प्रवर्तन निदेशालय ने पूछताछ के लिए केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को 23 अक्टूबर को तलब किया प्रवर्तन निदेशालय ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को 23 अक्टूबर को पेश होने का समन भेजा है। उनकी बेटी वीणा विजयन और एक निजी कंपनी से जुड़े वित्तीय लेन-देन के मामले में यह कार्रवाई की गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को पूछताछ के लिए समन भेजकर 23 अक्टूबर को पेश होने का निर्देश दिया है। इससे पहले केरल हाईकोर्ट ने पुलिस को पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनकी बेटी वीणा विजयन के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया था। यह पूरी कानूनी प्रक्रिया प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज कराई गई औपचारिक शिकायत के बाद शुरू हुई है। जांच एजेंसी अब इस वित्तीय मामले में पूर्व मुख्यमंत्री से सीधे सवाल-जवाब करने की तैयारी में है। जांच के दायरे में वीणा विजयन से जुड़े वित्तीय लेन-देन जांच एजेंसी ने अगस्त के महीने में वीणा विजयन के खिलाफ गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। इससे पहले 27 मई को प्रवर्तन निदेशालय की टीमों ने वीणा विजयन और सीएमआरएल के प्रमोटर्स से जुड़े परिसरों पर सघन तलाशी अभियान चलाया था। इस तलाशी के दौरान अधिकारियों को वीणा विजयन के हाथ से लिखे हुए कई निजी ब्योरे और वित्तीय नोट्स हाथ लगे थे। इन दस्तावेजों में कई व्यक्तियों के नाम, विभिन्न लेन-देन की सही रकमें और दुबई भेजे गए पैसों का पूरा विवरण दर्ज पाया गया था। करोड़ों के लेन-देन और विदेशी मुद्रा के रिकॉर्ड बरामद तलाशी में जब्त किए गए रिकॉर्ड्स में करीब 3.49 लाख यूएई दिरहम, यानी लगभग 85 लाख रुपये को दुबई भेजने का ब्योरा दर्ज है। इसके अलावा भारतीय मुद्रा में लगभग 20.05 करोड़ रुपये के व्यापक वित्तीय लेन-देन का हिसाब भी इन कागजातों में मिला। एजेंसी ने इन सभी वित्तीय दस्तावेजों को आधिकारिक तौर पर अपने कब्जे में ले लिया है। तलाशी के दौरान वीणा के डिजिटल उपकरणों की पड़ताल में किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर जारी किए गए सिम कार्ड की तस्वीर भी बरामद हुई थी। अधिकारियों को संदेह है कि इस सिम कार्ड का उपयोग इंटरनेट कॉलिंग करने के लिए किया जा रहा था। हवाला ट्रांसफर के सबूत और आय से अधिक संपत्ति का दावा छापेमारी के समय कई इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे, साथ ही मामले से जुड़े विभिन्न लोगों के विस्तृत बयान भी दर्ज किए गए। जांच एजेंसी का दावा है कि उसे हवाला चैनलों के जरिए धनराशि ट्रांसफर किए जाने से जुड़े पुख्ता सबूत भी हाथ लगे हैं। एजेंसी का कहना है कि बरामद दस्तावेजों में सामने आई कुल रकम वीणा विजयन की आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक है। इसके अलावा यह धनराशि सीएमआरएल से प्राप्त हुई राशि के अतिरिक्त पाई गई है। केंद्रीय एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि वह पूरे मामले में स्थापित कानूनी नियमों के अनुसार आगे के कदम उठाएगी। विवाद की जड़ में एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस और भुगतान का मामला इस पूरे मामले की जड़ में निजी कंपनी सीएमआरएल और पिनराई विजयन की बेटी वीना थैक्कंदियिल की आईटी फर्म एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच हुआ वित्तीय लेन-देन है। आरोप है कि साल 2018-2019 के दौरान सीएमआरएल ने एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को 1.72 करोड़ रुपये का अवैध भुगतान किया था। जांच में यह दावा किया गया है कि इस आईटी फर्म ने संबंधित निजी कंपनी को वास्तव में कोई तकनीकी सेवा प्रदान नहीं की थी, इसके बावजूद इस बड़ी रकम का भुगतान कंपनी के खातों में किया गया था। इसका आप पर