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  "type": "article",
  "title": "केरल में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन का कहर, महिला समेत 3 लोगों की मौत के बाद 8 जिलों में रेड अलर्ट जारी",
  "summary": "केरल के पहाड़ी और मध्य इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही मची है। इडुक्की और कोट्टायम में महिला समेत 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि मौसम विभाग ने 8 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।",
  "content": "दक्षिण भारत के तटीय राज्य केरल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भयावह तबाही मचा रखी है। राज्य के मध्य भागों और पहाड़ी जिलों में जगह-जगह हुए विनाशकारी भूस्खलन तथा नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति विकराल हो चुकी है। बारिश और भूस्खलन जनित हादसों के कारण अब तक कम से कम 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं और मलबे में दबे हुए हैं। पहाड़ी जिले इडुक्की और पड़ोस के कोट्टायम में भूस्खलन की घटनाओं से रिहायशी मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं और प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों समेत संपर्क सड़कें जलमग्न हो गई हैं। स्थिति की अति संवेदनशीलता को देखते हुए भारत मौसम विभाग (IMD) ने केरल के 8 जिलों के लिए अत्यंत भारी बारिश का अंदेशा जताते हुए रेड अलर्ट घोषित किया है। वहीं 3 अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है।\n\n \n\nइडुक्की जिले में भूस्खलन का कहर और बचाव अभियान\n\nकेरल का सबसे अधिक प्रभावित पहाड़ी क्षेत्र इडुक्की मूसलाधार बारिश और चट्टान खिसकने की घटनाओं से सबसे गंभीर दौर से गुजर रहा है। शनिवार सुबह तड़के अडूरमाला क्षेत्र में पहाड़ से भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें अचानक नीचे आ गिरीं। मलबे के इस तीव्र बहाव ने एक रिहायशी मकान को पूरी तरह अपनी चपेट में लेकर नेस्तनाबूद कर दिया। हादसे के समय घर में सो रही सुमति नाम की महिला की मौके पर ही मलबे के नीचे दबने से मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए राहत कार्य शुरू किया और सुमति के पति रवि तथा उनके बेटे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हादसे में दोनों पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल एम्बुलेंस के जरिए थोडुपुझा के एक नजदीकी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।\n\nघटना की सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन सक्रिय हुआ और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), अग्निशमन एवं बचाव सेवा, स्थानीय पुलिस और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर व्यापक तलाशी और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने सुमति के पार्थिव शरीर को मलबे से बाहर निकाला। इडुक्की के वागामोन इलाके में भी भूस्खलन का भीषण प्रकोप देखा गया। वहां वैकोम के रहने वाले प्रभाकरण नायर नाम के व्यक्ति की भूस्खलन की चपेट में आने से जान चली गई। इसी वागामोन इलाके में एक मकान के भीतर एक अन्य व्यक्ति के फंसे होने की सूचना मिली है, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत बचाव दल लगातार रेस्क्यू में जुटे हुए हैं।\n\n \n\nसड़कें पूरी तरह ठप और एहतियातन बांधों के गेट खोलने का निर्णय\n\nपहाड़ी इलाकों में जगह-जगह मलबे और विशाल पत्थरों के जमा हो जाने से इडुक्की जिले में यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। कट्टप्पना और वाझवारा को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग मलबे के विशाल ढेर के कारण पूरी तरह बंद हो चुका है, जिससे वाहनों की आवाजाही ठप पड़ गई है। इसके अलावा पुल्लाकयार नदी के विकराल रूप धारण करने से कोक्कायार का निचला पुल पूरी तरह पानी में समा गया है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण तटवर्ती इलाकों के कई घरों में पानी भर गया, जिसके बाद प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को तुरंत सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया है।\n\nइडुक्की के वंदीपेरियार क्षेत्र में छोट्टुपारा नाला उफान पर आ गया, जिससे उसका पानी राष्ट्रीय राजमार्ग-183 (NH-183) पर बहने लगा और मुख्य मार्ग पर भीषण जलभराव हो गया। इसके साथ ही नेल्लिमाला मार्ग पर भी मलबे के कारण आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर और बांधों के संभावित खतरे को देखते हुए इडुक्की जिला प्रशासन ने एहतियाती उपाय के रूप में जिले के छोटे बांधों के गेट खोलने का निर्णय लिया है, जिससे जलाशयों के पानी को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जा सके।