाकों को निशाना बनाया गया, उनमें राजधानी बेंगलुरु के अलावा हासन, चित्रदुर्ग, दावणगेरे, रायचूर, कारवार, कलबुर्गी, बेलगावी और बेलगाम शामिल हैं। इस सर्च ऑपरेशन के दौरान सरकारी संस्थानों और व्यक्तिगत आवासों दोनों की सघन जांच की गई। एजेंसी ने केपीएससी के आधिकारिक परिसरों की जांच करने के साथ-साथ निलंबित केपीएससी अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस. सहूकर और आयोग की वर्तमान सदस्य शांता होसमनी के निजी ठिकानों पर भी दबिश दी। इसके अलावा, परीक्षा आयोजित कराने में शामिल एडुटेस्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े परिसरों और मामले में बिचौलियों की भूमिका निभा रहे संदिग्धों के घरों पर भी तलाशी ली गई। रिश्र्वतखोरी और ओएमआर शीट से छेड़छाड़ का आरोप यह पूरी कार्रवाई भर्ती प्रक्रिया में हुई धांधली को लेकर दर्ज की गई कई एफआईआर (FIR) के आधार पर शुरू की गई है। दर्ज शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि पशुचिकित्सा अधिकारी के पदों पर चयन दिलाने के एवज में अभ्यर्थियों से 70 लाख रुपये से लेकर 80 लाख रुपये तक की भारी-भरकम रिश्वत मांगी गई थी। जांच में यह बात भी सामने आई है कि परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले ही लीक कर दिया गया था और अभ्यर्थियों की ओएमआर (OMR) शीट के साथ बड़े स्तर पर हेरफेर किया गया था। देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की बढ़ती घटनाओं के बीच केंद्रीय जांच एजेंसियां ऐसे मामलों पर सख्त रुख अपना रही हैं। जांच एजेंसी अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि इस संगठित गिरोह में और कौन-कौन से अधिकारी व बिचौलिए शामिल थे और इसके जरिए कितना अवैध पैसा कमाया गया था। इसका आप पर असर भारत में: सरकारी भर्ती परीक्षाओं में बढ़ते भ्रष्टाचार और पेपर लीक के मामलों में प्रवर्तन निदेशालय की इस तरह की सख्त कार्रवाई से परीक्षा एजेंसियों पर पारदर्शिता बनाए रखने का दबाव बढ़ेगा। कर्नाटक में: केपीएससी की पशुचिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को जांच पूरी होने तक नियुक्ति प्रक्रिया में अनिश्चितता और देरी का सामना करना पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. ईडी ने किन स्थानों पर छापेमारी की? ईडी ने कर्नाटक के बेंगलुरु, हासन, चित्रदुर्ग, दावणगेरे, रायचूर, कारवार, कलबुर्गी, बेलगावी और बेलगाम के साथ-साथ गुजरात के अहमदाबाद में 21 ठिकानों पर छापे मारे। 2. केपीएससी भर्ती घोटाले में किन प्रमुख लोगों के परिसरों पर तलाशी ली गई? तलाशी के दौरान केपीएससी कार्यालय, इसके निलंबित अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस. सहूकर, सदस्य शांता होसमनी, परीक्षा एजेंसी एडुटेस्ट सॉल्यूशंस और संदिग्ध बिचौलियों के ठिकानों को शामिल किया गया। 3. अभ्यर्थियों से कितनी रिश्वत मांगने का आरोप है? दर्ज प्राथमिकियों के अनुसार, पशुचिकित्सा अधिकारी पद पर चयन के लिए प्रत्येक उम्मीदवार से 70 लाख रुपये से 80 लाख रुपये तक की रिश्वत मांगी गई थी। 4. परीक्षा प्रक्रिया में मुख्य रूप से किस प्रकार की गड़बड़ियां पाई गईं? भर्ती प्रक्रिया के दौरान परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक किया गया था और उम्मीदवारों की ओएमआर शीट के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई थी। https://trendkia.com/karnataka/kpsc-bharti-ghotale-para-ed-ka-bara-shiknja-do-rajyon-ke-21-thikanon-para-tabaratora-chhape-17871 TrendKia — Har trend, sabse pehle.