असर इस वित्तीय और कानूनी जांच का सीधा प्रभाव राजनीतिक व्यवस्था और शासन से जुड़ी पारदर्शिता पर पड़ता है। • भारत में: राजनीतिक हस्तियों और उनके परिजनों की निजी कंपनियों के वित्तीय लेन-देन पर जांच एजेंसियों की कड़ी नजर बनी रहेगी। सार्वजनिक पदों पर आसीन व्यक्तियों के लिए पारदर्शी वित्तीय खुलासे और सख्त जवाबदेही का नया दबाव बनेगा। • केरल में: राज्य की राजनीति में सत्ताधारी और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तीखी राजनीतिक खींचतान बढ़ेगी। पूर्व मुख्यमंत्री और उनके परिवार से जुड़े इस मामले के अदालती मोड़ लेने से राज्य स्तर पर राजनीतिक माहौल गरमाएगा। • उद्योग जगत के लिए: निजी कंपनियों द्वारा बिना सेवा लिए सलाहकार या आईटी कंपनियों को भुगतान करने के मामलों में कॉर्पोरेट जांच का दायरा सख्त होगा। कॉर्पोरेट प्रशासन और लेनदेन के आंतरिक ऑडिट नियमों का अनुपालन कंपनियों को और कड़ाई से करना पड़ेगा। • सामान्य नागरिकों के लिए: सार्वजनिक जीवन में भ्रष्टाचार और वित्तीय कदाचार के मामलों में न्यायिक व कानूनी प्रक्रिया के प्रति भरोसा तय होगा। नागरिक यह देख सकेंगे कि उच्च पदों पर रहे जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया किस प्रकार निष्पक्षता से आगे बढ़ती है। ऐसा क्यों हुआ यह मामला एक निजी कंपनी द्वारा दी गई संदिग्ध धनराशि और उसके बाद जांच एजेंसियों द्वारा की गई सघन वित्तीय पड़ताल से जुड़ा है। • सीधा कारण: केरल हाईकोर्ट द्वारा पुलिस को पूर्व मुख्यमंत्री और उनकी बेटी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश तथा एजेंसी द्वारा मिले दस्तावेजों के आधार पर यह समन जारी हुआ। • पृष्ठभूमि और लेन-देन: वर्ष 2018-2019 में सीएमआरएल नामक कंपनी ने कथित तौर पर बिना किसी सेवा के एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को 1.72 करोड़ रुपये का अनुचित भुगतान किया था। • तलाशी में मिले सबूत: मई में हुई छापेमारी के दौरान वीणा विजयन के हाथ से लिखे हिसाब-किताब, दुबई भेजे गए पैसे और 20.05 करोड़ रुपये के घरेलू लेन-देन के रिकॉर्ड बरामद हुए। • हवाला और बेनामी संचार का संदेह: जांच अधिकारियों को अघोषित धन के लेन-देन, अज्ञात व्यक्ति के नाम वाले सिम कार्ड और हवाला नेटवर्क के इस्तेमाल के साक्ष्य मिले, जिससे जांच का दायरा पूर्व मुख्यमंत्री तक पहुंच गया। सवाल-जवाब 1. प्रवर्तन निदेशालय ने पिनराई विजयन को किस तारीख को पेश होने के लिए कहा है? प्रवर्तन निदेशालय ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को पूछताछ के लिए 23 अक्टूबर को तलब किया है। 2. केरल हाईकोर्ट ने इस मामले में क्या आदेश दिया था? केरल हाईकोर्ट ने राज्य की पुलिस को पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनकी बेटी वीणा विजयन के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया था। 3. वीणा विजयन के ठिकानों पर छापेमारी कब हुई थी? प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने 27 मई को वीणा विजयन और सीएमआरएल के प्रमोटर्स से जुड़े ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया था। 4. तलाशी के दौरान किस तरह के वित्तीय दस्तावेज बरामद हुए? जांच में हाथ से लिखे नोट मिले जिनमें लगभग 20.05 करोड़ रुपये के घरेलू लेन-देन और दुबई भेजे गए करीब 85 लाख रुपये का विवरण था। 5. सीएमआरएल और एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस से जुड़ा मुख्य आरोप क्या है? आरोप है कि सीएमआरएल ने 2018-2019 में बिना कोई सेवा प्राप्त किए वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को 1.72 करोड़ रुपये का अवैध भुगतान किया था। https://trendkia.com/kerala/ed-ne-puchhatachha-ke-lie-kerala-ke-purva-cm-pinarayi-vijayan-ko-23-aktubara-ko-talaba-kiya-48206 TrendKia — Har trend, sabse pehle.