# अडूर थाने में यूट्यूबर राजन जोसेफ से मारपीट का सीसीटीवी सामने आने पर माकपा हमलावर, यूथ कांग्रेस ने नकारा

> केरल के अडूर थाने में पुलिस हिरासत में मौजूद यूट्यूबर राजन जोसेफ पर हमले का पुराना सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद माकपा ने यूथ कांग्रेस नेताओं पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। वहीं युवा कांग्रेस ने मारपीट के आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

**Type:** article · **Category:** केरल · **Published:** 2026-10-31 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/kerala/adura-thane-men-yutyubara-rajan-joseph-se-marapita-ka-sisitivi-samane-ane-para-cpim-hamalavara-youth-congress-ne-nakara-54049 · **Language:** Hindi
**Tags:** केरल, अडूर पुलिस थाना, राजन जोसेफ, यूथ कांग्रेस, माकपा, सीसीटीवी फुटेज, पत्तनमथिट्टा, श्रीना देवी कुंजम्मा

केरल के पत्तनमथिट्टा जिले में पुलिस हिरासत के दौरान एक यूट्यूबर के साथ हुई कथित मारपीट का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। जुलाई महीने में अडूर पुलिस थाने के भीतर घटी इस घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग शनिवार को टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित हुई, जिसमें युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का एक दल हिरासत में रखे गए यूट्यूबर राजन जोसेफ को कथित तौर पर पीटते हुए दिख रहा है। इस फुटेज के सार्वजनिक होने के बाद मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने मामले में शामिल कांग्रेस और युवा कांग्रेस से जुड़े लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कदम उठाने की मांग की है।

## हिरासत के दौरान थाने में हमले का आरोप
प्रसारित दृश्य में दिख रहा है कि युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता अडूर थाने के अंदर घुसकर जोसेफ के साथ कथित तौर पर हाथापाई कर रहे हैं। इसी दौरान कांग्रेस नेता और जिला पंचायत सदस्य श्रीना देवी कुंजम्मा भी थाने के परिसर में दाखिल होती दिखती हैं और कथित तौर पर जोसेफ को चुनौती देती नजर आती हैं। गौरतलब है कि जोसेफ की गिरफ्तारी कुंजम्मा की शिकायत के आधार पर ही की गई थी। कुंजम्मा ने शिकायत में आरोप लगाया था कि जोसेफ ने सोशल मीडिया मंचों पर उनके संदर्भ में आपत्तिजनक और अपमानजनक सामग्री साझा की थी।

## 11 जुलाई को कोच्चि से हुई थी गिरफ्तारी
यह पूरा मामला 11 जुलाई का है, जब अडूर पुलिस ने जोसेफ को कोच्चि से गिरफ्तार करने के बाद अडूर थाने पहुंचाया था। जब जोसेफ को थाने लाया जा रहा था, उस वक्त भी उन पर हमला करने की कथित कोशिश हुई थी, जिसके सिलसिले में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं सहित करीब 20 लोगों पर मामला दर्ज किया गया था। अब इस पूरे प्रकरण का नया वीडियो सामने आने के बाद माकपा नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। माकपा का कहना है कि यह वीडियो रिकॉर्डिंग सूचना के अधिकार (आरटीआई) कानून के जरिए थाने से हासिल की गई है, जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि जोसेफ को डराया-धमकाया गया और उनके साथ मारपीट की गई। माकपा नेताओं ने इस आधार पर कुंजम्मा और युवा कांग्रेस नेता फेनी नैनन के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग रखी है।

## युवा कांग्रेस ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी तरफ, युवा कांग्रेस नेताओं ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। युवा कांग्रेस नेता फेनी नैनन ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि वे लोग केवल जोसेफ की गिरफ्तारी की खबर मिलने पर अपना विरोध दर्ज कराने के मकसद से थाने गए थे। नैनन ने स्पष्ट किया कि उन्होंने या उनके साथियों ने जोसेफ के साथ कोई मारपीट अथवा हाथापाई नहीं की थी।

