केरल में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान लेने वाले चेंथामारा को अदालत ने सुनाई मौत की सजा पलक्कड़ की अदालत ने 2025 के नेनमारा दोहरे हत्याकांड में 61 वर्षीय चेंथामारा को मौत की सजा और 20 लाख रुपये का जुर्माना सुनाया, जिसने जमानत पर छूटते ही अपने पड़ोसी और उसकी मां की हत्या कर दी थी। पलक्कड़ की एक अदालत ने सोमवार को साल 2025 के नेनमारा दोहरे हत्याकांड में दोषी करार दिए गए एक शख्स को फांसी की सजा सुना दी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश केनेथ जॉर्ज की अदालत ने 61 वर्षीय चेंथामारा को अपने पड़ोसी सुधाकरन और उनकी मां लक्ष्मी की जान लेने के मामले में मौत की सजा सुनाई, साथ ही जुर्माने के तौर पर 20 लाख रुपये भी वसूलने का आदेश दिया। पोथुंडी में हुई थी वारदात पोथुंडी नाम की यह जगह नेनमारा के करीब है, जहां 27 जनवरी 2025 को चेंथामारा ने पड़ोस में रहने वाले सुधाकरन और उनकी मां लक्ष्मी पर हमला बोलकर दोनों की जान ले ली थी। अदालत ने उसे भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 103(1) के तहत हत्या और धारा 126(2) के तहत गलत तरीके से रोकने का दोषी ठहराया। सजा सुनाते समय जज ने इस केस को दुर्लभ से दुर्लभतम श्रेणी में गिना और कहा कि आरोपी ने एक ही परिवार के कई सदस्यों को बेरहमी से मौत के घाट उतारा। 2019 में भी छीनी थी एक जान चेंथामारा के लिए यह कोई पहला हत्याकांड नहीं था। साल 2019 में सुधाकरन की बीवी सजीता की मौत के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि वह अपनी शादीशुदा जिंदगी में आई दिक्कतों के लिए सजीता को कसूरवार मानता था, और इसी वजह से उसने उसकी जान ले ली थी। उस मामले में अदालत पहले ही उसे दो अलग-अलग उम्रकैद की सजा सुना चुकी थी। जमानत मिलते ही रचा दूसरा हत्याकांड साल की शुरुआत यानी जनवरी 2025 में सजीता हत्याकांड में उसे जमानत मिली थी। जमानत पर बाहर आने के कुछ ही समय बाद उसने सुधाकरन और उनकी मां लक्ष्मी को निशाना बनाकर दूसरी वारदात को अंजाम दे डाला। इस दोहरे हत्याकांड की खबर फैलते ही पुलिस ने बड़ा तलाश अभियान छेड़ दिया और जल्द ही उसे धर दबोचा। तभी से वह मलम्पुझा उप-जेल में बंद था और मुकदमे का सामना कर रहा था। 81 गवाह, 28 सबूत और पुख्ता दलील मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपनी दलील मजबूती से अदालत के सामने रखी। इसके लिए 81 गवाहों को कठघरे में खड़ा किया गया और 28 भौतिक सबूत अदालत में पेश किए गए। इन्हीं गवाहियों और सबूतों के दम पर अदालत ने चेंथामारा को दोषी मानते हुए उसे मौत की सजा सुनाने का फैसला किया। परिवार के तीन सदस्यों की मौत से सहमा इलाका यह मामला केरल में हाल के बरसों की सबसे चर्चित वारदातों में गिना जाता रहा है, क्योंकि एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत कुछ ही साल के भीतर एक ही शख्स के हाथों हुई थी। अदालत के इस फैसले को इस संगीन मामले में इंसाफ की एक बड़ी कड़ी माना जा रहा है। सवाल-जवाब 1. चेंथामारा को किस मामले में मौत की सजा सुनाई गई? 27 जनवरी 2025 को पोथुंडी में अपने पड़ोसी सुधाकरन और उनकी मां लक्ष्मी की हत्या करने के मामले में उसे मौत की सजा सुनाई गई। 2. यह सजा किस अदालत ने और कब सुनाई? पलक्कड़ के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश केनेथ जॉर्ज ने सोमवार को यह सजा सुनाई। 3. चेंथामारा पर कितना जुर्माना लगाया गया? उस पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। 4. चेंथामारा को किन धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया? भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या) और धारा 126(2) (गलत तरीके से रोकने) के तहत उसे दोषी ठहराया गया। 5. क्या यह चेंथामारा की पहली हत्या थी? नहीं, वह 2019 में सुधाकरन की बीवी सजीता की हत्या का भी दोषी पाया जा चुका था और उसे दोहरी उम्रकैद हो चुकी थी। 6. दोहरा हत्याकांड कब हुआ? सजीता हत्याकांड में जमानत पर छूटने के तुरंत बाद जनवरी 2025 में उसने सुधाकरन और लक्ष्मी की हत्या की। 7. मुकदमे में कितने गवाह और सबूत पेश हुए? 81 गवाहों को कठघरे में खड़ा किया गया और 28 भौतिक सबूत अदालत में पेश किए गए। https://trendkia.com/kerala/kerala-men-eka-hi-parivara-ke-tina-sadasyon-ki-jana-lene-vale-chenthamara-ko-adalata-ne-sunai-mauta-ki-saja-9012 TrendKia — Har trend, sabse pehle.