# इडुक्की में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन का कहर, शेड पर मलबा गिरने से दो की जान गई, नदी में बहे तीन शव भी मिले

> केरल के पहाड़ी जिले इडुक्की में रविवार शाम तेज बारिश के बाद हुए लैंडस्लाइड में लहसुन साफ कर रहे दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि चोक्कड़ नदी में अचानक आई बाढ़ की चपेट में आने से तीन अन्य लोगों के शव बरामद किए गए हैं.

**Type:** article · **Category:** केरल · **Published:** 2026-09-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/kerala/idukki-men-musaladhara-barisha-aura-bhuskhalana-ka-kahara-sheda-para-malaba-girane-se-do-ki-jana-gai-nadi-men-bahe-tina-shava-bhi--35510 · **Language:** Hindi
**Tags:** इडुक्की भूस्खलन, केरल मौसम, वट्टावड़ा हादसा, चोक्कड़ नदी बाढ़, मुन्नार बारिश, प्राकृतिक आपदा

केरल के पहाड़ी जिले इडुक्की में रविवार की शाम कुदरती आफत बनकर टूटी, जहां तेज बारिश के बीच हुए भीषण भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई. वट्टावड़ा पंचायत के कोट्टाकंबूर क्षेत्र में कड़ावरी मार्ग पर मौजूद एक मकान के नजदीक अचानक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा ढह गया. इस हादसे में मलबे के नीचे दबने से दो स्थानीय निवासियों की जान चली गई, जिनकी शिनाख्त बालकृष्णन और चिन्नू के रूप में की गई है. दोनों लोग घटना के समय खेत के पास बने एक शेड के भीतर लहसुन की छंटाई और सफाई का काम निपटा रहे थे.

## शेड में ली थी बारिश से पनाह, पीछे से गिरा भारी मलबा
पहाड़ी ढलानों पर मौसम का मिजाज इतनी तेजी से बदला कि वहां मौजूद कृषि श्रमिकों को जान बचाने या सुरक्षित जगह भागने का तनिक भी अवसर नहीं मिल सका. देवीकुलम के विधायक एफ राजा ने बताया कि दोपहर के वक्त श्रमिक सामान्य दिनों की तरह खेतों में कृषि कार्य कर रहे थे. अचानक घने बादलों के साथ तेज बौछारें शुरू हो गईं, जिसके चलते बारिश से बचाव के लिए लोग पास ही तैयार किए गए एक अस्थायी शेड के नीचे एकत्र हो गए. कुछ ही मिनट बीते थे कि शेड के ठीक पीछे की ढलान दरक गई और भारी मात्रा में गीली मिट्टी, विशालकाय पत्थर व मलबा शेड के ऊपर आ गिरा. देखते ही देखते पूरा ढांचा मलबे के नीचे समा गया.

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## बचाव कार्य और घायलों का उपचार
अचानक हुए इस हादसे के बाद उठी चीख-पुकार सुनकर आसपास के स्थानीय ग्रामीण मदद के लिए दौड़ पड़े. ग्रामीणों ने भारी मशक्कत करते हुए मलबे को हटाया और नीचे दबे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया. इस दर्दनाक घटनाक्रम में बालकृष्णन की पत्नी चोटिल जरूर हुईं, मगर समय रहते उनकी जान बच गई. वहीं शेड के भीतर मौजूद एक अन्य व्यक्ति अत्यंत गंभीर रूप से जख्मी हो गया. घायल व्यक्ति की नाजुक हालत को देखते हुए तुरंत एंबुलेंस बुलाई गई और उसे उपचार हेतु अदिमाली तालुक अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज जारी है. इस अनहोनी के बाद पूरे कोट्टाकंबूर इलाके में गहरा शोक और दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है.

## प्रशासनिक कार्रवाई और शवों का पोस्टमार्टम
विधायक एफ राजा ने स्थिति की जानकारी साझा करते हुए कहा, "उस समय अंदर तीन लोग थे; उनमें से दो मिट्टी के नीचे दब गए थे, जबकि एक व्यक्ति को बचा लिया गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है." जान गंवाने वाले दोनों मृतकों के शवों को प्राथमिक प्रक्रियाओं के लिए मुन्नार ले जाया गया है. स्थानीय प्रशासन आवश्यक कानूनी व कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए अदिमाली तालुक अस्पताल भिजवाएगा. अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम और कानूनी प्रक्रियाएं प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरी की जा रही हैं.

## चोक्कड़ नदी में आई बाढ़ में बहे तीन लोगों के शव बरामद
इडुक्की में भूस्खलन के अतिरिक्त नदी के उफान ने भी भारी त्रासदी फैलाई है. प्रशासनिक अधिकारियों ने रविवार को स्पष्ट किया कि चोक्कड़ नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने और आई तेज बाढ़ के कारण जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर तीन तक पहुंच गई है. इस जलप्रलय में लापता हुए सभी तीन लोगों, जिनमें एक महिला और दो पुरुष शामिल थे, के शव तलाश अभियान के दौरान बरामद कर लिए गए हैं. अधिकारियों के अनुसार बचाव दल ने अंतिम शव एंटोनिक्काड क्षेत्र के समीप से निकाला, जो एक पुरुष का था. प्राकृतिक आपदा की इन दोहरी घटनाओं से समूचे पहाड़ी अंचल में सतर्कता बढ़ा दी गई है.