\n\n \n\nकोट्टायम में बाढ़ का तांडव और पूंजार में युवक की मौत\n\nइडुक्की के पड़ोसी जिले कोट्टायम में भी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। जिले के इरट्टुपेट्टा, कंजीरापल्ली, कूट्टिकल और एरुमेली क्षेत्रों में रातभर हुई भारी बारिश के बाद बड़े पैमाने पर जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई है। कई व्यापारिक परिसर और रिहायशी कॉलोनियां पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं, जिससे आम जनता का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। संकटग्रस्त इलाकों में जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य की गति तेज कर दी है।\n\nकोट्टायम जिले के पूंजार के पय्यानिथोट्टम क्षेत्र में पहाड़ खिसकने से बड़ा हादसा हो गया। वहां एक मकान के मलबे में दब जाने से एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान जॉनी के पुत्र जोसेफ के रूप में की गई है। अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार बचाव दलों ने जोसेफ को मलबे से बाहर निकाल लिया था, लेकिन अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। इसी हादसे में जोसेफ की मां भी मलबे के नीचे गहराई में दब गईं, जिनकी तलाश के लिए बचाव दल लगातार मलबा हटाने के काम में जुटे हुए हैं।\n\n \n\nइरट्टुपेट्टा शहर में जलभराव और ऊपरी मंजिलों से लोगों का रेस्क्यू\n\nकोट्टायम जिले के इरट्टुपेट्टा शहर में रात के समय जलस्तर बहुत तेजी से ऊपर बढ़ा, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों को तुरंत कदम उठाते हुए पूरे शहर में गाड़ियों की आवाजाही रोकनी पड़ी। शहर के नडक्कल और मुरिक्कोली समेत अनेक इलाकों में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में प्रवेश कर गया। बचावकर्मियों ने स्थानीय निवासियों की मदद से नौकाओं और सीढ़ियों का सहारा लेकर घरों की ऊपरी मंजिलों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि क्षेत्र में पूरी यातायात व्यवस्था और बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है।\n\n \n\nपतनमथिट्टा में नदियां उफान पर और मौसम विभाग की चेतावनी\n\nपथनमथिट्टा जिले के पहाड़ी इलाकों से भी कई स्थानों पर भूस्खलन और जलजमाव की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। रन्नी विधानसभा क्षेत्र के विधायक पझाकुलम मधु ने सोशल मीडिया पर अपनी एक पोस्ट के माध्यम से क्षेत्र के हालात बयां किए। उन्होंने बताया कि रन्नी और आसपास के कई इलाकों में स्थिति गंभीर बाढ़ जैसी बन चुकी है और पानी बस्तियों में प्रवेश कर गया है। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों के लिए तत्काल सहायता की अपील की है।\n\nभारत मौसम विभाग (IMD) ने केरल के व्यापक इलाकों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहने की चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञान केंद्र ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के 8 जिलों पथनमथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड में रेड अलर्ट घोषित किया है। इसके साथ ही एर्नाकुलम, त्रिशूर और पलक्कड़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। भारी बारिश के मंडराते खतरे को देखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासनों ने सभी बचाव दलों को हाई अलर्ट पर रखा है और संवेदनशील तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। भारी बारिश और आपदा की स्थिति को देखते हुए शनिवार को कई जिलों के सभी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी की घोषणा कर दी गई है।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: दक्षिण भारत में मूसलाधार बारिश और बाढ़ के कारण अंतरराज्यीय सड़क परिवहन और आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है।\n• केरल में: इडुक्की, कोट्टायम और पतनमथिट्टा जैसे प्रभावित जिलों के निवासियों को जलभराव, सड़क बंद होने, स्कूल की छुट्टियों और सुरक्षा निकासी के लिए सतर्क रहना चाहिए।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. केरल में भूस्खलन और बारिश से अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?\nभूस्खलन और बारिश से जुड़े हादसों में इडुक्की और कोट्टायम जिलों में अब तक महिला समेत 3 लोगों की मौत हो चुकी है।\n\n2. मौसम विभाग (IMD) ने किन 8 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है?\nमौसम विभाग ने पथनमथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।\n\n3. इडुक्की जिले में क्या मुख्य नुकसान हुआ है?\nइडुक्की के अडूरमाला में मकान पर मलबा गिरने से सुमति की मौत हुई, वागामोन में प्रभाकरण नायर की जान गई और कट्टप्पना-वाझवारा मार्ग बंद हो गया।\n\n4. कोट्टायम जिले में कहां-कहां बाढ़ और हादसे हुए हैं?\nकोट्टायम के इरट्टुपेट्टा, कंजीरापल्ली, कूट्टिकल और एरुमेली में भारी जलभराव हुआ है, जबकि पूंजार में भूस्खलन से जोसेफ की मौत हो गई।\n\n5. क्या बारिश की वजह से स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है?\nहां, लगातार हो रही भारी बारिश और आपदा की स्थिति को देखते हुए कई प्रभावित जिलों में शनिवार को स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।",
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  "category": "केरल",
  "publishedAt": "2026-08-01",
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