## फेसबुक पोस्ट में कुंजम्मा का पक्ष
जुलाई महीने में हुई गिरफ्तारी के तत्काल बाद कुंजम्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘फेसबुक’ पर एक पोस्ट लिखकर अपना पक्ष रखा था। उन्होंने अपनी पोस्ट में दावा किया था कि हिरासत में लिए जाने से पूर्व यूट्यूबर बार-बार पुलिस को खुद को गिरफ्तार करने की चुनौती दे रहा था। कुंजम्मा के अनुसार, जोसेफ को रात लगभग साढ़े दस बजे अडूर थाने लाया गया था, जहां उन्होंने उसे हवालात की कोठरी के फर्श पर बैठे देखा था। उन्होंने पोस्ट में लिखा था, “मैंने उनसे थोड़ी देर बात की, अपना परिचय दिया और फिर वहां से चली गई।”

## इसका आप पर असर
थाने के भीतर सुरक्षा और हिरासत में नागरिकों के अधिकारों को लेकर यह घटना जनता के बीच कानूनी जवाबदेही का बड़ा सवाल खड़ा करती है।

- **भारत में:** यह मामला दिखाता है कि सूचना के अधिकार (आरटीआई) का इस्तेमाल करके नागरिक और संगठन सरकारी संस्थानों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित कर सकते हैं। हिरासत के दौरान किसी भी व्यक्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह पुलिस प्रशासन की होती है।
- **केरल में:** स्थानीय नागरिकों और कार्यकर्ताओं के लिए यह मामला राजनीतिक विवादों के दौरान थानों में सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति को उजागर करता है। अडूर और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक तनाव को देखते हुए पुलिस थानों के भीतर सुरक्षा प्रोटोकॉल और नियमों की निगरानी बढ़ाई जा सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह विवाद सोशल मीडिया पर मानहानि की शिकायत, राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और पुलिस हिरासत के दौरान सुरक्षा चूक के मिले-जुले घटनाक्रम के कारण उत्पन्न हुआ।

- **मानहानिकारक पोस्ट की शिकायत:** कांग्रेस की जिला पंचायत सदस्य श्रीना देवी कुंजम्मा ने यूट्यूबर राजन जोसेफ पर सोशल मीडिया पर अपमानजनक सामग्री डालने का आरोप लगाते हुए अडूर पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी।
- **गिरफ्तारी के बाद कार्यकर्ताओं का जमावड़ा:** 11 जुलाई को कोच्चि से गिरफ्तारी के बाद जब जोसेफ को रात करीब साढ़े दस बजे अडूर थाने लाया गया, तब यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता वहां विरोध जताने पहुंचे और कथित तौर पर थाने के भीतर प्रवेश कर गए।
- **आरटीआई से वीडियो का खुलासा:** घटना के महीनों बाद माकपा नेताओं ने आरटीआई के माध्यम से थाने के अंदर का सीसीटीवी फुटेज हासिल किया, जिसके टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित होने से यह मामला नए सिरे से गरमा गया।

## सवाल-जवाब

### 1. यूट्यूबर राजन जोसेफ को पुलिस ने क्यों गिरफ्तार किया था?
कांग्रेस नेता और जिला पंचायत सदस्य श्रीना देवी कुंजम्मा की शिकायत पर जोसेफ को गिरफ्तार किया गया था, जिसमें उन पर सोशल मीडिया पर अपमानजनक सामग्री डालने का आरोप था।

### 2. यह घटना कब और किस पुलिस थाने में घटी थी?
यह घटना 11 जुलाई को घटी थी, जब कोच्चि में गिरफ्तारी के बाद जोसेफ को केरल के अडूर पुलिस थाने लाया गया था।

### 3. माकपा नेताओं ने सीसीटीवी फुटेज कैसे हासिल किया?
माकपा नेताओं ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत अडूर पुलिस थाने से यह सीसीटीवी फुटेज हासिल किया था।

### 4. मारपीट के आरोपों पर युवा कांग्रेस का क्या कहना है?
युवा कांग्रेस नेता फेनी नैनन ने मारपीट से इनकार करते हुए कहा कि वे केवल गिरफ्तारी की खबर सुनकर विरोध जताने थाने गए थे और कोई हाथापाई नहीं हुई।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._