## इसका आप पर असर
पहाड़ी और ढलान वाले इलाकों में तेज बारिश के दौरान अचानक भूस्खलन और नदियों का उफान जानलेवा साबित हो सकता है.

- **भारत में:** देश भर से केरल के हिल स्टेशनों की यात्रा करने वाले सैलानियों को मानसून या भारी बारिश की चेतावनी के दौरान अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए. पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के अपडेट अवश्य देखें.
- **केरल और इडुक्की में:** इडुक्की और आसपास के पहाड़ी अंचलों में रहने वाले लोगों को कमजोर ढलानों और कच्ची छतों वाले शेड में शरण लेने से पूरी तरह बचना चाहिए. नदी के किनारों और जलप्रवाह वाले क्षेत्रों में जाने पर तत्काल रोक रखनी चाहिए ताकि अचानक आई बाढ़ की चपेट में आने से बचा जा सके.
- **कृषि श्रमिकों के लिए:** खेतों में काम करने वाले मजदूरों को बारिश शुरू होते ही ढलानों के नीचे बने अस्थाई ढांचों की बजाय पक्के और सुरक्षित स्थानों पर जाना चाहिए. आपदा की स्थिति में स्थानीय ग्रामीण और स्वयंसेवक प्राथमिक बचाव उपायों को लेकर सतर्क रहें.
- **यातायात और राहत कार्य:** कड़ावरी और आसपास के पहाड़ी मार्गों पर सफर करते समय भूस्खलन के मलबे से अवरुद्ध रास्तों को लेकर स्थानीय पुलिस से जानकारी लें. किसी भी आपात स्थिति में नजदीकी तालुक अस्पताल और स्थानीय राहत हेल्पलाइन से तुरंत संपर्क साधा जा सकता है.

## ऐसा क्यों हुआ
यह हादसा मूसलाधार बारिश के चलते पहाड़ी ढलान की मिट्टी कमजोर होने और नदी के अचानक उफान पर आने के कारण हुआ.

- **सीधा कारण:** वट्टावड़ा के कोट्टाकंबूर में भारी बारिश से भीगकर ढलान का एक बड़ा हिस्सा दरक गया और सीधे नीचे बने शेड पर आ गिरा. इसके साथ ही चोक्कड़ नदी के जलग्रहण क्षेत्र में तेज पानी बरसने से अचानक बाढ़ आ गई.
- **परिस्थितियां और ढांचा:** मजदूर बारिश से बचने के लिए पहाड़ी ढलान के ठीक नीचे बने अस्थाई शेड में रुके थे, जहां पीछे से गिरे मलबे ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया. नदी का जलस्तर भी इतनी तीव्र गति से बढ़ा कि उसमें फंसे लोगों को संभलने का अवसर नहीं मिल सका.
- **प्रशासनिक कदम:** आपदा के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और राहत दलों ने मलबा हटाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया और नदी में बहे तीनों शवों को एंटोनिक्काड समेत विभिन्न स्थानों से खोज निकाला. प्रशासन अब शवों के कानूनी दस्तावेज और पोस्टमार्टम कराने में जुटा है.

## सवाल-जवाब

### 1. इडुक्की के कोट्टाकंबूर में भूस्खलन की घटना कब और कहां हुई?
यह हादसा रविवार शाम केरल के इडुक्की जिले में वट्टावड़ा पंचायत के कोट्टाकंबूर क्षेत्र में कड़ावरी मार्ग पर हुआ.

### 2. भूस्खलन में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान क्या है?
मृतकों की पहचान स्थानीय निवासी बालकृष्णन और चिन्नू के रूप में हुई है, जो शेड में लहसुन साफ कर रहे थे.

### 3. हादसे के समय शेड में कुल कितने लोग मौजूद थे?
देवीकुलम विधायक एफ राजा के अनुसार शेड में तीन लोग मौजूद थे, जिनमें से दो की दबने से मौत हो गई और एक घायल को बचा लिया गया.

### 4. गंभीर रूप से घायल व्यक्ति का इलाज कहां चल रहा है?
गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तुरंत एंबुलेंस की मदद से अदिमाली तालुक अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी है.

### 5. चोक्कड़ नदी में अचानक आई बाढ़ में कितने लोगों की मौत हुई?
चोक्कड़ नदी में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या तीन हो गई है, जिनमें एक महिला और दो पुरुषों के शव बरामद किए गए हैं.

### 6. चोक्कड़ नदी में लापता आखिरी शव कहां से मिला?
अधिकारियों के अनुसार नदी में लापता आखिरी शव, जो एक पुरुष का था, एंटोनिक्काड के पास से बरामद किया गया.

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